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आज राजसमंद से एक जत्था अहमदाबाद के कुजाड़ स्थित श्री चारभुजा जी मंदिर पहुंचा और ठाकुर जी के दर्शन किए। जानकारी के अनुसार, यह श्री चारभुजा जी मंदिर मेवाड़ क्षेत्र के कुमावत समाज के लोगों द्वारा बनवाया गया है। राजसमंद के लोगों ने इस मंदिर में, जिसे 'कुजाड़ श्याम' भी कहा जाता है, दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

14 hrs ago
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गिरिराज कुमावत राजसमन्द
Local Politician राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
14 hrs ago
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आज राजसमंद से एक जत्था अहमदाबाद के कुजाड़ स्थित श्री चारभुजा जी मंदिर पहुंचा और ठाकुर जी के दर्शन किए। जानकारी के अनुसार, यह श्री चारभुजा जी मंदिर मेवाड़ क्षेत्र के कुमावत समाज के लोगों द्वारा बनवाया गया है। राजसमंद के लोगों ने इस मंदिर में, जिसे 'कुजाड़ श्याम' भी कहा जाता है, दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजसमंद जिले के भीम उपखंड में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सुरक्षित उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रभावी तरीके सिखाना है। प्रशिक्षण के दौरान, साइबर पुलिस थाना राजसमंद के प्रोग्रामर खैरुल वसीम ने प्रतिभागियों को संचार साथी ऐप की उपयोगिता, साइबर अपराधों की नई तकनीकों और ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है, जिनमें अज्ञात लिंक, फिशिंग वेबसाइट, फर्जी कॉल, वॉयस क्लोनिंग, डिजिटल अरेस्ट और नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से होने वाली ठगी प्रमुख है। खैरुल वसीम ने विशेष रूप से एपीके फाइलों के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति आगाह किया। उन्होंने समझाया कि अपराधी आसान लोन, इनाम, सरकारी योजना या भारी छूट का लालच देकर मोबाइल पर एपीके फाइल भेजते हैं, जिन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ जाता है। इससे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड, फोटो, संपर्क सूची और अन्य निजी डेटा तक उनकी पहुँच हो जाती है, जिससे आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे किसी भी मोबाइल ऐप को केवल गूगल प्ले स्टोर या संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें या उसे इंस्टॉल न करें। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएँ या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही, मजबूत पासवर्ड रखने, उन्हें समय-समय पर बदलने, दो-स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का उपयोग करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के अंत में, उपस्थित युवाओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल उदाहरणों के साथ समाधान किया। चौहान ज्ञान केंद्र के प्रबंधक प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करके उन्हें समाज में डिजिटल जागरूकता का दूत बनाना है, ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें बल्कि दूसरों को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए प्रेरित कर सकें। यह पहल युवाओं को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान का एक संयुक्त प्रयास है।
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    राजसमंद जिले के भीम उपखंड में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सुरक्षित उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रभावी तरीके सिखाना है।

प्रशिक्षण के दौरान, साइबर पुलिस थाना राजसमंद के प्रोग्रामर खैरुल वसीम ने प्रतिभागियों को संचार साथी ऐप की उपयोगिता, साइबर अपराधों की नई तकनीकों और ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है, जिनमें अज्ञात लिंक, फिशिंग वेबसाइट, फर्जी कॉल, वॉयस क्लोनिंग, डिजिटल अरेस्ट और नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से होने वाली ठगी प्रमुख है। खैरुल वसीम ने विशेष रूप से एपीके फाइलों के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति आगाह किया। उन्होंने समझाया कि अपराधी आसान लोन, इनाम, सरकारी योजना या भारी छूट का लालच देकर मोबाइल पर एपीके फाइल भेजते हैं, जिन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ जाता है। इससे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड, फोटो, संपर्क सूची और अन्य निजी डेटा तक उनकी पहुँच हो जाती है, जिससे आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे किसी भी मोबाइल ऐप को केवल गूगल प्ले स्टोर या संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें या उसे इंस्टॉल न करें।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएँ या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही, मजबूत पासवर्ड रखने, उन्हें समय-समय पर बदलने, दो-स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का उपयोग करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के अंत में, उपस्थित युवाओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल उदाहरणों के साथ समाधान किया। चौहान ज्ञान केंद्र के प्रबंधक प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करके उन्हें समाज में डिजिटल जागरूकता का दूत बनाना है, ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें बल्कि दूसरों को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए प्रेरित कर सकें। यह पहल युवाओं को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान का एक संयुक्त प्रयास है।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा
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    नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • आज राजसमंद से एक जत्था अहमदाबाद के कुजाड़ स्थित श्री चारभुजा जी मंदिर पहुंचा और ठाकुर जी के दर्शन किए। जानकारी के अनुसार, यह श्री चारभुजा जी मंदिर मेवाड़ क्षेत्र के कुमावत समाज के लोगों द्वारा बनवाया गया है। राजसमंद के लोगों ने इस मंदिर में, जिसे 'कुजाड़ श्याम' भी कहा जाता है, दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
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    आज राजसमंद से एक जत्था अहमदाबाद के कुजाड़ स्थित श्री चारभुजा जी मंदिर पहुंचा और ठाकुर जी के दर्शन किए। जानकारी के अनुसार, यह श्री चारभुजा जी मंदिर मेवाड़ क्षेत्र के कुमावत समाज के लोगों द्वारा बनवाया गया है। राजसमंद के लोगों ने इस मंदिर में, जिसे 'कुजाड़ श्याम' भी कहा जाता है, दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
    user_गिरिराज कुमावत राजसमन्द
    गिरिराज कुमावत राजसमन्द
    Local Politician राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • रेलमगरा के गोगथला ग्राम पंचायत के भारत निर्माण सेवा केंद्र पर प्रशासक छोगालाल सालवी की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास प्लस-2024 योजना की ड्राफ्ट सूची को सार्वजनिक करना, वीबीजी रामजी योजना के बारे में जानकारी देना और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तृत चर्चा करना था। ग्राम सभा के दौरान, प्रशासक छोगालाल सालवी ने प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना की ड्राफ्ट सूची का सार्वजनिक वाचन करवाया और उसे आमजन के अवलोकन के लिए चस्पा भी किया। इसके साथ ही, योजना से अभी तक वंचित रहे पात्र परिवारों से नए आवेदन भी प्राप्त किए गए। प्रशासक सालवी ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक पहुँचे, ताकि कोई भी गरीब या वंचित परिवार अपने पक्के घर के सपने को पूरा करने से वंचित न रहे। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी रवि कुमार बोहरा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक वीर सिंह जाटव, वार्ड पंच प्रतिनिधि रतनलाल पारीक, कॉन्ट्रैक्टर जगदीश चंद्र जायसवाल, सामाजिक कार्यकर्ता बंशीलाल खटीक सहित पंचायत क्षेत्र के कई ग्रामीण महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।
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    रेलमगरा के गोगथला ग्राम पंचायत के भारत निर्माण सेवा केंद्र पर प्रशासक छोगालाल सालवी की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास प्लस-2024 योजना की ड्राफ्ट सूची को सार्वजनिक करना, वीबीजी रामजी योजना के बारे में जानकारी देना और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तृत चर्चा करना था।

ग्राम सभा के दौरान, प्रशासक छोगालाल सालवी ने प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना की ड्राफ्ट सूची का सार्वजनिक वाचन करवाया और उसे आमजन के अवलोकन के लिए चस्पा भी किया। इसके साथ ही, योजना से अभी तक वंचित रहे पात्र परिवारों से नए आवेदन भी प्राप्त किए गए। प्रशासक सालवी ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक पहुँचे, ताकि कोई भी गरीब या वंचित परिवार अपने पक्के घर के सपने को पूरा करने से वंचित न रहे।

इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी रवि कुमार बोहरा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक वीर सिंह जाटव, वार्ड पंच प्रतिनिधि रतनलाल पारीक, कॉन्ट्रैक्टर जगदीश चंद्र जायसवाल, सामाजिक कार्यकर्ता बंशीलाल खटीक सहित पंचायत क्षेत्र के कई ग्रामीण महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।
    user_रेलमगरा न्यूज़
    रेलमगरा न्यूज़
    Local News Reporter रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    23 min ago
  • करोई के डरी मोहल्ला वार्ड नंबर 9 में जल्द से जल्द नाली का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
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    करोई के डरी मोहल्ला वार्ड नंबर 9 में जल्द से जल्द नाली का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
    user_Ramchandra Mali
    Ramchandra Mali
    सहारा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजसमंद में सोमवार को जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विभागवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था। बैठक का संचालन पीडब्ल्यूडी एसई आर एल मेहता ने किया। जिला कलक्टर ने ई-डार पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निरीक्षण और अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की, साथ ही जिला सड़क सुरक्षा कार्ययोजना-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, परिवहन, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग के समन्वय से जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। आई-रेड परियोजना के तहत चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर आवश्यक सुधार कार्य, एम्बुलेंस की प्री-पोजिशनिंग और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्थित ट्रॉमा सेंटर और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँचने वाले मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखकर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण तेज गति और यातायात नियमों की अवहेलना है। इसे देखते हुए, उन्होंने पुलिस विभाग को ओवर स्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे की हालत में गाड़ी चलाने, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमित तथा सघन प्रवर्तन कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्य पालना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक, रिफ्लेक्टिव टेप, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में राजमार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, सड़क सुरक्षा गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने और मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट, 1961 के तहत अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण कराने के निर्देश भी शामिल थे। पंजीकृत प्रतिष्ठानों के लिए जागरूकता कार्यशालाओं और संयुक्त प्रवर्तन अभियानों के संचालन का भी निर्देश दिया गया। अन्य निर्देशों में व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए जनजागरूकता अभियान, राजमार्गों पर वे-साइड एमेनिटीज और चालक विश्राम केन्द्रों का विकास, टोल सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, हाईटेंशन लाइनों की नियमानुसार ऊंचाई बनाए रखना तथा सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर क्षतिग्रस्त सड़क संकेतकों का शीघ्र सुधार शामिल थे। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और निर्धारित कार्यों की समयबद्ध अनुपालन का आश्वासन दिया। निष्कर्ष के तौर पर, सभी विभागों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
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    राजसमंद में सोमवार को जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विभागवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था। बैठक का संचालन पीडब्ल्यूडी एसई आर एल मेहता ने किया।

जिला कलक्टर ने ई-डार पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निरीक्षण और अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की, साथ ही जिला सड़क सुरक्षा कार्ययोजना-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, परिवहन, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग के समन्वय से जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। आई-रेड परियोजना के तहत चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर आवश्यक सुधार कार्य, एम्बुलेंस की प्री-पोजिशनिंग और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्थित ट्रॉमा सेंटर और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँचने वाले मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखकर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण तेज गति और यातायात नियमों की अवहेलना है। इसे देखते हुए, उन्होंने पुलिस विभाग को ओवर स्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे की हालत में गाड़ी चलाने, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमित तथा सघन प्रवर्तन कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्य पालना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक, रिफ्लेक्टिव टेप, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में राजमार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, सड़क सुरक्षा गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने और मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट, 1961 के तहत अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण कराने के निर्देश भी शामिल थे। पंजीकृत प्रतिष्ठानों के लिए जागरूकता कार्यशालाओं और संयुक्त प्रवर्तन अभियानों के संचालन का भी निर्देश दिया गया। अन्य निर्देशों में व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए जनजागरूकता अभियान, राजमार्गों पर वे-साइड एमेनिटीज और चालक विश्राम केन्द्रों का विकास, टोल सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, हाईटेंशन लाइनों की नियमानुसार ऊंचाई बनाए रखना तथा सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर क्षतिग्रस्त सड़क संकेतकों का शीघ्र सुधार शामिल थे।

बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और निर्धारित कार्यों की समयबद्ध अनुपालन का आश्वासन दिया। निष्कर्ष के तौर पर, सभी विभागों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जिसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए पुलिस ने शहर में दो वॉटर कैनन तैनात किए और सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पानी की फुहारें छोड़ीं, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने राहत महसूस की। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून के अंत में जर्मनी में 38 डिग्री तापमान सामान्य से काफी अधिक माना जाता है। यूरोप के कई देशों में यह दूसरी बड़ी हीटवेव है, जिसके कारण स्वास्थ्य एजेंसियों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती हीटवेव और रिकॉर्ड तापमान जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत हैं। यूरोप में गर्मी ने कहर बरपा रखा है, जहाँ 40 डिग्री से अधिक तापमान ने इस साल 500 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि भारत में 46 डिग्री तापमान से भी लोगों को ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता। फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और स्विटजरलैंड जैसे यूरोप के सभी देश तंदूर की भट्टी बन गए हैं। कॉपर्निकस क्लाइमेट सर्विस के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, यूरोप के कुल साढ़े आठ शहरों में से आधे शहर हीटवेव की चपेट में हैं, जिससे पावर सिस्टम ठप हो रहा है और रेल की पटरियां पिघल रही हैं। आमतौर पर यूरोप के घरों में एयर कंडीशनर नहीं होते, लेकिन अब एसी खरीदने के लिए दुकानों में भारी भीड़ और लूट मची है, जिसने गर्मी से यूरोप का हाल बेहाल कर दिया है।
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    यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जिसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए पुलिस ने शहर में दो वॉटर कैनन तैनात किए और सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पानी की फुहारें छोड़ीं, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने राहत महसूस की। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून के अंत में जर्मनी में 38 डिग्री तापमान सामान्य से काफी अधिक माना जाता है। यूरोप के कई देशों में यह दूसरी बड़ी हीटवेव है, जिसके कारण स्वास्थ्य एजेंसियों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती हीटवेव और रिकॉर्ड तापमान जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत हैं। यूरोप में गर्मी ने कहर बरपा रखा है, जहाँ 40 डिग्री से अधिक तापमान ने इस साल 500 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि भारत में 46 डिग्री तापमान से भी लोगों को ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता। फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और स्विटजरलैंड जैसे यूरोप के सभी देश तंदूर की भट्टी बन गए हैं। कॉपर्निकस क्लाइमेट सर्विस के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, यूरोप के कुल साढ़े आठ शहरों में से आधे शहर हीटवेव की चपेट में हैं, जिससे पावर सिस्टम ठप हो रहा है और रेल की पटरियां पिघल रही हैं। आमतौर पर यूरोप के घरों में एयर कंडीशनर नहीं होते, लेकिन अब एसी खरीदने के लिए दुकानों में भारी भीड़ और लूट मची है, जिसने गर्मी से यूरोप का हाल बेहाल कर दिया है।
    user_VIKRAM YADAV विक्रम यादव धनेरिया गढ़
    VIKRAM YADAV विक्रम यादव धनेरिया गढ़
    Mechanic रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    25 min ago
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