बनखेड़ी में जीएसटी टीम की सर्चिंग से बाजार में हड़कंप, दो–तीन घंटे तक बंद रहीं बड़ी दुकानें बनखेड़ी। शहर में मंगलवार को जीएसटी विभाग की टीम द्वारा की गई सर्चिंग कार्रवाई से व्यापारिक क्षेत्र में अफरा–तफरी का माहौल बन गया। जीएसटी टीम के शहर में पहुंचते ही कई दुकानदारों को सर्चिंग की भनक लग गई, जिसके बाद किराना, हार्डवेयर और कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी बड़ी दुकानों के शटर एक-एक कर गिरने लगे। सर्चिंग के दौरान शहर में करीब दो दर्जन से अधिक दुकानें बंद नजर आईं, जिससे बाजार की रौनक अचानक फीकी पड़ गई। सूत्रों के मुताबिक जीएसटी टीम की कार्रवाई लगभग दो से तीन घंटे तक चली। इस दौरान प्रमुख बाजारों में बड़ी दुकानों के बंद रहने को लेकर जनचर्चा तेज रही। हालांकि टीम के शहर से रवाना होते ही सभी दुकानें पुनः खुल गईं और बाजार सामान्य स्थिति में लौट आया। इधर, किराना व्यापारी अरविंद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी दुकान पर जीएसटी टीम के तीन सदस्य पहुंचे थे, जिन्होंने आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। जांच पूरी होने के बाद टीम बिना किसी आपत्ति के रवाना हो गई। गुप्ता का कहना है कि दुकान बंद होने का कारण उनके घर में विवाह समारोह था, न कि जीएसटी की कार्रवाई। वहीं कुछ व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी टीम की यह कार्रवाई नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। बाजार में बिलिंग को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं प्रचलित हैं—कहीं पक्का बिल दिया जाता है, कहीं कच्चा और कहीं बिना बिल के भी लेनदेन होता है। इसी भ्रम के चलते कई दुकानदार जांच के नाम से घबराकर अपनी दुकानें बंद कर देते हैं, जबकि वास्तव में घबराने जैसी कोई बात नहीं होती। कुल मिलाकर जीएसटी टीम की सर्चिंग ने कुछ घंटों के लिए ही सही, लेकिन बनखेड़ी के बाजार में हलचल जरूर पैदा कर दी, जो दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
बनखेड़ी में जीएसटी टीम की सर्चिंग से बाजार में हड़कंप, दो–तीन घंटे तक बंद रहीं बड़ी दुकानें बनखेड़ी। शहर में मंगलवार को जीएसटी विभाग की टीम द्वारा की गई सर्चिंग कार्रवाई से व्यापारिक क्षेत्र में अफरा–तफरी का माहौल बन गया। जीएसटी टीम के शहर में पहुंचते ही कई दुकानदारों को सर्चिंग की भनक लग गई, जिसके बाद किराना, हार्डवेयर और कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी बड़ी दुकानों के शटर एक-एक कर गिरने लगे। सर्चिंग के दौरान शहर में करीब दो दर्जन से अधिक दुकानें बंद नजर आईं, जिससे बाजार की रौनक अचानक फीकी पड़ गई। सूत्रों के मुताबिक जीएसटी टीम की कार्रवाई लगभग दो से तीन घंटे तक चली। इस दौरान प्रमुख बाजारों में बड़ी दुकानों के बंद रहने को लेकर जनचर्चा तेज रही। हालांकि टीम के शहर से रवाना होते ही सभी दुकानें पुनः खुल गईं और बाजार सामान्य स्थिति में लौट आया। इधर, किराना व्यापारी अरविंद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी दुकान पर जीएसटी टीम के तीन सदस्य पहुंचे थे, जिन्होंने आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। जांच पूरी होने के बाद टीम बिना किसी आपत्ति के रवाना हो गई। गुप्ता का कहना है कि दुकान बंद होने का कारण उनके घर में विवाह समारोह था, न कि जीएसटी की कार्रवाई। वहीं कुछ व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी टीम की यह कार्रवाई नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। बाजार में बिलिंग को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं प्रचलित हैं—कहीं पक्का बिल दिया जाता है, कहीं कच्चा और कहीं बिना बिल के भी लेनदेन होता है। इसी भ्रम के चलते कई दुकानदार जांच के नाम से घबराकर अपनी दुकानें बंद कर देते हैं, जबकि वास्तव में घबराने जैसी कोई बात नहीं होती। कुल मिलाकर जीएसटी टीम की सर्चिंग ने कुछ घंटों के लिए ही सही, लेकिन बनखेड़ी के बाजार में हलचल जरूर पैदा कर दी, जो दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
- ग्राम सेमरी हरचंद के स्कूल में आसामाजिक तत्वों का उपद्रव,शराब की बोतल तोड़कर फेंकी,तीन सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े। सोहागपुर के ग्राम सेमरी हरचंद में हाई स्कूल के पीछे स्थित शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला में रात्रि को असामाजिक तत्वों द्वारा शराब की बोतल तोड़कर उपद्रव किया गया जिससे पूरे स्कूल परिसर में कांच के टुकड़े बिखर गए अज्ञात लोगों द्वारा स्कूल की खिड़कियों से कांच की बोतल अंदर दीवाल में मारकर फोड़ी गई। वहां के तिरंगा स्तंभ को भी क्षति पहुंचाई गई एवं स्कूल परिसर की दीवारों पर लगे तीन सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया गया। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर मंगलवार शाम 7:00 बजे से वायरल हो रहे हैं। घटना के बाद स्कूल के बच्चे एवं शिक्षक शिक्षिकाएं भयभीत है उन्होंने बताया कि आए दिन यहां गंदगी फैलाई जाती है एवं अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ की जाती है स्कूल की शिक्षकों द्वारा सेमरी हरचंद पुलिस चौकी में आवेदन देकर अज्ञात व्यक्तियों के ऊपर उचित कार्यवाही करने को निवेदन किया है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस ने वहां पहुंचकर जांच शुरू की स्कूली बच्चों एवं शिक्षक शिक्षकों को जांच कर उचित एवं आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।1
- सोहागपुर (होशंगाबाद) तिलक वार्ड के पूर्व पार्षद श्री प्रदीप दुबे की बिटिया कु.उपासना दुबे जो कि यूरोप में जॉब करती हैं उन्होंने यहां आकर अपने भाई स्व.विशाल दुबे की जन्म जयंती पर जरूरतमंद, बेघर, बेसहारा लोगों को भोजन तो कराए साथ ही आपने ठंड से बचाव हेतु इन्हें गर्म वस्त्र कंबल आदि वितरित कर पुण्य व सराहनीय कार्य किया।1
- पचमढ़ी में भारत सरकार स्काउट गाइड एवं राष्ट्रीय सहायक संस्थान में 27 व अंतराष्ट्रीय कैंप सोमवार को शुरू हो गया है पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में1
- Post by ABDUL1
- सुरेन्द्र पटवा शिवराज सिंह चौहान1
- नरसिंहपुर: 'कुसुम वैली' होटल में 1 करोड़ की डकैती, मास्टरमाइंड निकला होटल मैनेजर; पुलिस ने चंद घंटों में किया पर्दाफाश नरसिंहपुर। नरसिंहपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए शहर के प्रतिष्ठित होटल 'कुसुम वैली' में हुई लगभग 1 करोड़ रुपये की लूट का मात्र कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी डकैती की पटकथा होटल के ही भरोसेमंद मैनेजर ने लिखी थी। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 60 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। घटना 3 फरवरी 2026 की तड़के करीब 3:00 बजे की है। सूचना मिली कि होटल कुसुम वैली में 3-4 नकाबपोश बदमाशों ने जबरन घुसकर होटल में रखी भारी नकदी लूट ली है। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने स्वयं मोर्चा संभाला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया व एसडीओपी मनोज गुप्ता के नेतृत्व में तीन विशेष टीमों का गठन किया। 1
- पिपरिया में मंगलवार को जनपद पंचायत सभागार में आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे इस दौरान दो ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच ने भी आवेदन प्रस्तुत किया1
- कोतवाली थाना अंतर्गत मुस्कान पार्क के पास स्थित कुसुम वाली होटल में 75 से 80 लख रुपए की लूट करने वाले चार आरोपियों का पुलिस ने सुभाष पार्क चौराहे से न्यायालय तक जुलूस निकाला बता दें कि पुलिस ने महज कुछ घंटे में लूट के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था कोतवाली थाना प्रभारी गौरव चाटे की टीम ने इस बड़ी लूट का पर्दाफाश किया ,पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता मैनेजर चंद्रेश रजक सहित चार आरोपियों राकेश शुक्ला, अनुज बाल्मिकी और मोनू बंशकार का जुलूस निकाला अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने और आम जनता के बीच से बदमाशों का डर निकालने के लिए बुधवार पुलिस ने आरोपियों का सुभाष पार्क से न्यायालय तक जुलूस निकाला।1
- कुसुम वैली के 'लुटेरों' का सरेराह निकला जुलूस; पुलिस वाहन खराब होने पर पैदल ले जाए गए न्यायालय नरसिंहपुर। शहर के चर्चित कुसुम वैली होटल लूट कांड के आरोपियों को आज उस समय भारी फजीहत का सामना करना पड़ा, जब उन्हें न्यायालय ले जा रहा पुलिस वाहन बीच रास्ते में ही दगा दे गया। मजबूरन पुलिस को चारों आरोपियों को पैदल ही सड़क पर चलाकर न्यायालय ले जाना पड़ा, जिसे देखकर सड़क पर चल रहे लोगों ने कहा— "जैसी करनी, वैसी भरनी।" जनपद मैदान से सुभाष चौक तक पैदल मार्च मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम आरोपियों को न्यायालय ले जा रही थी, तभी जनपद मैदान के पास सुभाष चौक पर पुलिस वाहन अचानक खराब हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर और समय की कमी को देखते हुए पुलिस ने देरी न करते हुए आरोपियों को पैदल ही ले जाने का फैसला किया। जनता ने देखा आरोपियों का चेहरा होटल की तिजोरी पर हाथ साफ करने वाले लुटेरों को जब पुलिस ने पैदल चलाना शुरू किया, तो बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। नकाब उतरने के बाद इन आरोपियों का सरेराह निकला यह 'जुलूस' चर्चा का केंद्र बन गया। जनपद मैदान से लेकर न्यायालय परिसर तक आरोपियों को पैदल ले जाया गया, जिससे अपराधियों में कानून का खौफ साफ नजर आया। न्यायालय में पेशी, मिली जेल पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। याद रहे कि इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लाखों की नकदी बरामद कर ली थी और होटल के अंदर से ही रची गई इस साजिश का पर्दाफाश किया था।1