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अलवर में लोहिया का तिवारा से बाहाल बस स्टैंड तक सड़क पर बिजली की लाइटें लगा दी गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें चालू नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को रात के समय अंधेरे में यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
महेंद्र सिंह
अलवर में लोहिया का तिवारा से बाहाल बस स्टैंड तक सड़क पर बिजली की लाइटें लगा दी गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें चालू नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को रात के समय अंधेरे में यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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- अलवर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इस स्थिति का सीधा कारण यह बताया गया है कि कोई भी अधिकारी मौके पर आकर सफाई कार्यों का सर्वे नहीं करता। इस अनदेखी के चलते जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकताओं तक ही सीमित होकर रह गई है।2
- राजस्थान के रामगढ़ में गोविंदगढ़ मोड़ से अलावड़ा मोड़ तक के दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर रखा है। इस भारी अतिक्रमण के कारण आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नगर पालिका रामगढ़ प्रशासन इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- अलवर में पहली बारिश होते ही प्रसिद्ध नारायणी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुहावने मौसम और हरियाली से सराबोर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हुए बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे वातावरण में जयकारों की गूंज से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की प्रार्थना की। पहली बारिश के बाद मंदिर के आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों से आए भक्तों ने धार्मिक आस्था के साथ दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास की दुकानों पर भी खूब चहल-पहल देखने को मिली। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अर्पण सेवा फाउंडेशन, बहरोड़ ने पर्यावरण संरक्षण और जीव कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था के 'प्रकृति आयाम' के तहत घिटोठ औद्योगिक क्षेत्र से लगे परतापूर चक नम्बर 02 वन क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए एक जलकुंड ('अर्पण वन्य जीव कुंड') का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही, पशुपालकों के लिए एक प्याऊ भी स्थापित किया गया है, ताकि जंगल में रहने वाले वन्यजीवों को भीषण गर्मी में शीतल और शुद्ध पानी उपलब्ध हो सके। यह पुनीत कार्य भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कमांडो और वरिष्ठ सदस्य सतपाल यादव, एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कमलेश देवी (निवासी: कांकर दोपा) के सौजन्य से संभव हुआ है। फाउंडेशन के सदस्यों ने इस सेवा कार्य पर सम्मानित भामाशाह सदस्य सूबेदार सतपाल जी का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया और विधि विधान से पूजन करके इसका उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार यादव, प्रकृति आयाम प्रमुख, सचिव एडवोकेट भूपेंद्र प्रजापति, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार यादव, ओम यादव (संयोजक, पक्षी मित्र अभियान) सहित अनेक सम्मानित ग्रामवासी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।2
- बानसूर-अलवर सड़क मार्ग पर भारी बारिश के बाद हुए जलभराव से स्थानीय लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। नगरपालिका प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनरेटर और पाइपों की मदद से सड़क पर जमा हुए पानी को बाहर निकलवाया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन एक बार फिर सुचारू हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या हर मानसून के दौरान दोहराई जाती है, जहाँ सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे आमजन, वाहन चालक और व्यापारी वर्ग खासे परेशान होते हैं, और स्कूली बच्चों व मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस बार नगरपालिका द्वारा तत्परता दिखाते हुए जल निकासी का काम करवाया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, ग्रामीणों ने नगरपालिका प्रशासन से सवाल किया है कि यह समस्या हर बारिश में क्यों दोहराई जानी चाहिए। वे मानते हैं कि अस्थायी इंतजामों से कुछ समय की राहत तो मिल जाती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान आवश्यक है। लोगों ने मांग की है कि नगरपालिका जल निकासी के लिए एक पक्की ड्रेनेज व्यवस्था का निर्माण करे, ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से स्थायी छुटकारा मिल सके। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि समस्या का समाधान बार-बार पाइप से पानी खींचना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से बनी पक्की ड्रेनेज लाइन है। उनका तर्क है कि जब तक नालों और नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होगी, तब तक बारिश के मौसम में बानसूर-अलवर मार्ग पर जाम और जलभराव की स्थिति बनी रहेगी।1
- राजस्थान के खैरथल में एक जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में चल रहे इस जमीन विवाद के बीच 'फ्लोटिंग' की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- अलवर में लोहिया का तिवारा से बाहाल बस स्टैंड तक सड़क पर बिजली की लाइटें लगा दी गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें चालू नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को रात के समय अंधेरे में यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।1
- जनता ने भिवाड़ी बायपास से जुड़े मामलों पर सुनवाई का आग्रह किया है। लोगों का कहना है कि भिवाड़ी बायपास से संबंधित कुछ ऐसा है जो सालों से लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने संबंधित पक्षों से अपनी बात सुनने की अपील की है।1