नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शेर सिंह नामक एक व्यक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे वायरल हो रहे हैं। साझा किए जा रहे वीडियो और पोस्टों में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़कर छात्रों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर शेर सिंह ने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई, जिसे लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और यह स्पष्ट नहीं है कि शेर सिंह किस पुलिस बल से जुड़े थे, उन्होंने वास्तव में इस्तीफा दिया है या नहीं, अथवा उनकी सेवा की वर्तमान स्थिति क्या है। संबंधित विभाग की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस बीच, NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई और अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन जारी है, जबकि प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शेर सिंह नामक एक व्यक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे वायरल हो रहे हैं। साझा किए जा रहे वीडियो और पोस्टों में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़कर छात्रों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर शेर सिंह ने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई, जिसे लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और यह स्पष्ट नहीं है कि शेर सिंह किस पुलिस बल से जुड़े थे, उन्होंने वास्तव में इस्तीफा दिया है या नहीं, अथवा उनकी सेवा की वर्तमान स्थिति क्या है। संबंधित विभाग की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस बीच, NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई और अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन जारी है, जबकि प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी है।
- भावी उम्मीदवार वकील अहमद ने एक खास बातचीत में बताया कि उनकी पंचायत में कुल 17 ग्राम आते हैं। उन्होंने कहा कि वे जीतने के बाद सभी ग्राम पंचायत का बहुत अच्छे से कार्य करवाएंगे।1
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शेर सिंह नामक एक व्यक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे वायरल हो रहे हैं। साझा किए जा रहे वीडियो और पोस्टों में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़कर छात्रों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर शेर सिंह ने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई, जिसे लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और यह स्पष्ट नहीं है कि शेर सिंह किस पुलिस बल से जुड़े थे, उन्होंने वास्तव में इस्तीफा दिया है या नहीं, अथवा उनकी सेवा की वर्तमान स्थिति क्या है। संबंधित विभाग की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस बीच, NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई और अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन जारी है, जबकि प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी है।1
- NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा इस्तीफा दे दिया है। सड़कों पर उतरे लाखों छात्रों के उग्र विरोध, जंतर-मंतर पर जारी अनिश्चितकालीन प्रदर्शन और संसद के भीतर बने भारी दबाव के बाद यह फैसला सामने आया है। इस घटनाक्रम के पीछे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के तीन सबसे बड़े कारणों के साथ-साथ NTA की जवाबदेही और देश के एजुकेशन सिस्टम की कड़वी सच्चाई को प्रमुख माना जा रहा है। वर्ष 2002 से 2025 के बीच पिछले 23 सालों में 45 से ज्यादा बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक का काला इतिहास रहा है। ऐसे में यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या महज एक मंत्री के पद छोड़ने से पूरी व्यवस्था सुधर पाएगी।1
- आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता और मेरठ जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने देश के करोड़ों युवाओं के सफल आंदोलन को बधाई देते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए (NTA) अधिकारियों की बर्खास्तगी को एक ऐतिहासिक जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के व्यापक प्रदर्शन और एकजुटता ने सरकार के अहंकार को तोड़ दिया है। मोदी सरकार के 12 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब जन-दबाव में आकर किसी मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। अंकुश चौधरी के अनुसार, कृषि आंदोलन के बाद यह दूसरी बार है जब सरकार को जनता की ताकत के आगे झुकना पड़ा है। जंतर-मंतर पर एक महीने से चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक व अभिजीत दीपके के अनशन ने पूरे देश के युवाओं को एकजुट कर दिया, जिसके बाद सरकार को मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा। संघर्ष की अगली कड़ी को रेखांकित करते हुए उन्होंने मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अपनी जान गंवाने वाले 21 छात्रों के परिवारों को सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे और प्रदर्शनकारी युवाओं पर दर्ज सभी एफआईआर व कानूनी मामले तुरंत वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे से शुरू हुई यह लड़ाई अब युवाओं को रोजगार की गारंटी और सरकार की जवाबदेही तय होने तक जारी रहेगी।1
- मेरठ के डॉक्टर जाकिर हुसैन कॉलोनी में वार्ड 86 और 87 के बीच स्थित नल वाला रास्ता (फातिमा रोड) बेहद खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गया है। इलाके में सड़क पूरी तरह टूटी-फूटी पड़ी है और बिजली के लोहे के खंभे टूटने की कगार पर हैं। इन लोहे के खंभों में करंट उतरने लगा है, जिससे क्षेत्र में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। इस गंभीर समस्या पर नगर निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वार्ड 86 और 87 के दो-दो पार्षद होने के बावजूद किसी का ध्यान इस तरफ नहीं है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राज़ुद्दीन गादरे का कहना है कि इस मलिन बस्ती का कोई रखवाला नहीं है और यहाँ संक्रामक रोग फैलने का भी पूरा खतरा बना हुआ है। उन्होंने माँग की है कि नगर निगम तुरंत इस ओर ध्यान दे।1
- मेरठ के वार्ड 55 में श्याम नगर रोड और इत्तेफाक नगर के मुख्य रास्ते पर स्थानीय निवासी पानी की किल्लत और बदहाल सड़क से बेहद परेशान हैं। इलाके में पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है और हर तीसरे दिन पानी आना पूरी तरह बंद हो जाता है। पानी की समस्या के साथ-साथ यहाँ का मुख्य रास्ता भी बहुत ही खराब स्थिति में है, जिससे बच्चों और बड़ों सभी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- मेरठ के चर्चित सांप कांड मामले में दामिनी को नींद की गोलियां उपलब्ध कराने वाले झोलाछाप डॉक्टर को अरेस्ट कर लिया गया है।1