बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जहां नवनिर्मित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। राज्य सरकार की पहल पर विभिन्न प्रखंडों में स्थापित 211 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में एक साथ शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत की गई है। इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इसी कड़ी में चैनपुर के नवस्थापित महाविद्यालय में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने फीता काटकर स्थानीय स्तर पर समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने बताया कि वर्तमान में महाविद्यालय की पढ़ाई अस्थायी भवन से शुरू की जा रही है, लेकिन राज्य सरकार जल्द ही यहां सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी भवन का निर्माण कराएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। चैनपुर में इस कॉलेज के खुलने से क्षेत्र के हजारों आर्थिक रूप से कमजोर और स्थानीय छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए कैमूर के उप विकास आयुक्त को नोडल पदाधिकारी बनाया गया था, जबकि मोहनियां के अनुमंडल पदाधिकारी को सहयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रशासनिक और शैक्षणिक तैयारियों को सुनिश्चित करने में कैमूर के अपर समाहर्ता तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई। समारोह के दौरान राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष गजेंद्र गुप्ता, जदयू जिला अध्यक्ष अजय सिंह पटेल, भाजपा नेता व पैक्स अध्यक्ष संजय पांडेय जगरियां, भाजपा मंडल अध्यक्ष चैनपुर विजय चौरसिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष चांद रिंकू पांडेय, अखिलेश नारायण सिंह पटेल, जदयू चैनपुर प्रखंड अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह और राजेश कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग, शिक्षक एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। स्थानीय नागरिकों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्वागत करते हुए सरकार से कॉलेज के स्थायी भवन का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की है।
बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जहां नवनिर्मित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। राज्य सरकार की पहल पर विभिन्न प्रखंडों में स्थापित 211 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में एक साथ शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत की गई है। इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इसी कड़ी में चैनपुर के नवस्थापित महाविद्यालय में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने फीता काटकर
स्थानीय स्तर पर समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने बताया कि वर्तमान में महाविद्यालय की पढ़ाई अस्थायी भवन से शुरू की जा रही है, लेकिन राज्य सरकार जल्द ही यहां सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी भवन का निर्माण कराएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। चैनपुर में इस कॉलेज
के खुलने से क्षेत्र के हजारों आर्थिक रूप से कमजोर और स्थानीय छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए कैमूर के उप विकास आयुक्त को नोडल पदाधिकारी बनाया गया था, जबकि मोहनियां के अनुमंडल पदाधिकारी को सहयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रशासनिक और शैक्षणिक तैयारियों को सुनिश्चित करने में कैमूर के अपर समाहर्ता तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई। समारोह के दौरान राष्ट्रीय
लोक जनशक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष गजेंद्र गुप्ता, जदयू जिला अध्यक्ष अजय सिंह पटेल, भाजपा नेता व पैक्स अध्यक्ष संजय पांडेय जगरियां, भाजपा मंडल अध्यक्ष चैनपुर विजय चौरसिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष चांद रिंकू पांडेय, अखिलेश नारायण सिंह पटेल, जदयू चैनपुर प्रखंड अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह और राजेश कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग, शिक्षक एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। स्थानीय नागरिकों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्वागत करते हुए सरकार से कॉलेज के स्थायी भवन का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की है।
- उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित चकिया क्षेत्र के लतीफशाह बांध पर पिकनिक मनाने आए एक युवक की हादसे में मौत हो गई। मृतक की पहचान वाराणसी के जैतपुरा निवासी इस्तियाक अली के रूप में हुई है, जो अपने दोस्तों के साथ यहां पिकनिक मनाने आए थे। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि जब इस्तियाक आम खा रहे थे, तभी एक बंदर ने उनसे आम छीनने के लिए झपट्टा मार दिया। इस झपट्टे के कारण इस्तियाक का संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़े, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आ गई। उनके साथी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।4
- चन्दौली के चकिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचवनिया में निर्माणाधीन छलका (क्रॉस रेगुलेटर) को मानक के अनुसार डेढ़ फीट ऊंचा करने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को चौथे दिन भी लगातार जारी रहा। दिन-रात धरना स्थल पर डटे किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा हाल ही में बनाए गए छलका की ऊंचाई पहले से कम कर दी गई है, जिससे पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। यदि इसकी ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई तो पचवनिया, ठेकहा, मनसापुर और केराडीह माइनर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचेगा, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि सूखी रह जाएगी और धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित होगी। इस संकट के बीच धरना स्थल से किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल चन्दौली में आयोजित किसान दिवस में भी शामिल हुआ और अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखी। हालांकि, अधिकारियों ने तत्काल समाधान करने के बजाय तीन दिन का समय मांगा, जिससे असंतुष्ट होकर किसानों ने धरना जारी रखने का फैसला किया। धरना स्थल पर आयोजित सभा को उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट और किसान नेता शंभूनाथ ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसानों की यह मांग पूरी तरह जनहित और कृषि हित से जुड़ी है, और यदि प्रशासन ने जल्द ही इसका समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस सभा की अध्यक्षता कन्हैया चौहान ने की। धरने पर बैठे किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में सिंचाई विभाग द्वारा छलका की ऊंचाई बढ़ाकर माइनरों में जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे चक्का जाम जैसे लोकतांत्रिक आंदोलन करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में शत्रुघ्न चौहान, सिपाही चौहान, मैराथू राम, गुप्तनाथ, अक्षय कुमार, सुरेंद्र चौहान, रामाश्रय सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। फिलहाल धान की रोपाई के समय पर पानी न मिलने से चिंतित किसानों की निगाहें जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।1
- चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील की जिम्मेदारी एसडीएम आकांक्षा सिंह को सौंप दी गई है। जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद एसडीएम आकांक्षा सिंह ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है।1
- बिहार के भाइयों से अपनी आँखें खोलने और अपनी स्थिति पर गंभीरता से सोचने की एक बेहद तीखी और भावुक अपील की गई है। इस बात को पूरी तरह स्वीकार किया गया है कि पेट भरने और खाने के लिए काम करना हर किसी की मजबूरी है, लेकिन इसके साथ ही यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि आखिर लोग इतनी कमरतोड़ शारीरिक मेहनत वाला और इतनी भारी भीड़भाड़ में काम क्यों कर रहे हैं। लोगों से ज़रा ठहरकर यह सोचने को कहा गया है कि वे क्या कर रहे हैं और इतनी अत्यधिक कठिनाई वाले काम में खुद को क्यों झोंक रहे हैं।1
- धानापुर ब्लॉक के महूजी गाँव में पिछले 22 वर्षों बाद पुनः श्री जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा की रैली स्वरूप झांकी निकाली गई। इस झांकी को देखने और इसमें शामिल होने के लिए आसपास के गाँवों के लोग इकट्ठा हुए, जिससे वहाँ लोगों का जनसैलाब उमड़ गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2 बजे महाआरती के साथ हुई, जबकि दोपहर 3 बजे यात्रा की शुरुआत की गई। इस यात्रा में लोगों ने भगवान जगन्नाथ के नारे लगाए और रस्सी के सहारे उनकी प्रतिमा को खींचने की प्रथा को उजागर किया, जिससे आसपास का पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। शाम सात बजे प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है। महूजी गाँव के समाजसेवी धनंजय उर्फ धन्नू सिंह ने बताया कि यह पल सभी क्षेत्रवासियों के लिए काफी मायने रखता है, क्योंकि जो कार्य 22 वर्षों से बंद पड़ा था, उसे नौजवानों और कुछ समाजसेवियों ने मिलकर पुनः बड़े ही धूमधाम से मनाया है। इस मौके पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ लगी रही। इस आयोजन में गाँव के अनिल यादव, कार्तिक सिंह, धन्नू सिंह, पवन कुमार, धर्मेंद्र कुमार व अन्य कई लोग मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश के चंदौली में लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज होकर किसानों ने अमड़ा विद्युत उपकेंद्र पर ताला जड़ दिया है। बिजली की भारी कटौती से आक्रोशित किसान लगातार अपना विरोध जता रहे हैं और उपकेंद्र पर तालाबंदी करने के बाद भी उनका प्रदर्शन अभी भी जारी है।1
- आजाद रावण (ASP) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह दावा करते हुए कह रहे हैं कि आने वाली 20 तारीख को हर तरफ केवल आदमी ही आदमी दिखाई देगा।1
- चन्दौली जनपद के नरवन में बिजली की लो वोल्टेज और लगातार ट्रिपिंग की समस्या से परेशान किसानों और उपभोक्ताओं का गुस्सा भड़क उठा। गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने अमडा बिजली उपकेंद्र पर ताला जड़कर उग्र धरना-प्रदर्शन किया। दरअसल, अमडा उपकेंद्र से जुड़े लगभग 120 गांवों के लोग इस उमस भरी गर्मी में बिजली संकट से जूझ रहे हैं। खेती के इस बेहद महत्वपूर्ण समय में बिजली के अभाव में किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके ट्यूबवेल और सिंचाई के अन्य संसाधन बेकार पड़े हुए हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उपभोक्ताओं के सब्र का बांध टूट गया। तालाबंदी और हंगामे की सूचना मिलते ही कंदवा थानाध्यक्ष बिनोद कुमार अंचल, धीना थानाध्यक्ष दिलीप श्रीवास्तव और सकलडीहा कोतवाल भूपेंद्र निषाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। इसके बाद बिजली विभाग की एसी जसमीत कौर ने मौके पर पहुंचकर धरनारत लोगों को 24 घंटे के भीतर बिजली की समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया। इस आश्वासन के बाद ही उपभोक्ताओं ने अपना धरना समाप्त किया। हालांकि, उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर समस्या का निदान नहीं किया गया, तो वे दोबारा उपकेंद्र पर तालाबंदी कर प्रदर्शन करने को विवश होंगे। इस मौके पर विभाग की ओर से अधिशाषी अभियंता नरेश कुमार, SDO जय सिंह, सियाराम, अवर अभियंता जवाहर सिंह व घनश्याम मौजूद रहे। वहीं, प्रदर्शनकारियों में किसान नेता रतन सिंह, मुन्ना सिंह, संदीप राय, पंकज राय, अंकुर राय, महेंद्र सिंह, राजीव रंजन सिंह, गुड्डू राय, दिनेश सिंह, बिट्टू राय और आदित्य राय सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।4
- चंदौली के सकलडीहा तहसील में वकीलों ने SDM कुंदन राज कपूर के विदाई समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान तहसील के वकीलों ने विदाई समारोह में शामिल होकर SDM कुंदन राज कपूर को भावभीनी विदाई दी और उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।1