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भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भारतीय टीम की उभरती युवा स्पिनर श्रेयांका पाटिल ने कवर पॉइंट्स पर एक अद्भुत और लाजवाब कैच पकड़कर सबको हैरान कर दिया, जिससे उन्हें 'फीमेल जडेजा' कहा जा रहा है। मैच के दौरान पाकिस्तान के पांच विकेट गिर चुके थे और श्रीचरणी गेंदबाजी कर रही थीं। पाकिस्तानी बैटर ने एक शॉट लगाया, जिस पर विकेटकीपर रिचा घोष ने फील्डर को 'कैच, कैच, कैच है यू' कहकर सचेत किया। हालांकि गेंद फील्डर से काफी दूर थी, श्रेयांका पाटिल ने अपनी दाईं तरफ दौड़ते हुए और अंत में जबरदस्त गोता लगाते हुए यह अविश्वसनीय कैच लपक लिया। इस शानदार कैच के बाद पूरी टीम ने श्रेयांका को बधाई दी, और पूरा स्टेडियम भी तालियों के शोर से गूंज उठा। इस कैच का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग कह रहे हैं कि "म्हारी छोरियां कोई छोरों से कम है क्या"। भारतीय टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर रविंद्र जडेजा की याद दिलाने वाले इस उड़ते हुए कैच के लिए श्रेयांका पाटिल की फील्डिंग की जमकर तारीफ हो रही है।

3 hrs ago
user_Shoaib Khan
Shoaib Khan
Classified ads newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भारतीय टीम की उभरती युवा स्पिनर श्रेयांका पाटिल ने कवर पॉइंट्स पर एक अद्भुत और लाजवाब कैच पकड़कर सबको हैरान कर दिया, जिससे उन्हें 'फीमेल जडेजा' कहा जा रहा है। मैच के दौरान पाकिस्तान के पांच विकेट गिर चुके थे और श्रीचरणी गेंदबाजी कर रही थीं। पाकिस्तानी बैटर ने एक शॉट लगाया, जिस पर विकेटकीपर रिचा घोष ने फील्डर को 'कैच, कैच, कैच है यू' कहकर सचेत किया। हालांकि गेंद फील्डर से काफी दूर थी, श्रेयांका पाटिल ने अपनी दाईं तरफ दौड़ते हुए और अंत में जबरदस्त गोता लगाते हुए यह अविश्वसनीय कैच लपक लिया। इस शानदार कैच के बाद पूरी टीम ने श्रेयांका को बधाई दी, और पूरा स्टेडियम भी तालियों के शोर से गूंज उठा। इस कैच का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग कह रहे हैं कि "म्हारी छोरियां कोई छोरों से कम है क्या"। भारतीय टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर रविंद्र जडेजा की याद दिलाने वाले इस उड़ते हुए कैच के लिए श्रेयांका पाटिल की फील्डिंग की जमकर तारीफ हो रही है।

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  • खीरी जिले के भीरा थाना क्षेत्र में, दम्मल टांडा निवासी संतोष सिंह के भीरा कस्बे में हाल ही में खोले गए कार धुलाई सेंटर में आगजनी की घटना से भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित संतोष सिंह का आरोप है कि घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। संतोष सिंह के अनुसार, उन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद जैसे-तैसे धन की व्यवस्था कर यह कार वॉशिंग सेंटर शुरू किया था। बीती 8 जून की रात हुई आगजनी में उनके सेंटर में रखा जनरेटर, अल्टीनेटर, वैक्यूम क्लीनर, मोटर, पानी की मोटर, कार वॉशर और कम्प्रेसर जैसे महत्वपूर्ण उपकरण जलकर राख हो गए, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनके प्रतिष्ठान पर पहले भी तीन बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चोर बैटरी सहित अन्य सामान ले गए थे, लेकिन पुलिस उन मामलों में भी कोई कार्रवाई या खुलासा नहीं कर पाई। घटना के उपरांत, संतोष सिंह ने चार व्यक्तियों को नामजद करते हुए भीरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की थी, लेकिन उनका कहना है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में, भीरा थानाध्यक्ष रोहित दुबे ने पुष्टि की है कि तहरीर के आधार पर नामजद आरोपितों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कार्य की अधिकता को कार्रवाई में देरी का कारण बताया, किंतु भरोसा दिलाया कि मामले में आवश्यक और शीघ्र वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह धुलाई सेंटर ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था, और उपकरणों के नष्ट होने से उनके रोजगार पर गहरा संकट आ गया है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
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    खीरी जिले के भीरा थाना क्षेत्र में, दम्मल टांडा निवासी संतोष सिंह के भीरा कस्बे में हाल ही में खोले गए कार धुलाई सेंटर में आगजनी की घटना से भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित संतोष सिंह का आरोप है कि घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

संतोष सिंह के अनुसार, उन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद जैसे-तैसे धन की व्यवस्था कर यह कार वॉशिंग सेंटर शुरू किया था। बीती 8 जून की रात हुई आगजनी में उनके सेंटर में रखा जनरेटर, अल्टीनेटर, वैक्यूम क्लीनर, मोटर, पानी की मोटर, कार वॉशर और कम्प्रेसर जैसे महत्वपूर्ण उपकरण जलकर राख हो गए, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनके प्रतिष्ठान पर पहले भी तीन बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चोर बैटरी सहित अन्य सामान ले गए थे, लेकिन पुलिस उन मामलों में भी कोई कार्रवाई या खुलासा नहीं कर पाई।

घटना के उपरांत, संतोष सिंह ने चार व्यक्तियों को नामजद करते हुए भीरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की थी, लेकिन उनका कहना है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में, भीरा थानाध्यक्ष रोहित दुबे ने पुष्टि की है कि तहरीर के आधार पर नामजद आरोपितों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कार्य की अधिकता को कार्रवाई में देरी का कारण बताया, किंतु भरोसा दिलाया कि मामले में आवश्यक और शीघ्र वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह धुलाई सेंटर ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था, और उपकरणों के नष्ट होने से उनके रोजगार पर गहरा संकट आ गया है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भारतीय टीम की उभरती युवा स्पिनर श्रेयांका पाटिल ने कवर पॉइंट्स पर एक अद्भुत और लाजवाब कैच पकड़कर सबको हैरान कर दिया, जिससे उन्हें 'फीमेल जडेजा' कहा जा रहा है। मैच के दौरान पाकिस्तान के पांच विकेट गिर चुके थे और श्रीचरणी गेंदबाजी कर रही थीं। पाकिस्तानी बैटर ने एक शॉट लगाया, जिस पर विकेटकीपर रिचा घोष ने फील्डर को 'कैच, कैच, कैच है यू' कहकर सचेत किया। हालांकि गेंद फील्डर से काफी दूर थी, श्रेयांका पाटिल ने अपनी दाईं तरफ दौड़ते हुए और अंत में जबरदस्त गोता लगाते हुए यह अविश्वसनीय कैच लपक लिया। इस शानदार कैच के बाद पूरी टीम ने श्रेयांका को बधाई दी, और पूरा स्टेडियम भी तालियों के शोर से गूंज उठा। इस कैच का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग कह रहे हैं कि "म्हारी छोरियां कोई छोरों से कम है क्या"। भारतीय टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर रविंद्र जडेजा की याद दिलाने वाले इस उड़ते हुए कैच के लिए श्रेयांका पाटिल की फील्डिंग की जमकर तारीफ हो रही है।
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    भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भारतीय टीम की उभरती युवा स्पिनर श्रेयांका पाटिल ने कवर पॉइंट्स पर एक अद्भुत और लाजवाब कैच पकड़कर सबको हैरान कर दिया, जिससे उन्हें 'फीमेल जडेजा' कहा जा रहा है। मैच के दौरान पाकिस्तान के पांच विकेट गिर चुके थे और श्रीचरणी गेंदबाजी कर रही थीं। पाकिस्तानी बैटर ने एक शॉट लगाया, जिस पर विकेटकीपर रिचा घोष ने फील्डर को 'कैच, कैच, कैच है यू' कहकर सचेत किया। हालांकि गेंद फील्डर से काफी दूर थी, श्रेयांका पाटिल ने अपनी दाईं तरफ दौड़ते हुए और अंत में जबरदस्त गोता लगाते हुए यह अविश्वसनीय कैच लपक लिया।

इस शानदार कैच के बाद पूरी टीम ने श्रेयांका को बधाई दी, और पूरा स्टेडियम भी तालियों के शोर से गूंज उठा। इस कैच का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग कह रहे हैं कि "म्हारी छोरियां कोई छोरों से कम है क्या"। भारतीय टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर रविंद्र जडेजा की याद दिलाने वाले इस उड़ते हुए कैच के लिए श्रेयांका पाटिल की फील्डिंग की जमकर तारीफ हो रही है।
    user_Shoaib Khan
    Shoaib Khan
    Classified ads newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी क्षेत्र से सामने आई एक खबर के अनुसार, लाइक, कमेंट और शेयर की होड़ में कुछ लोग धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह में देखने को मिला है, जहाँ एक युवक ने पूजा-पाठ के नाम पर रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। बताया जा रहा है कि युवक ने बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता, मर्यादा और आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर इस तरह की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और मंदिर परिसर में मर्यादा बनाए रखने की माँग जोर पकड़ रही है।
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    लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी क्षेत्र से सामने आई एक खबर के अनुसार, लाइक, कमेंट और शेयर की होड़ में कुछ लोग धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह में देखने को मिला है, जहाँ एक युवक ने पूजा-पाठ के नाम पर रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया।

बताया जा रहा है कि युवक ने बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता, मर्यादा और आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर इस तरह की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और मंदिर परिसर में मर्यादा बनाए रखने की माँग जोर पकड़ रही है।
    user_Nawaz ahmad Rizvi
    Nawaz ahmad Rizvi
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • लाइक, कमेंट और शेयर बटोरने की होड़ में कुछ लोगों द्वारा धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज करने का एक मामला सामने आया है। मोहम्मदी स्थित बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह के भीतर पूजा-पाठ के नाम पर एक युवक द्वारा रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। बताया जा रहा है कि इस युवक ने बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर ही यह वीडियो बनाया था। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है और वे मंदिर की पवित्रता तथा मर्यादा बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
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    लाइक, कमेंट और शेयर बटोरने की होड़ में कुछ लोगों द्वारा धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज करने का एक मामला सामने आया है। मोहम्मदी स्थित बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह के भीतर पूजा-पाठ के नाम पर एक युवक द्वारा रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। बताया जा रहा है कि इस युवक ने बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर ही यह वीडियो बनाया था। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है और वे मंदिर की पवित्रता तथा मर्यादा बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सपा नेता अखिलेश यादव की पुत्री आदित्य यादव को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया गया है कि कुछ लड़के उनके बारे में यह झूठी अफवाह फैला रहे हैं कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई हैं।
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    सपा नेता अखिलेश यादव की पुत्री आदित्य यादव को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया गया है कि कुछ लड़के उनके बारे में यह झूठी अफवाह फैला रहे हैं कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई हैं।
    user_सीमा यादव
    सीमा यादव
    Farmer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी जिले के बेहजम विकासखंड में बहुजन समाज पार्टी के युवा नेता और 'बहुजनों की बुलंद आवाज़' के रूप में प्रसिद्ध सचिन सिंह नितिन के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बेहतर व्यवस्था निर्माण, सामाजिक परिवर्तन, सत्ता परिवर्तन और भाईचारे जैसे अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक का मुख्य केंद्र वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करना था, जहाँ गांव स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरण अभियान को गति देने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 'मिशन-2027' में बसपा को ऐतिहासिक सफलता दिलाने और Mayawati को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ कार्यकर्ताओं को पूरी सक्रियता से काम करना होगा। इसके अतिरिक्त, देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने, किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने, बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की भावना पर आधारित व्यवस्था निर्माण और लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए लोगों को मतदान के महत्व व उसकी शक्ति के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया। युवा नेता सचिन सिंह नितिन ने घोषणा की कि बहुजन समाज पार्टी की नीतियों और विचारधारा को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को और अधिक मजबूती मिल सके।
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    लखीमपुर खीरी जिले के बेहजम विकासखंड में बहुजन समाज पार्टी के युवा नेता और 'बहुजनों की बुलंद आवाज़' के रूप में प्रसिद्ध सचिन सिंह नितिन के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बेहतर व्यवस्था निर्माण, सामाजिक परिवर्तन, सत्ता परिवर्तन और भाईचारे जैसे अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

बैठक का मुख्य केंद्र वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करना था, जहाँ गांव स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरण अभियान को गति देने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 'मिशन-2027' में बसपा को ऐतिहासिक सफलता दिलाने और Mayawati को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ कार्यकर्ताओं को पूरी सक्रियता से काम करना होगा। इसके अतिरिक्त, देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने, किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने, बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की भावना पर आधारित व्यवस्था निर्माण और लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए लोगों को मतदान के महत्व व उसकी शक्ति के प्रति जागरूक किया गया।

इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया। युवा नेता सचिन सिंह नितिन ने घोषणा की कि बहुजन समाज पार्टी की नीतियों और विचारधारा को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को और अधिक मजबूती मिल सके।
    user_INDIA TV24 NEWS
    INDIA TV24 NEWS
    Journalism Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    10 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी में पुलिस मालखाने से सोने के जेवरात गायब होने के मामले ने न्यायिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सत्र न्यायालय ने पुलिस की उस दलील पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि पोस्टमार्टम की पोटलियां बारिश में भीगकर खराब हो गईं और बंदरों द्वारा खुर्द-बुर्द कर दी गईं। अदालत ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण को अविश्वसनीय मानते हुए कीमती जेवरों के दुर्विनियोग की आशंका जताई है। यह मामला 2007 के एक दहेज मृत्यु प्रकरण से संबंधित है, जिसमें मृतका के शरीर से पोस्टमार्टम के दौरान बरामद सोने की नथ, चैन, अंगूठी और चूड़ियां पुलिस अभिरक्षा में सीलबंद रखी गई थीं। मुकदमे के निपटारे के बाद मृतका के पति मुदित कुमार अग्रवाल ने न्यायालय में आवेदन देकर जेवरात वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये पोटलियां वर्षों पहले बारिश में भीगकर नष्ट हो गई थीं और बंदरों ने उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस पर सत्र न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि सोने के जेवर बारिश में नष्ट कैसे हो सकते हैं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि कीमती सामान का शायद दुरुपयोग किया गया और बाद में जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे अभिलेखों में दर्ज कर दिया गया। न्यायालय ने खीरी के पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीड़ित को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई कराने के भी आदेश दिए गए हैं। पीड़ित मुदित कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और मनगढ़ंत अंतिम रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने उच्च अधिकारियों से स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। यह घटना पुलिस मालखानों में रखे माल-मुकदमाती सामान की सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
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    लखीमपुर खीरी में पुलिस मालखाने से सोने के जेवरात गायब होने के मामले ने न्यायिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सत्र न्यायालय ने पुलिस की उस दलील पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि पोस्टमार्टम की पोटलियां बारिश में भीगकर खराब हो गईं और बंदरों द्वारा खुर्द-बुर्द कर दी गईं। अदालत ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण को अविश्वसनीय मानते हुए कीमती जेवरों के दुर्विनियोग की आशंका जताई है।

यह मामला 2007 के एक दहेज मृत्यु प्रकरण से संबंधित है, जिसमें मृतका के शरीर से पोस्टमार्टम के दौरान बरामद सोने की नथ, चैन, अंगूठी और चूड़ियां पुलिस अभिरक्षा में सीलबंद रखी गई थीं। मुकदमे के निपटारे के बाद मृतका के पति मुदित कुमार अग्रवाल ने न्यायालय में आवेदन देकर जेवरात वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये पोटलियां वर्षों पहले बारिश में भीगकर नष्ट हो गई थीं और बंदरों ने उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस पर सत्र न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि सोने के जेवर बारिश में नष्ट कैसे हो सकते हैं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि कीमती सामान का शायद दुरुपयोग किया गया और बाद में जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे अभिलेखों में दर्ज कर दिया गया।

न्यायालय ने खीरी के पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीड़ित को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई कराने के भी आदेश दिए गए हैं। पीड़ित मुदित कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और मनगढ़ंत अंतिम रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने उच्च अधिकारियों से स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। यह घटना पुलिस मालखानों में रखे माल-मुकदमाती सामान की सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
    user_Dileep Tripathi
    Dileep Tripathi
    Farmer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पलिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में कर्मचारियों के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर खाताधारकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस संबंध में खबर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए बैंक कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार और काम में अनावश्यक टालमटोल करने के आरोप लगाए हैं। खाताधारक सतीश श्रीवास्तव, समीर गुप्ता, बाबू जायसवाल और विशाल चंद्र गुप्ता ने बताया कि बैंक कर्मचारियों द्वारा उनके साथ भी पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा चुका है। रूही नामक खाताधारक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनका बैंक खाता पिछले दो वर्षों से फ्रीज है और 25 किलोमीटर की दूरी तय करके बैंक आने के बावजूद कर्मचारी हर बार सात या दस दिन बाद आने की बात कहकर लौटा देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हो रही है। एक अन्य खाताधारक ने चार महीनों से अपने कार्य के लिए बैंक के चक्कर काटने का आरोप लगाया है, जबकि नूर मोहम्मद, आदित्य और आकाश कुमार सहित कई लोगों ने भी कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। सोमवार को भी कपिल कुमार और संजय ने बताया कि वे केवाईसी अपडेट के लिए एक महीने से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें टरका दिया जाता है; आज सुबह से लाइन में लगने के बाद ढाई बजे लंच की घोषणा कर दी गई और काम होने की कोई निश्चितता नहीं थी। इसके अतिरिक्त, हबीब नामक खाताधारक को 20 हजार रुपये निकालने के लिए कैशियर ने मना कर दिया और उन्हें निकटस्थ बीसी प्वाइंट से आधार के माध्यम से पैसे निकालने को कहा। यह समस्या केवल बैंक ऑफ बड़ौदा की पलिया शाखा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी नगला और कबीरगंज शाखा का भी यही हाल है। लोगों का यह भी कहना है कि बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखाओं में भी ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है और समय-समय पर इनकी भी शिकायतें सामने आती रहती हैं। खाताधारकों का आरोप है कि कुछ बैंक कर्मचारी ग्राहकों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं मानो वे खुद बैंक के मालिक हों और उन्हें आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार न हो, यह व्यवहार भिखारी के साथ भी नहीं किया जाता। उनका यह भी कहना है कि लगातार शिकायतें होने के बावजूद आज तक न कोई कर्मचारी निलंबित हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई, जिससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राहकों ने मांग की है कि बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पूरे स्टाफ के कार्य व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और ग्राहकों को सम्मानजनक एवं बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैंक कर्मचारियों के कथित रवैये को लेकर उठे इस मुद्दे ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की नजर बैंक प्रबंधन तथा उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी है।
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    पलिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में कर्मचारियों के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर खाताधारकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस संबंध में खबर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए बैंक कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार और काम में अनावश्यक टालमटोल करने के आरोप लगाए हैं।

खाताधारक सतीश श्रीवास्तव, समीर गुप्ता, बाबू जायसवाल और विशाल चंद्र गुप्ता ने बताया कि बैंक कर्मचारियों द्वारा उनके साथ भी पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा चुका है। रूही नामक खाताधारक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनका बैंक खाता पिछले दो वर्षों से फ्रीज है और 25 किलोमीटर की दूरी तय करके बैंक आने के बावजूद कर्मचारी हर बार सात या दस दिन बाद आने की बात कहकर लौटा देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हो रही है। एक अन्य खाताधारक ने चार महीनों से अपने कार्य के लिए बैंक के चक्कर काटने का आरोप लगाया है, जबकि नूर मोहम्मद, आदित्य और आकाश कुमार सहित कई लोगों ने भी कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। सोमवार को भी कपिल कुमार और संजय ने बताया कि वे केवाईसी अपडेट के लिए एक महीने से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें टरका दिया जाता है; आज सुबह से लाइन में लगने के बाद ढाई बजे लंच की घोषणा कर दी गई और काम होने की कोई निश्चितता नहीं थी। इसके अतिरिक्त, हबीब नामक खाताधारक को 20 हजार रुपये निकालने के लिए कैशियर ने मना कर दिया और उन्हें निकटस्थ बीसी प्वाइंट से आधार के माध्यम से पैसे निकालने को कहा।

यह समस्या केवल बैंक ऑफ बड़ौदा की पलिया शाखा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी नगला और कबीरगंज शाखा का भी यही हाल है। लोगों का यह भी कहना है कि बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखाओं में भी ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है और समय-समय पर इनकी भी शिकायतें सामने आती रहती हैं। खाताधारकों का आरोप है कि कुछ बैंक कर्मचारी ग्राहकों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं मानो वे खुद बैंक के मालिक हों और उन्हें आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार न हो, यह व्यवहार भिखारी के साथ भी नहीं किया जाता। उनका यह भी कहना है कि लगातार शिकायतें होने के बावजूद आज तक न कोई कर्मचारी निलंबित हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई, जिससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्राहकों ने मांग की है कि बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पूरे स्टाफ के कार्य व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और ग्राहकों को सम्मानजनक एवं बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैंक कर्मचारियों के कथित रवैये को लेकर उठे इस मुद्दे ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की नजर बैंक प्रबंधन तथा उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी है।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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