logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

अपनी दिनचर्या वदल लीजिये वरना यमराज से बेसमय मुलाकात हो जाना तय है यह वीडियो सभी को अवश्य देखना चाहिये🌹

6 hrs ago
user_Kanhaiya lal
Kanhaiya lal
Doctor भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

अपनी दिनचर्या वदल लीजिये वरना यमराज से बेसमय मुलाकात हो जाना तय है यह वीडियो सभी को अवश्य देखना चाहिये🌹

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • अपनी दिनचर्या वदल लीजिये वरना यमराज से बेसमय मुलाकात हो जाना तय है यह वीडियो सभी को अवश्य देखना चाहिये🌹
    1
    अपनी दिनचर्या वदल लीजिये वरना यमराज से बेसमय मुलाकात हो जाना तय है यह वीडियो सभी को अवश्य देखना चाहिये🌹
    user_Kanhaiya lal
    Kanhaiya lal
    Doctor भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • लाखी गंगादासपुर में हरे पेड़ों की कटाई, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल लाखी गंगादासपुर में हरे पेड़ों की कटाई, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल महेवा (इटावा)। महेवा विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत लाखी गंगादासपुर में हरे पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अभी तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार पेड़ पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और लगातार पेड़ों की कटाई से क्षेत्र में हरियाली प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जांच कराकर यह पता लगाया जाए कि किन परिस्थितियों में पेड़ों की कटाई की जा रही है और इसके लिए संबंधित लोगों के पास वैध अनुमति है या नहीं। मामले की जानकारी के लिए जब वन विभाग से संपर्क किया गया तो विभाग की ओर से बताया गया कि काटे जा रहे पेड़ छूट वाले पेड़ हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यदि पेड़ों की कटाई नियमों के तहत हो रही है तो संबंधित अनुमति और प्रक्रिया की भी जांच सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनियमितता की आशंका न रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मौके पर पहुंचकर पेड़ों की कटाई की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करता है।
    3
    लाखी गंगादासपुर में हरे पेड़ों की कटाई, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
लाखी गंगादासपुर में हरे पेड़ों की कटाई, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
महेवा (इटावा)। महेवा विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत लाखी गंगादासपुर में हरे पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अभी तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार पेड़ पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और लगातार पेड़ों की कटाई से क्षेत्र में हरियाली प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जांच कराकर यह पता लगाया जाए कि किन परिस्थितियों में पेड़ों की कटाई की जा रही है और इसके लिए संबंधित लोगों के पास वैध अनुमति है या नहीं।
मामले की जानकारी के लिए जब वन विभाग से संपर्क किया गया तो विभाग की ओर से बताया गया कि काटे जा रहे पेड़ छूट वाले पेड़ हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यदि पेड़ों की कटाई नियमों के तहत हो रही है तो संबंधित अनुमति और प्रक्रिया की भी जांच सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनियमितता की आशंका न रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मौके पर पहुंचकर पेड़ों की कटाई की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करता है।
    user_Deepish gautam
    Deepish gautam
    Local News Reporter भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • इटावा में नहर में कूदी महिला की पुलिस ने बचाई जान इटावा में पुलिस की तत्परता से एक महिला की जान बच गई। लवेदी थाना क्षेत्र के चंद्रपुर नहर पुल पर महिला ने पारिवारिक और घरेलू क्लेश से परेशान होकर आत्महत्या के इरादे से नहर में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना 19 अगस्त 2026 की शाम करीब 5:35 बजे की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना लवेदी पुलिस टीम चंद्रपुर नहर पुल पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक महिला ने अचानक नहर में छलांग लगा दी। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए नहर में उतरकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुधा सिंह पत्नी स्वर्गीय राकेश सिंह, निवासी ग्राम एवं थाना लवेदी, जिला इटावा बताया। महिला ने बताया कि घरेलू और पारिवारिक क्लेश के कारण उसने यह कदम उठाया था। पुलिस ने तत्काल महिला के पुत्र दिलीप सिंह को फोन कर मौके पर बुलाया। आवश्यक काउंसलिंग और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को उसके पुत्र के सुपुर्द कर सकुशल घर भेज दिया गया। पुलिस की इस साहसिक और मानवीय कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की। समय रहते पुलिस के पहुंचने से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
    1
    इटावा में नहर में कूदी महिला की पुलिस ने बचाई जान
इटावा में पुलिस की तत्परता से एक महिला की जान बच गई। लवेदी थाना क्षेत्र के चंद्रपुर नहर पुल पर महिला ने पारिवारिक और घरेलू क्लेश से परेशान होकर आत्महत्या के इरादे से नहर में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना 19 अगस्त 2026 की शाम करीब 5:35 बजे की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना लवेदी पुलिस टीम चंद्रपुर नहर पुल पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक महिला ने अचानक नहर में छलांग लगा दी। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए नहर में उतरकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुधा सिंह पत्नी स्वर्गीय राकेश सिंह, निवासी ग्राम एवं थाना लवेदी, जिला इटावा बताया। महिला ने बताया कि घरेलू और पारिवारिक क्लेश के कारण उसने यह कदम उठाया था।
पुलिस ने तत्काल महिला के पुत्र दिलीप सिंह को फोन कर मौके पर बुलाया। आवश्यक काउंसलिंग और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को उसके पुत्र के सुपुर्द कर सकुशल घर भेज दिया गया।
पुलिस की इस साहसिक और मानवीय कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की। समय रहते पुलिस के पहुंचने से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
    user_Ashraf Ansari
    Ashraf Ansari
    Journalist इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • फर्जी ‘एग्रो मार्ट’ का खेल बेनकाब,किसानों-व्यापारियों से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी का खुलासा सरगना समेत 4 आरोपी गिरफ्तार, 7.10 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का चला पता
    1
    फर्जी ‘एग्रो मार्ट’ का खेल बेनकाब,किसानों-व्यापारियों से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी का खुलासा सरगना समेत 4 आरोपी गिरफ्तार, 7.10 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का चला पता
    user_देवेन्द्र सिंह
    देवेन्द्र सिंह
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • इटावा में बिना फिटनेस संचालित बताई जा रहे 132 स्कूली बन वाहनों को नोटिस आरटीओ उमा परवीन **इटावा ब्रेकिंग** इटावा में बिना फिटनेस संचालित बताए जा रहे **132 स्कूली वाहनों को नोटिस** और **20 वाहनों को सीज** किए जाने की कार्रवाई के बाद अब कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि अगर इतने बड़े पैमाने पर स्कूली वाहन लंबे समय से फिटनेस मानकों के बिना सड़कों पर संचालित हो रहे थे, तो **अब तक जिम्मेदार प्रवर्तन अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी?** इटावा की नवागंतुक **ARTO प्रवर्तन हुमा परवीन** के एक्शन मोड में आने की चर्चा के बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि पूर्व में वाहन चेकिंग और फिटनेस व्यवस्था की नियमित निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी। वहीं, कुछ वाहन चालकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि चेकिंग के दौरान ऐसे चालान भी किए जा रहे हैं जिनकी राशि वाहन की वास्तविक कीमत या आर्थिक क्षमता की तुलना में बेहद अधिक है। **इन आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।** यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिन वाहनों पर कार्रवाई की गई, उनमें से प्रत्येक की फिटनेस स्थिति क्या थी, पूर्व में कितनी बार जांच हुई, नोटिस कब-कब जारी हुए और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने पहले क्या कार्रवाई की। **मामला केवल चालान या सीज करने तक सीमित नहीं होना चाहिए।** अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो वाहन संचालकों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि विभागीय स्तर पर लंबे समय तक लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। वहीं, गरीब और छोटे वाहन संचालकों के साथ यदि नियमों के नाम पर मनमानी या अनुचित कार्रवाई के आरोप सामने आ रहे हैं, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। **इसी को लेकर जिलाधिकारी इटावा से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए—** कितने स्कूली वाहन बिना फिटनेस चल रहे थे, इतने समय तक विभागीय स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, पूर्व में किस अधिकारी ने कितनी जांच की और वर्तमान कार्रवाई में नियमों का पालन किस तरह किया गया। *जनता का सवाल सीधा है-* *अगर आज कार्रवाई जरूरी थी, तो कल तक निगरानी कौन कर रहा था?* *नियम सबके लिए समान होने चाहिए और कार्रवाई भी पारदर्शी एवं निष्पक्ष होनी चाहिए
    1
    इटावा में बिना फिटनेस संचालित बताई जा रहे 132 स्कूली बन वाहनों को नोटिस आरटीओ उमा परवीन
**इटावा ब्रेकिंग**
इटावा में बिना फिटनेस संचालित बताए जा रहे **132 स्कूली वाहनों को नोटिस** और **20 वाहनों को सीज** किए जाने की कार्रवाई के बाद अब कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
सवाल यह है कि अगर इतने बड़े पैमाने पर स्कूली वाहन लंबे समय से फिटनेस मानकों के बिना सड़कों पर संचालित हो रहे थे, तो **अब तक जिम्मेदार प्रवर्तन अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी?**
इटावा की नवागंतुक **ARTO प्रवर्तन हुमा परवीन** के एक्शन मोड में आने की चर्चा के बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि पूर्व में वाहन चेकिंग और फिटनेस व्यवस्था की नियमित निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी।
वहीं, कुछ वाहन चालकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि चेकिंग के दौरान ऐसे चालान भी किए जा रहे हैं जिनकी राशि वाहन की वास्तविक कीमत या आर्थिक क्षमता की तुलना में बेहद अधिक है। **इन आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।**
यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिन वाहनों पर कार्रवाई की गई, उनमें से प्रत्येक की फिटनेस स्थिति क्या थी, पूर्व में कितनी बार जांच हुई, नोटिस कब-कब जारी हुए और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने पहले क्या कार्रवाई की।
**मामला केवल चालान या सीज करने तक सीमित नहीं होना चाहिए।**
अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो वाहन संचालकों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि विभागीय स्तर पर लंबे समय तक लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
वहीं, गरीब और छोटे वाहन संचालकों के साथ यदि नियमों के नाम पर मनमानी या अनुचित कार्रवाई के आरोप सामने आ रहे हैं, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
**इसी को लेकर जिलाधिकारी इटावा से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए—**
कितने स्कूली वाहन बिना फिटनेस चल रहे थे, इतने समय तक विभागीय स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, पूर्व में किस अधिकारी ने कितनी जांच की और वर्तमान कार्रवाई में नियमों का पालन किस तरह किया गया।
*जनता का सवाल सीधा है-*
*अगर आज कार्रवाई जरूरी थी, तो कल तक निगरानी कौन कर रहा था?*
*नियम सबके लिए समान होने चाहिए और कार्रवाई भी पारदर्शी एवं निष्पक्ष होनी चाहिए
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • वीरेंद्र दुबे एडवोकेट के निधन पर शोकसभा इंटरनेशनल गुडविल सोसायटी ऑफ इंडिया
    1
    वीरेंद्र दुबे एडवोकेट के निधन पर शोकसभा
इंटरनेशनल गुडविल सोसायटी ऑफ इंडिया
    user_इटावा एक्सप्रेस etawah express
    इटावा एक्सप्रेस etawah express
    पत्रकार Etawah, Uttar Pradesh•
    16 hrs ago
  • यू पी के सभी पंचायतों को मिलेगी फ्री बाई फाई सेवा, वाई फाई लाइन विछाने का कार्य युद्ध स्तर पर औरैया, उत्तर प्रदेश सरकार सदन की प्रथम पायदान ग्राम पंचायतों को हाई टेक करके की फ्री वाई फाई सेवा उपलब्ध करा रही है, जिससे ग्राम के पंचायत स्तर के कार्य ग्राम में ही हो सके, जहाँ ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रह कर कर सकेंगे l
    1
    यू पी के सभी पंचायतों को मिलेगी फ्री बाई फाई सेवा, वाई फाई लाइन विछाने का कार्य युद्ध स्तर पर 
औरैया, उत्तर प्रदेश सरकार सदन की प्रथम पायदान ग्राम पंचायतों को हाई टेक करके की फ्री वाई फाई सेवा उपलब्ध करा रही है, जिससे ग्राम के पंचायत स्तर के कार्य ग्राम में ही हो सके, जहाँ ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रह कर कर सकेंगे l
    user_Satish pandey
    Satish pandey
    बिधूना, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
  • **इटावा ब्रेकिंग** अवैध तरीके से किये जा रहे वाहनों के चालानों को रोका जाय।।।।।।।।।।इटावा में बिना फिटनेस संचालित बताए जा रहे 132 स्कूली वाहनों को नोटिस और 20 वाहनों को सीज किए जाने की कार्रवाई के बाद अब कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि अगर इतने बड़े पैमाने पर स्कूली वाहन लंबे समय से फिटनेस मानकों के बिना सड़कों पर संचालित हो रहे थे, तो अब तक जिम्मेदार प्रवर्तन अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी? इटावा की नवागंतुक ARTO प्रवर्तन हुमा परवीन के एक्शन मोड में आने की चर्चा के बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि पूर्व में वाहन चेकिंग और फिटनेस व्यवस्था की नियमित निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी। वहीं, कुछ वाहन चालकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि चेकिंग के दौरान ऐसे चालान भी किए जा रहे हैं जिनकी राशि वाहन की वास्तविक कीमत या आर्थिक क्षमता की तुलना में बेहद अधिक है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिन वाहनों पर कार्रवाई की गई, उनमें से प्रत्येक की फिटनेस स्थिति क्या थी, पूर्व में कितनी बार जांच हुई, नोटिस कब-कब जारी हुए और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने पहले क्या कार्रवाई की। **मामला केवल चालान या सीज करने तक सीमित नहीं होना चाहिए अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो वाहन संचालकों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि विभागीय स्तर पर लंबे समय तक लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। वहीं, गरीब और छोटे वाहन संचालकों के साथ यदि नियमों के नाम पर मनमानी या अनुचित कार्रवाई के आरोप सामने आ रहे हैं, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी को लेकर जिलाधिकारी इटावा से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए—** कितने स्कूली वाहन बिना फिटनेस चल रहे थे, इतने समय तक विभागीय स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, पूर्व में किस अधिकारी ने कितनी जांच की और वर्तमान कार्रवाई में नियमों का पालन किस तरह किया गया। *जनता का सवाल सीधा है-* *अगर आज कार्रवाई जरूरी थी, तो कल तक निगरानी कौन कर रहा था? *नियम सबके लिए समान होने चाहिए और कार्रवाई भी पारदर्शी एवं निष्पक्ष होनी चाहिए।*
    1
    **इटावा ब्रेकिंग**
अवैध तरीके से किये जा रहे वाहनों के चालानों को रोका जाय।।।।।।।।।।इटावा में बिना फिटनेस संचालित बताए जा रहे 132 स्कूली वाहनों को नोटिस और 20 वाहनों को सीज किए जाने की कार्रवाई के बाद अब कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
सवाल यह है कि अगर इतने बड़े पैमाने पर स्कूली वाहन लंबे समय से फिटनेस मानकों के बिना सड़कों पर संचालित हो रहे थे, तो अब तक जिम्मेदार प्रवर्तन अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी?
इटावा की नवागंतुक ARTO प्रवर्तन हुमा परवीन के एक्शन मोड में आने की चर्चा के बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि पूर्व में वाहन चेकिंग और फिटनेस व्यवस्था की नियमित निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी।
वहीं, कुछ वाहन चालकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि चेकिंग के दौरान ऐसे चालान भी किए जा रहे हैं जिनकी राशि वाहन की वास्तविक कीमत या आर्थिक क्षमता की तुलना में बेहद अधिक है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।
यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिन वाहनों पर कार्रवाई की गई, उनमें से प्रत्येक की फिटनेस स्थिति क्या थी, पूर्व में कितनी बार जांच हुई, नोटिस कब-कब जारी हुए और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने पहले क्या कार्रवाई की।
**मामला केवल चालान या सीज करने तक सीमित नहीं होना चाहिए
अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो वाहन संचालकों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि विभागीय स्तर पर लंबे समय तक लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
वहीं, गरीब और छोटे वाहन संचालकों के साथ यदि नियमों के नाम पर मनमानी या अनुचित कार्रवाई के आरोप सामने आ रहे हैं, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसी को लेकर जिलाधिकारी इटावा से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए—**
कितने स्कूली वाहन बिना फिटनेस चल रहे थे, इतने समय तक विभागीय स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, पूर्व में किस अधिकारी ने कितनी जांच की और वर्तमान कार्रवाई में नियमों का पालन किस तरह किया गया।
*जनता का सवाल सीधा है-*
*अगर आज कार्रवाई जरूरी थी, तो कल तक निगरानी कौन कर रहा था?
*नियम सबके लिए समान होने चाहिए और कार्रवाई भी पारदर्शी एवं निष्पक्ष होनी चाहिए।*
    user_Kanhaiya lal
    Kanhaiya lal
    Doctor भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.