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करोई के डरी मोहल्ला वार्ड नंबर 9 में जल्द से जल्द नाली का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

8 hrs ago
user_Ramchandra Mali
Ramchandra Mali
सहारा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
8 hrs ago

करोई के डरी मोहल्ला वार्ड नंबर 9 में जल्द से जल्द नाली का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • करोई के डरी मोहल्ला वार्ड नंबर 9 में जल्द से जल्द नाली का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
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    करोई के डरी मोहल्ला वार्ड नंबर 9 में जल्द से जल्द नाली का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
    user_Ramchandra Mali
    Ramchandra Mali
    सहारा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • राजसमंद जिले के भीम उपखंड में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सुरक्षित उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रभावी तरीके सिखाना है। प्रशिक्षण के दौरान, साइबर पुलिस थाना राजसमंद के प्रोग्रामर खैरुल वसीम ने प्रतिभागियों को संचार साथी ऐप की उपयोगिता, साइबर अपराधों की नई तकनीकों और ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है, जिनमें अज्ञात लिंक, फिशिंग वेबसाइट, फर्जी कॉल, वॉयस क्लोनिंग, डिजिटल अरेस्ट और नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से होने वाली ठगी प्रमुख है। खैरुल वसीम ने विशेष रूप से एपीके फाइलों के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति आगाह किया। उन्होंने समझाया कि अपराधी आसान लोन, इनाम, सरकारी योजना या भारी छूट का लालच देकर मोबाइल पर एपीके फाइल भेजते हैं, जिन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ जाता है। इससे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड, फोटो, संपर्क सूची और अन्य निजी डेटा तक उनकी पहुँच हो जाती है, जिससे आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे किसी भी मोबाइल ऐप को केवल गूगल प्ले स्टोर या संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें या उसे इंस्टॉल न करें। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएँ या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही, मजबूत पासवर्ड रखने, उन्हें समय-समय पर बदलने, दो-स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का उपयोग करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के अंत में, उपस्थित युवाओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल उदाहरणों के साथ समाधान किया। चौहान ज्ञान केंद्र के प्रबंधक प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करके उन्हें समाज में डिजिटल जागरूकता का दूत बनाना है, ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें बल्कि दूसरों को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए प्रेरित कर सकें। यह पहल युवाओं को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान का एक संयुक्त प्रयास है।
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    राजसमंद जिले के भीम उपखंड में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सुरक्षित उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रभावी तरीके सिखाना है।

प्रशिक्षण के दौरान, साइबर पुलिस थाना राजसमंद के प्रोग्रामर खैरुल वसीम ने प्रतिभागियों को संचार साथी ऐप की उपयोगिता, साइबर अपराधों की नई तकनीकों और ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है, जिनमें अज्ञात लिंक, फिशिंग वेबसाइट, फर्जी कॉल, वॉयस क्लोनिंग, डिजिटल अरेस्ट और नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से होने वाली ठगी प्रमुख है। खैरुल वसीम ने विशेष रूप से एपीके फाइलों के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति आगाह किया। उन्होंने समझाया कि अपराधी आसान लोन, इनाम, सरकारी योजना या भारी छूट का लालच देकर मोबाइल पर एपीके फाइल भेजते हैं, जिन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ जाता है। इससे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड, फोटो, संपर्क सूची और अन्य निजी डेटा तक उनकी पहुँच हो जाती है, जिससे आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे किसी भी मोबाइल ऐप को केवल गूगल प्ले स्टोर या संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें या उसे इंस्टॉल न करें।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएँ या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही, मजबूत पासवर्ड रखने, उन्हें समय-समय पर बदलने, दो-स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का उपयोग करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के अंत में, उपस्थित युवाओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल उदाहरणों के साथ समाधान किया। चौहान ज्ञान केंद्र के प्रबंधक प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करके उन्हें समाज में डिजिटल जागरूकता का दूत बनाना है, ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें बल्कि दूसरों को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए प्रेरित कर सकें। यह पहल युवाओं को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान का एक संयुक्त प्रयास है।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    43 min ago
  • नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा
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    नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • आज राजसमंद से एक जत्था अहमदाबाद के कुजाड़ स्थित श्री चारभुजा जी मंदिर पहुंचा और ठाकुर जी के दर्शन किए। जानकारी के अनुसार, यह श्री चारभुजा जी मंदिर मेवाड़ क्षेत्र के कुमावत समाज के लोगों द्वारा बनवाया गया है। राजसमंद के लोगों ने इस मंदिर में, जिसे 'कुजाड़ श्याम' भी कहा जाता है, दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
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    आज राजसमंद से एक जत्था अहमदाबाद के कुजाड़ स्थित श्री चारभुजा जी मंदिर पहुंचा और ठाकुर जी के दर्शन किए। जानकारी के अनुसार, यह श्री चारभुजा जी मंदिर मेवाड़ क्षेत्र के कुमावत समाज के लोगों द्वारा बनवाया गया है। राजसमंद के लोगों ने इस मंदिर में, जिसे 'कुजाड़ श्याम' भी कहा जाता है, दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
    user_गिरिराज कुमावत राजसमन्द
    गिरिराज कुमावत राजसमन्द
    Local Politician राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • जयपुर और राजस्थान में राहुल ने 'छात्रों की गूंज' नामक एक नए मिशन की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं के मुद्दों को उठाना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे इस पहल के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने साथ सफलतापूर्वक जोड़ पाएंगे।
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    जयपुर और राजस्थान में राहुल ने 'छात्रों की गूंज' नामक एक नए मिशन की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं के मुद्दों को उठाना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे इस पहल के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने साथ सफलतापूर्वक जोड़ पाएंगे।
    user_Jalampura AC morcha adhyaks D.
    Jalampura AC morcha adhyaks D.
    Newspaper advertising department करेड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर तहसील के ग्राम पीपलूंद के ग्रामवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रशासक वेदप्रकाश खटीक के नेतृत्व में जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा के नाम उपखंड अधिकारी, जहाजपुर को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्राम में संचालित करोड़ों रुपये की जनहित एवं विकास परियोजनाओं में बाधा डालने, ठेकेदारों को धमकाने और सुनियोजित तरीके से विकास कार्यों को रुकवाने का प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार और जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) के सहयोग से ग्राम पीपलूंद में औद्योगिक क्षेत्र विकास, राजकीय कृषि महाविद्यालय, पीपलूंद बाईपास, सबलपुरा–पीपलूंद सड़क, धौला चबूतरा से पाल का मंड देवनारायण सड़क, तथा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रगति पर हैं। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग गाय, पर्यावरण और चारागाह जैसे संवेदनशील मुद्दों की आड़ लेकर इन विकास कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ग्राम में लगभग 1,650 बीघा चारागाह भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 1,550 बीघा से अधिक का संरक्षण और विकास विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से किया जा चुका है। इन विकास कार्यों को ग्राम के लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीणों का समर्थन एवं सहयोग प्राप्त है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों पर अनुचित दबाव बनाने और उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की, और इसमें असफल रहने के बाद अब वे भ्रामक माहौल बनाकर कार्यों को रुकवाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। इससे ग्राम के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, विकास कार्यों को निर्बाध रूप से जारी रखने और संबंधित ठेकेदारों व अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि विकास विरोधी एवं अराजक तत्वों के खिलाफ समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामवासी जनहित और विकास कार्यों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान वार्ड पंचों, पूर्व उपसरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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    भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर तहसील के ग्राम पीपलूंद के ग्रामवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रशासक वेदप्रकाश खटीक के नेतृत्व में जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा के नाम उपखंड अधिकारी, जहाजपुर को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्राम में संचालित करोड़ों रुपये की जनहित एवं विकास परियोजनाओं में बाधा डालने, ठेकेदारों को धमकाने और सुनियोजित तरीके से विकास कार्यों को रुकवाने का प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार और जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) के सहयोग से ग्राम पीपलूंद में औद्योगिक क्षेत्र विकास, राजकीय कृषि महाविद्यालय, पीपलूंद बाईपास, सबलपुरा–पीपलूंद सड़क, धौला चबूतरा से पाल का मंड देवनारायण सड़क, तथा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रगति पर हैं। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग गाय, पर्यावरण और चारागाह जैसे संवेदनशील मुद्दों की आड़ लेकर इन विकास कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ग्राम में लगभग 1,650 बीघा चारागाह भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 1,550 बीघा से अधिक का संरक्षण और विकास विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से किया जा चुका है। इन विकास कार्यों को ग्राम के लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीणों का समर्थन एवं सहयोग प्राप्त है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों पर अनुचित दबाव बनाने और उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की, और इसमें असफल रहने के बाद अब वे भ्रामक माहौल बनाकर कार्यों को रुकवाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। इससे ग्राम के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, विकास कार्यों को निर्बाध रूप से जारी रखने और संबंधित ठेकेदारों व अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि विकास विरोधी एवं अराजक तत्वों के खिलाफ समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामवासी जनहित और विकास कार्यों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान वार्ड पंचों, पूर्व उपसरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    17 min ago
  • राजसमंद में सोमवार को जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विभागवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था। बैठक का संचालन पीडब्ल्यूडी एसई आर एल मेहता ने किया। जिला कलक्टर ने ई-डार पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निरीक्षण और अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की, साथ ही जिला सड़क सुरक्षा कार्ययोजना-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, परिवहन, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग के समन्वय से जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। आई-रेड परियोजना के तहत चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर आवश्यक सुधार कार्य, एम्बुलेंस की प्री-पोजिशनिंग और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्थित ट्रॉमा सेंटर और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँचने वाले मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखकर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण तेज गति और यातायात नियमों की अवहेलना है। इसे देखते हुए, उन्होंने पुलिस विभाग को ओवर स्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे की हालत में गाड़ी चलाने, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमित तथा सघन प्रवर्तन कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्य पालना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक, रिफ्लेक्टिव टेप, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में राजमार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, सड़क सुरक्षा गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने और मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट, 1961 के तहत अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण कराने के निर्देश भी शामिल थे। पंजीकृत प्रतिष्ठानों के लिए जागरूकता कार्यशालाओं और संयुक्त प्रवर्तन अभियानों के संचालन का भी निर्देश दिया गया। अन्य निर्देशों में व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए जनजागरूकता अभियान, राजमार्गों पर वे-साइड एमेनिटीज और चालक विश्राम केन्द्रों का विकास, टोल सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, हाईटेंशन लाइनों की नियमानुसार ऊंचाई बनाए रखना तथा सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर क्षतिग्रस्त सड़क संकेतकों का शीघ्र सुधार शामिल थे। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और निर्धारित कार्यों की समयबद्ध अनुपालन का आश्वासन दिया। निष्कर्ष के तौर पर, सभी विभागों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
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    राजसमंद में सोमवार को जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विभागवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था। बैठक का संचालन पीडब्ल्यूडी एसई आर एल मेहता ने किया।

जिला कलक्टर ने ई-डार पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निरीक्षण और अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की, साथ ही जिला सड़क सुरक्षा कार्ययोजना-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, परिवहन, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग के समन्वय से जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। आई-रेड परियोजना के तहत चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर आवश्यक सुधार कार्य, एम्बुलेंस की प्री-पोजिशनिंग और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्थित ट्रॉमा सेंटर और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँचने वाले मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखकर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण तेज गति और यातायात नियमों की अवहेलना है। इसे देखते हुए, उन्होंने पुलिस विभाग को ओवर स्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे की हालत में गाड़ी चलाने, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमित तथा सघन प्रवर्तन कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्य पालना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक, रिफ्लेक्टिव टेप, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में राजमार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, सड़क सुरक्षा गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने और मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट, 1961 के तहत अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण कराने के निर्देश भी शामिल थे। पंजीकृत प्रतिष्ठानों के लिए जागरूकता कार्यशालाओं और संयुक्त प्रवर्तन अभियानों के संचालन का भी निर्देश दिया गया। अन्य निर्देशों में व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए जनजागरूकता अभियान, राजमार्गों पर वे-साइड एमेनिटीज और चालक विश्राम केन्द्रों का विकास, टोल सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, हाईटेंशन लाइनों की नियमानुसार ऊंचाई बनाए रखना तथा सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर क्षतिग्रस्त सड़क संकेतकों का शीघ्र सुधार शामिल थे।

बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और निर्धारित कार्यों की समयबद्ध अनुपालन का आश्वासन दिया। निष्कर्ष के तौर पर, सभी विभागों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    1 hr ago
  • भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रेलर अचानक एक फैक्ट्री के मुख्य गेट में जा घुसा। इस भीषण हादसे के बाद कुछ ही सेकंड में पूरा घटनास्थल चीख-पुकार और अफरा-तफरी से भर गया। ट्रेलर की चपेट में आने से गेट के बाहर खड़ी आधा दर्जन से अधिक बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, वहीं कई लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेलर तेज गति से आ रहा था और अचानक उसके चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद ट्रेलर सीधे फैक्ट्री के प्रवेश द्वार की ओर बढ़ा और जोरदार धमाके के साथ गेट से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आसपास खड़े लोग दहशत में आ गए और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग बचाव कार्य के लिए आगे आए और घायलों को बाहर निकालकर मांडल उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार और वाहन के अनियंत्रित होने को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है ताकि असल वजह का पता चल सके। इस दर्दनाक हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। क्षतिग्रस्त बाइकों और फैक्ट्री गेट की हालत देखकर लोग स्तब्ध रह गए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि हादसे के समय वहां और अधिक भीड़ होती तो नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था।
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    भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रेलर अचानक एक फैक्ट्री के मुख्य गेट में जा घुसा। इस भीषण हादसे के बाद कुछ ही सेकंड में पूरा घटनास्थल चीख-पुकार और अफरा-तफरी से भर गया। ट्रेलर की चपेट में आने से गेट के बाहर खड़ी आधा दर्जन से अधिक बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, वहीं कई लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेलर तेज गति से आ रहा था और अचानक उसके चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद ट्रेलर सीधे फैक्ट्री के प्रवेश द्वार की ओर बढ़ा और जोरदार धमाके के साथ गेट से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आसपास खड़े लोग दहशत में आ गए और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग बचाव कार्य के लिए आगे आए और घायलों को बाहर निकालकर मांडल उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार और वाहन के अनियंत्रित होने को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है ताकि असल वजह का पता चल सके।

इस दर्दनाक हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। क्षतिग्रस्त बाइकों और फैक्ट्री गेट की हालत देखकर लोग स्तब्ध रह गए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि हादसे के समय वहां और अधिक भीड़ होती तो नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था।
    user_रिपोर्टर प्रकाश चंद्र खारोल
    रिपोर्टर प्रकाश चंद्र खारोल
    Court reporter सहारा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    8 hrs ago
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