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राजस्थान के खैरथल में एक जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में चल रहे इस जमीन विवाद के बीच 'फ्लोटिंग' की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
सुनील कान्त गोल्डी
राजस्थान के खैरथल में एक जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में चल रहे इस जमीन विवाद के बीच 'फ्लोटिंग' की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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- राजस्थान के खैरथल में एक जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में चल रहे इस जमीन विवाद के बीच 'फ्लोटिंग' की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अर्पण सेवा फाउंडेशन, बहरोड़ ने पर्यावरण संरक्षण और जीव कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था के 'प्रकृति आयाम' के तहत घिटोठ औद्योगिक क्षेत्र से लगे परतापूर चक नम्बर 02 वन क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए एक जलकुंड ('अर्पण वन्य जीव कुंड') का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही, पशुपालकों के लिए एक प्याऊ भी स्थापित किया गया है, ताकि जंगल में रहने वाले वन्यजीवों को भीषण गर्मी में शीतल और शुद्ध पानी उपलब्ध हो सके। यह पुनीत कार्य भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कमांडो और वरिष्ठ सदस्य सतपाल यादव, एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कमलेश देवी (निवासी: कांकर दोपा) के सौजन्य से संभव हुआ है। फाउंडेशन के सदस्यों ने इस सेवा कार्य पर सम्मानित भामाशाह सदस्य सूबेदार सतपाल जी का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया और विधि विधान से पूजन करके इसका उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार यादव, प्रकृति आयाम प्रमुख, सचिव एडवोकेट भूपेंद्र प्रजापति, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार यादव, ओम यादव (संयोजक, पक्षी मित्र अभियान) सहित अनेक सम्मानित ग्रामवासी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।2
- मुंडावर बस स्टैंड पर इन दिनों अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता और राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर खुलेआम हो रहे इस अतिक्रमण पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़क पर ही दुकानें लगी हुई हैं और सामान बाहर तक फैलाकर रखा गया है, जिससे रोडवेज और निजी बसों को मुड़ने या खड़े होने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, और हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। बस स्टैंड के ठीक सामने लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 'बस स्टॉप मुंडावर' (सौजन्य से- नगरपालिका मुंडावर) लिखे शेड के नीचे और आसपास भी थड़ी-ठेले वालों ने पक्का कब्जा जमा लिया है, जिससे यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों के पास दुकानें लग गई हैं और यात्रियों को खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क सीमा में सामान फैलाने और अस्थाई थड़ियों के कारण बस स्टैंड संकरा हो गया है, जिससे कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगातार जाम लगा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। जनता का आरोप है कि मुंडावर नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिस पर जनता सवाल उठा रही है। कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुंडावर बस स्टैंड को इस अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।1
- मिलत टाइम्स के एक पत्रकार की एक फर्जी पत्रकार से भिड़ंत हो गई है। इस घटना के बाद आगे क्या हुआ, यह देखने के लिए कहा गया है।1
- अलवर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इस स्थिति का सीधा कारण यह बताया गया है कि कोई भी अधिकारी मौके पर आकर सफाई कार्यों का सर्वे नहीं करता। इस अनदेखी के चलते जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकताओं तक ही सीमित होकर रह गई है।2
- देशभर से विभिन्न वीडियो, रील और दावे सामने आने के बीच, अब सभी की नज़रें 6 जून पर टिकी हैं। इस बात पर सबकी निगाहें हैं कि क्या जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे, जिसका जवाब कल मिलने की उम्मीद है।1
- सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब संदेश प्रसारित हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि जिस किसी व्यक्ति को बंदर की आवाज़ निकालनी आती है, उसकी नौकरी समझो पक्की हो गई है। यह संदेश ऐसे लोगों को अपना टैलेंट दिखाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि वे इस अनूठे मौके का फायदा उठा सकें।1
- जनता ने भिवाड़ी बायपास से जुड़े मामलों पर सुनवाई का आग्रह किया है। लोगों का कहना है कि भिवाड़ी बायपास से संबंधित कुछ ऐसा है जो सालों से लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने संबंधित पक्षों से अपनी बात सुनने की अपील की है।1