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राजस्थान के रामगढ़ में गोविंदगढ़ मोड़ से अलावड़ा मोड़ तक के दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर रखा है। इस भारी अतिक्रमण के कारण आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नगर पालिका रामगढ़ प्रशासन इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

5 hrs ago
user_महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह
Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
5 hrs ago

राजस्थान के रामगढ़ में गोविंदगढ़ मोड़ से अलावड़ा मोड़ तक के दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर रखा है। इस भारी अतिक्रमण के कारण आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नगर पालिका रामगढ़ प्रशासन इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संकट से निपटने और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के बड़े जन आंदोलन में राजगढ़ कॉलेज प्रशासन ने सक्रिय भागीदारी की है। कॉलेज ने अपने परिसर में स्थित एक प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया। साथ ही, कॉलेज परिसर के वर्षा जल को एकत्रित करके चैनलों (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) के माध्यम से इस बावड़ी में डाला गया है, जिससे पारंपरिक जल स्रोत का प्रभावी ढंग से उपयोग हो रहा है। कॉलेज के इस कार्य को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) बैंगलोर की टीम ने भी सराहा है, इसे एक 'सर्वोत्तम अभ्यास' (बेस्ट प्रैक्टिस) मानते हुए महाविद्यालय की ग्रेडिंग में सुधार किया गया। प्राचार्य डॉ. के.एल. मीना ने बताया कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने 500 पौधे लगाए थे, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक पौधे आज भी जीवित हैं। इस सघन वृक्षारोपण में कटहल, जामुन, आंवला, आम, पीपल, चंदन, बेर, शीशम, गुलमोहर, अशोका, नीम और वटवृक्ष जैसे फलदार और अन्य प्रजाति के पौधे शामिल थे, जो अब बड़े होकर फल दे रहे हैं। महाविद्यालय और गर्ल्स हॉस्टल परिसर में पहले से ही लगभग 780 पेड़ मौजूद हैं। महाविद्यालय प्रशासन की वर्षा जल संचयन की इस पहल से धीरे-धीरे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, सूखे पड़े नलकूप, प्राचीन बावड़ी और कुएं फिर से पानी से भरने लगे हैं। यह सुनिश्चित करता है कि विद्यार्थियों और महिला छात्रावास में जलापूर्ति सुचारू रहे और हजारों पेड़-पौधों को नियमित पानी मिलने से पूरा कैंपस हरा-भरा बना रहता है। इस पर्यावरणीय सुधार से परिसर अनेक प्रजाति के पक्षियों और रेंगने वाले जीव-जंतुओं का निवास स्थान भी बन गया है। यह पूरा प्रयास वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करता है।
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    राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संकट से निपटने और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के बड़े जन आंदोलन में राजगढ़ कॉलेज प्रशासन ने सक्रिय भागीदारी की है। कॉलेज ने अपने परिसर में स्थित एक प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया। साथ ही, कॉलेज परिसर के वर्षा जल को एकत्रित करके चैनलों (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) के माध्यम से इस बावड़ी में डाला गया है, जिससे पारंपरिक जल स्रोत का प्रभावी ढंग से उपयोग हो रहा है।

कॉलेज के इस कार्य को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) बैंगलोर की टीम ने भी सराहा है, इसे एक 'सर्वोत्तम अभ्यास' (बेस्ट प्रैक्टिस) मानते हुए महाविद्यालय की ग्रेडिंग में सुधार किया गया। प्राचार्य डॉ. के.एल. मीना ने बताया कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने 500 पौधे लगाए थे, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक पौधे आज भी जीवित हैं। इस सघन वृक्षारोपण में कटहल, जामुन, आंवला, आम, पीपल, चंदन, बेर, शीशम, गुलमोहर, अशोका, नीम और वटवृक्ष जैसे फलदार और अन्य प्रजाति के पौधे शामिल थे, जो अब बड़े होकर फल दे रहे हैं। महाविद्यालय और गर्ल्स हॉस्टल परिसर में पहले से ही लगभग 780 पेड़ मौजूद हैं।

महाविद्यालय प्रशासन की वर्षा जल संचयन की इस पहल से धीरे-धीरे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, सूखे पड़े नलकूप, प्राचीन बावड़ी और कुएं फिर से पानी से भरने लगे हैं। यह सुनिश्चित करता है कि विद्यार्थियों और महिला छात्रावास में जलापूर्ति सुचारू रहे और हजारों पेड़-पौधों को नियमित पानी मिलने से पूरा कैंपस हरा-भरा बना रहता है। इस पर्यावरणीय सुधार से परिसर अनेक प्रजाति के पक्षियों और रेंगने वाले जीव-जंतुओं का निवास स्थान भी बन गया है। यह पूरा प्रयास वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करता है।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • आज, 5 जून, 2026 को दुनिया भर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, जहाँ पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई घोषणाएं, वैश्विक अभियान और जमीनी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष की आधिकारिक थीम "नाउ फॉर क्लाइमेट" रखी गई है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने पर जोर देना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ, बाकू, अज़रबैजान इस साल का आधिकारिक वैश्विक मेजबान देश है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण बैठकें हो रही हैं। भारत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश और दुनिया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पिछले एक दशक में पर्यावरण के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया, जिसमें देश में बढ़ते ग्रीन कवर और चीता, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ व स्लॉथ बियर जैसे वन्यजीवों के संरक्षण में मिली सफलता की सराहना की। पीएम मोदी ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की सफलता का भी जिक्र किया, जिससे देश के वन क्षेत्र में हर साल लगभग 1.1 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी पर्यावरण दिवस पर संदेश देते हुए सरकार से कॉर्पोरेट और औद्योगिक नीतियों की समीक्षा करने और जंगलों व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नियमों को मजबूत करने की मांग की। कॉर्पोरेट और युवाओं ने भी विशेष पहल की है; उदाहरण के लिए, किआ इंडिया ने अपने सर्विस सेंटर्स पर 1,000 किलोग्राम ई-कचरा इकट्ठा करने और गाड़ियों के मुफ्त प्रदूषण जांच का अभियान शुरू किया। इसके अतिरिक्त, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो जैसे कार्यक्रमों में छात्रों और युवाओं ने समुद्र तटों को साफ करने वाले रोबोट और गन्ने के कचरे से बने बायोडिग्रेडेबल उत्पाद जैसे कई इको-फ्रेंडली इनोवेशन प्रस्तुत कर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
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    आज, 5 जून, 2026 को दुनिया भर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, जहाँ पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई घोषणाएं, वैश्विक अभियान और जमीनी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष की आधिकारिक थीम "नाउ फॉर क्लाइमेट" रखी गई है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने पर जोर देना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ, बाकू, अज़रबैजान इस साल का आधिकारिक वैश्विक मेजबान देश है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण बैठकें हो रही हैं।

भारत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश और दुनिया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पिछले एक दशक में पर्यावरण के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया, जिसमें देश में बढ़ते ग्रीन कवर और चीता, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ व स्लॉथ बियर जैसे वन्यजीवों के संरक्षण में मिली सफलता की सराहना की। पीएम मोदी ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की सफलता का भी जिक्र किया, जिससे देश के वन क्षेत्र में हर साल लगभग 1.1 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हो रही है।

वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी पर्यावरण दिवस पर संदेश देते हुए सरकार से कॉर्पोरेट और औद्योगिक नीतियों की समीक्षा करने और जंगलों व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नियमों को मजबूत करने की मांग की। कॉर्पोरेट और युवाओं ने भी विशेष पहल की है; उदाहरण के लिए, किआ इंडिया ने अपने सर्विस सेंटर्स पर 1,000 किलोग्राम ई-कचरा इकट्ठा करने और गाड़ियों के मुफ्त प्रदूषण जांच का अभियान शुरू किया। इसके अतिरिक्त, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो जैसे कार्यक्रमों में छात्रों और युवाओं ने समुद्र तटों को साफ करने वाले रोबोट और गन्ने के कचरे से बने बायोडिग्रेडेबल उत्पाद जैसे कई इको-फ्रेंडली इनोवेशन प्रस्तुत कर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
    user_NEWS BANSUR
    NEWS BANSUR
    Graphic designer बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • मुंडावर बस स्टैंड पर इन दिनों अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता और राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर खुलेआम हो रहे इस अतिक्रमण पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़क पर ही दुकानें लगी हुई हैं और सामान बाहर तक फैलाकर रखा गया है, जिससे रोडवेज और निजी बसों को मुड़ने या खड़े होने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, और हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। बस स्टैंड के ठीक सामने लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 'बस स्टॉप मुंडावर' (सौजन्य से- नगरपालिका मुंडावर) लिखे शेड के नीचे और आसपास भी थड़ी-ठेले वालों ने पक्का कब्जा जमा लिया है, जिससे यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों के पास दुकानें लग गई हैं और यात्रियों को खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क सीमा में सामान फैलाने और अस्थाई थड़ियों के कारण बस स्टैंड संकरा हो गया है, जिससे कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगातार जाम लगा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। जनता का आरोप है कि मुंडावर नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिस पर जनता सवाल उठा रही है। कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुंडावर बस स्टैंड को इस अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।
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    मुंडावर बस स्टैंड पर इन दिनों अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता और राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर खुलेआम हो रहे इस अतिक्रमण पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़क पर ही दुकानें लगी हुई हैं और सामान बाहर तक फैलाकर रखा गया है, जिससे रोडवेज और निजी बसों को मुड़ने या खड़े होने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, और हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। बस स्टैंड के ठीक सामने लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 'बस स्टॉप मुंडावर' (सौजन्य से- नगरपालिका मुंडावर) लिखे शेड के नीचे और आसपास भी थड़ी-ठेले वालों ने पक्का कब्जा जमा लिया है, जिससे यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों के पास दुकानें लग गई हैं और यात्रियों को खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क सीमा में सामान फैलाने और अस्थाई थड़ियों के कारण बस स्टैंड संकरा हो गया है, जिससे कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगातार जाम लगा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है।

जनता का आरोप है कि मुंडावर नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिस पर जनता सवाल उठा रही है। कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुंडावर बस स्टैंड को इस अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop Mandawar, Alwar•
    14 hrs ago
  • 6 जून को जंतर-मंतर पर ‘कोकरोच जनता पार्टी’ द्वारा एक ‘एंटी-प्रोटेस्ट’ आयोजित किया गया, जिसकी रिपोर्ट पत्रकार संदीप शर्मा ने की है। इस घटना को लेकर सवाल सिर्फ इस विरोध प्रदर्शन का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर उठाया गया है। पत्रकार ने गंभीरता से यह प्रश्न किया है कि क्या युवा अब अपनी आवाज़ खुद उठाएंगे, या फिर सब पहले की तरह ही चलता रहेगा।
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    6 जून को जंतर-मंतर पर ‘कोकरोच जनता पार्टी’ द्वारा एक ‘एंटी-प्रोटेस्ट’ आयोजित किया गया, जिसकी रिपोर्ट पत्रकार संदीप शर्मा ने की है। इस घटना को लेकर सवाल सिर्फ इस विरोध प्रदर्शन का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर उठाया गया है। पत्रकार ने गंभीरता से यह प्रश्न किया है कि क्या युवा अब अपनी आवाज़ खुद उठाएंगे, या फिर सब पहले की तरह ही चलता रहेगा।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    45 min ago
  • मनोहरपुर में कबाड़ी व्यापारी और स्थानीय भाजपा नेता रामावतार असवाल उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा करते हुए एक आरोपी सोहेल खान को गिरफ्तार कर लिया है। रामावतार असवाल की हत्या उनके कबाड़ गोदाम में धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी, जिसके बाद से पुलिस गहनता से जांच कर रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कबाड़ व्यवसायी रामावतार असवाल की हत्या एक पुराना कूलर खरीदने को लेकर हुए विवाद के चलते हुई थी। गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान (20) पुत्र कुतुबुद्दीन लुहार है, जिससे पुलिस द्वारा पूछताछ जारी है। मनोहरपुर के इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले के खुलासे में कांस्टेबल दारा सिंह की विशेष भूमिका रही।
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    मनोहरपुर में कबाड़ी व्यापारी और स्थानीय भाजपा नेता रामावतार असवाल उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा करते हुए एक आरोपी सोहेल खान को गिरफ्तार कर लिया है। रामावतार असवाल की हत्या उनके कबाड़ गोदाम में धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी, जिसके बाद से पुलिस गहनता से जांच कर रही थी।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि कबाड़ व्यवसायी रामावतार असवाल की हत्या एक पुराना कूलर खरीदने को लेकर हुए विवाद के चलते हुई थी। गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान (20) पुत्र कुतुबुद्दीन लुहार है, जिससे पुलिस द्वारा पूछताछ जारी है।

मनोहरपुर के इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले के खुलासे में कांस्टेबल दारा सिंह की विशेष भूमिका रही।
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
    6 hrs ago
  • मिलत टाइम्स के एक पत्रकार की एक फर्जी पत्रकार से भिड़ंत हो गई है। इस घटना के बाद आगे क्या हुआ, यह देखने के लिए कहा गया है।
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    मिलत टाइम्स के एक पत्रकार की एक फर्जी पत्रकार से भिड़ंत हो गई है। इस घटना के बाद आगे क्या हुआ, यह देखने के लिए कहा गया है।
    user_Khan Khan
    Khan Khan
    Video Creator फिरोजपुर झिरका, नूंह, हरियाणा•
    8 hrs ago
  • झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए देह व्यापार के दलदल में धकेली गईं 10 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस खुलासे में बताया कि यह गिरोह झालावाड़ के कंजर डेरो से नाबालिग लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचाता था। इस रैकेट का नेटवर्क झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले प्रकाशित एक खबर के बाद शुरू हुई, जिसमें मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। खबर को गंभीरता से लेते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अनुसंधान सैल श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर गोपनीय जांच के निर्देश दिए गए। जांच में सामने आया कि स्थानीय दलालों का एक संगठित गिरोह कंजर समाज की नाबालिग बच्चियों के परिजनों की आर्थिक तंगी और कर्ज का नाजायज फायदा उठाता था। ये दलाल लड़कियों की अच्छी परवरिश, काम-धंधे से अच्छी कमाई का झांसा और आर्थिक प्रलोभन देकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे। कुछ समय अपने पास रखने के बाद, इन लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य महानगरों में सक्रिय गिरोह के दलालों को मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। ये दलाल फर्जी तरीके से आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों में लड़कियों की उम्र बढ़ाकर उन्हें बालिग दिखाते थे और फिर डांस बारों के माध्यम से उन्हें देह व्यापार में धकेल देते थे। जांच से यह भी पता चला कि गिरोह फर्जी दस्तावेजों के जरिए लड़कियों की पहचान और पते भी बदल देता था ताकि उनकी पहचान कभी साबित न हो सके। इस नेटवर्क में मुख्य रूप से महिला एजेंट रामकन्या बाई सहित बूंदी जिले के डबलाना के स्थानीय दलालों की संलिप्तता पाई गई।
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    झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए देह व्यापार के दलदल में धकेली गईं 10 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस खुलासे में बताया कि यह गिरोह झालावाड़ के कंजर डेरो से नाबालिग लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचाता था। इस रैकेट का नेटवर्क झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था।

यह कार्रवाई कुछ दिन पहले प्रकाशित एक खबर के बाद शुरू हुई, जिसमें मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। खबर को गंभीरता से लेते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अनुसंधान सैल श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर गोपनीय जांच के निर्देश दिए गए। जांच में सामने आया कि स्थानीय दलालों का एक संगठित गिरोह कंजर समाज की नाबालिग बच्चियों के परिजनों की आर्थिक तंगी और कर्ज का नाजायज फायदा उठाता था। ये दलाल लड़कियों की अच्छी परवरिश, काम-धंधे से अच्छी कमाई का झांसा और आर्थिक प्रलोभन देकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे।

कुछ समय अपने पास रखने के बाद, इन लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य महानगरों में सक्रिय गिरोह के दलालों को मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। ये दलाल फर्जी तरीके से आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों में लड़कियों की उम्र बढ़ाकर उन्हें बालिग दिखाते थे और फिर डांस बारों के माध्यम से उन्हें देह व्यापार में धकेल देते थे। जांच से यह भी पता चला कि गिरोह फर्जी दस्तावेजों के जरिए लड़कियों की पहचान और पते भी बदल देता था ताकि उनकी पहचान कभी साबित न हो सके। इस नेटवर्क में मुख्य रूप से महिला एजेंट रामकन्या बाई सहित बूंदी जिले के डबलाना के स्थानीय दलालों की संलिप्तता पाई गई।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • देशभर से विभिन्न वीडियो, रील और दावे सामने आने के बीच, अब सभी की नज़रें 6 जून पर टिकी हैं। इस बात पर सबकी निगाहें हैं कि क्या जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे, जिसका जवाब कल मिलने की उम्मीद है।
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    देशभर से विभिन्न वीडियो, रील और दावे सामने आने के बीच, अब सभी की नज़रें 6 जून पर टिकी हैं। इस बात पर सबकी निगाहें हैं कि क्या जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे, जिसका जवाब कल मिलने की उम्मीद है।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब संदेश प्रसारित हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि जिस किसी व्यक्ति को बंदर की आवाज़ निकालनी आती है, उसकी नौकरी समझो पक्की हो गई है। यह संदेश ऐसे लोगों को अपना टैलेंट दिखाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि वे इस अनूठे मौके का फायदा उठा सकें।
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    सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब संदेश प्रसारित हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि जिस किसी व्यक्ति को बंदर की आवाज़ निकालनी आती है, उसकी नौकरी समझो पक्की हो गई है। यह संदेश ऐसे लोगों को अपना टैलेंट दिखाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि वे इस अनूठे मौके का फायदा उठा सकें।
    user_Khan Khan
    Khan Khan
    Video Creator फिरोजपुर झिरका, नूंह, हरियाणा•
    9 hrs ago
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