जनपद अभनपुर की ग्राम पंचायत जौंदी में आयोजित ग्राम सभा की बैठक के दौरान उपसरपंच के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का गंभीर मामला सामने आया है। उपसरपंच पोखन लाल यदु ने इस संबंध में थाना गोबरा नवापारा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें सरपंच पुत्र टोमन साहू सहित सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 24 जून को ग्राम सभा की बैठक के दौरान हुई, जब प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर चर्चा चल रही थी। इस दौरान सूची में कुछ नामों के शामिल न होने को लेकर विवाद शुरू हो गया। उपसरपंच का आरोप है कि इसी विवाद के बीच सरपंच पुत्र और उसके साथियों ने उनका कॉलर पकड़ा, गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उन्हें चोटें भी आईं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना का वीडियो भी बनाया गया है। उपसरपंच ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जनपद अभनपुर की ग्राम पंचायत जौंदी में आयोजित ग्राम सभा की बैठक के दौरान उपसरपंच के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का गंभीर मामला सामने आया है। उपसरपंच पोखन लाल यदु ने इस संबंध में थाना गोबरा नवापारा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें सरपंच पुत्र टोमन साहू सहित सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 24
जून को ग्राम सभा की बैठक के दौरान हुई, जब प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर चर्चा चल रही थी। इस दौरान सूची में कुछ नामों के शामिल न होने को लेकर विवाद शुरू हो गया। उपसरपंच का आरोप है कि इसी विवाद के बीच सरपंच पुत्र और उसके साथियों ने उनका कॉलर पकड़ा, गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी
आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उन्हें चोटें भी आईं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना का वीडियो भी बनाया गया है। उपसरपंच ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
- छत्तीसगढ़ राज्य के धरसींवा में पत्रकारों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। यह शक्ति प्रदर्शन पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करने की तेज होती मांग के बीच किया गया है। इस प्रदर्शन के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह केवल न्याय की मांग है या फिर यह एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है। पत्रकारों की ओर से उठाई गई इस पुकार के बाद, यह देखना होगा कि क्या सरकार उनकी मांगों को सुनेगी।1
- जनपद अभनपुर की ग्राम पंचायत जौंदी में आयोजित ग्राम सभा की बैठक के दौरान उपसरपंच के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का गंभीर मामला सामने आया है। उपसरपंच पोखन लाल यदु ने इस संबंध में थाना गोबरा नवापारा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें सरपंच पुत्र टोमन साहू सहित सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 24 जून को ग्राम सभा की बैठक के दौरान हुई, जब प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर चर्चा चल रही थी। इस दौरान सूची में कुछ नामों के शामिल न होने को लेकर विवाद शुरू हो गया। उपसरपंच का आरोप है कि इसी विवाद के बीच सरपंच पुत्र और उसके साथियों ने उनका कॉलर पकड़ा, गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उन्हें चोटें भी आईं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना का वीडियो भी बनाया गया है। उपसरपंच ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।3
- उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग पर बुलेट मोटरसाइकिलों की खरीद में ₹8 लाख के बड़े घोटाले का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, विभाग ने ₹3 लाख की वास्तविक कीमत वाली बुलेट को ₹11 लाख में खरीदा है, जिसके चलते प्रत्येक बुलेट की खरीद में ₹8 लाख का कथित घोटाला हुआ है। यह गंभीर आरोप फायरमैन जितेंद्र राठौर ने लगाए हैं। उन्होंने लखनऊ में एक अग्निकांड स्थल पर पहुँचकर इस घोटाले का पर्दाफाश किया, जो अग्निशमन विभाग के भीतर कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।1
- 25 जून 2026 को तिल्दा-नेवरा के ग्राम कुंदरु में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना द्वारा एक "जबर सदस्यता अभियान" का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों, युवाओं एवं महिलाओं ने भाग लेकर इन संगठनों की सदस्यता ग्रहण की। बैठक के दौरान क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और लंबित आवेदनों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें प्रमुख रूप से किसानों को समय पर खाद और कृषि संसाधन उपलब्ध नहीं होने, औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत ठेका मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिलने, तथा श्रमिकों के अधिकारों एवं हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने इन समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित विभागों एवं प्रबंधन तक आवाज पहुंचाने का संकल्प लिया। साथ ही, किसानों, मजदूरों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आगामी दिनों में जनआंदोलन एवं संघर्ष की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा कर उसकी रूपरेखा तैयार की गई। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, छत्तीसगढ़ी अस्मिता एवं जनहित के मुद्दों पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने "जात-पात के करव बिदाई, छत्तीसगढ़िया भाई-भाई" का संदेश देते हुए सभी वर्गों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ के हित में कार्य करने की अपील की।3
- छत्तीसगढ़ के धरसींवा में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ (CPM) के बैनर तले पत्रकारों ने कथित फर्जी मुकदमों, झूठी एफआईआर और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में पैदल मार्च निकाला। इस विरोध मार्च के बाद, उन्होंने थाना प्रभारी के माध्यम से पुलिस महानिदेशक और प्रदेश के गृहमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर बस्तर और बिलासपुर संभाग में, उनके विरुद्ध लगातार झूठे प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस प्रकार की कार्रवाई से पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मार्च के दौरान, पत्रकारों ने माँग की कि उन्हें निष्पक्ष रूप से कार्य करने के लिए एक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए और बिना किसी ठोस आधार के दर्ज किए जाने वाले मामलों पर तत्काल रोक लगाई जाए। CPM के सदस्यों ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से टेलीफोन पर चर्चा कर पत्रकार सुरक्षा विधेयक को शीघ्र लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राजधानी रायपुर के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। पत्रकार महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि पत्रकारों के उत्पीड़न की घटनाएँ नहीं रुकीं और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन के सदस्यों ने यह भी बताया कि वे जल्द ही प्रदेश के गृहमंत्री से मुलाकात कर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की अपनी माँग रखेंगे।4
- टाउनशिप में मकान खाली करने के नोटिस को लेकर विधायक देवेन्द्र ने अपना कड़ा विरोध जताया है और आंदोलन की चेतावनी दी है। यह नोटिस टाउनशिप सेक्टर एरिया में स्थित कंपनी के सभी क्वाटरों को खाली कराने के उद्देश्य से भेजा जा रहा है। इस मुद्दे के कारण प्रभावित परिवारों में गंभीर चिंता का माहौल है, वहीं यह मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का एक प्रमुख विषय बना हुआ है।1
- गरियाबंद पुलिस ने किसानों के हितों की रक्षा तथा आवश्यक कृषि सामग्री की कालाबाजारी और अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के अपने अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में देवभोग थाना क्षेत्र के तेतलखुटी गाँव में अवैध रूप से ले जाई जा रही 126 क्विंटल डीएपी (DAP) खाद और उसे ढोने वाले मेंटाडोर आइशर वाहन को जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत ₹8.78 लाख आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर देवभोग पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर मेंटाडोर आइशर वाहन क्रमांक CG 07 CK 3719 को रोका और उसकी जाँच की। वाहन से डीएपी खाद की कुल 280 बोरियाँ बरामद हुईं, जिनमें प्रत्येक में लगभग 45 किलोग्राम खाद थी, यानी कुल 12,600 किलोग्राम (126 क्विंटल) खाद जब्त की गई। इस खाद का अनुमानित बाजार मूल्य ₹3,78,000/- है। वाहन चालक युधिष्ठिर दनता (पिता भोट राम दनता, उम्र 42 वर्ष, निवासी इन्दागांव, थाना इन्दागांव, जिला गरियाबंद, छत्तीसगढ़) से जब परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज माँगे गए, तो वह संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने डीएपी खाद और ₹5,00,000/- अनुमानित कीमत वाले मेंटाडोर वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने इस प्रकरण में कुल ₹8,78,000/- मूल्य की संपत्ति जब्त की है और इसकी सूचना संबंधित कृषि विभाग को भेज दी गई है। वर्तमान में खाद के स्रोत, उसके गंतव्य स्थान और इस अवैध परिवहन में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जाँच चल रही है, जिसके आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गरियाबंद पुलिस ने किसानों के हितों के संरक्षण और कालाबाजारी पर नियंत्रण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए यह अपील भी की है कि यदि किसी को भी खाद, बीज या अन्य कृषि सामग्री के अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध परिवहन की जानकारी मिले, तो वे तुरंत निकटतम पुलिस थाने या संबंधित विभाग को सूचित करें; सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ के गोबरा नवापारा नगर में विद्युत विभाग द्वारा गंज रोड पर चलाए जा रहे मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला सामने आया है। व्यस्त मुख्य मार्ग पर बिजली लाइन बंद करके किए जा रहे इस कार्य में कई फीट की ऊंचाई पर श्रमिक बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों, जैसे सुरक्षा बेल्ट और हेलमेट, के काम करते देखे गए। इस दृश्य को देखकर राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में गहरी चिंता फैल गई और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे श्रमिकों की जान जोखिम में डालने वाला कार्य बताया, यह सवाल उठाते हुए कि यदि कोई अप्रिय घटना घटती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती। लोगों ने विद्युत विभाग के इस कार्यप्रणाली को 'जोखिम वाला सर्कस' करार देते हुए विभाग पर सवाल खड़े किए। नागरिकों ने यह भी कहा कि विभाग आम उपभोक्ताओं की छोटी-मोटी गलतियों पर तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन अपने स्वयं के कार्यों में अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता है। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी संभावित हादसे से बचने के लिए बिना सुरक्षा उपकरणों के श्रमिकों से जोखिमपूर्ण कार्य न कराने की मांग की है।2