बहराइच के महसी स्थित गंगोत्री पौधशाला, एरिया में 5 जून से 21 जून तक चलने वाले प्रदेश सरकार के 'खेत बचाओ अभियान' के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि विभाग, बहराइच ने गंगोत्री किसान उत्पादक संगठन के सहयोग से किसानों के बीच 'स्वस्थ मिट्टी समृद्ध किसान' के मुद्दे पर यह कार्यक्रम संचालित किया। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि विनय कुमार वर्मा ने प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि खेतों में यूरिया, डीएपी जैसे रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से खेत और उनसे प्राप्त होने वाले उत्पाद दोनों ही विषैले हो गए हैं। वर्मा जी ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति कैंसर, लीवर या किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों से ग्रसित है, और यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ रखना है तो जहर युक्त भोजन को त्याग कर प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ना होगा। एसडीओ शिशिर वर्मा ने बताया कि महसी ब्लॉक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें एरिया/करेहना ग्राम सभा भी शामिल है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि ग्राम सभा के 125 चयनित किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती कराई जाए और सभी किसान कम से कम एक या दो बीघे में प्राकृतिक खेती अवश्य करें ताकि वे स्वयं के लिए जहर मुक्त भोजन उगा सकें, जिससे धीरे-धीरे अन्य लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी और क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार होगा। एडिओ एजी राहुल गुप्ता ने किसानों को 'फंरनामिन टैप' के उपयोग से फसलों को कीटनाशकों से बचाने का तरीका समझाया और जीवाअमृत, घनजीवा अमृत जैसे जैविक उत्पाद बनाने की विधियाँ भी बताईं। गंगोत्री किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि गंगोत्री पौधशाला में उगाई जाने वाली सभी सब्जियां जैविक हैं और उनमें किसी भी प्रकार के रसायन का प्रयोग नहीं किया जाता है। एफपीओ किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी भी देता है और ब्राह्मणी, भुई आवला व तुलसी जैसे औषधीय पौधों की खेती बाई बैक एग्रीमेंट के साथ करा रहा है। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने में किसी भी समस्या का सामना कर रहे किसानों को एफपीओ से संपर्क करने को कहा, जहाँ उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। नेचुरल रेमेडीज के प्रदेश प्रभारी पीयूष मिश्रा ने भी किसानों की आय बढ़ाने के लिए औषधीय पौधों की खेती, जिसमें ब्राह्मणी, भुई आंवला व तुलसी शामिल हैं, को एफपीओ के बाई बैक एग्रीमेंट के साथ किए जाने पर जोर दिया। लोकतंत्र रक्षा सेनानी, एरिया, मिथिलेश श्रीवास्तव और खंड कारवां महसी के टीकाराम ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में, उपनिदेशक कृषि ने एफपीओ के माध्यम से बनाए जा रहे जीव अमृत, षडरस और प्राकृतिक तौर पर की जा रही सब्जियों की खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने एफपीओ द्वारा राष्ट्रीय बांस मिशन के सहयोग से की जा रही बांस की खेती, जिसे किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक बताया गया, उसे भी देखा और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एफपीओ के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर एफपीओ के लगभग 60 किसान उपस्थित रहे।
बहराइच के महसी स्थित गंगोत्री पौधशाला, एरिया में 5 जून से 21 जून तक चलने वाले प्रदेश सरकार के 'खेत बचाओ अभियान' के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि विभाग, बहराइच ने गंगोत्री किसान उत्पादक संगठन के सहयोग से किसानों के बीच 'स्वस्थ मिट्टी समृद्ध किसान' के मुद्दे पर यह कार्यक्रम संचालित किया। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि विनय कुमार वर्मा ने प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि खेतों में यूरिया, डीएपी जैसे रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से खेत और उनसे प्राप्त होने वाले उत्पाद दोनों ही विषैले हो गए हैं। वर्मा जी ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति कैंसर, लीवर या किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों से ग्रसित है, और यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ रखना है तो जहर युक्त भोजन को त्याग कर प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ना होगा। एसडीओ शिशिर वर्मा ने बताया कि महसी ब्लॉक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें एरिया/करेहना ग्राम सभा भी शामिल है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि ग्राम सभा के 125 चयनित किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती कराई जाए और सभी किसान कम से कम एक या दो बीघे में प्राकृतिक खेती अवश्य करें ताकि वे स्वयं के लिए जहर मुक्त भोजन उगा सकें, जिससे धीरे-धीरे अन्य लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी और क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार होगा। एडिओ एजी राहुल गुप्ता ने किसानों को 'फंरनामिन टैप' के उपयोग से फसलों को कीटनाशकों से बचाने
का तरीका समझाया और जीवाअमृत, घनजीवा अमृत जैसे जैविक उत्पाद बनाने की विधियाँ भी बताईं। गंगोत्री किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि गंगोत्री पौधशाला में उगाई जाने वाली सभी सब्जियां जैविक हैं और उनमें किसी भी प्रकार के रसायन का प्रयोग नहीं किया जाता है। एफपीओ किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी भी देता है और ब्राह्मणी, भुई आवला व तुलसी जैसे औषधीय पौधों की खेती बाई बैक एग्रीमेंट के साथ करा रहा है। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने में किसी भी समस्या का सामना कर रहे किसानों को एफपीओ से संपर्क करने को कहा, जहाँ उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। नेचुरल रेमेडीज के प्रदेश प्रभारी पीयूष मिश्रा ने भी किसानों की आय बढ़ाने के लिए औषधीय पौधों की खेती, जिसमें ब्राह्मणी, भुई आंवला व तुलसी शामिल हैं, को एफपीओ के बाई बैक एग्रीमेंट के साथ किए जाने पर जोर दिया। लोकतंत्र रक्षा सेनानी, एरिया, मिथिलेश श्रीवास्तव और खंड कारवां महसी के टीकाराम ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में, उपनिदेशक कृषि ने एफपीओ के माध्यम से बनाए जा रहे जीव अमृत, षडरस और प्राकृतिक तौर पर की जा रही सब्जियों की खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने एफपीओ द्वारा राष्ट्रीय बांस मिशन के सहयोग से की जा रही बांस की खेती, जिसे किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक बताया गया, उसे भी देखा और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एफपीओ के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर एफपीओ के लगभग 60 किसान उपस्थित रहे।
- बहराइच में रिसिया पुलिस ने एक चोरी का सनसनीखेज़ खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को 24 घंटे के भीतर चोरी के आभूषणों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर नरसिंहडीहा पर जाल बिछाया गया और दबिश देकर शातिर चोर मुकीम को धर-दबोचा गया। आरोपी मुकीम के कब्जे से 2 झुमकी, 2 कान की बाली, 1 मंगलसूत्र और अन्य आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में चोरी की अन्य वारदातों से जुड़े अहम सुराग मिलने की भी चर्चा है। आरोपी के खिलाफ चोरी और माल बरामदगी का मामला दर्ज किया गया है, और कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।1
- जनपद बहराइच में जून माह का खाद्यान्न वितरण अभी तक नहीं किया गया है, जिसके चलते एक बड़े खाद्यान्न घोटाले की आशंका जताई जा रही है। शिवसेना जिला प्रमुख बहराइच, अर्जुन पंडित शिवाकांत ने माननीय मुख्यमंत्री जी से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आरोप है कि 14 ब्लॉक के सभी कोटेदार खाद्यान्न को "बंदर बांट" कर ब्लैक मार्केटिंग करना चाहते हैं, और यदि जिले के अधिकारी इसमें शामिल न होते तो वितरण 7 तारीख से ही शुरू हो जाता। शिकायत में कहा गया है कि खाद्यान्न वितरण न होने का मुख्य कारण उसका "बंदर बांट" कर ब्लैक मार्केटिंग करना और बेच देना है। इस स्थिति के चलते करोड़ों रुपए का खाद्यान्न घोटाला होने का आरोप लगाया गया है। यह दशा तेजवापुर, फखरपुर, जरवल, पयागपुर, चितौरा, मिहींपुरवा, शिवपुर, महसी, कैसरगंज, हुजूरपुर, रिसिया और बलहा विकासखंडों सहित कई लिखित ब्लॉकों में बताई गई है। अर्जुन पंडित शिवाकांत ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि एक उच्च स्तरीय टीम बनाकर इस बात की जांच कराई जाए कि आखिर खाद्यान्न अब तक क्यों वितरित नहीं कराया गया। उन्होंने जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने की भी मांग की है, यह कहते हुए कि सारा भ्रष्टाचार उन्हीं के द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने इस करोड़ों रुपए के खाद्यान्न घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें जेल भेजने की अपील की है।1
- भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें एक तस्कर को तेरह लाख रुपये मूल्य की चरस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई सीमा पार से होने वाले अपराधों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई, जो भारतीय पुलिस और एसएसबी द्वारा चलाए जा रहे ड्रग माफिया विरोधी अभियानों का हिस्सा है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार दोपहर बाद दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। यह विवाद एक किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप को लेकर शुरू हुआ। आक्रोशित लोगों ने आरोपी युवक के घर पहुंचकर जमकर पथराव किया और वहां की रेलिंग तोड़ दी। इसके बाद, भीड़ ने आरोपी युवक के सहयोगी की आटा चक्की में भी आग लगाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर तीन थानों की पुलिस तैनात की गई है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।3
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बहराइच पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक वृंदजीत श्रीवास्तव के नेतृत्व में, भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर पैदल रूट मार्च किया गया। इस रूट मार्च में पुलिस अधीक्षक वृंदजीत श्रीवास्तव के साथ अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर नारायण दत्त मिश्रा और कोतवाली नगर प्रभारी बृजेंद्र कुमार मिश्रा भी शामिल रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और उपस्थित लोगों से शांति तथा भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बहराइच पुलिस का यह शक्ति प्रदर्शन अमन-चैन बनाए रखने और मोहर्रम के त्योहार को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- बहराइच जिले में शिव बारात की शोभायात्रा के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक आम की डाल टूट जाने के कारण यात्रा रुक गई। बाबा बूढ़ेश्वर नाथ मंदिर से काली मंदिर की ओर वापस लौट रही हजारों लोगों की इस शोभायात्रा के रुकने के बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक गाली-गलौज हुई। इस बीच, वैबाही चौकी के कॉन्स्टेबल फैजल खान पर आरोप है कि उन्होंने अश्लील गालियां दीं और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त करने की धमकी देते हुए कहा कि "हम भगवान को नहीं मानते हैं" और ज्यादा उपद्रव करने पर सबको अंदर कर देने की बात कही। कांस्टेबल के इस रवैये से आक्रोशित शोभायात्रा के आयोजकों ने वहीं धरना शुरू कर दिया और मांग की कि जब तक फैजल खान को लाइन हाजिर नहीं किया जाता, तब तक वे धरना नहीं हटाएंगे। घटना की सूचना मिलने पर SO प्रदीप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शोभायात्रा निकालने वाले व्यक्तियों को आश्वासन दिया कि फैजल खान को जल्द ही लाइन हाजिर किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर मूर्ति स्थापना करने का आग्रह किया। हालांकि, शोभायात्रा निकालने वाले लोगों का स्पष्ट कहना है कि फैजल खान को लाइन हाजिर किए जाने तक उनका धरना जारी रहेगा।1
- आगामी मोहर्रम के त्यौहार के मद्देनज़र बहराइच पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में, बहराइच पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, क्षेत्राधिकार नगर नारायण दत्त मिश्रा और कोतवाली नगर प्रभारी बृजेंन्द्र कुमार मिश्रा ने पुलिस बल के साथ मिलकर शहर में पैदल रूट मार्च किया।1
- माननीय मुख्यमंत्री जी से जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक करोड़ रुपये के जेवरात की बरामदगी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई है। बताया गया है कि 17 साल पहले मुदित अग्रवाल की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात पुलिस ने मालखाने में जमा करवाए थे। जब अग्रवाल का मुकदमा न्यायालय से समाप्त हुआ और उन्होंने अपने जेवरात वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, तो जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस ने लिखित बयान देकर चौंकाने वाला दावा किया। पुलिस के अनुसार, सोने के जेवरात पानी में भीगने से खराब हो गए थे और उन्हें सूखने के लिए छत पर पोटलों में रखा गया था, जहाँ से बंदर उन्हें उठा ले गए। इस अजीबोगरीब दावे पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या जनपद लखीमपुर खीरी की पुलिस ईमानदार है या भ्रष्टाचार में संलिप्त है। आरोप लगाया गया है कि जिले में सबसे ज्यादा गुंडागर्दी, भू-माफिया गर्दी, गैंगवार और अवैध असलहा फैक्ट्रियां चलती हैं, लेकिन वहाँ की 'निकम्मी पुलिस' कोई कार्रवाई नहीं करती। यह भी कहा गया है कि पुलिस का एकमात्र काम अवैध धन वसूली है, जिसमें ईसानगर और धौरहरा क्षेत्र में सर्वाधिक वसूली होती है, और वहाँ के क्षेत्र अधिकारी व थाना प्रभारी दोनों ही 'करप्ट और भ्रष्टाचारी' हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि लखीमपुर खीरी प्रशासन पर मुकदमा पंजीकृत हो और एक करोड़ रुपये के जेवरात बरामद करवाए जाएं।1