लखीमपुर खीरी में पुलिस मालखाने से सोने के जेवरात गायब होने के मामले ने न्यायिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सत्र न्यायालय ने पुलिस की उस दलील पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि पोस्टमार्टम की पोटलियां बारिश में भीगकर खराब हो गईं और बंदरों द्वारा खुर्द-बुर्द कर दी गईं। अदालत ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण को अविश्वसनीय मानते हुए कीमती जेवरों के दुर्विनियोग की आशंका जताई है। यह मामला 2007 के एक दहेज मृत्यु प्रकरण से संबंधित है, जिसमें मृतका के शरीर से पोस्टमार्टम के दौरान बरामद सोने की नथ, चैन, अंगूठी और चूड़ियां पुलिस अभिरक्षा में सीलबंद रखी गई थीं। मुकदमे के निपटारे के बाद मृतका के पति मुदित कुमार अग्रवाल ने न्यायालय में आवेदन देकर जेवरात वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये पोटलियां वर्षों पहले बारिश में भीगकर नष्ट हो गई थीं और बंदरों ने उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस पर सत्र न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि सोने के जेवर बारिश में नष्ट कैसे हो सकते हैं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि कीमती सामान का शायद दुरुपयोग किया गया और बाद में जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे अभिलेखों में दर्ज कर दिया गया। न्यायालय ने खीरी के पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीड़ित को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई कराने के भी आदेश दिए गए हैं। पीड़ित मुदित कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और मनगढ़ंत अंतिम रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने उच्च अधिकारियों से स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। यह घटना पुलिस मालखानों में रखे माल-मुकदमाती सामान की सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
लखीमपुर खीरी में पुलिस मालखाने से सोने के जेवरात गायब होने के मामले ने न्यायिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सत्र न्यायालय ने पुलिस की उस दलील पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि पोस्टमार्टम की पोटलियां बारिश में भीगकर खराब हो गईं और बंदरों द्वारा खुर्द-बुर्द कर दी गईं। अदालत ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण को अविश्वसनीय मानते हुए कीमती जेवरों के दुर्विनियोग की आशंका जताई है। यह मामला 2007 के एक दहेज मृत्यु प्रकरण से संबंधित है, जिसमें मृतका के शरीर से पोस्टमार्टम के दौरान बरामद सोने की नथ, चैन, अंगूठी और चूड़ियां पुलिस अभिरक्षा में सीलबंद रखी गई थीं। मुकदमे के निपटारे के बाद मृतका के पति मुदित कुमार अग्रवाल ने न्यायालय में आवेदन देकर जेवरात वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये पोटलियां वर्षों पहले बारिश में भीगकर नष्ट हो गई थीं और बंदरों ने उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस पर सत्र न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि सोने के जेवर बारिश में नष्ट कैसे हो सकते हैं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि कीमती सामान का शायद दुरुपयोग किया गया और बाद में जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे अभिलेखों में दर्ज कर दिया गया। न्यायालय ने खीरी के पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीड़ित को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई कराने के भी आदेश दिए गए हैं। पीड़ित मुदित कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और मनगढ़ंत अंतिम रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने उच्च अधिकारियों से स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। यह घटना पुलिस मालखानों में रखे माल-मुकदमाती सामान की सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
- लखीमपुर खीरी जिले के रोशन नगर में स्थित गजमोचन नाथ मंदिर को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में से एक माना जाता है। यह महत्वपूर्ण मंदिर रोशन नगर गाँव में लखीमपुर-मोहम्मदी मार्ग पर स्थित है।1
- पलिया के मझगईं वन रेंज क्षेत्र के ग्राम खालेपुरवा में सोमवार शाम तेंदुए के हमले में एक महिला की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गाँव में दहशत का माहौल है, जबकि महिला के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटनाक्रम के अनुसार, खालेपुरवा निवासी 50 वर्षीय कोकिला देवी पत्नी गेंदल सोमवार शाम लगभग साढ़े चार बजे अपने खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थीं। खेत के पास घात लगाकर बैठे एक तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, क्योंकि वह अपने पीछे पाँच पुत्रों और तीन पुत्रियों सहित एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा भय व्याप्त हो गया है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में तेंदुए की निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुँची और घटना से संबंधित जानकारी जुटाने में जुट गई है। वहीं, गाँव में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर लोगों में दहशत का माहौल अभी भी बना हुआ है।2
- भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भारतीय टीम की उभरती युवा स्पिनर श्रेयांका पाटिल ने कवर पॉइंट्स पर एक अद्भुत और लाजवाब कैच पकड़कर सबको हैरान कर दिया, जिससे उन्हें 'फीमेल जडेजा' कहा जा रहा है। मैच के दौरान पाकिस्तान के पांच विकेट गिर चुके थे और श्रीचरणी गेंदबाजी कर रही थीं। पाकिस्तानी बैटर ने एक शॉट लगाया, जिस पर विकेटकीपर रिचा घोष ने फील्डर को 'कैच, कैच, कैच है यू' कहकर सचेत किया। हालांकि गेंद फील्डर से काफी दूर थी, श्रेयांका पाटिल ने अपनी दाईं तरफ दौड़ते हुए और अंत में जबरदस्त गोता लगाते हुए यह अविश्वसनीय कैच लपक लिया। इस शानदार कैच के बाद पूरी टीम ने श्रेयांका को बधाई दी, और पूरा स्टेडियम भी तालियों के शोर से गूंज उठा। इस कैच का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग कह रहे हैं कि "म्हारी छोरियां कोई छोरों से कम है क्या"। भारतीय टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर रविंद्र जडेजा की याद दिलाने वाले इस उड़ते हुए कैच के लिए श्रेयांका पाटिल की फील्डिंग की जमकर तारीफ हो रही है।1
- लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी क्षेत्र से सामने आई एक खबर के अनुसार, लाइक, कमेंट और शेयर की होड़ में कुछ लोग धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह में देखने को मिला है, जहाँ एक युवक ने पूजा-पाठ के नाम पर रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। बताया जा रहा है कि युवक ने बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता, मर्यादा और आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर इस तरह की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और मंदिर परिसर में मर्यादा बनाए रखने की माँग जोर पकड़ रही है।1
- लाइक, कमेंट और शेयर बटोरने की होड़ में कुछ लोगों द्वारा धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज करने का एक मामला सामने आया है। मोहम्मदी स्थित बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह के भीतर पूजा-पाठ के नाम पर एक युवक द्वारा रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। बताया जा रहा है कि इस युवक ने बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर ही यह वीडियो बनाया था। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है और वे मंदिर की पवित्रता तथा मर्यादा बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।1
- सपा नेता अखिलेश यादव की पुत्री आदित्य यादव को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया गया है कि कुछ लड़के उनके बारे में यह झूठी अफवाह फैला रहे हैं कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई हैं।1
- लखीमपुर खीरी में पुलिस मालखाने से सोने के जेवरात गायब होने के मामले ने न्यायिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सत्र न्यायालय ने पुलिस की उस दलील पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि पोस्टमार्टम की पोटलियां बारिश में भीगकर खराब हो गईं और बंदरों द्वारा खुर्द-बुर्द कर दी गईं। अदालत ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण को अविश्वसनीय मानते हुए कीमती जेवरों के दुर्विनियोग की आशंका जताई है। यह मामला 2007 के एक दहेज मृत्यु प्रकरण से संबंधित है, जिसमें मृतका के शरीर से पोस्टमार्टम के दौरान बरामद सोने की नथ, चैन, अंगूठी और चूड़ियां पुलिस अभिरक्षा में सीलबंद रखी गई थीं। मुकदमे के निपटारे के बाद मृतका के पति मुदित कुमार अग्रवाल ने न्यायालय में आवेदन देकर जेवरात वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये पोटलियां वर्षों पहले बारिश में भीगकर नष्ट हो गई थीं और बंदरों ने उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस पर सत्र न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि सोने के जेवर बारिश में नष्ट कैसे हो सकते हैं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि कीमती सामान का शायद दुरुपयोग किया गया और बाद में जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे अभिलेखों में दर्ज कर दिया गया। न्यायालय ने खीरी के पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीड़ित को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई कराने के भी आदेश दिए गए हैं। पीड़ित मुदित कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और मनगढ़ंत अंतिम रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने उच्च अधिकारियों से स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। यह घटना पुलिस मालखानों में रखे माल-मुकदमाती सामान की सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।1
- खीरी जिले के भीरा थाना क्षेत्र में, दम्मल टांडा निवासी संतोष सिंह के भीरा कस्बे में हाल ही में खोले गए कार धुलाई सेंटर में आगजनी की घटना से भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित संतोष सिंह का आरोप है कि घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। संतोष सिंह के अनुसार, उन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद जैसे-तैसे धन की व्यवस्था कर यह कार वॉशिंग सेंटर शुरू किया था। बीती 8 जून की रात हुई आगजनी में उनके सेंटर में रखा जनरेटर, अल्टीनेटर, वैक्यूम क्लीनर, मोटर, पानी की मोटर, कार वॉशर और कम्प्रेसर जैसे महत्वपूर्ण उपकरण जलकर राख हो गए, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनके प्रतिष्ठान पर पहले भी तीन बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चोर बैटरी सहित अन्य सामान ले गए थे, लेकिन पुलिस उन मामलों में भी कोई कार्रवाई या खुलासा नहीं कर पाई। घटना के उपरांत, संतोष सिंह ने चार व्यक्तियों को नामजद करते हुए भीरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की थी, लेकिन उनका कहना है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में, भीरा थानाध्यक्ष रोहित दुबे ने पुष्टि की है कि तहरीर के आधार पर नामजद आरोपितों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कार्य की अधिकता को कार्रवाई में देरी का कारण बताया, किंतु भरोसा दिलाया कि मामले में आवश्यक और शीघ्र वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह धुलाई सेंटर ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था, और उपकरणों के नष्ट होने से उनके रोजगार पर गहरा संकट आ गया है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।3