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इस पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर बंदर की समस्या कौन सुनेगा।
Abdul Rasid
इस पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर बंदर की समस्या कौन सुनेगा।
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- शहर में दवाओं के माध्यम से नशा करवाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए लोगों में एक सप्लायर और एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) शामिल हैं। यह पूरा नशा नेटवर्क बुरहानपुर से संचालित हो रहा था।1
- नवतपा के आठवें दिन सोमवार शाम करीब 5 बजे बुरहानपुर जिले में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज आंधी-तूफान के साथ हुई जोरदार बारिश ने कुछ ही मिनटों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और तेज हवाओं के साथ बारिश ने कई क्षेत्रों में तबाही मचाना शुरू कर दिया। इस बारिश से जहाँ एक ओर भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली, वहीं दूसरी ओर कई घरों में पानी घुस गया और तेज हवाओं के चलते कई लोगों के टीन-टप्पर उड़ गए, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। लोग अपने जरूरी सामान भी सुरक्षित स्थानों तक नहीं पहुंचा सके। बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से देखा गया, जहाँ नावरा, डाभीया, पलासुर, गोराडिया सहित आसपास के कई गांवों में भारी नुकसान हुआ। जिले के कई इलाकों में केले की फसल को भारी क्षति पहुँची है, साथ ही कई किसानों के पशुओं के घास-चारे और गौशालाओं में रखा सामान भी भीग गया, जिससे पशुपालकों को भी परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे जनजीवन और प्रभावित हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, अचानक मौसम खराब होने से खेतों में खड़ी फसलों को खासा नुकसान हुआ है, जिसके मद्देनजर किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि नुकसान का आकलन जल्द नहीं हुआ तो किसानों को गंभीर आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यह उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से बुरहानपुर जिला भीषण गर्मी की चपेट में था और तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, लेकिन सोमवार की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि 18 जून के बाद जिले में मानसूनी बारिश की स्थिति और मजबूत हो सकती है।1
- Post by Shaikh faruk2
- ANT ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के जन्मदिन के अवसर पर उनकी जनसेवा को विशेष सम्मान मिला है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल जनजातीय समाज के एक अभिभावक के रूप में उभरे हैं। उनकी इस भूमिका के कारण आदिवासी समाज के बीच राज्यपाल मंगुभाई पटेल की पहचान और भी मजबूत हुई है। यह विशेष रिपोर्ट डाक्टर दीप माला रावत द्वारा ANT ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क चैनल के लिए तैयार की गई है, जिसके लिए एडिटर इन चीफ मासूद जावेद कादरी और लालू जामलकर का आभार व्यक्त किया गया है।1
- इस पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर बंदर की समस्या कौन सुनेगा।1
- बुरहानपुर जिले में नवतपा के दौरान रविवार अल सुबह चली तेज हवा-आंधी ने केला किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। इस आंधी के कारण जिले के करीब 25 गाँवों में केला उत्पादक किसानों की लाखों रुपये की खड़ी केले की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। जब किसान सुबह अपने खेतों में पहुँचे, तो अपनी बर्बाद फसल देखकर उनकी आँखों में आँसू आ गए। किसानों ने बताया कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में केला उत्पादक किसानों को मौसम आधारित फसल बीमा का लाभ मिलता है, जबकि बुरहानपुर में सरकार द्वारा सर्वे के बाद ही मुआवज़ा दिया जाता है, जिसे किसान नाकाफी मानते हैं। इसलिए, पीड़ित किसानों ने सरकार से जल्द से जल्द महाराष्ट्र की तर्ज पर केले पर मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने या नुकसान के हिसाब से उचित मुआवज़ा देने की मांग की है। इस घटना के बाद, बुरहानपुर की विधायक अर्चना चिटनीस ने प्रशासन की टीम के साथ क्षतिग्रस्त केला फसलों का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसानों और राजस्व, कृषि तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी प्रभावित किसानों का सर्वे 15 दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। विधायक अर्चना चिटनीस ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना पर बात करते हुए बताया कि सरकार ने वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और इन वेदर स्टेशनों के स्थापित हुए बिना फसल बीमा योजना शुरू नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीमा कंपनियों के लिए टेंडर तैयार हैं और जल्द ही बुरहानपुर में केला उत्पादक किसानों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना शुरू कर दी जाएगी।1