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आज, 5 जून, 2026 को दुनिया भर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, जहाँ पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई घोषणाएं, वैश्विक अभियान और जमीनी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष की आधिकारिक थीम "नाउ फॉर क्लाइमेट" रखी गई है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने पर जोर देना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ, बाकू, अज़रबैजान इस साल का आधिकारिक वैश्विक मेजबान देश है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण बैठकें हो रही हैं। भारत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश और दुनिया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पिछले एक दशक में पर्यावरण के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया, जिसमें देश में बढ़ते ग्रीन कवर और चीता, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ व स्लॉथ बियर जैसे वन्यजीवों के संरक्षण में मिली सफलता की सराहना की। पीएम मोदी ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की सफलता का भी जिक्र किया, जिससे देश के वन क्षेत्र में हर साल लगभग 1.1 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी पर्यावरण दिवस पर संदेश देते हुए सरकार से कॉर्पोरेट और औद्योगिक नीतियों की समीक्षा करने और जंगलों व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नियमों को मजबूत करने की मांग की। कॉर्पोरेट और युवाओं ने भी विशेष पहल की है; उदाहरण के लिए, किआ इंडिया ने अपने सर्विस सेंटर्स पर 1,000 किलोग्राम ई-कचरा इकट्ठा करने और गाड़ियों के मुफ्त प्रदूषण जांच का अभियान शुरू किया। इसके अतिरिक्त, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो जैसे कार्यक्रमों में छात्रों और युवाओं ने समुद्र तटों को साफ करने वाले रोबोट और गन्ने के कचरे से बने बायोडिग्रेडेबल उत्पाद जैसे कई इको-फ्रेंडली इनोवेशन प्रस्तुत कर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है।

9 hrs ago
user_NEWS BANSUR
NEWS BANSUR
Graphic designer बानसूर, अलवर, राजस्थान•
9 hrs ago

आज, 5 जून, 2026 को दुनिया भर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, जहाँ पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई घोषणाएं, वैश्विक अभियान और जमीनी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष की आधिकारिक थीम "नाउ फॉर क्लाइमेट" रखी गई है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने पर जोर देना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ, बाकू, अज़रबैजान इस साल का आधिकारिक वैश्विक मेजबान देश है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण बैठकें हो रही हैं। भारत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश और दुनिया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पिछले एक दशक में पर्यावरण के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया, जिसमें देश में बढ़ते ग्रीन कवर और चीता, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ व स्लॉथ बियर जैसे वन्यजीवों के संरक्षण में मिली सफलता की सराहना की। पीएम मोदी ने "एक

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पेड़ माँ के नाम" अभियान की सफलता का भी जिक्र किया, जिससे देश के वन क्षेत्र में हर साल लगभग 1.1 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी पर्यावरण दिवस पर संदेश देते हुए सरकार से कॉर्पोरेट और औद्योगिक नीतियों की समीक्षा करने और जंगलों व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नियमों को मजबूत करने की मांग की। कॉर्पोरेट और युवाओं ने भी विशेष पहल की है; उदाहरण के लिए, किआ इंडिया ने अपने सर्विस सेंटर्स पर 1,000 किलोग्राम ई-कचरा इकट्ठा करने और गाड़ियों के मुफ्त प्रदूषण जांच का अभियान शुरू किया। इसके अतिरिक्त, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो जैसे कार्यक्रमों में छात्रों और युवाओं ने समुद्र तटों को साफ करने वाले रोबोट और गन्ने के कचरे से बने बायोडिग्रेडेबल उत्पाद जैसे कई इको-फ्रेंडली इनोवेशन प्रस्तुत कर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है।

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  • बानसूर-अलवर सड़क मार्ग पर भारी बारिश के बाद हुए जलभराव से स्थानीय लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। नगरपालिका प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनरेटर और पाइपों की मदद से सड़क पर जमा हुए पानी को बाहर निकलवाया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन एक बार फिर सुचारू हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या हर मानसून के दौरान दोहराई जाती है, जहाँ सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे आमजन, वाहन चालक और व्यापारी वर्ग खासे परेशान होते हैं, और स्कूली बच्चों व मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस बार नगरपालिका द्वारा तत्परता दिखाते हुए जल निकासी का काम करवाया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, ग्रामीणों ने नगरपालिका प्रशासन से सवाल किया है कि यह समस्या हर बारिश में क्यों दोहराई जानी चाहिए। वे मानते हैं कि अस्थायी इंतजामों से कुछ समय की राहत तो मिल जाती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान आवश्यक है। लोगों ने मांग की है कि नगरपालिका जल निकासी के लिए एक पक्की ड्रेनेज व्यवस्था का निर्माण करे, ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से स्थायी छुटकारा मिल सके। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि समस्या का समाधान बार-बार पाइप से पानी खींचना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से बनी पक्की ड्रेनेज लाइन है। उनका तर्क है कि जब तक नालों और नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होगी, तब तक बारिश के मौसम में बानसूर-अलवर मार्ग पर जाम और जलभराव की स्थिति बनी रहेगी।
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    बानसूर-अलवर सड़क मार्ग पर भारी बारिश के बाद हुए जलभराव से स्थानीय लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। नगरपालिका प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनरेटर और पाइपों की मदद से सड़क पर जमा हुए पानी को बाहर निकलवाया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन एक बार फिर सुचारू हो सका।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या हर मानसून के दौरान दोहराई जाती है, जहाँ सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे आमजन, वाहन चालक और व्यापारी वर्ग खासे परेशान होते हैं, और स्कूली बच्चों व मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस बार नगरपालिका द्वारा तत्परता दिखाते हुए जल निकासी का काम करवाया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

हालांकि, ग्रामीणों ने नगरपालिका प्रशासन से सवाल किया है कि यह समस्या हर बारिश में क्यों दोहराई जानी चाहिए। वे मानते हैं कि अस्थायी इंतजामों से कुछ समय की राहत तो मिल जाती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान आवश्यक है। लोगों ने मांग की है कि नगरपालिका जल निकासी के लिए एक पक्की ड्रेनेज व्यवस्था का निर्माण करे, ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से स्थायी छुटकारा मिल सके। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि समस्या का समाधान बार-बार पाइप से पानी खींचना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से बनी पक्की ड्रेनेज लाइन है। उनका तर्क है कि जब तक नालों और नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होगी, तब तक बारिश के मौसम में बानसूर-अलवर मार्ग पर जाम और जलभराव की स्थिति बनी रहेगी।
    user_Sandeep Kumar Gupta
    Sandeep Kumar Gupta
    बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • आज, 5 जून, 2026 को दुनिया भर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, जहाँ पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई घोषणाएं, वैश्विक अभियान और जमीनी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष की आधिकारिक थीम "नाउ फॉर क्लाइमेट" रखी गई है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने पर जोर देना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ, बाकू, अज़रबैजान इस साल का आधिकारिक वैश्विक मेजबान देश है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण बैठकें हो रही हैं। भारत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश और दुनिया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पिछले एक दशक में पर्यावरण के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया, जिसमें देश में बढ़ते ग्रीन कवर और चीता, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ व स्लॉथ बियर जैसे वन्यजीवों के संरक्षण में मिली सफलता की सराहना की। पीएम मोदी ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की सफलता का भी जिक्र किया, जिससे देश के वन क्षेत्र में हर साल लगभग 1.1 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी पर्यावरण दिवस पर संदेश देते हुए सरकार से कॉर्पोरेट और औद्योगिक नीतियों की समीक्षा करने और जंगलों व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नियमों को मजबूत करने की मांग की। कॉर्पोरेट और युवाओं ने भी विशेष पहल की है; उदाहरण के लिए, किआ इंडिया ने अपने सर्विस सेंटर्स पर 1,000 किलोग्राम ई-कचरा इकट्ठा करने और गाड़ियों के मुफ्त प्रदूषण जांच का अभियान शुरू किया। इसके अतिरिक्त, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो जैसे कार्यक्रमों में छात्रों और युवाओं ने समुद्र तटों को साफ करने वाले रोबोट और गन्ने के कचरे से बने बायोडिग्रेडेबल उत्पाद जैसे कई इको-फ्रेंडली इनोवेशन प्रस्तुत कर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
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    आज, 5 जून, 2026 को दुनिया भर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, जहाँ पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई घोषणाएं, वैश्विक अभियान और जमीनी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष की आधिकारिक थीम "नाउ फॉर क्लाइमेट" रखी गई है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने पर जोर देना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ, बाकू, अज़रबैजान इस साल का आधिकारिक वैश्विक मेजबान देश है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण बैठकें हो रही हैं।

भारत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश और दुनिया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पिछले एक दशक में पर्यावरण के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया, जिसमें देश में बढ़ते ग्रीन कवर और चीता, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ व स्लॉथ बियर जैसे वन्यजीवों के संरक्षण में मिली सफलता की सराहना की। पीएम मोदी ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की सफलता का भी जिक्र किया, जिससे देश के वन क्षेत्र में हर साल लगभग 1.1 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हो रही है।

वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी पर्यावरण दिवस पर संदेश देते हुए सरकार से कॉर्पोरेट और औद्योगिक नीतियों की समीक्षा करने और जंगलों व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नियमों को मजबूत करने की मांग की। कॉर्पोरेट और युवाओं ने भी विशेष पहल की है; उदाहरण के लिए, किआ इंडिया ने अपने सर्विस सेंटर्स पर 1,000 किलोग्राम ई-कचरा इकट्ठा करने और गाड़ियों के मुफ्त प्रदूषण जांच का अभियान शुरू किया। इसके अतिरिक्त, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो जैसे कार्यक्रमों में छात्रों और युवाओं ने समुद्र तटों को साफ करने वाले रोबोट और गन्ने के कचरे से बने बायोडिग्रेडेबल उत्पाद जैसे कई इको-फ्रेंडली इनोवेशन प्रस्तुत कर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
    user_NEWS BANSUR
    NEWS BANSUR
    Graphic designer बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • मुंडावर बस स्टैंड पर इन दिनों अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता और राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर खुलेआम हो रहे इस अतिक्रमण पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़क पर ही दुकानें लगी हुई हैं और सामान बाहर तक फैलाकर रखा गया है, जिससे रोडवेज और निजी बसों को मुड़ने या खड़े होने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, और हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। बस स्टैंड के ठीक सामने लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 'बस स्टॉप मुंडावर' (सौजन्य से- नगरपालिका मुंडावर) लिखे शेड के नीचे और आसपास भी थड़ी-ठेले वालों ने पक्का कब्जा जमा लिया है, जिससे यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों के पास दुकानें लग गई हैं और यात्रियों को खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क सीमा में सामान फैलाने और अस्थाई थड़ियों के कारण बस स्टैंड संकरा हो गया है, जिससे कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगातार जाम लगा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। जनता का आरोप है कि मुंडावर नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिस पर जनता सवाल उठा रही है। कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुंडावर बस स्टैंड को इस अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।
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    मुंडावर बस स्टैंड पर इन दिनों अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता और राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर खुलेआम हो रहे इस अतिक्रमण पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़क पर ही दुकानें लगी हुई हैं और सामान बाहर तक फैलाकर रखा गया है, जिससे रोडवेज और निजी बसों को मुड़ने या खड़े होने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, और हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। बस स्टैंड के ठीक सामने लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 'बस स्टॉप मुंडावर' (सौजन्य से- नगरपालिका मुंडावर) लिखे शेड के नीचे और आसपास भी थड़ी-ठेले वालों ने पक्का कब्जा जमा लिया है, जिससे यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों के पास दुकानें लग गई हैं और यात्रियों को खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क सीमा में सामान फैलाने और अस्थाई थड़ियों के कारण बस स्टैंड संकरा हो गया है, जिससे कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगातार जाम लगा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है।

जनता का आरोप है कि मुंडावर नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिस पर जनता सवाल उठा रही है। कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुंडावर बस स्टैंड को इस अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop Mandawar, Alwar•
    13 hrs ago
  • अलवर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इस स्थिति का सीधा कारण यह बताया गया है कि कोई भी अधिकारी मौके पर आकर सफाई कार्यों का सर्वे नहीं करता। इस अनदेखी के चलते जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकताओं तक ही सीमित होकर रह गई है।
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    अलवर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इस स्थिति का सीधा कारण यह बताया गया है कि कोई भी अधिकारी मौके पर आकर सफाई कार्यों का सर्वे नहीं करता। इस अनदेखी के चलते जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकताओं तक ही सीमित होकर रह गई है।
    user_त्रिलोक चंद
    त्रिलोक चंद
    Painter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अर्पण सेवा फाउंडेशन, बहरोड़ ने पर्यावरण संरक्षण और जीव कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था के 'प्रकृति आयाम' के तहत घिटोठ औद्योगिक क्षेत्र से लगे परतापूर चक नम्बर 02 वन क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए एक जलकुंड ('अर्पण वन्य जीव कुंड') का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही, पशुपालकों के लिए एक प्याऊ भी स्थापित किया गया है, ताकि जंगल में रहने वाले वन्यजीवों को भीषण गर्मी में शीतल और शुद्ध पानी उपलब्ध हो सके। यह पुनीत कार्य भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कमांडो और वरिष्ठ सदस्य सतपाल यादव, एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कमलेश देवी (निवासी: कांकर दोपा) के सौजन्य से संभव हुआ है। फाउंडेशन के सदस्यों ने इस सेवा कार्य पर सम्मानित भामाशाह सदस्य सूबेदार सतपाल जी का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया और विधि विधान से पूजन करके इसका उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार यादव, प्रकृति आयाम प्रमुख, सचिव एडवोकेट भूपेंद्र प्रजापति, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार यादव, ओम यादव (संयोजक, पक्षी मित्र अभियान) सहित अनेक सम्मानित ग्रामवासी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अर्पण सेवा फाउंडेशन, बहरोड़ ने पर्यावरण संरक्षण और जीव कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था के 'प्रकृति आयाम' के तहत घिटोठ औद्योगिक क्षेत्र से लगे परतापूर चक नम्बर 02 वन क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए एक जलकुंड ('अर्पण वन्य जीव कुंड') का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही, पशुपालकों के लिए एक प्याऊ भी स्थापित किया गया है, ताकि जंगल में रहने वाले वन्यजीवों को भीषण गर्मी में शीतल और शुद्ध पानी उपलब्ध हो सके।

यह पुनीत कार्य भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कमांडो और वरिष्ठ सदस्य सतपाल यादव, एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कमलेश देवी (निवासी: कांकर दोपा) के सौजन्य से संभव हुआ है। फाउंडेशन के सदस्यों ने इस सेवा कार्य पर सम्मानित भामाशाह सदस्य सूबेदार सतपाल जी का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया और विधि विधान से पूजन करके इसका उद्घाटन किया गया।

इस कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार यादव, प्रकृति आयाम प्रमुख, सचिव एडवोकेट भूपेंद्र प्रजापति, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार यादव, ओम यादव (संयोजक, पक्षी मित्र अभियान) सहित अनेक सम्मानित ग्रामवासी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।
    user_Hiralal Bhurani
    Hiralal Bhurani
    Advertising agency खैरथल, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राजस्थान के रामगढ़ में गोविंदगढ़ मोड़ से अलावड़ा मोड़ तक के दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर रखा है। इस भारी अतिक्रमण के कारण आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नगर पालिका रामगढ़ प्रशासन इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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    राजस्थान के रामगढ़ में गोविंदगढ़ मोड़ से अलावड़ा मोड़ तक के दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर रखा है। इस भारी अतिक्रमण के कारण आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नगर पालिका रामगढ़ प्रशासन इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • अलवर में लोहिया का तिवारा से बाहाल बस स्टैंड तक सड़क पर बिजली की लाइटें लगा दी गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें चालू नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को रात के समय अंधेरे में यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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    अलवर में लोहिया का तिवारा से बाहाल बस स्टैंड तक सड़क पर बिजली की लाइटें लगा दी गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें चालू नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को रात के समय अंधेरे में यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • पांवटा के समीप NH-48 पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें दो दर्जन यात्री घायल हो गए। यह हादसा चौकी गोरधनपुरा के पास हुआ, जब एक ट्रेलर ने अचानक ब्रेक लगा दिए और राजमार्ग से गुजर रही सवारियों से भरी पंजाब रोडवेज बस उससे टकरा गई। सभी घायल यात्रियों को तत्काल राजकीय बीडीएम जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के ट्रोमा सेंटर के नर्सिंग अधिकारी श्रीराम सराधना ने बताया कि घायलों में जगदीष (26), इमरान (50), कृष्ण सिंह (35), अफजल खान (45), मोहम्मद जाहिद (58), पाना देवी (30), मोहम्मद खान (48), बाबूलाल (38), मुकेष कुमार (20), अफजल (20), रमेष (25), कालू खां, महबूब खां (40), अंकित (20) और अक्षय कुमार (19) शामिल हैं। इन सभी का चिकित्सालय में उपचार जारी है, जबकि कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
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    पांवटा के समीप NH-48 पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें दो दर्जन यात्री घायल हो गए। यह हादसा चौकी गोरधनपुरा के पास हुआ, जब एक ट्रेलर ने अचानक ब्रेक लगा दिए और राजमार्ग से गुजर रही सवारियों से भरी पंजाब रोडवेज बस उससे टकरा गई।

सभी घायल यात्रियों को तत्काल राजकीय बीडीएम जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के ट्रोमा सेंटर के नर्सिंग अधिकारी श्रीराम सराधना ने बताया कि घायलों में जगदीष (26), इमरान (50), कृष्ण सिंह (35), अफजल खान (45), मोहम्मद जाहिद (58), पाना देवी (30), मोहम्मद खान (48), बाबूलाल (38), मुकेष कुमार (20), अफजल (20), रमेष (25), कालू खां, महबूब खां (40), अंकित (20) और अक्षय कुमार (19) शामिल हैं। इन सभी का चिकित्सालय में उपचार जारी है, जबकि कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
    user_Social Media Rajasthan-1
    Social Media Rajasthan-1
    Pavta, Jaipur•
    23 hrs ago
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