राजस्थान प्रतापगढ़ में रंग तेरस पर वन विभाग ने शुरू किया हर्बल गुलाल विक्रय केंद्र प्रतापगढ़। रंग तेरस के अवसर पर शहर के वन विभाग रेंजर कार्यालय के बाहर हर्बल गुलाल विक्रय केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्घाटन श्री सुरेश अग्रवाल द्वारा फीता काटकर किया गया। वन विभाग द्वारा बीते कई वर्षों से हर्बल गुलाल का विक्रय किया जा रहा है। यह गुलाल पारंपरिक एवं देसी तरीके से तैयार की जाती है। वर्तमान समय में बाजार में उपलब्ध रासायनिक गुलाल से त्वचा को नुकसान होने की आशंका रहती है, जबकि हर्बल गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण त्वचा के लिए सुरक्षित मानी जाती है। वन विभाग द्वारा तैयार की जाने वाली यह गुलाल विभिन्न प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से बनाई जाती है, जिनमें पलाश, अमलताश, गुलाब, बोगनवेलिया, हरी पत्तियां, रातरानी और गुड़हल प्रमुख हैं। इसके साथ ही प्रतापगढ़ वन मंडल क्षेत्र में मौसमी गौण वन उपज भी मांग के अनुसार न्यूनतम उचित मूल्य पर उपलब्ध करवाई जा रही है। वन विभाग ने क्षेत्र के वनवासी निवासियों से अपील की है कि वे अपनी गौण वन उपज को यहां विक्रय करने के लिए संपर्क करें, ताकि उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। वन विभाग की यह पहल स्थानीय वनवासियों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस अभियान में उप वन संरक्षक श्री सुरेश अग्रवाल, रेंजर श्री दिलीप सिंह गोड तथा वनपाल श्री शैतान सिंह का विशेष योगदान रहा। सौजन्य : उप वन संरक्षक, प्रतापगढ़ (राज.)
राजस्थान प्रतापगढ़ में रंग तेरस पर वन विभाग ने शुरू किया हर्बल गुलाल विक्रय केंद्र प्रतापगढ़। रंग तेरस के अवसर पर शहर के वन विभाग रेंजर कार्यालय के बाहर हर्बल गुलाल विक्रय केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्घाटन श्री सुरेश अग्रवाल द्वारा फीता काटकर किया गया। वन विभाग द्वारा बीते कई वर्षों से हर्बल गुलाल का विक्रय किया जा रहा है।
यह गुलाल पारंपरिक एवं देसी तरीके से तैयार की जाती है। वर्तमान समय में बाजार में उपलब्ध रासायनिक गुलाल से त्वचा को नुकसान होने की आशंका रहती है, जबकि हर्बल गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण त्वचा के लिए सुरक्षित मानी जाती है। वन विभाग द्वारा तैयार की जाने वाली यह गुलाल विभिन्न प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से बनाई जाती है,
जिनमें पलाश, अमलताश, गुलाब, बोगनवेलिया, हरी पत्तियां, रातरानी और गुड़हल प्रमुख हैं। इसके साथ ही प्रतापगढ़ वन मंडल क्षेत्र में मौसमी गौण वन उपज भी मांग के अनुसार न्यूनतम उचित मूल्य पर उपलब्ध करवाई जा रही है। वन विभाग ने क्षेत्र के वनवासी निवासियों से अपील की है कि वे अपनी गौण वन उपज को यहां विक्रय करने के लिए संपर्क करें,
ताकि उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। वन विभाग की यह पहल स्थानीय वनवासियों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस अभियान में उप वन संरक्षक श्री सुरेश अग्रवाल, रेंजर श्री दिलीप सिंह गोड तथा वनपाल श्री शैतान सिंह का विशेष योगदान रहा। सौजन्य : उप वन संरक्षक, प्रतापगढ़ (राज.)
- दिनांक 12.03.2026 मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल, राजस्थान, जयपुर। Phone No. 0141-2610949 राजस्थान पुलिस * ऑपरेशन 750 व ऑपरेशन मदप्रलय चलाकर मध्यप्रदेश से 50,000 के दो ईनामी तस्कर दबोचे व सवा पांच करोड़ की लगभग एक क्विंटल से अधिक अवैध अफीम दुध बरामद। * छः अलग-अलग कार्यवाहियों में एएनटीएफ का नशे के काले साम्राज्य पर वज्र प्रहार। * कुल 12 अवैध मादक पदार्थ तस्कर दस्तयाब । एएनटीएफ महानिरीक्षक पुलिस श्री विकास कुमार ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, श्री एम.एन. दिनेश के महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देशन के बाद एक और लगातार प्रभावी कड़ी के रूप में लगातार ANTF ने गठन के बाद अवैध मादक पदार्थों की धरपकड के साथ ही वर्षों से फरार चल रहे मादक द्रव्य के ईनामी तस्कर व अन्य तस्करों को सलाको के पीछे डालने का काम परवान पर है इसी क्रम में प्रथम कार्यवाहीं में "आपॅरेशन 760" के तहत टीम कोटा व झालावाड़ द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक, झालावाड़ द्वारा घोषित 25000-25000 रूपये के दो वाछिंत ईनामी अपराधी गोपाल सिंह पुत्र मांग सिंह जाति सौंधिया उम्र 28 साल राजपूत निवासी आमलिया खेड़ा थाना मिश्रोली जिला झालावाड़ व नरेंद्र सिंह पुत्र विजय सिंह जाति सौंधिया उम्र 35 साल राजपूत निवासी झिझनी थाना मिश्रोली जिला झालावाड को मध्यप्रदेश के आगर जिले के बड़ोद थाना क्षेत्र से दबोचने में सफलता हासिल की है, "ऑपरेशन मदप्रलय" के तहत द्वितीय कार्यवाही में जालौर जिले के सांचोर थाना क्षेत्र से 81 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम का दूध बरामद, दो आरोपी दस्तयाब, एक वाहन स्कॉर्पीयो जब्त, तृतीय कार्यवाही में भीलवाड़ा जिले के रायला थाना क्षेत्र से करीब 22 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम बरामद तीन आरोपी दस्तयाब व एक वाहन पीकअप बोलेरो जब्त, चर्तुथ कार्यवाही में ब्यावर जिले के रायपुर क्षेत्र से 41 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद, दो आरोपी दस्तयाब एक कार जब्त पंचम कार्यवाही में भीलावाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र से 527 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम बरामद, दो आरोपी दस्तयाब व एक मोटरसाईकल जब्त, षष्टम कार्यवाही में उदयपुर जिले के कोटड़ा थाना क्षेत्र से 5 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद, एक आरोपी दस्तयाब।1
- रिपोर्टर अनिल जटिया हनी ट्रैप का विरोध करने पर महिला से मारपीट, पति पर जान से मारने की कोशिश का आरोप पुलिस पर भी शिकायत नहीं लेने का आरोप, एसपी से लगाई न्याय की गुहार प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी क्षेत्र में एक महिला ने अपने ही पति पर मारपीट कर जान से मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पार्वती मोगिया, निवासी जलोदा जागीर, तहसील छोटीसादड़ी ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पति जीतू मोगिया कथित रूप से कुछ महिलाओं के साथ मिलकर हनी ट्रैप जैसे मामलों में लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने का काम करता है। महिला का आरोप है कि 13 जून 2025 को हुए एक हनी ट्रैप मामले का खुलासा होने के बाद जब उसने इस तरह के काम का विरोध किया तो उसके पति और साथियों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की कोशिश की। किसी तरह अपनी जान बचाकर वह आवेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां डर के कारण करीब पांच दिन तक रुकी रही। इसके बाद वह 11 मार्च 2026 को अपने पीहर बारावरदा पहुंची। महिला का कहना है कि उसने इस मामले में धमोतर थाना और जलोदा जागीर थाना में शिकायत देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने जिला पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे न्याय दिलाया जाए, क्योंकि उसे अपने ही पति से जान का खतरा बना हुआ है। बाइट “मेरे पति महिलाओं के साथ मिलकर लोगों को फंसाने का काम करते हैं। जब मैंने इसका विरोध किया तो मेरे साथ मारपीट की गई और जान से मारने की कोशिश की गई। मुझे न्याय दिलाया जाए।” — पार्वती मोगिया, पीड़िता। रिपोर्टर अनिल जटिया1
- Post by Baba2
- शामगढ़ रेलवे स्टेशन पर तीन प्लेटफार्म वर्तमान में है शामगढ़ रेलवे स्टेशन का अमृत भारत अभियान के तहत आधुनिक तकनीक से बनाया जा रहा है ।वही शामगढ़ रेलवे प्लेटफार्म का विस्तार करते हुए बनाया जाएगा प्लेटफार्म नंबर 4 मिली प्लेटफार्म 4 बनाने को लेकर मंजूरी मिली जानकारी1
- Post by Mangal Dev rathore1
- Post by न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा4
- जबलपुर में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। शासन के नए नियम के अनुसार अब घरेलू गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग 25 दिन बाद ही की जा सकेगी। वहीं गैस सिलेंडर की कीमतों में भी करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। संदेश गैस सेवा के संचालक सुनील प्रजापति ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि नए नियम के तहत उपभोक्ता अब 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर सकेंगे। वहीं फिलहाल सर्वर डाउन होने की वजह से बुकिंग में भी परेशानी देखी जा रही है। गैस एजेंसियों के अनुसार घरेलू सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और बुकिंग के बाद 2 से 3 दिन के भीतर होम डिलीवरी दी जा रही है। रिपोर्ट: वाजिद खान जबलपुर, मध्यप्रदेश Navrajya Times – सच की आवाज1
- प्रतापगढ़। रंग तेरस के अवसर पर शहर के वन विभाग रेंजर कार्यालय के बाहर हर्बल गुलाल विक्रय केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्घाटन श्री सुरेश अग्रवाल द्वारा फीता काटकर किया गया। वन विभाग द्वारा बीते कई वर्षों से हर्बल गुलाल का विक्रय किया जा रहा है। यह गुलाल पारंपरिक एवं देसी तरीके से तैयार की जाती है। वर्तमान समय में बाजार में उपलब्ध रासायनिक गुलाल से त्वचा को नुकसान होने की आशंका रहती है, जबकि हर्बल गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण त्वचा के लिए सुरक्षित मानी जाती है। वन विभाग द्वारा तैयार की जाने वाली यह गुलाल विभिन्न प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से बनाई जाती है, जिनमें पलाश, अमलताश, गुलाब, बोगनवेलिया, हरी पत्तियां, रातरानी और गुड़हल प्रमुख हैं। इसके साथ ही प्रतापगढ़ वन मंडल क्षेत्र में मौसमी गौण वन उपज भी मांग के अनुसार न्यूनतम उचित मूल्य पर उपलब्ध करवाई जा रही है। वन विभाग ने क्षेत्र के वनवासी निवासियों से अपील की है कि वे अपनी गौण वन उपज को यहां विक्रय करने के लिए संपर्क करें, ताकि उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। वन विभाग की यह पहल स्थानीय वनवासियों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस अभियान में उप वन संरक्षक श्री सुरेश अग्रवाल, रेंजर श्री दिलीप सिंह गोड तथा वनपाल श्री शैतान सिंह का विशेष योगदान रहा। सौजन्य : उप वन संरक्षक, प्रतापगढ़ (राज.)4