समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर स्थित CHC अस्पताल में रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई, पानी के रिसाव और मरीजों को रेफर किए जाने के मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई है। बीते दिनों पटोरी अनुमंडलाधिकारी विकाश कुमार पांडे ने भी अस्पताल में स्वच्छता और अन्य अनियमितताओं को लेकर ऐतराज जताते हुए कार्रवाई की थी। उसी क्रम में आज समिति की सदस्य रुक्मिणी देवी के नेतृत्व में यह औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें आम जनता से मिली शिकायतों के आधार पर विशेष रूप से प्रसव कक्ष और रेफर मामलों की जांच की गई। जांच के दौरान प्रसव कक्ष से महिला मरीजों के रेफर मामलों में आशा कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता की पड़ताल की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि जब प्रसव कक्ष से महिला रोगियों को रेफर किया जाता है, तो कुछ आशा कार्यकर्ता निजी नर्सिंग होम संचालकों व कर्मियों के प्रभाव में आ जाती हैं। वे क्षणिक लाभ के लिए भर्ती महिलाओं को बरगलाकर निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा देती हैं। सदस्यों के अनुसार, लेबर रूम में ड्यूटी करने वाले कर्मी, नर्स, ममता और आशा कार्यकर्ताओं की इस हरकत से सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर सवाल उठते हैं और सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जाती है। ऐसे में इन सभी कर्मियों पर विशेष ध्यान देते हुए कड़ा कदम उठाने की बात कही गई है। समिति के सदस्यों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा रेफर मामलों के संबंध में दिए गए निर्देशों का हर हाल में अनुपालन करने का निर्देश दिया और दोषी आशा कार्यकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कमरों में बारिश के समय हो रहे पानी के रिसाव को भी देखा गया, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रबंधक को रिसाव अविलंब बंद कराने और परिसर की साफ-सफाई पर प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर स्थित CHC अस्पताल में रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई, पानी के रिसाव और मरीजों को रेफर किए जाने के मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई है। बीते दिनों पटोरी अनुमंडलाधिकारी विकाश कुमार पांडे ने भी अस्पताल में स्वच्छता और अन्य अनियमितताओं को लेकर ऐतराज जताते हुए कार्रवाई की थी। उसी क्रम में आज समिति की सदस्य रुक्मिणी देवी के नेतृत्व में यह औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें आम जनता से मिली शिकायतों के आधार पर विशेष रूप से प्रसव कक्ष और रेफर मामलों की जांच की गई। जांच के दौरान प्रसव कक्ष से महिला मरीजों के रेफर मामलों में आशा कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता की पड़ताल की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि जब प्रसव कक्ष से महिला रोगियों को रेफर किया जाता है, तो कुछ आशा कार्यकर्ता निजी नर्सिंग होम संचालकों व कर्मियों के प्रभाव में आ जाती हैं। वे क्षणिक लाभ के लिए भर्ती महिलाओं को बरगलाकर निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा देती हैं। सदस्यों के अनुसार, लेबर रूम में ड्यूटी करने वाले कर्मी, नर्स, ममता और आशा कार्यकर्ताओं की इस हरकत से सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर सवाल उठते हैं और सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जाती है। ऐसे में इन सभी कर्मियों पर विशेष ध्यान देते हुए कड़ा कदम उठाने की बात कही गई है। समिति के सदस्यों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा रेफर मामलों के संबंध में दिए गए निर्देशों का हर हाल में अनुपालन करने का निर्देश दिया और दोषी आशा कार्यकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कमरों में बारिश के समय हो रहे पानी के रिसाव को भी देखा गया, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रबंधक को रिसाव अविलंब बंद कराने और परिसर की साफ-सफाई पर प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर स्थित CHC अस्पताल में रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई, पानी के रिसाव और मरीजों को रेफर किए जाने के मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई है। बीते दिनों पटोरी अनुमंडलाधिकारी विकाश कुमार पांडे ने भी अस्पताल में स्वच्छता और अन्य अनियमितताओं को लेकर ऐतराज जताते हुए कार्रवाई की थी। उसी क्रम में आज समिति की सदस्य रुक्मिणी देवी के नेतृत्व में यह औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें आम जनता से मिली शिकायतों के आधार पर विशेष रूप से प्रसव कक्ष और रेफर मामलों की जांच की गई। जांच के दौरान प्रसव कक्ष से महिला मरीजों के रेफर मामलों में आशा कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता की पड़ताल की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि जब प्रसव कक्ष से महिला रोगियों को रेफर किया जाता है, तो कुछ आशा कार्यकर्ता निजी नर्सिंग होम संचालकों व कर्मियों के प्रभाव में आ जाती हैं। वे क्षणिक लाभ के लिए भर्ती महिलाओं को बरगलाकर निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा देती हैं। सदस्यों के अनुसार, लेबर रूम में ड्यूटी करने वाले कर्मी, नर्स, ममता और आशा कार्यकर्ताओं की इस हरकत से सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर सवाल उठते हैं और सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जाती है। ऐसे में इन सभी कर्मियों पर विशेष ध्यान देते हुए कड़ा कदम उठाने की बात कही गई है। समिति के सदस्यों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा रेफर मामलों के संबंध में दिए गए निर्देशों का हर हाल में अनुपालन करने का निर्देश दिया और दोषी आशा कार्यकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कमरों में बारिश के समय हो रहे पानी के रिसाव को भी देखा गया, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रबंधक को रिसाव अविलंब बंद कराने और परिसर की साफ-सफाई पर प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।1
- महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिजेंद्र कुमार गुप्ता समस्तीपुर जिले के विद्यापति नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मऊ गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस उनकी पत्नी सुमन कुमारी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल पुलिस बिजेंद्र कुमार गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस मामले को लेकर बिजेंद्र कुमार गुप्ता के पिता का बयान भी सामने आया है।1
- jandaha kushvaha chauk1
- AI का बड़ा जादूगर अब आधुनिक AI टूल्स का पूरा इस्तेमाल सिखाएगा। इस ट्रेनिंग के दौरान Gemini AI और ChatGPT जैसे आधुनिक टूल्स के साथ-साथ डिजिटल स्किल्स और फ्यूचर स्किल्स सिखाए जाएँगे। बिहार के वैशाली, जंदाहा और समस्तीपुर क्षेत्र के छात्रों की तकनीकी शिक्षा और करियर को ध्यान में रखते हुए ₹1999 का यह AI कोर्स लाया जा रहा है, ताकि युवा टेक्नोलॉजी के इस दौर में आधुनिक टूल्स का सही उपयोग सीख सकें।1
- पटना के बाढ़ में सामने आए एक मामले में छह महीने की गर्भवती महिला ने अपने प्रेमी का हाथ थाम लिया है। महिला के इस कदम के बाद उसके पहले पति ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि "अब हमें इस रिश्ते से मुक्त किया जाए"।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र स्थित मदुदाबाद पंचायत के वार्ड संख्या 01 में नाली जाम होने की वजह से गंदे पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है। पानी का निकास रुकने से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है और जल निकासी को लेकर इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। वहीं, गंदा पानी जमा रहने के कारण क्षेत्र में बीमारी फैलने की आशंका भी जाहिर की जा रही है। इलाके की स्थिति का जायजा लेने के लिए स्थानीय BDO नवकंज कुमार मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उनके साथ स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहा।1
- विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा धांधली और आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के बैनर तले समस्तीपुर में छात्रों ने चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर समाहरणालय परिसर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान छात्र हाथों में अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां और पोस्टर लिए हुए थे। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं के कारण लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है। समाहरणालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्र नेताओं के बीच कुछ देर के लिए नोकझोंक भी हुई, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। छात्र संगठन के नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक मामलों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्था से गरीब, दलित, शोषित और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। संगठन ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1