हाथरस सिकंदरा राऊ हाइवे पर गोवंश से टकराई बाइक, पीछे से आए डंपर ने कुचला: युवती की मौत, मामा गंभीर घायल गोवंश से टकराई बाइक, पीछे से आए डंपर ने कुचला: युवती की मौत, मामा गंभीर घायल सिकंदराराऊ, संवाददाता। कोतवाली क्षेत्र के हाईवे स्थित गांव मुगलगढ़ी में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गोवंश से टकराने के बाद सड़क पर गिरे बाइक सवार मामा-भांजी को पीछे से आ रहे डंपर ने कुचल दिया। हादसे में 25 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका मामा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगरा के छतरपुर निवासी साक्षी अपने मामा के साथ बाइक से कचौरा क्षेत्र स्थित ननिहाल में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। रात करीब 7:45 बजे जब वे मुगलगढ़ी गांव के पास हाईवे पर पहुंचे, तभी अचानक बाइक सामने आए गोवंश से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे डंपर ने उन्हें रौंद दिया। हादसे में साक्षी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके मामा गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घायल को एंबुलेंस से उपचार के लिए भेजा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का बयान पुलिस क्षेत्राधिकारी जैनेंद्र नाथ आस्थाना ने बताया कि गोवंश से टकराने के कारण बाइक सवार संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर गए, जिसके बाद पीछे से आ रहे डंपर ने उन्हें कुचल दिया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हाथरस सिकंदरा राऊ हाइवे पर गोवंश से टकराई बाइक, पीछे से आए डंपर ने कुचला: युवती की मौत, मामा गंभीर घायल गोवंश से टकराई बाइक, पीछे से आए डंपर ने कुचला: युवती की मौत, मामा गंभीर घायल सिकंदराराऊ, संवाददाता। कोतवाली क्षेत्र के हाईवे स्थित गांव मुगलगढ़ी में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गोवंश से टकराने के बाद सड़क पर गिरे बाइक सवार मामा-भांजी को पीछे से आ रहे डंपर ने कुचल दिया। हादसे में 25 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका मामा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगरा के छतरपुर निवासी साक्षी अपने मामा के साथ बाइक से कचौरा क्षेत्र स्थित ननिहाल में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। रात करीब 7:45 बजे जब वे मुगलगढ़ी गांव के पास हाईवे पर पहुंचे, तभी अचानक बाइक सामने आए गोवंश से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे डंपर ने उन्हें रौंद दिया। हादसे में साक्षी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके मामा गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घायल को एंबुलेंस से उपचार के लिए भेजा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का बयान पुलिस क्षेत्राधिकारी जैनेंद्र नाथ आस्थाना ने बताया कि गोवंश से टकराने के कारण बाइक सवार संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर गए, जिसके बाद पीछे से आ रहे डंपर ने उन्हें कुचल दिया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- हाथरस नगर पालिका परिषद द्वारा शहर में जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। तालाब चौराहे पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया है, जिसका शुभारंभ भाजपा सांसद अनूप प्रधान की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने बताया कि प्रतीक्षालय बनने से अब यात्रियों को बसों का इंतजार सड़क पर खड़े होकर नहीं करना पड़ेगा। यात्री आराम से बैठकर अपनी बस का इंतजार कर सकेंगे और खासकर गर्मी के मौसम में धूप से भी बचाव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका का उद्देश्य है कि शहर की जनता को सरकार की जनहितकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले और इसी दिशा में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं।1
- श्री कलाधर जी महाराज , श्री दिव्य योग कला धाम मंदिर , जैतपुर।3
- एक मजदूर की हालत नाजुक,धाय के नीचे दबने से मजदूर को बड़ी मुश्किल से किया गया रेस्क्यू,घटना का लाईव वीडियो आया सांमने,1
- हाथरस में चंदपा थाने में पुलिस कस्टडी के दौरान हुई चंद्रपाल दिवाकर की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद जिले का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं प्रदेश कमेटी सदस्य रामनारायण काके ने अन्य नेताओं के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। सपा नेता ने इस घटना को पुलिसिया कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की है। परिजनों से मिले सपा नेता, दी सांत्वना मूल रूप से सिकंदराराऊ के बख्तर निवासी और हाल में दिल्ली रह रहे चंद्रपाल दिवाकर की मौत की सूचना मिलते ही सपा नेता रामनारायण काके अपने समर्थकों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी है। पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता मौके से ही रामनारायण काके ने पुलिस अधीक्षक (हाथरस) से फोन पर वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि पुलिस हिरासत में हुई यह मौत बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मृतक परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ये रहे मौजूद इस दौरान नेत्रपाल सिंह राजपूत, पूर्व नगर अध्यक्ष हेमंत गौड़, आजाद कुरैशी, डॉ. राधेश्याम रजक, पिंटू दिवाकर, शहर अध्यक्ष चिंकू शर्मा, ताराचंद कुशवाहा, मनीष कुशवाहा और मोहित कश्यप एडवोकेट सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रही है। क्या आप इस समाचार में मृतक के परिजनों के किसी विशेष बयान या पुलिस के आधिकारिक पक्ष को भी शामिल करना चाहेंगे?3
- हाथरस के सासनी क्षेत्र के दरकौली गांव में नीलगाय भगाने को लेकर हुए विवाद में दो युवकों पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में गोलू और नरेश गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, प्रार्थी प्रमोद कुमार शर्मा के भतीजे गोलू और नरेश अपने खेतों पर काम कर रहे थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने जानबूझकर नीलगायों को उनके खेतों की ओर धकेलना शुरू कर दिया। जब गोलू और नरेश ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में गोलू के पैर में भाला मारा गया, जबकि नरेश की गर्दन पर गंडासे से वार किया गया, जिससे दोनों बुरी तरह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े। शोर सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे, जिन्हें देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर सासनी थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक यतेंद्र सिंह को सौंपी गई है। सासनी कोतवाली प्रभारी विपिन चौधरी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकद्दमा दर्ज कर लिया है।और मामले में जांचा पड़ताल जारी है।2
- टोंस नदी पर ‘खनन सिंडिकेट’ का कब्जा, करछना में चल रहा बेखौफ खेल, सिस्टम पर सीधे सवाल धरवाराघाट से साहपुर तक नामजद चेहरे बेनकाब मिलीभगत, वसूली और धमकियों से दहशत में गांव प्रयागराज। करछना तहसील में अवैध खनन अब छुपा हुआ अपराध नहीं, बल्कि खुला संगठित कारोबार बन चुका है। टोंस नदी के धरवाराघाट पर बिना किसी वैध पट्टे के दिन- दहाड़े जेसीबी और ट्रैक्टरों से बालू निकासी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासनिक तंत्र की आंखों के सामने हो रहा है, फिर भी कार्रवाई शून्य है—जिससे मिलीभगत की बू साफ महसूस होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह कोई बिखरा हुआ मामला नहीं,बल्कि एक संगठित “खनन सिंडिकेट” है जो धरवाराघाट से लेकर धरवारा साहपुर, सुलमई, इसैटा और झरियही तक अपनी पकड़ बनाए हुए है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में बृजेश सिंह उर्फ चंदन, विजय प्रताप सिंह उर्फ मोहन सिंह, संजय निषाद, राम सिंह, गोरेलाल और शुभम तिवारी जैसे नाम खुलकर सामने आ रहे हैं, जो कथित तौर पर खुलेआम खनन कर रहे हैं और प्रभाव के दम पर सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के किनारों का तेजी से कटाव हो रहा है, जलस्तर गिर रहा है और पर्यावरणीय संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। लेकिन इन गंभीर खतरों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। आरोप यहां तक हैं कि हर महीने मोटी रकम “सेटिंग” के नाम पर पहुंचाई जाती है, जिसके चलते खनन विभाग और स्थानीय पुलिस कार्रवाई से बचती नजर आती है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जो भी इस खेल के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, उसे डराया- धमकाया जाता है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि शिकायत करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है और जान से मारने तक की धमकियां दी जाती हैं। इससे पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। अब सवाल यह है कि क्या करछना में कानून का राज है या फिर खनन माफियाओं का? क्या प्रशासन इस पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कस पाएगा या फिर यह अवैध खेल यूं ही चलता रहेगा? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच कराई जाए, नामजद आरोपियों की भूमिका की पड़ताल हो और अवैध खनन के इस जाल को जड़ से खत्म किया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चुनौती को गंभीरता से लेता है या फिर टोंस नदी का सीना यूं ही छलनी होता रहेगा।1
- हाथरस में भाजपा द्वारा निकाली गई जन आक्रोश महिला पदयात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जिला कार्यालय के पास प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य के नेतृत्व में राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला दहन किया जा रहा था। इसी दौरान मची अफरा-तफरी में एक महिला भाजपा कार्यकर्ता नाली में गिरकर घायल हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को बाहर निकालकर सुरक्षित किया। घटना के बाद कुछ देर के लिए मौके पर हड़कंप मच गया।1
- हाथरस जिले में उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में परीक्षा के लिए कुल 12 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को परीक्षा आयोजित की जा रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भर्ती परीक्षा में करीब 26,496 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जा सके। परीक्षा केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल (यदि लागू हो) और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा गया है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए केंद्रों पर मूलभूत व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने और सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।1
- हाथरस। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन हाथरस में भव्य दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके 390 प्रशिक्षु आरक्षी अब उत्तर प्रदेश पुलिस के गौरवशाली बल का हिस्सा बन गए हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस उप महानिरीक्षक (तकनीकी सेवाऐं) आशीष तिवारी ने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा समेत जनपद के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मीडिया से रूबरू होते हुए डीआईजी आशीष तिवारी ने बताया कि आज पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ 60,000 से अधिक आरक्षियों का दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक और बड़ी कवायद है। उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि हाथरस में दीक्षांत परेड में शामिल 400 के करीब आरक्षियों में से 90 महिला आरक्षी हैं। नारी शक्ति की पुलिस बल में बढ़ती यह भागीदारी प्रदेश की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए एक बेहतरीन कदम है। उन्होंने आगे कहा कि बल में लगभग 20% नए फोर्स का इजाफा हुआ है, जिससे कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री और डीजीपी के प्रयासों से सफल हुई इस भर्ती प्रक्रिया के बाद अब ये जवान अपनी सेवाएं देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। परेड के दौरान प्रशिक्षुओं के परिवारों की उपस्थिति ने माहौल को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया।4