चित्तौड़गढ़ के डूंगला ग्राम पंचायत भवन में बुधवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत 'एक पौधा मां के नाम' कार्यक्रम से हुआ। इस अवसर पर शिविर प्रभारी मोहनलाल त्रिवेदी द्वारा पौधारोपण किया गया। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा एवं पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देववृक्ष पीपल का पूजन-अर्चन व माल्यार्पण कर विधिवत पौधारोपण कराया गया। इस कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया, सामाजिक कार्यकर्ता लालसिंह मीणा, ग्राम विकास अधिकारी गिरीश शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रचेता उजाला प्रजापत, एलएस सुरता मीणा, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. कल्पना जैन, आयुर्वेद विभाग के शराफत मंसूरी, ग्रामीण रोड़ीलाल मेहता तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के दशरथ सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर ही कई सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिया गया। इसमें वर्षों से अपने मकानों के वैधानिक स्वामित्व से वंचित परिवारों को पुश्तैनी मकानों के पट्टे वितरित किए गए, वहीं एक दिव्यांग दंपती को निःशुल्क राजस्थान रोडवेज पास उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा व्यक्तिगत शौचालय में नाम जोड़ने, नामांतरण, खाता शुद्धिकरण, फार्मर आईडी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, चिकित्सा, आयुर्वेद एवं होम्योपैथी स्वास्थ्य जांच सहित विभिन्न कार्यों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। साथ ही भवन रहित आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक सरकारी भवनों के लिए भूमि आवंटन संबंधी आवेदन भी प्राप्त किए गए। शिविर प्रभारी मोहनलाल त्रिवेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति के कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा ने श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए पीपल को श्रेष्ठ देववृक्ष बताया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। वहीं ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया ने नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने पर जोर दिया। एक ही स्थान पर सभी सेवाएं मिलने पर ग्रामीणों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की।
चित्तौड़गढ़ के डूंगला ग्राम पंचायत भवन में बुधवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत 'एक पौधा मां के नाम' कार्यक्रम से हुआ। इस अवसर पर शिविर प्रभारी मोहनलाल त्रिवेदी द्वारा पौधारोपण किया गया। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा एवं पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देववृक्ष पीपल का पूजन-अर्चन व माल्यार्पण कर विधिवत पौधारोपण कराया गया। इस कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी
नरेश ढाबरिया, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया, सामाजिक कार्यकर्ता लालसिंह मीणा, ग्राम विकास अधिकारी गिरीश शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रचेता उजाला प्रजापत, एलएस सुरता मीणा, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. कल्पना जैन, आयुर्वेद विभाग के शराफत मंसूरी, ग्रामीण रोड़ीलाल मेहता तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के दशरथ सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर ही कई सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिया गया। इसमें वर्षों से अपने मकानों के वैधानिक स्वामित्व से वंचित परिवारों को पुश्तैनी मकानों
के पट्टे वितरित किए गए, वहीं एक दिव्यांग दंपती को निःशुल्क राजस्थान रोडवेज पास उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा व्यक्तिगत शौचालय में नाम जोड़ने, नामांतरण, खाता शुद्धिकरण, फार्मर आईडी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, चिकित्सा, आयुर्वेद एवं होम्योपैथी स्वास्थ्य जांच सहित विभिन्न कार्यों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। साथ ही भवन रहित आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक सरकारी भवनों के लिए भूमि आवंटन संबंधी आवेदन भी प्राप्त किए गए। शिविर प्रभारी मोहनलाल त्रिवेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति के कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा ने श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए पीपल को श्रेष्ठ देववृक्ष बताया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। वहीं ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया ने नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने पर जोर दिया। एक ही स्थान पर सभी सेवाएं मिलने पर ग्रामीणों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की।
- चित्तौड़गढ़ के डूंगला ग्राम पंचायत भवन में बुधवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत 'एक पौधा मां के नाम' कार्यक्रम से हुआ। इस अवसर पर शिविर प्रभारी मोहनलाल त्रिवेदी द्वारा पौधारोपण किया गया। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा एवं पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देववृक्ष पीपल का पूजन-अर्चन व माल्यार्पण कर विधिवत पौधारोपण कराया गया। इस कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया, सामाजिक कार्यकर्ता लालसिंह मीणा, ग्राम विकास अधिकारी गिरीश शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रचेता उजाला प्रजापत, एलएस सुरता मीणा, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. कल्पना जैन, आयुर्वेद विभाग के शराफत मंसूरी, ग्रामीण रोड़ीलाल मेहता तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के दशरथ सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर ही कई सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिया गया। इसमें वर्षों से अपने मकानों के वैधानिक स्वामित्व से वंचित परिवारों को पुश्तैनी मकानों के पट्टे वितरित किए गए, वहीं एक दिव्यांग दंपती को निःशुल्क राजस्थान रोडवेज पास उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा व्यक्तिगत शौचालय में नाम जोड़ने, नामांतरण, खाता शुद्धिकरण, फार्मर आईडी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, चिकित्सा, आयुर्वेद एवं होम्योपैथी स्वास्थ्य जांच सहित विभिन्न कार्यों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। साथ ही भवन रहित आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक सरकारी भवनों के लिए भूमि आवंटन संबंधी आवेदन भी प्राप्त किए गए। शिविर प्रभारी मोहनलाल त्रिवेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति के कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा ने श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए पीपल को श्रेष्ठ देववृक्ष बताया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। वहीं ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया ने नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने पर जोर दिया। एक ही स्थान पर सभी सेवाएं मिलने पर ग्रामीणों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की।4
- प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा बुधवार शाम को उदयपुर के डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुंचे। हवाई अड्डे और सर्किट हाउस में स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने उनकी भव्य अगवानी कर उनका स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री गुरुवार सुबह 10 बजे सेवा भारती योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के लोकार्पण समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद, वह उसी दिन शाम 6 बजे विमान द्वारा जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।1
- प्रतापगढ़ में स्थित श्रीराम टावर को देखने के बाद एक व्यक्ति ने अपना बेहद सकारात्मक अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि अब तक उन्होंने इस टावर को केवल सोशल मीडिया पर ही देखा था, लेकिन जब उन्होंने खुद जाकर इसे देखा तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ। यह श्रीराम टावर प्रतापगढ़ नगरपालिका के बाहर बनाया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर वे कभी भी प्रतापगढ़ जाते हैं, तो इस अनोखे श्रीराम टावर को देखना न भूलें और इसे जरूर देखकर आएं।1
- राजस्थान के धरियावद में अलग से भील प्रदेश राज्य बनाने की मांग तेज हो गई है। बुधवार को भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर उपखण्ड अधिकारी धरियावद को एक ज्ञापन सौंपा। आदिवासी कन्हैयालाल बरोड़ और रामलाल बरगोट ने जानकारी देते हुए बताया कि जिस प्रकार भारत के भीतर बोली के आधार पर अलग-अलग राज्य बने हुए हैं, उसी तरह भीली बोली के आधार पर भारत में एक अलग भील प्रदेश राज्य की मांग की जा रही है। उनका मानना है कि भील प्रदेश राज्य बनने से वे और उनका समाज सुरक्षित रहेगा। भील प्रदेश की इस मांग को लेकर बुधवार को चार राज्यों में प्रत्येक जिला और ब्लॉक स्तर पर ज्ञापन दिए गए हैं, जिसके तहत धरियावद ब्लॉक में भी यह ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि पूर्वजों की मांग और हक-अधिकारों के चलते इस मांग को पूरा किया जाए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी इस मांग की विरोधी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो वे चारों राज्यों में आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और सरकार की होगी।3
- उदयपुर के डबोक गांव के सरपंच भगवती लाल पाटीदार के खिलाफ गांव के युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। युवाओं का आरोप है कि सरपंच पिछले तीन महीने से उन्हें विकास कार्यों के नाम पर केवल झूठा आश्वासन दे रहे हैं। जब युवाओं ने गांव में सफाई और विकास की मांग की, तो सरपंच ने साफ कह दिया कि न तो पंचायत के पास पैसा है और न ही राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के पास कोई बजट है, जिससे विकास के लिए कोई पैसा पास नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तीन महीने पहले गांव के युवाओं ने मिलकर सरपंच से कचरा पात्र लगवाने और सफाई करवाने की मांग की थी, क्योंकि गंदगी के कारण पूरे गांव में बीमारियां फैल रही हैं। इसके अलावा, महादेव जी के मंदिर के पास डाले जाने वाले कचरे को वहां से हटवा कर दूसरी जगह डलवाने की भी मांग की गई थी। इस समस्या के समाधान के बजाय आज सुबह 10 बजे जब युवा ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचे, तो वहां न तो सरपंच, उप-सरपंच, सचिव मिले और न ही कोई स्टाफ मौजूद था। इस गंदगी और अव्यवस्था से परेशान होकर युवाओं ने यह कदम उठाया है। उनका सीधा आरोप है कि पिछले 5 सालों में पंचायत से जो भी पैसा पास हुआ है, उससे विकास कार्य करने के बजाय सिर्फ अपना घर भरने का काम किया गया है और ग्रामीणों को पागल बनाया गया है। युवाओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि गांव को ऐसे झूठे नेताओं की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने मांग की है कि गांव को कोई युवा या शिक्षित सरपंच मिलना चाहिए, जो ग्रामीणों की बात सुनकर डबोक गांव का वास्तविक विकास कर सके।4
- उदयपुर जिले की मावली तहसील के अंतर्गत आने वाले डबोक गांव की हालत बेहद खराब है, जहां डबोक इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थित होने के बावजूद इस गांव की सुध लेने वाला कोई नहीं है। गांव की इस बदहाली से नाराज लोगों का कहना है कि सरपंच साहब सीधे तौर पर बोल देते हैं कि न तो सरकार के पास पैसा है और न ही उनके पास कोई बजट है। ग्रामीणों के अनुसार, कचरा दिखाने के लिए उन्होंने पंचायत कार्यालय के पास कचरा डाला था, लेकिन उसे साफ कराने की बजाय सरपंच ने उसे पंचायत के ठीक सामने ही नाली में डलवा दिया। सरपंच की इस कार्यप्रणाली से नाराज होकर लोग आरोप लगा रहे हैं कि सभी मिलकर गांव को लूटने में लगे हुए हैं। इस अव्यवस्था के खिलाफ गांव के युवा साथी सुबह 9 बजे से ही पंचायत कार्यालय पर जमा हो गए थे, लेकिन दोपहर 2 बजे तक भी सरपंच वहां नहीं पहुंचे। जब सरपंच ने युवाओं को गांव में बुलाकर बात करने को कहा और युवाओं ने उन्हें पंचायत कार्यालय आने को बोला, तो सरपंच ने यह कहकर आने से मना कर दिया कि वहां कोई नहीं है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब काम ही नहीं करना तो सरकार इन्हें किस बात का पैसा दे रही है।4
- नीमच पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण शिविर में पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने करीब 53 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस शिविर के दौरान सीएम हेल्पलाइन की 15 लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर उनका समापन कराया गया। एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को सभी आवेदनों का त्वरित, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि विवाद, पुलिस कार्रवाई और अन्य जनसमस्याओं पर विशेष संवेदनशीलता से कार्रवाई करने तथा थाना स्तर पर नियमित जन शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए।1
- उदयपुर के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के भटेवर कस्बे में बुधवार को मेवाड़ संघ शिरोमणि उपप्रवर्तक जैनमुनि कोमल मुनि महाराज एवं सेवाभावी हर्षित मुनि महाराज का भव्य मंगल आगमन हुआ। जैन मुनियों के स्वागत में ग्रामीणों और समाजजनों द्वारा गांव के प्रमुख मार्गों पर बेहद आकर्षक सजावट की गई थी। इस पावन अवसर पर मुनियों के स्वागत के लिए समाजजनों की भारी भीड़ उमड़ी। इसी मंगल प्रवेश के साथ भटेवर में नवीन उपासराय (प्रवचन भवन) निर्माण कार्य का भव्य शुभारंभ किया गया। पंडितों द्वारा किए गए पवित्र वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने पूरे विधिविधान से भूमि पूजन की रस्में संपन्न कीं।1