सीधी जिले के कुसमी थाना परिसर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के बहरी थाना में स्थानांतरण के उपलक्ष्य में एक भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर थाना स्टाफ ने उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहायक उप निरीक्षक की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सौम्य व्यवहार की सराहना की, जिससे पुलिस विभाग की गरिमा बढ़ी। वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आमजन की समस्याओं के निराकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान थाना प्रभारी सहित समस्त पुलिस स्टाफ ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। कुसमी थाना परिवार ने उनके कार्यों और सहयोगात्मक व्यवहार को हमेशा याद रखने की बात कही। अपने संबोधन में सहायक उप निरीक्षक ने कुसमी थाना स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां मिले सहयोग और स्नेह को वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया और अपने नए पदस्थापना स्थल बहरी में भी पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी कर्मचारियों द्वारा उनके सुखद और सफल भविष्य की कामना के साथ हुआ।
सीधी जिले के कुसमी थाना परिसर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के बहरी थाना में स्थानांतरण के उपलक्ष्य में एक भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर थाना स्टाफ ने उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहायक उप निरीक्षक की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सौम्य व्यवहार की सराहना की, जिससे पुलिस विभाग की गरिमा बढ़ी। वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आमजन की समस्याओं के निराकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान थाना प्रभारी सहित समस्त पुलिस स्टाफ ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। कुसमी थाना परिवार ने उनके कार्यों और सहयोगात्मक व्यवहार को हमेशा याद रखने की बात कही। अपने संबोधन में सहायक उप निरीक्षक ने कुसमी थाना स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां मिले सहयोग और स्नेह को वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया और अपने नए पदस्थापना स्थल बहरी में भी पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी कर्मचारियों द्वारा उनके सुखद और सफल भविष्य की कामना के साथ हुआ।
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- ऑपरेटर महासंघ ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर संगठन से जुड़ने और समर्थन करने का आह्वान किया है। महासंघ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि किसी को भी कहीं कोई समस्या या परेशानी आती है, तो सभी को मिलकर उसका समाधान करने के लिए अवश्य आगे आना चाहिए।1
- बिहार के आरा जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एटा में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर हुआ। पदाधिकारियों का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें जीवित देखा जा सकता है। इसी वीडियो को आधार बनाकर संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कुल 12 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जांच पूरी होने तक मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मानवाधिकार आयोग से जांच कराने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और मुठभेड़ के वीडियो तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा द्वारा भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में पूरे प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा मोर्चा अध्यक्ष विशाल वशिष्ठ, सोशल मीडिया प्रभारी रवि गुप्ता, जिला मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज कुमार दुबे और किसान मोर्चा अध्यक्ष दीपक वशिष्ठ सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- शहडोल के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर नियमों को ताक पर रखकर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, जहाँ यात्रियों की जेब पर डाका डालने और बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का एक बड़ा खेल चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर संचालित एक खान-पान प्रतिष्ठान द्वारा न केवल रेल प्रशासन के कायदे-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सीधे-साधे नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर बाल श्रम में झोंका जा रहा है। ये मासूम बच्चे प्लेटफॉर्म से लेकर पटरियों के बीच जान जोखिम में डालकर दिन-रात खाद्य सामग्रियां बेचते हैं। यह सब कुछ स्थानीय रेल प्रशासन की जानकारी में हो रहा है, लेकिन उच्च अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे हैं और पूरी तरह मूकदर्शक बने हुए हैं। उनकी यह रहस्यमयी चुप्पी इस पूरे अवैध कारोबार को मौन संरक्षण देने की ओर इशारा करती है। इस खान-पान प्रतिष्ठान के संचालक और उसके मुख्य प्रबंधक रेलवे द्वारा जारी किए गए वेंडर पहचान पत्रों का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं, जिनकी आड़ में इस रूट से गुजरने वाली तमाम यात्री ट्रेनों के भीतर अवैध वेंडिंग का एक बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा है। जबकि आधिकारिक साइड पैंट्री का टेंडर स्वीकृत है, जिसके कर्मचारी ही यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत हैं, लेकिन अनधिकृत वेंडर बिना किसी वैध अनुमति के निडर होकर चलती ट्रेनों के भीतर घुस जाते हैं और अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेचते हैं। जब ट्रेनों के वैध पैंट्री कर्मचारी इन बाहरी तत्वों को व्यापार करने से रोकते हैं, तो ये वेंडर गुंडागर्दी पर उतारू हो जाते हैं, जिससे स्टेशन और ट्रेनों के भीतर खुलेआम बाद-विवाद, गाली-गलौज और मारपीट की नौबत आ जाती है। ये अवैध वेंडर रेलवे द्वारा जारी किए गए कैंटीन कार्ड को दिखाकर यात्रियों और पैंट्री स्टाफ पर धौंस जमाते हैं, दावा करते हैं कि उन्हें ट्रेनों के अंदर भी सामग्री बेचने का पूरा अधिकार मिला हुआ है। इस दबंगई के पीछे मुख्य रूप से कुछ स्थानीय रसूखदार लोगों का हाथ बताया जा रहा है, जिनके इशारे पर वैध और अवैध वेंडरों की पूरी फौज ट्रेनों को निशाना बना रही है और सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखा रही है। इस अवैध तंत्र का सबसे काला पक्ष यह है कि इसमें मासूम बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें कानूनन बाल श्रम प्रतिबंधित होने के बावजूद गरीबी के कारण मजदूरी के जाल में फंसाया गया है। इन बच्चों से सुबह से देर रात तक समोसा, आलूबोंडा और अन्य सामग्रियां बिकवाई जाती हैं, जिससे चलती ट्रेनों में चढ़ने और उतरने के दौरान कई बार उनकी जान को खतरा होता है, लेकिन प्रबंधन पैसों की हवस में अंधा होकर मासूमों की जिंदगी को खतरे में डालने से बाज नहीं आ रहा है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म एक पर अन्य स्टॉलों की कमी का फायदा उठाकर यात्रियों को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। भीषण गर्मी और मजबूरी का लाभ उठाते हुए, ₹14 की सीलबंद पानी बोतल यात्रियों को ₹30 की मनमानी कीमत पर जबरन बेची जा रही है। यात्रियों की मजबूरी का फायदा सिर्फ पानी की बोतलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्टेशन पर मिलने वाली अन्य खाद्य सामग्रियां भी पूरी तरह गुणवत्ताविहीन और सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। यात्रियों को मजबूरी में सड़ा-गला और अस्वच्छ खाना खाने को विवश होना पड़ता है। ब्यौहारी स्टेशन से गुजरने वाले हजारों यात्री हर दिन इस बदइंतजामी और लूटपाट का शिकार हो रहे हैं, जिससे भारतीय रेल की विश्वसनीयता और स्टेशन की छवि दिन-प्रतिदिन धूमिल होती जा रही है। इन तमाम गंभीर समस्याओं, बाल श्रम और अवैध वेंडिंग के काले कारोबार पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की लापरवाही ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।3
- शहडोल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत धूमधाम से आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सांसद ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।2
- पूरा मध्य प्रदेश योगमय हो गया है, जहाँ राज्य के हर जिले से 'स्वस्थ भारत' के निर्माण का संकल्प लिया गया है।1
- सिंगरौली जिले के बंधा कोल ब्लॉक से विवाद की बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों ने ईएमआईएल बिरला कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने कुछ लोगों के साथ गुप्त बैठक कर विस्थापन और मुआवजा प्रक्रिया पूरी किए बिना ही एक बार फिर खनन कार्य शुरू करा दिया है। इस कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अभी तक कई परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा और विस्थापन से जुड़े मामले अनसुलझे हैं, और पूरे गांव की सहमति के बजाय केवल कुछ चुनिंदा लोगों के माध्यम से निर्णय लेकर काम शुरू किया गया है, जो उनके अधिकारों की अनदेखी है। सूत्रों के अनुसार, पिछली रात कुछ ग्रामीणों और सरपंच की कंपनी प्रबंधन से जुड़े लोगों के साथ एक बैठक हुई थी, जिसके बाद शनिवार सुबह से नवाटोला क्षेत्र में खनन कार्य शुरू कर दिया गया। इसकी सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता एवं महामंत्री (ग्रामीण) उपेंद्र द्विवेदी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। करीब पाँच से छह घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, उपेंद्र द्विवेदी ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने बरगवां तहसीलदार दीपेंद्र तिवारी से चर्चा कर स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के साथ किसी भी स्थिति में अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा, और जब तक मुआवजा व विस्थापन की प्रक्रिया संतोषजनक ढंग से पूरी नहीं होती, तब तक खनन कार्य नहीं होना चाहिए। मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता उपेंद्र द्विवेदी ने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया है, ताकि सड़क और मुआवजे से संबंधित मामलों का समाधान किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भाजपा मंडल गुढ़ ने मंडल अध्यक्ष एड. अनंत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुढ़ के प्राचीन गढ़ी प्रांगण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रीवा जिले के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी.एल. मिश्रा मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे, जबकि भाजपा मंडल गुढ़ के अध्यक्ष एड. अनंत कुमार गुप्ता ने इसकी अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में रीवा जिला दवा विक्रेता संघ के सचिव शशि मिश्रा और पूर्व सरपंच सुरेंद्र यादव शामिल थे। इस योगाभ्यास में भाजपा मंडल गुढ़ के पदाधिकारियों, विद्यालय परिवार के सदस्यों, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शासकीय महाविद्यालय गुढ़ के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योगाभ्यास का संचालन विद्यालय के योग शिक्षक सौरभ मिश्रा और राजेश चंद्र अवधिया ने कराया। मुख्य अतिथि डॉ. बी.एल. मिश्रा ने योग की महत्ता बताते हुए इसके शारीरिक और मानसिक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार है। कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दिए गए उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी उपस्थित जनों को सुनाया गया, और उनसे प्रधानमंत्री के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष एड. अनंत कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष रावेंद्र मिश्रा, बी.के. पाण्डेय, सूर्यप्रकाश मिश्रा, हीरालाल नामदेव, हरीश प्रसाद मिश्रा, राज बहोर कुशवाहा, श्रीमती रेखा मिश्रा, विनोद तिवारी, विजय विश्वकर्मा, रक्षारानी पटेल, शैलेन्द्र बंसल, दिलीप दुबे, रामायण प्रसाद मिश्रा, डॉ. जितेंद्र त्रिपाठी, डॉ. निशा सिंह, दीपा कोल, राम मनोहर पटेल, यशोदा उपाध्याय, अखिलेश सिंह, संध्या मिश्रा, निशा नामदेव, जितेंद्र सिंह, रामजीत सिंह बहरोलिया, एड. हीरालाल वर्मा, संतोष सिंह, इश्तहाक खान, विनय त्रिपाठी, जगन्नाथ दुबे, डॉ. राजेश शर्मा, दीपक सोनी, नरेश मिश्रा, सूर्यकांत त्रिपाठी, अशोक चिकवा, बाबूलाल सोंधिया, नीरज गुप्ता, नितिन पाण्डेय सहित लगभग 200 लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इसी तरह, मंडल महसाव में भी मंडल अध्यक्ष विश्वजीत चौरसिया के नेतृत्व में योगाभ्यास किया गया, जिसमें रामभजन साकेत, अवधेश प्रसाद तिवारी, नटवरलाल चौरसिया, रामदास पटेल, डिगनलाल चौरसिया, महेश चौरसिया, लोकेश्वर तिवारी, शिवराज चौरसिया, रामप्रसाद चौरसिया, रामवरण चौरसिया, बैजनाथ साकेत, केदारनाथ चौरसिया और राजाराम साकेत ने भाग लिया।1