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बानसूर-अलवर सड़क मार्ग पर भारी बारिश के बाद हुए जलभराव से स्थानीय लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। नगरपालिका प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनरेटर और पाइपों की मदद से सड़क पर जमा हुए पानी को बाहर निकलवाया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन एक बार फिर सुचारू हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या हर मानसून के दौरान दोहराई जाती है, जहाँ सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे आमजन, वाहन चालक और व्यापारी वर्ग खासे परेशान होते हैं, और स्कूली बच्चों व मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस बार नगरपालिका द्वारा तत्परता दिखाते हुए जल निकासी का काम करवाया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, ग्रामीणों ने नगरपालिका प्रशासन से सवाल किया है कि यह समस्या हर बारिश में क्यों दोहराई जानी चाहिए। वे मानते हैं कि अस्थायी इंतजामों से कुछ समय की राहत तो मिल जाती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान आवश्यक है। लोगों ने मांग की है कि नगरपालिका जल निकासी के लिए एक पक्की ड्रेनेज व्यवस्था का निर्माण करे, ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से स्थायी छुटकारा मिल सके। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि समस्या का समाधान बार-बार पाइप से पानी खींचना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से बनी पक्की ड्रेनेज लाइन है। उनका तर्क है कि जब तक नालों और नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होगी, तब तक बारिश के मौसम में बानसूर-अलवर मार्ग पर जाम और जलभराव की स्थिति बनी रहेगी।

1 hr ago
user_Sandeep Kumar Gupta
Sandeep Kumar Gupta
बानसूर, अलवर, राजस्थान•
1 hr ago

बानसूर-अलवर सड़क मार्ग पर भारी बारिश के बाद हुए जलभराव से स्थानीय लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। नगरपालिका प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनरेटर और पाइपों की मदद से सड़क पर जमा हुए पानी को बाहर निकलवाया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन एक बार फिर सुचारू हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या हर मानसून के दौरान दोहराई जाती है, जहाँ सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे आमजन, वाहन चालक और व्यापारी वर्ग खासे परेशान होते हैं, और स्कूली बच्चों व मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस बार नगरपालिका द्वारा तत्परता दिखाते हुए जल निकासी का काम करवाया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, ग्रामीणों ने नगरपालिका प्रशासन से सवाल किया है कि यह समस्या हर बारिश में क्यों दोहराई जानी चाहिए। वे मानते हैं कि अस्थायी इंतजामों से कुछ समय की राहत तो मिल जाती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान आवश्यक है। लोगों ने मांग की है कि नगरपालिका जल निकासी के लिए एक पक्की ड्रेनेज व्यवस्था का निर्माण करे, ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से स्थायी छुटकारा मिल सके। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि समस्या का समाधान बार-बार पाइप से पानी खींचना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से बनी पक्की ड्रेनेज लाइन है। उनका तर्क है कि जब तक नालों और नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होगी, तब तक बारिश के मौसम में बानसूर-अलवर मार्ग पर जाम और जलभराव की स्थिति बनी रहेगी।

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  • मनोहरपुर में कबाड़ी व्यापारी और स्थानीय भाजपा नेता रामावतार असवाल उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा करते हुए एक आरोपी सोहेल खान को गिरफ्तार कर लिया है। रामावतार असवाल की हत्या उनके कबाड़ गोदाम में धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी, जिसके बाद से पुलिस गहनता से जांच कर रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कबाड़ व्यवसायी रामावतार असवाल की हत्या एक पुराना कूलर खरीदने को लेकर हुए विवाद के चलते हुई थी। गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान (20) पुत्र कुतुबुद्दीन लुहार है, जिससे पुलिस द्वारा पूछताछ जारी है। मनोहरपुर के इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले के खुलासे में कांस्टेबल दारा सिंह की विशेष भूमिका रही।
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    मनोहरपुर में कबाड़ी व्यापारी और स्थानीय भाजपा नेता रामावतार असवाल उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा करते हुए एक आरोपी सोहेल खान को गिरफ्तार कर लिया है। रामावतार असवाल की हत्या उनके कबाड़ गोदाम में धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी, जिसके बाद से पुलिस गहनता से जांच कर रही थी।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि कबाड़ व्यवसायी रामावतार असवाल की हत्या एक पुराना कूलर खरीदने को लेकर हुए विवाद के चलते हुई थी। गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान (20) पुत्र कुतुबुद्दीन लुहार है, जिससे पुलिस द्वारा पूछताछ जारी है।

मनोहरपुर के इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले के खुलासे में कांस्टेबल दारा सिंह की विशेष भूमिका रही।
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
    5 hrs ago
  • अलवर में पहली बारिश होते ही प्रसिद्ध नारायणी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुहावने मौसम और हरियाली से सराबोर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हुए बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे वातावरण में जयकारों की गूंज से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की प्रार्थना की। पहली बारिश के बाद मंदिर के आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों से आए भक्तों ने धार्मिक आस्था के साथ दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास की दुकानों पर भी खूब चहल-पहल देखने को मिली। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही।
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    अलवर में पहली बारिश होते ही प्रसिद्ध नारायणी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुहावने मौसम और हरियाली से सराबोर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हुए बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे वातावरण में जयकारों की गूंज से भक्तिमय माहौल बना रहा।

श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की प्रार्थना की। पहली बारिश के बाद मंदिर के आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों से आए भक्तों ने धार्मिक आस्था के साथ दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास की दुकानों पर भी खूब चहल-पहल देखने को मिली। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही।
    user_Ramesh mina
    Ramesh mina
    अलवर, अलवर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • एक वायरल पोस्ट में यह दावा किया गया है कि बाबा वेंगा ने साल 2026 के लिए जो भविष्यवाणियां की थीं, वे अब एक-एक करके सच साबित होती जा रही हैं। इस पोस्ट में दर्शकों से यह जानने की कोशिश की गई है कि क्या वे इस दावे से सहमत हैं। साथ ही, उनसे टिप्पणी करके यह भी बताने का आग्रह किया गया है कि क्या उन्हें लगता है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां साल 2026 में समाप्त हो जाएंगी और दुनिया का अंत हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, पोस्ट में दर्शकों को एक संबंधित वीडियो देखने का सुझाव भी दिया गया है।
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    एक वायरल पोस्ट में यह दावा किया गया है कि बाबा वेंगा ने साल 2026 के लिए जो भविष्यवाणियां की थीं, वे अब एक-एक करके सच साबित होती जा रही हैं। इस पोस्ट में दर्शकों से यह जानने की कोशिश की गई है कि क्या वे इस दावे से सहमत हैं। साथ ही, उनसे टिप्पणी करके यह भी बताने का आग्रह किया गया है कि क्या उन्हें लगता है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां साल 2026 में समाप्त हो जाएंगी और दुनिया का अंत हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, पोस्ट में दर्शकों को एक संबंधित वीडियो देखने का सुझाव भी दिया गया है।
    user_Ram Mishra
    Ram Mishra
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • वैज्ञानिकों ने इंसानी शरीर को एक अद्भुत रचना बताया है, जिसके काम करने के तरीके हर किसी को हैरान कर सकते हैं। हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं और अगर उन्हें पूरी तरह फैलाया जाए तो वे टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढक सकते हैं। शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है और हर दिन 200 अरब से अधिक रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है; किसी भी समय शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद रहती हैं, जिसमें एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं। इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है। शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकंड में एक बार पूरे शरीर का चक्कर काट लेता है। एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है, जो साल भर में 3 करोड़ से ज्यादा बार हो जाता है। दिल का पंपिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि यह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है। इंसान की आंखें एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती हैं, और फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके। हमारी नाक में एक प्राकृतिक एयर कंडीशनर होता है, जो गर्म हवा को ठंडा और ठंडी हवा को गर्म कर फेफड़ों तक पहुंचाता है। तंत्रिका तंत्र शरीर के बाकी हिस्सों तक 400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जरूरी निर्देश पहुंचाता है, और इंसानी मस्तिष्क में 100 अरब से ज्यादा तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं। शरीर में 70 फीसदी पानी होता है, इसके अलावा इसमें बड़ी मात्रा में कार्बन, जिंक, कोबाल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, निकिल और सिलिकॉन भी होता है। छींकते समय बाहर निकलने वाली हवा की रफ्तार 166 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है, और आंखें खोलकर छींकना नामुमकिन है। इंसान के वजन का 10 फीसदी हिस्सा शरीर में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है; एक वर्ग इंच त्वचा में 3.2 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं। आंखें बचपन में ही पूरी तरह विकसित हो जाती हैं और बाद में उनमें कोई विकास नहीं होता, जबकि नाक और कान पूरी जिंदगी विकसित होते रहते हैं। कान लाखों आवाजों में अंतर पहचान सकते हैं और 1,000 से 50,000 हर्ट्ज के बीच की ध्वनि तरंगें सुनते हैं। इंसान के दांत चट्टान की तरह मजबूत होते हैं, लेकिन शरीर के दूसरे हिस्सों के विपरीत, वे बीमार होने पर खुद को दुरुस्त नहीं कर पाते। इंसान के मुंह में हर दिन 1.7 लीटर लार बनती है, जो खाने को पचाने के साथ-साथ जीभ में मौजूद 10,000 से ज्यादा स्वाद ग्रंथियों को नम बनाए रखती है। पलकें आंखों से पसीना बाहर निकालने और उनमें नमी बनाए रखने के लिए झपकती हैं; महिलाएं पुरुषों की तुलना में दोगुनी बार पलकें झपकती हैं। अंगूठे का नाखून सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ता है, वहीं मध्यमा या मिडिल फिंगर का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है। पुरुषों में दाढ़ी के बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं; अगर कोई शख्स पूरी जिंदगी शेविंग न करे तो दाढ़ी 30 फुट लंबी हो सकती है। एक इंसान आम तौर पर जिंदगी के पांच साल खाना खाने में गुजार देता है और जीवन भर अपने वजन से 7,000 गुना ज्यादा भोजन खा चुका होता है। एक स्वस्थ इंसान के सिर से हर दिन 80 बाल झड़ते हैं। इंसान दुनिया में आने से पहले ही, यानी मां के गर्भ में ही सपने देखना शुरू कर देता है और बच्चे का विकास वसंत में तेजी से होता है। नींद के दौरान इंसान की ऊर्जा जलती है, दिमाग अहम सूचनाओं को स्टोर करता है, शरीर को आराम मिलता है और मरम्मत का काम भी होता है, साथ ही शारीरिक विकास के लिए जिम्मेदार हार्मोन्स भी निकलते हैं।
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    वैज्ञानिकों ने इंसानी शरीर को एक अद्भुत रचना बताया है, जिसके काम करने के तरीके हर किसी को हैरान कर सकते हैं। हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं और अगर उन्हें पूरी तरह फैलाया जाए तो वे टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढक सकते हैं। शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है और हर दिन 200 अरब से अधिक रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है; किसी भी समय शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद रहती हैं, जिसमें एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं।

इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है। शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकंड में एक बार पूरे शरीर का चक्कर काट लेता है। एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है, जो साल भर में 3 करोड़ से ज्यादा बार हो जाता है। दिल का पंपिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि यह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है।

इंसान की आंखें एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती हैं, और फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके। हमारी नाक में एक प्राकृतिक एयर कंडीशनर होता है, जो गर्म हवा को ठंडा और ठंडी हवा को गर्म कर फेफड़ों तक पहुंचाता है। तंत्रिका तंत्र शरीर के बाकी हिस्सों तक 400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जरूरी निर्देश पहुंचाता है, और इंसानी मस्तिष्क में 100 अरब से ज्यादा तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं।

शरीर में 70 फीसदी पानी होता है, इसके अलावा इसमें बड़ी मात्रा में कार्बन, जिंक, कोबाल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, निकिल और सिलिकॉन भी होता है। छींकते समय बाहर निकलने वाली हवा की रफ्तार 166 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है, और आंखें खोलकर छींकना नामुमकिन है। इंसान के वजन का 10 फीसदी हिस्सा शरीर में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है; एक वर्ग इंच त्वचा में 3.2 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं।

आंखें बचपन में ही पूरी तरह विकसित हो जाती हैं और बाद में उनमें कोई विकास नहीं होता, जबकि नाक और कान पूरी जिंदगी विकसित होते रहते हैं। कान लाखों आवाजों में अंतर पहचान सकते हैं और 1,000 से 50,000 हर्ट्ज के बीच की ध्वनि तरंगें सुनते हैं। इंसान के दांत चट्टान की तरह मजबूत होते हैं, लेकिन शरीर के दूसरे हिस्सों के विपरीत, वे बीमार होने पर खुद को दुरुस्त नहीं कर पाते।

इंसान के मुंह में हर दिन 1.7 लीटर लार बनती है, जो खाने को पचाने के साथ-साथ जीभ में मौजूद 10,000 से ज्यादा स्वाद ग्रंथियों को नम बनाए रखती है। पलकें आंखों से पसीना बाहर निकालने और उनमें नमी बनाए रखने के लिए झपकती हैं; महिलाएं पुरुषों की तुलना में दोगुनी बार पलकें झपकती हैं। अंगूठे का नाखून सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ता है, वहीं मध्यमा या मिडिल फिंगर का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है।

पुरुषों में दाढ़ी के बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं; अगर कोई शख्स पूरी जिंदगी शेविंग न करे तो दाढ़ी 30 फुट लंबी हो सकती है। एक इंसान आम तौर पर जिंदगी के पांच साल खाना खाने में गुजार देता है और जीवन भर अपने वजन से 7,000 गुना ज्यादा भोजन खा चुका होता है। एक स्वस्थ इंसान के सिर से हर दिन 80 बाल झड़ते हैं। इंसान दुनिया में आने से पहले ही, यानी मां के गर्भ में ही सपने देखना शुरू कर देता है और बच्चे का विकास वसंत में तेजी से होता है। नींद के दौरान इंसान की ऊर्जा जलती है, दिमाग अहम सूचनाओं को स्टोर करता है, शरीर को आराम मिलता है और मरम्मत का काम भी होता है, साथ ही शारीरिक विकास के लिए जिम्मेदार हार्मोन्स भी निकलते हैं।
    user_Om Parkash
    Om Parkash
    Local News Reporter अटेली, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    34 min ago
  • राजस्थान के खैरथल में एक जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में चल रहे इस जमीन विवाद के बीच 'फ्लोटिंग' की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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    राजस्थान के खैरथल में एक जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में चल रहे इस जमीन विवाद के बीच 'फ्लोटिंग' की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • महेंद्रगढ़, हरियाणा के बुचोली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य धर्मवीर सिंह और ममाज टीम के सदस्य मुकेश चौहान ने मिलकर किया। इस अवसर पर सरपंच अलका यादव, डॉ. पूनम, एएनएम सोनू, ग्राम सचिव निशा कुमारी, इको क्लब इंचार्ज प्रवक्ता ममता, प्रवक्ता राकेश कुमार, कर्मवीर, मा. मनोज, जितेंद्र, दीपक तंवर और नरेश भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने पौधारोपण के कार्य में अपना सहयोग प्रदान किया।
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    महेंद्रगढ़, हरियाणा के बुचोली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य धर्मवीर सिंह और ममाज टीम के सदस्य मुकेश चौहान ने मिलकर किया।

इस अवसर पर सरपंच अलका यादव, डॉ. पूनम, एएनएम सोनू, ग्राम सचिव निशा कुमारी, इको क्लब इंचार्ज प्रवक्ता ममता, प्रवक्ता राकेश कुमार, कर्मवीर, मा. मनोज, जितेंद्र, दीपक तंवर और नरेश भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने पौधारोपण के कार्य में अपना सहयोग प्रदान किया।
    user_Om Parkash
    Om Parkash
    Local News Reporter अटेली, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    1 hr ago
  • राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संकट से निपटने और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के बड़े जन आंदोलन में राजगढ़ कॉलेज प्रशासन ने सक्रिय भागीदारी की है। कॉलेज ने अपने परिसर में स्थित एक प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया। साथ ही, कॉलेज परिसर के वर्षा जल को एकत्रित करके चैनलों (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) के माध्यम से इस बावड़ी में डाला गया है, जिससे पारंपरिक जल स्रोत का प्रभावी ढंग से उपयोग हो रहा है। कॉलेज के इस कार्य को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) बैंगलोर की टीम ने भी सराहा है, इसे एक 'सर्वोत्तम अभ्यास' (बेस्ट प्रैक्टिस) मानते हुए महाविद्यालय की ग्रेडिंग में सुधार किया गया। प्राचार्य डॉ. के.एल. मीना ने बताया कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने 500 पौधे लगाए थे, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक पौधे आज भी जीवित हैं। इस सघन वृक्षारोपण में कटहल, जामुन, आंवला, आम, पीपल, चंदन, बेर, शीशम, गुलमोहर, अशोका, नीम और वटवृक्ष जैसे फलदार और अन्य प्रजाति के पौधे शामिल थे, जो अब बड़े होकर फल दे रहे हैं। महाविद्यालय और गर्ल्स हॉस्टल परिसर में पहले से ही लगभग 780 पेड़ मौजूद हैं। महाविद्यालय प्रशासन की वर्षा जल संचयन की इस पहल से धीरे-धीरे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, सूखे पड़े नलकूप, प्राचीन बावड़ी और कुएं फिर से पानी से भरने लगे हैं। यह सुनिश्चित करता है कि विद्यार्थियों और महिला छात्रावास में जलापूर्ति सुचारू रहे और हजारों पेड़-पौधों को नियमित पानी मिलने से पूरा कैंपस हरा-भरा बना रहता है। इस पर्यावरणीय सुधार से परिसर अनेक प्रजाति के पक्षियों और रेंगने वाले जीव-जंतुओं का निवास स्थान भी बन गया है। यह पूरा प्रयास वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करता है।
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    राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संकट से निपटने और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के बड़े जन आंदोलन में राजगढ़ कॉलेज प्रशासन ने सक्रिय भागीदारी की है। कॉलेज ने अपने परिसर में स्थित एक प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया। साथ ही, कॉलेज परिसर के वर्षा जल को एकत्रित करके चैनलों (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) के माध्यम से इस बावड़ी में डाला गया है, जिससे पारंपरिक जल स्रोत का प्रभावी ढंग से उपयोग हो रहा है।

कॉलेज के इस कार्य को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) बैंगलोर की टीम ने भी सराहा है, इसे एक 'सर्वोत्तम अभ्यास' (बेस्ट प्रैक्टिस) मानते हुए महाविद्यालय की ग्रेडिंग में सुधार किया गया। प्राचार्य डॉ. के.एल. मीना ने बताया कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने 500 पौधे लगाए थे, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक पौधे आज भी जीवित हैं। इस सघन वृक्षारोपण में कटहल, जामुन, आंवला, आम, पीपल, चंदन, बेर, शीशम, गुलमोहर, अशोका, नीम और वटवृक्ष जैसे फलदार और अन्य प्रजाति के पौधे शामिल थे, जो अब बड़े होकर फल दे रहे हैं। महाविद्यालय और गर्ल्स हॉस्टल परिसर में पहले से ही लगभग 780 पेड़ मौजूद हैं।

महाविद्यालय प्रशासन की वर्षा जल संचयन की इस पहल से धीरे-धीरे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, सूखे पड़े नलकूप, प्राचीन बावड़ी और कुएं फिर से पानी से भरने लगे हैं। यह सुनिश्चित करता है कि विद्यार्थियों और महिला छात्रावास में जलापूर्ति सुचारू रहे और हजारों पेड़-पौधों को नियमित पानी मिलने से पूरा कैंपस हरा-भरा बना रहता है। इस पर्यावरणीय सुधार से परिसर अनेक प्रजाति के पक्षियों और रेंगने वाले जीव-जंतुओं का निवास स्थान भी बन गया है। यह पूरा प्रयास वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करता है।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • जयपुर जिले के मनोहरपुर में BJP नेता रामावतार असवाल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सोहेल लुहार को गिरफ्तार कर लिया है।
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    जयपुर जिले के मनोहरपुर में BJP नेता रामावतार असवाल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सोहेल लुहार को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Shahpura, Jaipur•
    4 hrs ago
  • जनता ने भिवाड़ी बायपास से जुड़े मामलों पर सुनवाई का आग्रह किया है। लोगों का कहना है कि भिवाड़ी बायपास से संबंधित कुछ ऐसा है जो सालों से लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने संबंधित पक्षों से अपनी बात सुनने की अपील की है।
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    जनता ने भिवाड़ी बायपास से जुड़े मामलों पर सुनवाई का आग्रह किया है। लोगों का कहना है कि भिवाड़ी बायपास से संबंधित कुछ ऐसा है जो सालों से लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने संबंधित पक्षों से अपनी बात सुनने की अपील की है।
    user_Aarif Khan
    Aarif Khan
    खैरथल, अलवर, राजस्थान•
    22 hrs ago
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