सरगरा समाज का सामूहिक लग्न महोत्सव संपन्न। पांच जोड़ों ने दांपत्य जीवन में किया प्रवेश। आबूरोड। 19 फरवरी को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की फुलेरी बीज के दिन सरगरा समाज का प्रथम समूह लगन महोत्सव, मेला ग्राउंड, तरतोली रोड पर पारंपरिक रीति रिवाज एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर समाज के पांच जोडे मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे। इस शुभ अवसर पर महंत योगी पीर रामनाथ जी महाराज उज्जैन, मठाधीश भर्तहरी गुफा मां बुगलामुखी धाम उज्जैन, प्रेमनाथ महाराज हनुमान टेकरी आबूरोड, बाबूलाल आर्य राष्ट्रीय अध्यक्ष सरगरा समाज, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में गुजरात के अहमदाबाद से भी आए समाज के गणमान्य लोगों ने वर-वधु को आशीर्वाद दिया। आयोजन सरगरा समाज पांच गांव भीतरोट पट्टा आबूरोड समूह विवाह आयोजन समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ। विवाह का उद्देश्य सामाजिक एकता, परस्पर भाईचारा, संगठन, सहकार एवं विवाह आयोजनो पर होने वाले खर्च को मर्यादित करने का है। समाज के भामाशाहों ने इस पुनीत कार्य में दिल खोलकर कन्यादान एवं आर्थिक सहयोग दिया। आयोजन समिति में अतिथियों एवं भामाशाहों का साफा, माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह प्रदान का सम्मान किया। समझ में समाज के वरिष्ठजन, नागरिक, महिलाएं, युवा और पंच पटेल बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन समिति पांच गांव भीतरोट पट्टा आबूरोड के अध्यक्ष सुरेश सिंदल, कोषाध्यक्ष गोपाल सिंदल, सचिव ताराचंद सागर, उपाध्यक्ष कन्हैयालाल खरे, उप कोषाध्यक्ष भगवान दास भूरा, सहसचिव बाबूलाल परिहार, धर्मशाला व्यवस्थापक अचलाराम भूरा, भबूतमल एम सुरेशा, लालचंद भूरा, जगदीश भूरा, मांगीलाल भुरेशा, किशनलाल सवनसा, रतनलाल सवनसा, कपूरचंद भूरा, गुलाबचंद भूरा, रमेश कुमार धवलेशा, संजय सवनसा, शीवराम सिंदल, किकाराम सहित कार्यकारिणी व पदाधिकारीयो का तन, मन और धन से सहयोग रहा।
सरगरा समाज का सामूहिक लग्न महोत्सव संपन्न। पांच जोड़ों ने दांपत्य जीवन में किया प्रवेश। आबूरोड। 19 फरवरी को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की फुलेरी बीज के दिन सरगरा समाज का प्रथम समूह लगन महोत्सव, मेला ग्राउंड, तरतोली रोड पर पारंपरिक रीति रिवाज एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर समाज के पांच जोडे मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे। इस शुभ अवसर पर महंत
योगी पीर रामनाथ जी महाराज उज्जैन, मठाधीश भर्तहरी गुफा मां बुगलामुखी धाम उज्जैन, प्रेमनाथ महाराज हनुमान टेकरी आबूरोड, बाबूलाल आर्य राष्ट्रीय अध्यक्ष सरगरा समाज, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में गुजरात के अहमदाबाद से भी आए समाज के गणमान्य लोगों ने वर-वधु को आशीर्वाद दिया। आयोजन सरगरा समाज पांच गांव भीतरोट पट्टा आबूरोड समूह विवाह आयोजन समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ। विवाह का
उद्देश्य सामाजिक एकता, परस्पर भाईचारा, संगठन, सहकार एवं विवाह आयोजनो पर होने वाले खर्च को मर्यादित करने का है। समाज के भामाशाहों ने इस पुनीत कार्य में दिल खोलकर कन्यादान एवं आर्थिक सहयोग दिया। आयोजन समिति में अतिथियों एवं भामाशाहों का साफा, माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह प्रदान का सम्मान किया। समझ में समाज के वरिष्ठजन, नागरिक, महिलाएं, युवा और पंच पटेल बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन समिति पांच
गांव भीतरोट पट्टा आबूरोड के अध्यक्ष सुरेश सिंदल, कोषाध्यक्ष गोपाल सिंदल, सचिव ताराचंद सागर, उपाध्यक्ष कन्हैयालाल खरे, उप कोषाध्यक्ष भगवान दास भूरा, सहसचिव बाबूलाल परिहार, धर्मशाला व्यवस्थापक अचलाराम भूरा, भबूतमल एम सुरेशा, लालचंद भूरा, जगदीश भूरा, मांगीलाल भुरेशा, किशनलाल सवनसा, रतनलाल सवनसा, कपूरचंद भूरा, गुलाबचंद भूरा, रमेश कुमार धवलेशा, संजय सवनसा, शीवराम सिंदल, किकाराम सहित कार्यकारिणी व पदाधिकारीयो का तन, मन और धन से सहयोग रहा।
- सरगरा समाज का सामूहिक लग्न महोत्सव संपन्न। पांच जोड़ों ने दांपत्य जीवन में किया प्रवेश। आबूरोड। 19 फरवरी को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की फुलेरी बीज के दिन सरगरा समाज का प्रथम समूह लगन महोत्सव, मेला ग्राउंड, तरतोली रोड पर पारंपरिक रीति रिवाज एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर समाज के पांच जोडे मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे। इस शुभ अवसर पर महंत योगी पीर रामनाथ जी महाराज उज्जैन, मठाधीश भर्तहरी गुफा मां बुगलामुखी धाम उज्जैन, प्रेमनाथ महाराज हनुमान टेकरी आबूरोड, बाबूलाल आर्य राष्ट्रीय अध्यक्ष सरगरा समाज, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में गुजरात के अहमदाबाद से भी आए समाज के गणमान्य लोगों ने वर-वधु को आशीर्वाद दिया। आयोजन सरगरा समाज पांच गांव भीतरोट पट्टा आबूरोड समूह विवाह आयोजन समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ। विवाह का उद्देश्य सामाजिक एकता, परस्पर भाईचारा, संगठन, सहकार एवं विवाह आयोजनो पर होने वाले खर्च को मर्यादित करने का है। समाज के भामाशाहों ने इस पुनीत कार्य में दिल खोलकर कन्यादान एवं आर्थिक सहयोग दिया। आयोजन समिति में अतिथियों एवं भामाशाहों का साफा, माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह प्रदान का सम्मान किया। समझ में समाज के वरिष्ठजन, नागरिक, महिलाएं, युवा और पंच पटेल बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन समिति पांच गांव भीतरोट पट्टा आबूरोड के अध्यक्ष सुरेश सिंदल, कोषाध्यक्ष गोपाल सिंदल, सचिव ताराचंद सागर, उपाध्यक्ष कन्हैयालाल खरे, उप कोषाध्यक्ष भगवान दास भूरा, सहसचिव बाबूलाल परिहार, धर्मशाला व्यवस्थापक अचलाराम भूरा, भबूतमल एम सुरेशा, लालचंद भूरा, जगदीश भूरा, मांगीलाल भुरेशा, किशनलाल सवनसा, रतनलाल सवनसा, कपूरचंद भूरा, गुलाबचंद भूरा, रमेश कुमार धवलेशा, संजय सवनसा, शीवराम सिंदल, किकाराम सहित कार्यकारिणी व पदाधिकारीयो का तन, मन और धन से सहयोग रहा।4
- सिरोही जिले के आबूरोड में सरगरा समाज द्वारा समूह लग्न का आयोजन किया जिसमें 5 जोड़ों ने भाग लिया, आबू रोड के तरतोली मेला ग्राउंड में सरगरा समाज पांच गांव भीतरोट पट्टा द्वारा समूह लगन उत्सव का आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में सरगरा समाज के लोग सहित संतो महंतों के साथ मुख्य अतिथि व विशेष अतिथि उपस्थित रहे थे, समाज द्वारा समूह लगन उत्सव को भव्य रूप देने को लेकर करीब दो महीने से भी ज्यादा समय से तैयारी का दौर चल रहा था, इस समूह लग्न में पांच जोड़ शामिल हुए थे पांच जोड़ो ने समूह लग्न में भाग लेकर सात फेरे लिए, साधु संतों की मौजूदगी में विधि विधान के साथ समूह लगन उत्सव संपन्न किया गया था वही समूह लग्न उत्सव को सफल बनाने में सरगरा समाज पांच गांव भीतरोट पट्टा के पदाधिकारी व समाज बंधुओ के साथ सहकार व सहयोग से सफल आयोजन किया गया था। रिपोर्टर-रितिक सरगरा, आबूरोड3
- नागाणी गांव के पास स्थित कृषि कुएं पर बनी एक झोपड़ी में अज्ञात कारणों से अचानक लगी आग, आग लगने से झोपड़ी में करीब 5 बोरी सोफ व 4 बोरी अरंडी की रखी थी फसल जलकर हुई राख, किसान को करीब डेढ़ लाख रुपए का किसान को हुआ आर्थिक नुकसान, झोपड़ी से धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तुरंत किसान को दी सूचना, आसपास के किसानों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू, हालांकि तब तक फसल जलकर हो चुकी थी राख,1
- सिरोही मंगल कलश चौराहे के पास घटी घटना निजी क्लिनिक के डॉक्टर ने दुकान में घुसकर दुकानदार पर लाठी से किया हमला हमले में सुरेश कुमार सुथार हुआ गंभीर घायल घटना से इलाके में मची अफरा-तफरी घायल को पिंडवाड़ा अस्पताल ले जाया गया हालत गंभीर होने पर आबूरोड अस्पताल रेफर घटना का सीसीटीवी फुटेज आया सामने फुटेज में आरोपी हमला करते दिखा सूचना पर पिंडवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर आगे की कार्रवाई की शुरू1
- Post by Reporter Rajesh pahadiya1
- gav lalpura tahsil raniwara Gram Panchayat LakhaVash location Lalpur School ke samne1
- उदयपुर जिले के झाड़ोल थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा मामा-भांजा घाटी क्षेत्र में हुआ बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही झाड़ोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को स्थानीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस के अनुसार युवक ने करीब एक माह पहले ही नई बाइक खरीदी थी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।1
- बेजुबानों की मौत के साथ जिम्मेदारों की भी संवेदनाएं हुई मृत। आबूरोड शहर से सटे सांतपुर गांव से आईटीआई जाने वाले मार्ग का है पूरा मामला। अभी हाल ही में गत दिनों अज्ञात कारणों से 45 बेजुबान बकरियों की हुई थी मौत। बकरियों की मौत को लेकर रीको थाना पुलिस एवं पशु चिकित्सा विभाग की टीम पहुंची थी मोक पर। मौत के कारणों को जानने के लिए चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर ही मृत बकरियों का पोस्टमार्टम किया था। 5 दिन पश्चात उक्त मृत बकरियों को आईटीआई के समीप खुले में छोड़ दिया गया जिससे उन मृत बकरियों के शरीर को श्वान अपना निवाला बना रहे हैं साथ ही मौत के 5 दिन होने से क्षेत्र में दुर्गंध फैलती जा रही है। जिससे वहां रहने वाले स्थानीय निवासियों एवं आवागमन करने वाले राहगीरों के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है साथ ही गंभीर बीमारी फैलने का के भी अंदेशा से इनकार नहीं किया जा सकता। जहां पर इन मृत बकरियों को फेंका गया है वहां से कुछ ही दूरी पर सरकारी छात्रावास है जिनमें रहकर आदिवासी बहुल के कई छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते है। छात्र-छात्राओं को उक्त मार्ग से सातपुर मुख्य मार्ग पर स्थित राजकीय विद्यालय में अध्ययन के लिए आना जाना पड़ता है। दुर्गंध आने से विद्यार्थीयो को मुंह पर कपड़े ढककर आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। मृत बकरियों की दुर्गंध इतनी तेज आ रही है की हवा के साथ में कई दूरी तक भी इसका असर देखने को मिल रहा है। समय रहते अगर इन मृत बकरियों को डंप नहीं किया गया तो क्षेत्र में गंभीर बीमारी फैलने का भय बना हुआ है।4