नागौर जिले के देवरिया जाटान गांव में युवक सचिन सिंह की संदिग्ध मौत के बाद उत्पन्न तनाव 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। परिजनों और प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके उपरांत धरना खत्म कर शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाया गया नागौर जिले के देवरिया जाटान गांव में युवक सचिन सिंह की संदिग्ध मौत के बाद उत्पन्न तनाव 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। परिजनों और प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके उपरांत धरना खत्म कर शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाया गया। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को मौके से हटाने से इनकार कर दिया था। ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर डटे रहे और प्रशासन से अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। रविवार सुबह लगभग 11 बजे मेड़ता सिटी वृत्ताधिकारी रामकरण सिंह मलिण्डा, जसनगर थानाधिकारी छीतरमल और उप निरीक्षक राजमल सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों तथा ग्रामीणों से वार्ता की। मृतक के चाचा प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने परिजनों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद सहमति बनी और धरना समाप्त किया गया। इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप भी सामने आया। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी के सुरेंद्र बेड़ा ने जानकारी दी कि पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने उच्च अधिकारियों से बात कर निष्पक्ष जांच और जल्द खुलासे की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया गया। सहमति बनने के बाद दोपहर करीब 2 बजे पुलिस बल की मौजूदगी में शव को रियान बड़ी के राजकीय चिकित्सालय लाया गया। यहां डॉक्टरों के एक बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाया गया। जसनगर थानाधिकारी छीतरमल ने पुष्टि की कि परिजनों की मांगों पर सहमति बनने के बाद ही शव को अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। गांव में फिलहाल स्थिति सामान्य हो रही है, हालांकि इस पूरे मामले को लेकर लोगों में अभी भी आक्रोश बना हुआ है।
नागौर जिले के देवरिया जाटान गांव में युवक सचिन सिंह की संदिग्ध मौत के बाद उत्पन्न तनाव 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। परिजनों और प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके उपरांत धरना खत्म कर शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाया गया नागौर जिले के देवरिया जाटान गांव में युवक सचिन सिंह की संदिग्ध मौत के बाद उत्पन्न तनाव 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। परिजनों और प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके उपरांत धरना खत्म कर शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाया गया। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को मौके से हटाने से इनकार कर दिया था। ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर डटे रहे और प्रशासन से अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। रविवार सुबह लगभग 11 बजे मेड़ता सिटी वृत्ताधिकारी रामकरण सिंह मलिण्डा, जसनगर थानाधिकारी छीतरमल और उप निरीक्षक राजमल सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों तथा ग्रामीणों से वार्ता की। मृतक के चाचा प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने परिजनों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद सहमति बनी और धरना समाप्त किया गया। इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप भी सामने आया। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी के सुरेंद्र बेड़ा ने जानकारी दी कि पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने उच्च अधिकारियों से बात कर निष्पक्ष जांच और जल्द खुलासे की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया गया। सहमति बनने के बाद दोपहर करीब 2 बजे पुलिस बल की मौजूदगी में शव को रियान बड़ी के राजकीय चिकित्सालय लाया गया। यहां डॉक्टरों के एक बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाया गया। जसनगर थानाधिकारी छीतरमल ने पुष्टि की कि परिजनों की मांगों पर सहमति बनने के बाद ही शव को अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। गांव में फिलहाल स्थिति सामान्य हो रही है, हालांकि इस पूरे मामले को लेकर लोगों में अभी भी आक्रोश बना हुआ है।
- नागौर पुलिस की सख्त कार्रवाई: स्टंटबाज युवक गिरफ्तार, थार जब्त नागौर। नागौर पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे खतरनाक स्टंट के वीडियो को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में थाना रोल पुलिस ने आरोपी राजूराम को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने एक शादी समारोह के दौरान डीजे के आगे अपनी महिन्द्रा थार गाड़ी से सड़क पर खतरनाक स्टंट करते हुए वाहन को लहराते हुए चलाया, जिससे आमजन की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी की पहचान कर उसे दबोच लिया। पुलिस ने स्टंट में प्रयुक्त महिन्द्रा थार वाहन को भी जब्त कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी राजूराम थाना रोल का हिस्ट्रीशीटर भी है, जिस पर पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर इस प्रकार के खतरनाक स्टंट करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। आमजन से भी अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और ऐसे कृत्यों से दूर रहें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1
- रियान बड़ी के देवरिया जाटान गांव में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक का शव गांव के पास झाड़ियों में पेड़ पर लटका मिला। मृतक की पहचान सचिन सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मौके पर हंगामा कर दिया और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। जानकारी के अनुसार, सचिन सिंह शनिवार शाम करीब 4 बजे बिना किसी को बताए घर से निकला था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और रिश्तेदारों सहित आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद रविवार सुबह करीब 10 बजे जसनगर पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई गई। गुमशुदगी दर्ज करवाने के बाद परिजन और ग्रामीण युवक की तलाश में गांव के आसपास झाड़ियों में पहुंचे, जहां एक पेड़ पर सचिन का शव लटका हुआ मिला। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव को नीचे उतारने से इनकार कर दिया और एफएसएल टीम को बुलाने की मांग की। परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। मृतक के परिजन प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि सचिन की हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया है, ताकि मामले को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे मौके से नहीं हटेंगे। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। फिलहाल पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।1
- श्री रोशन मीना, SP नागौर के निर्देशन में नागौर पुलिस का सख्त एक्शन। नशा बेचकर अर्जित संपत्ति (धारा 68F NDPS एक्ट) पर लगातार प्रहार। अभियुक्त ऋषिराज गौतम द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से कमाई गई रकम से निर्मित आलीशान मकान को किया गया फ्रीज। प्लॉट सहित मकान की बाजार कीमत लगभग 50-60 लाख रुपये आंकी गई। थाना पादूकलां के फ्रीजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली द्वारा किया गया कन्फर्म। आरोपी के खिलाफ थाना पादूकलां एवं थाना रजियासर (जिला श्रीगंगानगर) में NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी ने पहचान छिपाकर कस्बा रियांबड़ी में मकान बनाया था, जिस पर अब पुलिस ने कार्रवाई की है। नशा बेचकर समाज को खोखला करने वालों के विरुद्ध नागौर पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। 👏 थाना पादूकलां पुलिस टीम की शानदार कार्यवाही।4
- Post by Budraj Nayak1
- डेगाना। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की पहली बार प्रचंड जीत की खुशी में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। रविवार को जैसे ही मतगणना शुरू हुई, शुरुआती रुझानों में ही भाजपा की बढ़त दिखाई देने लगी। कार्यकर्ता सुबह से ही टीवी के सामने बैठकर लाइव मतगणना देखते रहे। जैसे-जैसे सीटों में बढ़ोतरी होती गई, कार्यकर्ताओं का उत्साह भी बढ़ता गया। अंत में जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत की ओर बढ़त बनाई, तो कार्यकर्ताओं ने सदर बाजार में आतिशबाजी कर और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। इस मौके पर वरिष्ठ नेता सेवाराम धन्वाणी, जिला कौशध्य्क्ष बिरधीचंद तोषनीवाल, आर. एस. एस क़े मांगीलाल तोषनीवाल, नेमीचंद, नथमल,, सोहनलाल टेलर, छोटूलाल टेलर, विश्व हिन्दू परिषद क़े ओमप्रकाश टेलर, सुभाष टेलर,महेन्द्र, सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे औरमोदी क़े खाने क़े बाद प्रसिद्ध हुई बंगाल झालमुड़ी बनाकर शहर मे लोगो क़ो बंटी3
- अभी मैं भारतीय रेलवे की तरफ से रिटायरिंग रूम में आया हूं आप सभी दोस्तों को धन्यवाद1
- गो सेवा झुमी गोविन्द गोशाला में सेवा देते हुए1
- नागौर जिले के देवरिया जाटान गांव में युवक सचिन सिंह की संदिग्ध मौत के बाद उत्पन्न तनाव 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। परिजनों और प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके उपरांत धरना खत्म कर शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाया गया। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को मौके से हटाने से इनकार कर दिया था। ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर डटे रहे और प्रशासन से अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। रविवार सुबह लगभग 11 बजे मेड़ता सिटी वृत्ताधिकारी रामकरण सिंह मलिण्डा, जसनगर थानाधिकारी छीतरमल और उप निरीक्षक राजमल सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों तथा ग्रामीणों से वार्ता की। मृतक के चाचा प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने परिजनों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद सहमति बनी और धरना समाप्त किया गया। इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप भी सामने आया। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी के सुरेंद्र बेड़ा ने जानकारी दी कि पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने उच्च अधिकारियों से बात कर निष्पक्ष जांच और जल्द खुलासे की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया गया। सहमति बनने के बाद दोपहर करीब 2 बजे पुलिस बल की मौजूदगी में शव को रियान बड़ी के राजकीय चिकित्सालय लाया गया। यहां डॉक्टरों के एक बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाया गया। जसनगर थानाधिकारी छीतरमल ने पुष्टि की कि परिजनों की मांगों पर सहमति बनने के बाद ही शव को अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। गांव में फिलहाल स्थिति सामान्य हो रही है, हालांकि इस पूरे मामले को लेकर लोगों में अभी भी आक्रोश बना हुआ है।1