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एक अज्ञात मेल के माध्यम से प्रधान जिला जज के जीमेल अकाउंट में मिली थी लातेहार कोर्ट को उड़ाने की धमकी। एंकर - गुरुवार की सुबह लातेहार जिला प्रधान जज को जीमेल अकाउंट में एक अज्ञात मेल आया था जिसमें यह धमकी दी गई थी कि लातेहार कोर्ट को बम से उड़ा दिया जाएगा। मिली धमकी के बाद लातेहार कोर्ट में फोर्स की तैनाती कर पूरे कोर्ट परिसर की जांच की गई एवं कोर्ट परिसर में किसी भी अनजान व्यक्ति के प्रवेश पर निषेध लगा दिया गया था । पुलिस बल दोपहर 2:00 बजे तक तैनात रहे। इस दौरान लातेहार कोर्ट के प्रधान जिला जज सहित अन्य सभी जज काफी दहशत में रहे। दोपहर 2:00 बजे के बाद जब कोई घटना नहीं हुई तो कोर्ट परिसर में एक सामान्य माहौल बना । बाइट - अधिवक्ता सुनील कुमार लातेहार कोर्ट
Manoj dutt dev
एक अज्ञात मेल के माध्यम से प्रधान जिला जज के जीमेल अकाउंट में मिली थी लातेहार कोर्ट को उड़ाने की धमकी। एंकर - गुरुवार की सुबह लातेहार जिला प्रधान जज को जीमेल अकाउंट में एक अज्ञात मेल आया था जिसमें यह धमकी दी गई थी कि लातेहार कोर्ट को बम से उड़ा दिया जाएगा। मिली धमकी के बाद लातेहार कोर्ट में फोर्स की तैनाती कर पूरे कोर्ट परिसर की जांच की गई एवं कोर्ट परिसर में किसी भी अनजान व्यक्ति के प्रवेश पर निषेध लगा दिया गया था । पुलिस बल दोपहर 2:00 बजे तक तैनात रहे। इस दौरान लातेहार कोर्ट के प्रधान जिला जज सहित अन्य सभी जज काफी दहशत में रहे। दोपहर 2:00 बजे के बाद जब कोई घटना नहीं हुई तो कोर्ट परिसर में एक सामान्य माहौल बना । बाइट - अधिवक्ता सुनील कुमार लातेहार कोर्ट
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- एंकर - गुरुवार की सुबह लातेहार जिला प्रधान जज को जीमेल अकाउंट में एक अज्ञात मेल आया था जिसमें यह धमकी दी गई थी कि लातेहार कोर्ट को बम से उड़ा दिया जाएगा। मिली धमकी के बाद लातेहार कोर्ट में फोर्स की तैनाती कर पूरे कोर्ट परिसर की जांच की गई एवं कोर्ट परिसर में किसी भी अनजान व्यक्ति के प्रवेश पर निषेध लगा दिया गया था । पुलिस बल दोपहर 2:00 बजे तक तैनात रहे। इस दौरान लातेहार कोर्ट के प्रधान जिला जज सहित अन्य सभी जज काफी दहशत में रहे। दोपहर 2:00 बजे के बाद जब कोई घटना नहीं हुई तो कोर्ट परिसर में एक सामान्य माहौल बना । बाइट - अधिवक्ता सुनील कुमार लातेहार कोर्ट1
- एंकर :जिले के कोर्ट को अज्ञात ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद को न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे न्यायालय के सरकारी ई-मेल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ई-मेल मिलने के बाद न्यायालय प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी।सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी के निर्देश पर मुख्यालय डीएसपी संजीव मिश्रा तथा थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा दल-बल के साथ तुरंत सिविल कोर्ट परिसर पहुंचे। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में सघन जांच अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से न्यायालय परिसर के विभिन्न कक्षों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से तलाशी ली गई। जांच के दौरान पुलिस ने कोर्ट के सभी कमरों और परिसर के कोने-कोने की जांच की, लेकिन किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच में जुटा हुआ है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी टीम भी सक्रिय कर दी गई है। धमकी मिलने के बाद एहतियातन कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।मामले पर एसपी कुमार गौरव ने पुष्टि किया है. गौरतलब है कि इससे पहले भी झारखंड के रांची, धनबाद और बोकारो के सिविल कोर्ट को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। ऐसे मामलों को देखते हुए राज्यभर में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।2
- manika bidhan sabha hamare manniye ramchandr bidhayk ki deblap gaw ki road matlong se jane wali phatriya ki or1
- Post by Mohd Sameer Khan aimim1
- लातेहार। जिले के विभिन्न प्रखंडों में केंद्रीय टीम का दौरा जारी है। सूत्रों की मानें, तो राज्य के कई जिलों को पीएम अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। जिसमें लातेहार जिला भी है। अभी तक लातेहार जिले के कई प्रखंडों को केंद्रीय टीम दौरा कर कई विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जांच एवं मूल्यांकन कर चुकी है। इसी क्रम में बुधवार को लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के लुकुइया आंगनवाड़ी केंद्र का मूल्यांकण, एवं ट्रामा सेंटर का निरीक्षण, चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण-मूल्यांकन, नगर आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों का रखरखाव-मूल्यांकन और जमीरा मेंआम बागवानी का निरीक्षण किया गया। उसके बाद बालूमाथ में सेविका ट्रेनिंग कार्यक्रम को बालूमाथ प्रखंड कार्यालय के साथ ही बारीखाप पीएचसी का निरीक्षण और मूल्यांकन किया गया। इसी तरह जिला प्रशासन की देखरेख में केंद्रीय टीम लातेहार के विभिन्न प्रखंडों में घूम-घूम कर सभी स्थलों का निरीक्षण एवं मूल्यांकन कर रही है।4
- Post by Jharkhand local news1
- Post by AAM JANATA1
- बरवाडीह/लातेहार: बेतला नेशनल पार्क स्थित एनआईसी सम्मेलन हॉल में बुधवार 11 मार्च 2026 को एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला सह “नेचर ऑफ मीडिया कॉन्क्लेव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पलामू टाइगर रिजर्व द्वारा वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहयोग से “बातचीत करें–संवाद करें–संरक्षण करें” थीम पर किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष और वन्यजीव अपराध से जुड़े मुद्दों पर मीडिया की भूमिका को मजबूत करना था। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे प्रतिभागियों के पंजीकरण और किट वितरण के साथ हुई। इसके बाद अभिषेक चौबे ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मुद्दों को समाज तक सही और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मीडिया की भूमिका बेहद अहम है। परिचय सत्र में विभिन्न मीडिया संस्थानों से आए पत्रकारों और विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र निदेशक सह मुख्य वन संरक्षक (पलामू टाइगर रिजर्व) एस.आर. नटेश ने कहा कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज और मीडिया की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि पलामू टाइगर रिजर्व जैव विविधता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसके संरक्षण के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। मुख्य अतिथि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक झारखंड रवि रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वन्यजीवों से जुड़ी खबरों को जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और अनावश्यक भय या भ्रम की स्थिति न बने। तकनीकी सत्र में अंकित ठाकुर ने झारखंड में हाथी गलियारों और “राइट ऑफ पैसेज” पहल पर प्रस्तुति दी। वहीं संचार विशेषज्ञ विराट सिंह ने मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी घटनाओं की संवेदनशील रिपोर्टिंग पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा केके शर्मा ने मीडिया में वन्यजीव अपराध की रिपोर्टिंग के दौरान आने वाले जोखिम और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।कार्यशाला के दौरान पत्रकारों के साथ समूह अभ्यास भी कराया गया, जिसमें मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं की रिपोर्टिंग से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। इस अवसर पर वन विभाग के कई अधिकारी, जिनमें डीएफओ कुमार आशीष, गारू वन क्षेत्र पदाधिकारी सह बेतला प्रभारी उमेश कुमार दुबे, पश्चिमी वन क्षेत्र पदाधिकारी अजय कुमार टोप्पो, वनपाल संतोष कुमार सिंह तथा पर्यटन पदाधिकारी विवेक तिवारी सहित कई वनकर्मी उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न मीडिया संस्थानों से आए पत्रकारों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के समापन के बाद प्रतिभागियों को पलामू टाइगर रिजर्व का क्षेत्र भ्रमण भी कराया गया, जिससे उन्हें वन्यजीव संरक्षण के जमीनी पहलुओं को करीब से समझने का अवसर मिला। इस कॉन्क्लेव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रशासन, मीडिया और समाज के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग बेहद जरूरी है। — रिपोर्ट: अकरम अंसारी, बरवाडीह1