जंगल से भटककर घर की जाली में फंसा दुर्लभ उदबिलाव, वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जंगल से भटककर घर की जाली में फंसा दुर्लभ उदबिलाव, वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा महुली (सोनभद्र)। विंढमगंज वन रेंज के महुली गांव में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल से भटककर आया एक दुर्लभ उदबिलाव एक घर के बाहर लगी लोहे की जाली में बुरी तरह फंस गया। जाली में तड़प रहे वन्यजीव को देखकर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, लेकिन जागरूकता का परिचय देते हुए किसी ने भी उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। वन दरोगा विवेक कुमार मौर्य के नेतृत्व में वन कर्मी ओम सिंह, देव यादव और जगदीश ने अत्यंत सावधानी और कुशलता के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद उदबिलाव को सुरक्षित जाली से बाहर निकाला गया। प्राथमिक जांच के बाद उसे वन विभाग की निगरानी में उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में भोजन और सुरक्षित रास्ते की तलाश में कई बार वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में लोगों को घबराने या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पहुंची टीम के प्रयासों से एक दुर्लभ वन्यजीव की जान बच गई। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जंगल से भटककर घर की जाली में फंसा दुर्लभ उदबिलाव, वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जंगल से भटककर घर की जाली में फंसा दुर्लभ उदबिलाव, वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा महुली (सोनभद्र)। विंढमगंज वन रेंज के महुली गांव में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल से भटककर आया एक दुर्लभ उदबिलाव एक घर के बाहर लगी लोहे की जाली में बुरी तरह फंस गया। जाली में तड़प रहे वन्यजीव को देखकर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, लेकिन जागरूकता का परिचय देते हुए किसी ने भी उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। वन दरोगा विवेक कुमार मौर्य के नेतृत्व में वन कर्मी ओम सिंह, देव यादव और जगदीश ने अत्यंत सावधानी और कुशलता के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद उदबिलाव को सुरक्षित जाली से बाहर निकाला गया। प्राथमिक जांच के बाद उसे वन विभाग की निगरानी में उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में भोजन और सुरक्षित रास्ते की तलाश में कई बार वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में लोगों को घबराने या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पहुंची टीम के प्रयासों से एक दुर्लभ वन्यजीव की जान बच गई। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- जंगल से भटककर घर की जाली में फंसा दुर्लभ उदबिलाव, वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जंगल से भटककर घर की जाली में फंसा दुर्लभ उदबिलाव, वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा महुली (सोनभद्र)। विंढमगंज वन रेंज के महुली गांव में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल से भटककर आया एक दुर्लभ उदबिलाव एक घर के बाहर लगी लोहे की जाली में बुरी तरह फंस गया। जाली में तड़प रहे वन्यजीव को देखकर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, लेकिन जागरूकता का परिचय देते हुए किसी ने भी उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। वन दरोगा विवेक कुमार मौर्य के नेतृत्व में वन कर्मी ओम सिंह, देव यादव और जगदीश ने अत्यंत सावधानी और कुशलता के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद उदबिलाव को सुरक्षित जाली से बाहर निकाला गया। प्राथमिक जांच के बाद उसे वन विभाग की निगरानी में उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में भोजन और सुरक्षित रास्ते की तलाश में कई बार वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में लोगों को घबराने या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पहुंची टीम के प्रयासों से एक दुर्लभ वन्यजीव की जान बच गई। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था, पैदल गश्त, सघन चेकिंग, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन के संबंध में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा की बाइट श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था, पैदल गश्त, सघन चेकिंग, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन के संबंध में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा की बाइट1
- Kisko apni jaati pe or apne dharm pe ghamand hai.?kya baat bol diya1
- 🚨 सोनभद्र: रॉबर्ट्सगंज आरओबी निर्माण की धीमी रफ्तार पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने नाराजगी जताई। निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को फटकार लगाई और वैकल्पिक मार्ग जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा, "जनता की सुविधा सर्वोपरि है, जरूरत पड़ी तो मुद्दा सड़क से सदन तक उठाया जाएगा।" #Sonbhadra #Robertsganj1
- गढ़वा नगर परिषद के कारनामे पर बवाल गढ़वा शहर के रंका मोड़ स्थित घंटाघर की खूबसूरती दिखाने के लिए हरा भरा विशाल पीपल पेड़ कटवा दिया गया है। विपक्ष और जनता नाराज1
- 🚨 सोनभद्र: नई सर्किल रेट के विरोध में ओबरा तहसील में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन। अधिवक्ता संघर्ष समिति के नेतृत्व में उप निबंधक कार्यालय पर ज्ञापन सौंपकर नई दर सूची को जनविरोधी बताते हुए इसे वर्तमान स्वरूप में लागू न करने की मांग की गई। #Sonbhadra #Obra1
- दुद्धी में सर्पदंश के दो मामले, स्कूल से लौटते 6 वर्षीय बालक व 17 वर्षीय युवती सांप के काटने से सीएचसी में भर्ती दुद्धी (सोनभद्रा)। आज मंगलवार दोपहर क्षेत्र में अलग अलग स्थानों पर सांप के काटने के दो मामले सामने आए है। दोनों घायलों को स्थानीय सीएचसी दुद्धी में प्राथमिक उपचार के लिए पहुंचाया गया है और उनका इलाज डॉ. सुनील कुमार की देखरेख में जारी है। पहला मामला धनौरा टोला पिपराही का है, जहाँ छह वर्षीय आयुष कुमार पुत्र मनीष, आज मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे स्कूल से लौटकर पड़ोसी के आँगन में कुएँ के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते समय पक्के के पट्टियों में छिपे अज्ञात सर्प ने आयुष के बाएं पैर को काट लिया। बच्चे ने घर आकर परिजनों को सूचित किया, जिनके त्वरित प्रयास से आयुष को निजी वाहन से सीएचसी दुद्धी ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार प्रारंभ कर दिया है और बच्चे की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। दूसरा मामला कुड़वा गांव की 17 वर्षीय मधु पुत्री अशोक से जुड़ा है। मधु आज दोपहर लगभग ढाई बजे खेत की ओर जाते समय रास्ते में अज्ञात सर्प के काटने का शिकार हो गई। घटना के बाद उसने परिजनों को बताया और उन्हें तत्काल निजी वाहन से सीएचसी दुद्धी लाया गया। मधु का भी उपचार डॉ. सुनील कुमार की निगरानी में चल रहा है। सीएचसी के चिकित्सकीय स्टाफ ने नागरिकों से अपील की है कि वे सांप के काटने की घटनाओं के बाद घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचाएँ और सम्भव हो तो घरेलू उपचारों से पहले चिकित्सकीय सहायता लें। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून शुरू होने के बाद खेत व घर के आस‑पास सांप दिखाई देने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं, इसलिए सावधानी बरतने व बच्चों को खुले स्थानों पर अकेले खेलने से रोकने की सलाह दी जा रही है।4