जैसलमेर-मार्च के दूसरे सप्ताह में ही गर्मी ने दिखाए तीखे तेवर, तापमान पहुंचा 39 डिग्री के पास,हीटवेव की चेतावनी जैसलमेर में इस बार गर्मी ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने के संकेत दे दिए हैं। पश्चिमी हवाओं के बढ़ते प्रभाव के कारण मरुस्थलीय क्षेत्र में तापमान तेजी से उछाल मार रहा है। मौसम विभाग ने जैसलमेर में हीटवेव चलने का येलो अलर्ट जारी किया है, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले दिन आम जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वर्ष जैसलमेर में लू पिछले साल के मुकाबले करीब 25 दिन पहले ही दस्तक दे देगी। पिछले वर्ष 5 अप्रैल से हीटवेव चलने लगी थी। आमतौर पर जैसलमेर में भीषण गर्मी और लू का प्रभाव मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल की शुरुआत में देखने को मिलता है। लेकिन इस बार मार्च के दूसरे हफ्ते में ही सूर्य के तीखे तेवरों ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। पिछले तीन दिनों से पारा लगातार 39 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर बना हुआ है, जो सामान्य से काफी अधिक है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वर्ष 23 मार्च को पारा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि 24 मार्च को यह 40 डिग्री के स्तर पर पहुंचा था। इसके विपरीत इस वर्ष मार्च के दूसरे हफ्ते में में ही पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। सोमवार को दिन का पारा सामान्य से 7.8 डिग्री ज्यादा रहा। जबकि रात का पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर रहा। अधिकतम तापमान 39 डिग्री व न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टर्स की सलाह है कि तेज धूप व हीट स्ट्रोक का खतरा हीटवेव के येलो अलर्ट को देखते हुए आमजन दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलें। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। आमजन अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें और सूतीव आरामदायक कपड़े पहनें। छोटे बच्चों, बुजुगों और गर्भवती महिलाओं को हीटवेव का खतरा सबसे अधिक होता है।
जैसलमेर-मार्च के दूसरे सप्ताह में ही गर्मी ने दिखाए तीखे तेवर, तापमान पहुंचा 39 डिग्री के पास,हीटवेव की चेतावनी जैसलमेर में इस बार गर्मी ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने के संकेत दे दिए हैं। पश्चिमी हवाओं के बढ़ते प्रभाव के कारण मरुस्थलीय क्षेत्र में तापमान तेजी से उछाल मार रहा है। मौसम विभाग ने जैसलमेर में हीटवेव चलने का येलो अलर्ट जारी किया है, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले दिन आम जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वर्ष जैसलमेर में लू पिछले साल के मुकाबले करीब 25 दिन पहले ही दस्तक दे देगी। पिछले वर्ष 5 अप्रैल से हीटवेव चलने लगी थी। आमतौर पर जैसलमेर में भीषण गर्मी और लू का प्रभाव मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल की शुरुआत में देखने को मिलता है। लेकिन इस बार मार्च के दूसरे हफ्ते में ही सूर्य के तीखे तेवरों ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। पिछले तीन दिनों से पारा लगातार 39 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर बना हुआ है, जो सामान्य से काफी अधिक है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वर्ष 23 मार्च को पारा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि 24 मार्च को यह 40 डिग्री के स्तर पर पहुंचा था। इसके विपरीत इस वर्ष मार्च के दूसरे हफ्ते में में ही पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। सोमवार को दिन का पारा सामान्य से 7.8 डिग्री ज्यादा रहा। जबकि रात का पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर रहा। अधिकतम तापमान 39 डिग्री व न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टर्स की सलाह है कि तेज धूप व हीट स्ट्रोक का खतरा हीटवेव के येलो अलर्ट को देखते हुए आमजन दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलें। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। आमजन अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें और सूतीव आरामदायक कपड़े पहनें। छोटे बच्चों, बुजुगों और गर्भवती महिलाओं को हीटवेव का खतरा सबसे अधिक होता है।
- अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार सावन खान दबड़ी 70 वर्ष निधन हो गया। जैसलमेर के दबड़ी गांव के निवासी और लोक संगीत व सिंधी कलाम परंपरा के दिग्गज गायक सावन खान का सोमवार शाम को निधन हो गया। वे पिछले 2 सालों से लीवर की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। सोमवार शाम तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जवाहिर अस्पताल लाया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।सावन खान कोक स्टूडियो का हिस्सा भी रह चुके हैं। वे जैसलमेर के पहले ऐसे लोक कलाकार थे जिन्हें इस मंच पर जगह मिली। वहां उनके द्वारा गाए गए गीत 'साथी सलाम ने उन्हें वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता दिलाई। इसके अलावा बॉलीवुड फिल्म हाईवे में उनके द्वारा गाया गया गीत तकदीर तख्त चढ़ायो ने भी सुर्खियां बटोरी थी। मंगलवार को उनके पैतृक गांव दबड़ी में उन्हें गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। विरासत में मिला संगीत रोजे खान के पुत्र सावन खान को संगीत विरासत में मिला था। उनके पिता भी एक गायक थे जिनसे प्रेरणा लेकर सावन खान ने बचपन से ही सुरों की साधना शुरू कर दी थी। वे अपने पीछे तीन बेटों और एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को छोड़ गए हैं। सावन खान दबड़ी मांगणियार समुदाय के उन चुनिंदा कलाकारों में से थे जिन्होंने सिंधी कलाम और राजस्थानी लोक संगीत को एक नई ऊंचाई दी। 50 से ज्यादा देशों में गूंजी आवाज सावन खान केवल स्थानीय कलाकार नहीं थे बल्कि उन्होंने दुनिया के 50 से अधिक देशों की यात्रा की और वहां सिंधी कलाम और मारवाड़ी लोकगीतों का जादू बिखेरा। सिंधी भजन और सूफियाना कलाम पर उनकी जबरदस्त पकड़ थी। उनके गाए लोकप्रिय गीत-उमर माडू मिठो कांगलो और रांगार चैन है। ये गीत न केवल महफिलों की जान थे बल्कि यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी काफी लोकप्रिय हैं। संगीत जगत में शोक की लहर सावन खान के निधन की खबर से पश्चिमी राजस्थान के लोक कलाकारों और संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय कलाकारों का कहना है कि सावन खान का जाना लोक संगीत के एक युग का अंत है। वे अपनी सादगी और सिंधी गायकी की बारीकियों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। सावन खान की मृत्यु से मांगणियार कला जगत को ऐसी क्षति हुई है जिसकी भरपाई नामुमकिन है।2
- सोमवार को पोकरण विधानसभा के लोहारकी गांव में 6 से अधिक हिरण के मृत अवशेष पेड से लटके मिले जिसके बाद वन्यजीव प्रेमियों ने रोष जताया वही अभी तक ना पुलिस और ना ही वन विभाग मामले तक पहुंच पाई है वही शव भी वहा मिले है जो सेना का युद्धाभ्यास क्षेत्र है ।1
- Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी1
- फॉलो जरूर करें राजस्थानी वीडियो देखने के लिए लोहावट रोड पर1
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- तरुण हो या साहिल, जान सबकी बराबर होती है। लेकिन क्या हमारा सिस्टम भी यही मानता है? आज सदन में उन गुमनाम नामों की गूँज है जिन्हें अक्सर भुला दिया जाता है। सवाल कड़वा है पर ज़रूरी है: क्या कानून अंधा है, या जानबूझकर दोहरा बन गया है? क्या भारत में कानून सबके लिए बराबर है......?1
- Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी1
- चारण लड़की के साथ शादी कर रहे है मानवेन्द्र सिंह इसलिए घर वाले विरोध कर रहे है1
- wheel chair per baithe hue aadami ko niche gira kar khud ke ambulance ke liye wheelchair Le jaate hue1