मनोहरपुर में कबाड़ी व्यापारी और स्थानीय भाजपा नेता रामावतार असवाल उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा करते हुए एक आरोपी सोहेल खान को गिरफ्तार कर लिया है। रामावतार असवाल की हत्या उनके कबाड़ गोदाम में धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी, जिसके बाद से पुलिस गहनता से जांच कर रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कबाड़ व्यवसायी रामावतार असवाल की हत्या एक पुराना कूलर खरीदने को लेकर हुए विवाद के चलते हुई थी। गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान (20) पुत्र कुतुबुद्दीन लुहार है, जिससे पुलिस द्वारा पूछताछ जारी है। मनोहरपुर के इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले के खुलासे में कांस्टेबल दारा सिंह की विशेष भूमिका रही।
मनोहरपुर में कबाड़ी व्यापारी और स्थानीय भाजपा नेता रामावतार असवाल उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा करते हुए एक आरोपी सोहेल खान को गिरफ्तार कर लिया है। रामावतार असवाल की हत्या उनके कबाड़ गोदाम में धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी, जिसके बाद से पुलिस गहनता से जांच कर रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कबाड़ व्यवसायी रामावतार असवाल की हत्या एक पुराना कूलर खरीदने को लेकर हुए विवाद के चलते हुई थी। गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान (20) पुत्र कुतुबुद्दीन लुहार है, जिससे पुलिस द्वारा पूछताछ जारी है। मनोहरपुर के इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले के खुलासे में कांस्टेबल दारा सिंह की विशेष भूमिका रही।
- राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संकट से निपटने और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के बड़े जन आंदोलन में राजगढ़ कॉलेज प्रशासन ने सक्रिय भागीदारी की है। कॉलेज ने अपने परिसर में स्थित एक प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया। साथ ही, कॉलेज परिसर के वर्षा जल को एकत्रित करके चैनलों (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) के माध्यम से इस बावड़ी में डाला गया है, जिससे पारंपरिक जल स्रोत का प्रभावी ढंग से उपयोग हो रहा है। कॉलेज के इस कार्य को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) बैंगलोर की टीम ने भी सराहा है, इसे एक 'सर्वोत्तम अभ्यास' (बेस्ट प्रैक्टिस) मानते हुए महाविद्यालय की ग्रेडिंग में सुधार किया गया। प्राचार्य डॉ. के.एल. मीना ने बताया कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने 500 पौधे लगाए थे, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक पौधे आज भी जीवित हैं। इस सघन वृक्षारोपण में कटहल, जामुन, आंवला, आम, पीपल, चंदन, बेर, शीशम, गुलमोहर, अशोका, नीम और वटवृक्ष जैसे फलदार और अन्य प्रजाति के पौधे शामिल थे, जो अब बड़े होकर फल दे रहे हैं। महाविद्यालय और गर्ल्स हॉस्टल परिसर में पहले से ही लगभग 780 पेड़ मौजूद हैं। महाविद्यालय प्रशासन की वर्षा जल संचयन की इस पहल से धीरे-धीरे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, सूखे पड़े नलकूप, प्राचीन बावड़ी और कुएं फिर से पानी से भरने लगे हैं। यह सुनिश्चित करता है कि विद्यार्थियों और महिला छात्रावास में जलापूर्ति सुचारू रहे और हजारों पेड़-पौधों को नियमित पानी मिलने से पूरा कैंपस हरा-भरा बना रहता है। इस पर्यावरणीय सुधार से परिसर अनेक प्रजाति के पक्षियों और रेंगने वाले जीव-जंतुओं का निवास स्थान भी बन गया है। यह पूरा प्रयास वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करता है।4
- अलवर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इस स्थिति का सीधा कारण यह बताया गया है कि कोई भी अधिकारी मौके पर आकर सफाई कार्यों का सर्वे नहीं करता। इस अनदेखी के चलते जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकताओं तक ही सीमित होकर रह गई है।2
- राजस्थान के रामगढ़ में गोविंदगढ़ मोड़ से अलावड़ा मोड़ तक के दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर रखा है। इस भारी अतिक्रमण के कारण आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नगर पालिका रामगढ़ प्रशासन इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- अलवर में पहली बारिश होते ही प्रसिद्ध नारायणी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुहावने मौसम और हरियाली से सराबोर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हुए बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे वातावरण में जयकारों की गूंज से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की प्रार्थना की। पहली बारिश के बाद मंदिर के आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों से आए भक्तों ने धार्मिक आस्था के साथ दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास की दुकानों पर भी खूब चहल-पहल देखने को मिली। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही।1
- एक वायरल पोस्ट में यह दावा किया गया है कि बाबा वेंगा ने साल 2026 के लिए जो भविष्यवाणियां की थीं, वे अब एक-एक करके सच साबित होती जा रही हैं। इस पोस्ट में दर्शकों से यह जानने की कोशिश की गई है कि क्या वे इस दावे से सहमत हैं। साथ ही, उनसे टिप्पणी करके यह भी बताने का आग्रह किया गया है कि क्या उन्हें लगता है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां साल 2026 में समाप्त हो जाएंगी और दुनिया का अंत हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, पोस्ट में दर्शकों को एक संबंधित वीडियो देखने का सुझाव भी दिया गया है।1
- अजीतगढ़ के वार्ड नंबर 15 के सामने स्थित जयपुर, चौमू और खाटू श्याम को जोड़ने वाली सड़क पर, जहाँ लाखों वाहनों का आवागमन होता है, पिछले लगभग दो सालों से एक विशाल गड्ढा मौजूद है। यह गड्ढा जलदाय विभाग द्वारा खोदा गया था और अब इसने इतना विकराल रूप ले लिया है कि इसकी वजह से हर दिन 10 से 20 दुर्घटनाएँ होती हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर पालिका और जलदाय विभाग को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन इसके बावजूद कोई भी अधिकारी इस पर संज्ञान नहीं ले रहा है, जिससे यह जानलेवा गड्ढा "मौत का खड्डा" बना हुआ है।1
- झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए देह व्यापार के दलदल में धकेली गईं 10 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस खुलासे में बताया कि यह गिरोह झालावाड़ के कंजर डेरो से नाबालिग लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचाता था। इस रैकेट का नेटवर्क झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले प्रकाशित एक खबर के बाद शुरू हुई, जिसमें मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। खबर को गंभीरता से लेते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अनुसंधान सैल श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर गोपनीय जांच के निर्देश दिए गए। जांच में सामने आया कि स्थानीय दलालों का एक संगठित गिरोह कंजर समाज की नाबालिग बच्चियों के परिजनों की आर्थिक तंगी और कर्ज का नाजायज फायदा उठाता था। ये दलाल लड़कियों की अच्छी परवरिश, काम-धंधे से अच्छी कमाई का झांसा और आर्थिक प्रलोभन देकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे। कुछ समय अपने पास रखने के बाद, इन लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य महानगरों में सक्रिय गिरोह के दलालों को मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। ये दलाल फर्जी तरीके से आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों में लड़कियों की उम्र बढ़ाकर उन्हें बालिग दिखाते थे और फिर डांस बारों के माध्यम से उन्हें देह व्यापार में धकेल देते थे। जांच से यह भी पता चला कि गिरोह फर्जी दस्तावेजों के जरिए लड़कियों की पहचान और पते भी बदल देता था ताकि उनकी पहचान कभी साबित न हो सके। इस नेटवर्क में मुख्य रूप से महिला एजेंट रामकन्या बाई सहित बूंदी जिले के डबलाना के स्थानीय दलालों की संलिप्तता पाई गई।4
- अलवर में लोहिया का तिवारा से बाहाल बस स्टैंड तक सड़क पर बिजली की लाइटें लगा दी गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें चालू नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को रात के समय अंधेरे में यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।1
- पीठमपुरी स्थित एक आम रास्ते पर काफी दिनों से अतिक्रमण किया गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अतिक्रमण से वाहनों की आवाजाही में भी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।1