झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए देह व्यापार के दलदल में धकेली गईं 10 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस खुलासे में बताया कि यह गिरोह झालावाड़ के कंजर डेरो से नाबालिग लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचाता था। इस रैकेट का नेटवर्क झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले प्रकाशित एक खबर के बाद शुरू हुई, जिसमें मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। खबर को गंभीरता से लेते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अनुसंधान सैल श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर गोपनीय जांच के निर्देश दिए गए। जांच में सामने आया कि स्थानीय दलालों का एक संगठित गिरोह कंजर समाज की नाबालिग बच्चियों के परिजनों की आर्थिक तंगी और कर्ज का नाजायज फायदा उठाता था। ये दलाल लड़कियों की अच्छी परवरिश, काम-धंधे से अच्छी कमाई का झांसा और आर्थिक प्रलोभन देकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे। कुछ समय अपने पास रखने के बाद, इन लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य महानगरों में सक्रिय गिरोह के दलालों को मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। ये दलाल फर्जी तरीके से आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों में लड़कियों की उम्र बढ़ाकर उन्हें बालिग दिखाते थे और फिर डांस बारों के माध्यम से उन्हें देह व्यापार में धकेल देते थे। जांच से यह भी पता चला कि गिरोह फर्जी दस्तावेजों के जरिए लड़कियों की पहचान और पते भी बदल देता था ताकि उनकी पहचान कभी साबित न हो सके। इस नेटवर्क में मुख्य रूप से महिला एजेंट रामकन्या बाई सहित बूंदी जिले के डबलाना के स्थानीय दलालों की संलिप्तता पाई गई।
झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए देह व्यापार के दलदल में धकेली गईं 10 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस खुलासे में बताया कि यह गिरोह झालावाड़ के कंजर डेरो से नाबालिग लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचाता था। इस रैकेट का नेटवर्क झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था। यह
कार्रवाई कुछ दिन पहले प्रकाशित एक खबर के बाद शुरू हुई, जिसमें मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। खबर को गंभीरता से लेते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अनुसंधान सैल श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर गोपनीय जांच के निर्देश दिए गए। जांच में सामने आया कि स्थानीय दलालों का एक संगठित गिरोह कंजर समाज की नाबालिग बच्चियों के परिजनों की आर्थिक
तंगी और कर्ज का नाजायज फायदा उठाता था। ये दलाल लड़कियों की अच्छी परवरिश, काम-धंधे से अच्छी कमाई का झांसा और आर्थिक प्रलोभन देकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे। कुछ समय अपने पास रखने के बाद, इन लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य महानगरों में सक्रिय गिरोह के दलालों को मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। ये दलाल फर्जी तरीके से आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों में लड़कियों की उम्र
बढ़ाकर उन्हें बालिग दिखाते थे और फिर डांस बारों के माध्यम से उन्हें देह व्यापार में धकेल देते थे। जांच से यह भी पता चला कि गिरोह फर्जी दस्तावेजों के जरिए लड़कियों की पहचान और पते भी बदल देता था ताकि उनकी पहचान कभी साबित न हो सके। इस नेटवर्क में मुख्य रूप से महिला एजेंट रामकन्या बाई सहित बूंदी जिले के डबलाना के स्थानीय दलालों की संलिप्तता पाई गई।
- राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संकट से निपटने और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के बड़े जन आंदोलन में राजगढ़ कॉलेज प्रशासन ने सक्रिय भागीदारी की है। कॉलेज ने अपने परिसर में स्थित एक प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया। साथ ही, कॉलेज परिसर के वर्षा जल को एकत्रित करके चैनलों (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) के माध्यम से इस बावड़ी में डाला गया है, जिससे पारंपरिक जल स्रोत का प्रभावी ढंग से उपयोग हो रहा है। कॉलेज के इस कार्य को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) बैंगलोर की टीम ने भी सराहा है, इसे एक 'सर्वोत्तम अभ्यास' (बेस्ट प्रैक्टिस) मानते हुए महाविद्यालय की ग्रेडिंग में सुधार किया गया। प्राचार्य डॉ. के.एल. मीना ने बताया कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने 500 पौधे लगाए थे, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक पौधे आज भी जीवित हैं। इस सघन वृक्षारोपण में कटहल, जामुन, आंवला, आम, पीपल, चंदन, बेर, शीशम, गुलमोहर, अशोका, नीम और वटवृक्ष जैसे फलदार और अन्य प्रजाति के पौधे शामिल थे, जो अब बड़े होकर फल दे रहे हैं। महाविद्यालय और गर्ल्स हॉस्टल परिसर में पहले से ही लगभग 780 पेड़ मौजूद हैं। महाविद्यालय प्रशासन की वर्षा जल संचयन की इस पहल से धीरे-धीरे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, सूखे पड़े नलकूप, प्राचीन बावड़ी और कुएं फिर से पानी से भरने लगे हैं। यह सुनिश्चित करता है कि विद्यार्थियों और महिला छात्रावास में जलापूर्ति सुचारू रहे और हजारों पेड़-पौधों को नियमित पानी मिलने से पूरा कैंपस हरा-भरा बना रहता है। इस पर्यावरणीय सुधार से परिसर अनेक प्रजाति के पक्षियों और रेंगने वाले जीव-जंतुओं का निवास स्थान भी बन गया है। यह पूरा प्रयास वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करता है।4
- अलवर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इस स्थिति का सीधा कारण यह बताया गया है कि कोई भी अधिकारी मौके पर आकर सफाई कार्यों का सर्वे नहीं करता। इस अनदेखी के चलते जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकताओं तक ही सीमित होकर रह गई है।2
- राजस्थान के रामगढ़ में गोविंदगढ़ मोड़ से अलावड़ा मोड़ तक के दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर रखा है। इस भारी अतिक्रमण के कारण आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नगर पालिका रामगढ़ प्रशासन इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- अलवर में पहली बारिश होते ही प्रसिद्ध नारायणी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुहावने मौसम और हरियाली से सराबोर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हुए बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे वातावरण में जयकारों की गूंज से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की प्रार्थना की। पहली बारिश के बाद मंदिर के आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों से आए भक्तों ने धार्मिक आस्था के साथ दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास की दुकानों पर भी खूब चहल-पहल देखने को मिली। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही।1
- दौसा जिले के कुण्डल तहसील मुख्यालय क्षेत्र के कालोता गांव में पानी की गंभीर समस्या को लेकर आज ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने जलदाय विभाग और पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए खाली बर्तन लहराकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले 15 दिनों से हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है। स्थानीय ग्रामीण राजेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि 15 दिन से हैंडपंप खराब है, जिसकी शिकायत ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधियों और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार की गई, लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया। उन्होंने आगे बताया कि कालोता-कुण्डल बायपास सड़क मार्ग पर एक अन्य हैंडपंप भी था, जिस पर आधे गांव की निर्भरता थी, लेकिन वह भी 15 दिन पहले खराब हो गया। दीपा राजपूत ने शिकायत की कि खराब हैंडपंप की शिकायत बार-बार 181 हेल्पलाइन पर करने के बावजूद उसे ठीक नहीं किया जा रहा है, बल्कि शिकायत का निस्तारण दर्शा दिया जाता है, जबकि मौके पर जलदाय विभाग का कोई ठेकेदार या कर्मचारी नहीं पहुंचता। चंचल शर्मा नामक ग्रामीण ने बताया कि सरपंच और जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी हैंडपंप ठीक नहीं किए जा रहे हैं। पेयजल संकट के कारण ग्रामीण और उनके मवेशी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। उन्हें 2 से 3 किलोमीटर दूर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है, और परिवार के सभी सदस्य दिनभर पानी लाने की जुगत में लगे रहते हैं। करिश्मा कंवर ने बताया कि पानी की मजबूरी के चलते उन्हें 500 रुपए में पानी का टैंकर मंगवाकर प्यास बुझानी पड़ रही है, फिर भी पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज तक कोई सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों में गांव के सभी खराब हैंडपंपों को ठीक नहीं किया गया, तो वे मजबूरन सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी समस्त जिम्मेदारी ग्राम पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में तारा देवी शर्मा, चंचल शर्मा, प्रभाती देवी कुम्हार, रेखा देवी प्रजापत, रीना देवी, मोना देवी, पुष्पा देवी, नीरज देवी शर्मा, सरोज देवी, सीमा देवी शर्मा, सुनीता देवी, कृपा देवी, उर्मिला देवी, काजल प्रजापत, लाली शर्मा, संती देवी, राजेंद्र कुमार शर्मा, कमोद देवी बैरवा, विमला देवी, मोनिका शर्मा, रचित शर्मा, विष्णु शर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।3
- दौसा जिले की कुण्डल तहसील के कालोता कस्बे में गहराए पेयजल संकट को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने खाली बर्तन लहराकर जलदाय विभाग और पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। स्थानीय निवासी राजेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि गांव में एक हेडपंप, जिससे आधा गांव पानी भरता है, पिछले 15 दिनों से खराब पड़ा है। इसके अलावा, एक और हेडपंप भी 15 दिन से खराब है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधियों, सरपंच, और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से बार-बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। दीपा राजपूत और चंचल शर्मा ने बताया कि 181 हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बावजूद हेडपंप ठीक नहीं किए जा रहे हैं, और तो और शिकायतों का निस्तारण भी बता दिया जाता है, जबकि मौके पर जलदाय विभाग का कोई ठेकेदार या कर्मचारी पहुंचता ही नहीं है। करीशमा कंवर ने बताया कि पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि ग्रामीण और मवेशी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दो से तीन किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है और परिवार के सभी सदस्य दिनभर पानी की व्यवस्था में लगे रहते हैं। कई परिवारों को मजबूरन 500 रुपये में पानी का टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी किसी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर गांव के सभी हेडपंपों को ठीक नहीं किया गया, तो वे मजबूरन सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी ग्राम पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में तारा देवी शर्मा, चंचल शर्मा, प्रभाती देवी कुम्हार, रेखा देवी प्रजापत, रीना देवी, मोना देवी, पुष्पा देवी, नीरज देवी शर्मा, सरोज देवी, सिमा देवी शर्मा, सुनीता देवी, कृपा देवी, उर्मिला देवी, काजल प्रजापत, लाली शर्मा, सन्ती देवी, राजेन्द्र कुमार शर्मा, कमोद देवी बैरवा, विमला देवी, मोनिका शर्मा, रचित शर्मा और विष्णु शर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।2
- मनोहरपुर में कबाड़ी व्यापारी और स्थानीय भाजपा नेता रामावतार असवाल उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा करते हुए एक आरोपी सोहेल खान को गिरफ्तार कर लिया है। रामावतार असवाल की हत्या उनके कबाड़ गोदाम में धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी, जिसके बाद से पुलिस गहनता से जांच कर रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कबाड़ व्यवसायी रामावतार असवाल की हत्या एक पुराना कूलर खरीदने को लेकर हुए विवाद के चलते हुई थी। गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान (20) पुत्र कुतुबुद्दीन लुहार है, जिससे पुलिस द्वारा पूछताछ जारी है। मनोहरपुर के इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले के खुलासे में कांस्टेबल दारा सिंह की विशेष भूमिका रही।1
- झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए देह व्यापार के दलदल में धकेली गईं 10 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस खुलासे में बताया कि यह गिरोह झालावाड़ के कंजर डेरो से नाबालिग लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचाता था। इस रैकेट का नेटवर्क झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले प्रकाशित एक खबर के बाद शुरू हुई, जिसमें मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। खबर को गंभीरता से लेते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अनुसंधान सैल श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर गोपनीय जांच के निर्देश दिए गए। जांच में सामने आया कि स्थानीय दलालों का एक संगठित गिरोह कंजर समाज की नाबालिग बच्चियों के परिजनों की आर्थिक तंगी और कर्ज का नाजायज फायदा उठाता था। ये दलाल लड़कियों की अच्छी परवरिश, काम-धंधे से अच्छी कमाई का झांसा और आर्थिक प्रलोभन देकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे। कुछ समय अपने पास रखने के बाद, इन लड़कियों को मुंबई, नागपुर और अन्य महानगरों में सक्रिय गिरोह के दलालों को मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। ये दलाल फर्जी तरीके से आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों में लड़कियों की उम्र बढ़ाकर उन्हें बालिग दिखाते थे और फिर डांस बारों के माध्यम से उन्हें देह व्यापार में धकेल देते थे। जांच से यह भी पता चला कि गिरोह फर्जी दस्तावेजों के जरिए लड़कियों की पहचान और पते भी बदल देता था ताकि उनकी पहचान कभी साबित न हो सके। इस नेटवर्क में मुख्य रूप से महिला एजेंट रामकन्या बाई सहित बूंदी जिले के डबलाना के स्थानीय दलालों की संलिप्तता पाई गई।4