रा.उ.मा.वि. खबडाला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी रिकॉर्ड में 17 शिक्षकों का स्टाफ दर्ज है, बाड़मेर जिले की पंचायत समिति गडरारोड़ के अंतर्गत आने वाले रा.उ.मा.वि. खबडाला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी रिकॉर्ड में 17 शिक्षकों का स्टाफ दर्ज है, लेकिन हकीकत में मौके पर सिर्फ 2 शिक्षक ही मौजूद मिलते हैं। ग्रामीणों ने जब स्कूल जाकर जांच की तो पूरा मामला सामने आया। उनका आरोप है कि बाकी शिक्षक हफ्ते में एक बार आते हैं, सिर्फ हस्ताक्षर करते हैं और फिर चले जाते हैं। इतना ही नहीं, बच्चों ने खुद बताया कि जो दो शिक्षक आते भी हैं, वो भी ज्यादातर समय ऑफिस में बैठकर मोबाइल चलाते रहते हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही से बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। अब ग्रामीणों की मांग है कि 👉 सभी शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए 👉 खाली पदों को भरा जाए 👉 और स्कूल में पढ़ाई सही तरीके से शुरू करवाई जाए अब बड़ा सवाल ये है कि सरकारी सिस्टम में दर्ज 17 शिक्षक आखिर कहां हैं? और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे?
रा.उ.मा.वि. खबडाला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी रिकॉर्ड में 17 शिक्षकों का स्टाफ दर्ज है, बाड़मेर जिले की पंचायत समिति गडरारोड़ के अंतर्गत आने वाले रा.उ.मा.वि. खबडाला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी रिकॉर्ड में 17 शिक्षकों का स्टाफ दर्ज है, लेकिन हकीकत में मौके पर सिर्फ 2 शिक्षक ही मौजूद मिलते हैं। ग्रामीणों ने जब स्कूल जाकर जांच की तो पूरा मामला सामने आया। उनका आरोप है कि बाकी शिक्षक हफ्ते में एक बार आते हैं, सिर्फ हस्ताक्षर करते हैं और फिर चले जाते हैं। इतना ही नहीं, बच्चों ने खुद बताया कि जो दो शिक्षक आते भी हैं, वो भी ज्यादातर समय ऑफिस में बैठकर मोबाइल चलाते रहते हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही से बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। अब ग्रामीणों की मांग है कि 👉 सभी शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए 👉 खाली पदों को भरा जाए 👉 और स्कूल में पढ़ाई सही तरीके से शुरू करवाई जाए अब बड़ा सवाल ये है कि सरकारी सिस्टम में दर्ज 17 शिक्षक आखिर कहां हैं? और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे?
- बाड़मेर जिले की पंचायत समिति गडरारोड़ के अंतर्गत आने वाले रा.उ.मा.वि. खबडाला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी रिकॉर्ड में 17 शिक्षकों का स्टाफ दर्ज है, लेकिन हकीकत में मौके पर सिर्फ 2 शिक्षक ही मौजूद मिलते हैं। ग्रामीणों ने जब स्कूल जाकर जांच की तो पूरा मामला सामने आया। उनका आरोप है कि बाकी शिक्षक हफ्ते में एक बार आते हैं, सिर्फ हस्ताक्षर करते हैं और फिर चले जाते हैं। इतना ही नहीं, बच्चों ने खुद बताया कि जो दो शिक्षक आते भी हैं, वो भी ज्यादातर समय ऑफिस में बैठकर मोबाइल चलाते रहते हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही से बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। अब ग्रामीणों की मांग है कि 👉 सभी शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए 👉 खाली पदों को भरा जाए 👉 और स्कूल में पढ़ाई सही तरीके से शुरू करवाई जाए अब बड़ा सवाल ये है कि सरकारी सिस्टम में दर्ज 17 शिक्षक आखिर कहां हैं? और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे?1
- गायक छोटू सिंह रावणा के विवादित वायरल वीडियो पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी1
- कृपया करके लाइन को ठीक करें और पानी चालू करें और पशुधन प्यासी से मार रहे हैं और टैंकरों से पानी 500 से ₹600 दे नहीं पा रहे हैं1
- जोधपुर में महिलाओं के साथ अभद्रता के बाद विवाद हो गया। एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष पर पथराव भी किया। हंगामा करने वाले युवकों पर गाड़ियों में तोड़फोड़ का भी आरोप है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों ने नारेबाजी की। घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे शहर के आचार्य का बास क्षेत्र की है। पुलिस मारपीट करने वाले युवकों की तलाश कर रही है। फिलहाल मौके पर शांति है। महिलाओं पर पथराव का आरोप पुलिस के अनुसार मेहरों के चौक क्षेत्र में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद महिलाएं भोळावणी मेले में जा रही थीं। इसी दौरान लायकान मोहल्ला की तरफ से बाइक पर आए युवकों ने महिलाओं को टक्कर मार दी। दोनों युवक भी बाइक सहित सड़क पर गिर गए। आरोप है कि दोनों नशे में थे। मदद करने वालों से की धक्का-मुक्की प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया स्थानीय लोगों ने घायल युवकों की मदद की कोशिश की, लेकिन उन्होंने धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू कर दी। भीड़ बढ़ी तो आरोपी युवक वहां से चले गए। कुछ ही देर बाद आरोपी कुछ और लोगों के साथ वापस आ गए। उन्होंने महिलाओं और स्थानीय लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पत्थरबाजी में एक स्थानीय युवक नीतेश गंभीर रूप से चोटिल हो गया। गाड़ियों और सजावट के सामान को बनाया निशाना बदमाशों ने मोहल्ले में स्वागत और रोशनी के लिए लगे सामान व लाइटों को भी तोड़ दिया। इसके अलावा, चौक में खड़ी स्थानीय लोगों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। कुछ देर उप्रदव करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। हंगामे की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे डीसीपी (पूर्व) मनीष कुमार के सामने पथराव और अभद्रता से आक्रोशित एक पक्ष के लोगों ने जमकर नारेबाजी की।1
- बालोतरा जिले के डाबली गांव में श्री गोगा महाराज, चेहर माता जी ओर जुझार जी महाराज के नवीन मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ ।इस कार्य कर्म में बहुसंख्य लोगों ने भाग लिया ।1
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- Post by Apna jalor1
- देश के 2 आईपीएस अफसरों के.के. विश्नोई और अंशिका वर्मा की शादी से पहले राजस्थान के बाड़मेर और प्रयागराज में हल्दी की रस्म हुई। शुक्रवार को धोरीमन्ना में संभल (यूपी) एसपी केके विश्नोई के घर हल्दी कार्यक्रम हुआ, वहीं बरेली एसपी अंशिका वर्मा की रस्म प्रयागराज में हुई। परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में दोनों जगह पारंपरिक तरीके से रस्म निभाई गई। पुलिस अधिकारी के तौर पर पहचान रखने वाले दोनों अफसर 29 मार्च को जोधपुर में शादी करेंगे। के.के. विश्नोई यूपी से अपने पैतृक गांव धोरीमन्ना पहुंचे, जहां उनका स्वागत किया गया। परिजनों और ग्रामीणों ने साफा और माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। घर पहुंचने पर उन्होंने पहले गांव के मंदिर और फिर घर के मंदिर में मां के साथ पूजा की। इस दौरान पारंपरिक राजस्थानी गीत भी गाए गए। रात में हल्दी रस्म, परिवार और रिश्तेदार शामिल शुक्रवार रात करीब 11 बजे हल्दी की रस्म शुरू हुई। माता-पिता और रिश्तेदारों ने रस्म निभाई। पूरे परिसर में फूलों की लड़ियां लगाई गईं और स्टेज को भी फूलों से सजाया गया। घर के आंगन और कार्यक्रम स्थल पर रोशनी की व्यवस्था की गई, जहां हल्दी की रस्म आयोजित हुई। हल्दी के दौरान के.के. विश्नोई ने जुड़ीदार पजामा और कुर्ता पहन रखा था। पारंपरिक पहनावे में वे स्टेज पर बैठे, जहां परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने उन्हें हल्दी लगाई। इस दौरान फूल बरसाए गए और कार्यक्रम में मौजूद लोग उनके आसपास एकत्र रहे। लोक कलाकारों ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए और इसके बाद परिवार व दोस्तों ने म्यूजिक पर डांस किया।1