राजधानी भोपाल में मोहर्रम की 10वीं तारीख, यौम-ए-आशूरा के अवसर पर, शहरभर से ताजिए और सवारियां पूरी अकीदत और अनुशासन के साथ निकाली जा रही हैं। इस मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी द्वारा लगाए गए मंच पर गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली, जहाँ विभिन्न समाज और धर्मों के लोग एकजुट नजर आए। इसी कार्यक्रम के दौरान, सिख समाज के प्रतिनिधियों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को इंसानियत, सत्य और न्याय के लिए दी गई एक महान कुर्बानी बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी धर्म हमें प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं। सिख प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि देश और समाज की सेवा के लिए सभी समुदायों को हर समय एकजुट होकर आगे आना चाहिए। यह मोहर्रम का पर्व हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने कर्बला की धरती पर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ बहादुरी से संघर्ष किया और सत्य एवं इंसानियत की रक्षा हेतु अपनी शहादत दी थी। उन्हीं की इस महान कुर्बानी को याद करते हुए दुनिया भर में मोहर्रम मनाया जाता है और उनके बताए हुए उसूलों पर चलने का संकल्प लिया जाता है।
राजधानी भोपाल में मोहर्रम की 10वीं तारीख, यौम-ए-आशूरा के अवसर पर, शहरभर से ताजिए और सवारियां पूरी अकीदत और अनुशासन के साथ निकाली जा रही हैं। इस मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी द्वारा लगाए गए मंच पर गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली, जहाँ विभिन्न समाज और धर्मों के लोग एकजुट नजर आए। इसी कार्यक्रम के दौरान, सिख समाज के प्रतिनिधियों
ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को इंसानियत, सत्य और न्याय के लिए दी गई एक महान कुर्बानी बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी धर्म हमें प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं। सिख प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि देश और समाज की सेवा के लिए सभी समुदायों को हर समय एकजुट होकर आगे आना चाहिए। यह मोहर्रम का पर्व हजरत
इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने कर्बला की धरती पर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ बहादुरी से संघर्ष किया और सत्य एवं इंसानियत की रक्षा हेतु अपनी शहादत दी थी। उन्हीं की इस महान कुर्बानी को याद करते हुए दुनिया भर में मोहर्रम मनाया जाता है और उनके बताए हुए उसूलों पर चलने का संकल्प लिया जाता है।
- राजधानी भोपाल में मोहर्रम की 10वीं तारीख, यौम-ए-आशूरा के अवसर पर, शहरभर से ताजिए और सवारियां पूरी अकीदत और अनुशासन के साथ निकाली जा रही हैं। इस मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी द्वारा लगाए गए मंच पर गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली, जहाँ विभिन्न समाज और धर्मों के लोग एकजुट नजर आए। इसी कार्यक्रम के दौरान, सिख समाज के प्रतिनिधियों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को इंसानियत, सत्य और न्याय के लिए दी गई एक महान कुर्बानी बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी धर्म हमें प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं। सिख प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि देश और समाज की सेवा के लिए सभी समुदायों को हर समय एकजुट होकर आगे आना चाहिए। यह मोहर्रम का पर्व हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने कर्बला की धरती पर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ बहादुरी से संघर्ष किया और सत्य एवं इंसानियत की रक्षा हेतु अपनी शहादत दी थी। उन्हीं की इस महान कुर्बानी को याद करते हुए दुनिया भर में मोहर्रम मनाया जाता है और उनके बताए हुए उसूलों पर चलने का संकल्प लिया जाता है।3
- मध्य प्रदेश के रतलाम में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यह घटना तब हुई जब जुलूस में शामिल एक ताजिया हाईटेंशन बिजली की लाइन से टकरा गया। इस दुखद हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दस अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।1
- भोपाल में मोहर्रम के पावन अवसर पर रॉयल मार्केट से कर्बला तक ताजियों का एक भव्य जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने अकीदत और श्रद्धा के साथ इस धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया। सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी निगरानी के बीच, यह जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।3
- राजधानी भोपाल में मोहर्रम पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक और राष्ट्रीय अध्यक्ष शमशुल हसन ने कमेटी के अन्य पदाधिकारियों के साथ कर्बला पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, रोशनी की व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आवागमन से संबंधित सभी इंतज़ामों का अवलोकन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मोहर्रम के दौरान आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर, कमेटी के पदाधिकारियों ने ताजिए लेकर आने वाले सभी अकीदतमंदों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने अकीदतमंदों से कहा कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी भाईचारे, सौहार्द एवं शांति के साथ अपने पर्व को मनाएं। साथ ही, उन्होंने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का भी आग्रह किया।3
- कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के हवाले से, जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास कुल 245 प्लॉट में 335 एकड़ जमीन है। पटवारी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस भूमि में नीलेश यादव के नाम 108 एकड़, गोविंद यादव के नाम 47 एकड़, मोहन यादव के नाम 17 एकड़, सीमा यादव के नाम 11 एकड़, वैभव यादव के नाम 17 एकड़, शालिनी यादव के नाम 10 एकड़, नारायण यादव के नाम 19 एकड़, नंदलाल यादव के नाम 17 एकड़, कलावती के नाम 17 एकड़, अभय यादव के नाम 16 एकड़ और रेखा यादव के नाम 6 एकड़ जमीन शामिल है। इस मामले में चार रियल एस्टेट कंपनियों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें सीमा यादव और मोहन यादव की बहुमत हिस्सेदारी बताई गई है। इसके अतिरिक्त, मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और उनके पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है, जबकि मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन संबंधित है। परिवार के करीबी रिश्तेदारों की तीन अलग-अलग कंपनियों में भी बड़ी हिस्सेदारी का उल्लेख किया गया है। जीतू पटवारी ने यह भी बताया कि मोहन यादव के मंत्री और बाद में मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सड़क परियोजनाएं इन्हीं जमीनों के आसपास से होकर गुजरी हैं।1
- भोपाल के थाना ऐशबाग क्षेत्र के सुदामा नगर में एक बंद घर से पति-पत्नी के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक दंपति की उम्र लगभग 50 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह घर कई दिनों से बंद था। इस घटना का पता तब चला जब किराएदार किराया देने के लिए उस घर पर पहुँचे। सूचना मिलते ही पुलिस दल तुरंत मौके पर पहुँचा और मामले की जाँच शुरू कर दी। फिलहाल दंपति की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं से इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- उज्जैन-बड़नगर वैन ब्लास्ट मामले के आरोपियों के खिलाफ कलेक्टर ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई मामले में शामिल व्यक्तियों पर की जाएगी।1