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मूल पाठ के अनुसार, विपक्षी सांसद होने पर सुनवाई नहीं होती है।
मुजीब आलम पत्रकार
मूल पाठ के अनुसार, विपक्षी सांसद होने पर सुनवाई नहीं होती है।
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- मोहर्रम पर्व के अवसर पर सोमवार शाम करीब 4 बजे कालपी शहर के जुलैठी मोहल्ले से 6 मोहर्रम का पारंपरिक बुर्राक जुलूस बड़ी अकीदत और श्रद्धा के साथ निकाला गया। इस जुलूस में हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिससे पूरे रास्ते धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। बुर्राक कमेटी के हसन, कामरान, फरमान और हसन रज़ा ने बताया कि यह जुलूस जुलैठी क्षेत्र से शुरू होकर रावगंज, कोतवाली, हरिगंज, बड़ा बाजार, दीवान औलिया और भट्टीपुरा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अपने निर्धारित मुकाम तक पहुँचा। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर जियारत की और फूल व चादरें पेश कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। बाद में बुर्राक को छोटे चौक से होते हुए वापस उसके निर्धारित स्थान पर ले जाया गया। इस अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जुलूस मार्ग पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने इसका स्वागत किया, जबकि गैर-मुस्लिम भाई-बहनों ने भी श्रद्धापूर्वक शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की। यह नज़ारा कालपी की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का स्पष्ट संदेश देता हुआ दिखा।4
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार सिर्फ नारी शक्ति के सशक्तिकरण की बातें नहीं करती, बल्कि महिलाओं के उत्थान और कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। इसी संदर्भ में, मुख्यमंत्री ने झांसी की बलिनी डेयरी का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसे उन्होंने महिला आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण बताया। उनके अनुसार, इस डेयरी से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं अब स्वरोजगार के ज़रिए न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी बना रही हैं।1
- जनपद जालौन के जिला कारागार उरई में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण त्रैमासिक निरीक्षण किया गया, जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने औचक दौरा किया। उनके साथ जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जेल परिसर का गहन मुआयना कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिला न्यायाधीश ने बैरकों, रसोईघर, चिकित्सालय, स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने जेल में बंद बंदियों से सीधे बातचीत कर उनके रहने, खाने-पीने, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। बंदियों से यह भी पूछा गया कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या या शिकायत तो नहीं है। जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने कारागार में साफ-सफाई की स्थिति, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं का भी निरीक्षण किया। एक डॉक्टरों की टीम ने भी बंदियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं की समीक्षा की। इस निरीक्षण में कारागार में उपलब्ध अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। अधिकारियों ने बंदियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की पड़ताल की और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि जिला कारागार उरई में बंदियों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता अभियान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी की जाती है, ताकि बंदियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। त्रैमासिक निरीक्षण के बाद जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कारागार प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।2
- मंगलवार को जालौन में न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला कारागार का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला न्यायाधीश विरजेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिभा तथा जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने मिलकर कारागार का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान, इन अधिकारियों ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता की स्थिति, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और बंदियों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में एक आत्मनिर्भर बालिका शिविर का शुभारंभ किया गया है। इस शिविर के माध्यम से छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।1
- जनपद जालौन की ग्राम पंचायत लहचूरा कोरीपुरा में खेत में लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पड़ोसी किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। आग की चपेट में आने से उनके खेत में रखे लगभग 40 सिंचाई पाइप पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। यह घटना कुलदीप पाल पुत्र मलखान पाल द्वारा अपने खेत में आग लगाने के कारण हुई। तेज हवा के कारण आग अनियंत्रित होकर पास के खेत तक फैल गई और वहां रखे सिंचाई पाइपों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पाइप धू-धू कर जलने लगे, जिससे आसपास के किसानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझाए जाने से आसपास के खेतों और अन्य कृषि उपकरणों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। पीड़ित किसान नरेंद्र पाल सिंह ने प्रशासन से अपने नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने किसानों से खेतों में आग लगाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में मोहर्रम के अवसर पर अकीदत के साथ अलम का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस के माध्यम से इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत यानी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- घाटमपुर में तैनात एक महिला सिपाही का अपने पति से विवाद हो गया, जिसके बाद उसने गुस्से में चूड़ियां पीसकर खा लीं। उसकी हालत बिगड़ने पर साथी पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कानपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यह पूरा मामला घाटमपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, घाटमपुर थाने में कार्यरत महिला सिपाही का नाम प्रियंका चौधरी है, और उसके पति संतोष मेरठ पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हैं। सोमवार देर शाम संतोष घाटमपुर आए थे, जहाँ पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद संतोष वापस मेरठ लौट गए थे। मंगलवार को प्रियंका चौधरी थाने के CCTNS कक्ष में अपनी ड्यूटी पर थीं, तभी उनका पति से फोन पर फिर से विवाद हो गया। यह फोन पर हुई बातचीत विवाद में बदल गई, और इसी के तुरंत बाद महिला सिपाही प्रियंका ने चूड़ियां पीसकर खा लीं। तबीयत बिगड़ते देख उनके साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें सीएचसी पहुंचाया, जहाँ शुरुआती उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कानपुर के जिला अस्पताल भेज दिया।3