10 मिनट की YouTube वीडियो स्क्रिप्ट शीर्षक: राजा मोरध्वज का रहस्यमयी किला | मरौरी खास, बिलसंडा, पीलीभीत का प्राचीन इतिहास [ओपनिंग – 0:00 से 0:40] नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बिलसंडा क्षेत्र के एक ऐसे ऐतिहासिक स्थान पर लेकर चलेंगे, जहाँ आज भी राजा मोरध्वज की यादें जीवित हैं। यह स्थान है मरौरी खास, जहाँ कभी एक विशाल किला और प्रसिद्ध अटकोना कुआँ होने की लोकमान्यता है। आइए जानते हैं इस प्राचीन नगरी की कहानी। [भाग 1 – 0:40 से 2:30] लोककथाओं के अनुसार मरौरी खास कभी राजा मोरध्वज की राजधानी थी। राजा मोरध्वज अपनी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध माने जाते हैं। कहा जाता है कि यहाँ उनका एक भव्य किला था, जिसकी ऊँची दीवारें दूर-दूर तक दिखाई देती थीं। समय के साथ किला नष्ट हो गया, लेकिन उसकी यादें आज भी लोगों की बातों में जीवित हैं। [भाग 2 – 2:30 से 5:00] मरौरी खास की सबसे बड़ी पहचान है अटकोना यानी आठ कोनों वाला कुआँ। गाँव के बुज़ुर्ग बताते हैं कि यह कुआँ अपने समय की अद्भुत स्थापत्य कला का उदाहरण था। लोग दूर-दूर से इसे देखने आते थे और इसका पानी पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। आज यह धरोहर पहले जैसी नहीं रही, लेकिन इसकी कहानी आज भी लोगों के दिलों में बसती है। [भाग 3 – 5:00 से 7:30] राजा मोरध्वज की सबसे प्रसिद्ध कथा भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन से जुड़ी है। लोकमान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने साधु का वेश धारण कर राजा की दानशीलता की परीक्षा ली। राजा ने धर्म और वचन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने की तैयारी दिखाई। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें आशीर्वाद दिया। यही कारण है कि राजा मोरध्वज का नाम आज भी महादानी राजा के रूप में श्रद्धा से लिया जाता है। [भाग 4 – 7:30 से 9:20] आज मरौरी खास का किला और उससे जुड़ी धरोहरें संरक्षण की प्रतीक्षा कर रही हैं। यदि इन ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण किया जाए, तो आने वाली पीढ़ियाँ भी अपने गौरवशाली अतीत को जान सकेंगी। [समापन – 9:20 से 10:00] दोस्तों, यदि आपको मरौरी खास, राजा मोरध्वज और इस ऐतिहासिक धरोहर की कहानी पसंद आई हो, तो वीडियो को लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय महादानी राजा मोरध्वज। जय मरौरी खास। 10 मिनट की YouTube वीडियो स्क्रिप्ट शीर्षक: राजा मोरध्वज का रहस्यमयी किला | मरौरी खास, बिलसंडा, पीलीभीत का प्राचीन इतिहास [ओपनिंग – 0:00 से 0:40] नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बिलसंडा क्षेत्र के एक ऐसे ऐतिहासिक स्थान पर लेकर चलेंगे, जहाँ आज भी राजा मोरध्वज की यादें जीवित हैं। यह स्थान है मरौरी खास, जहाँ कभी एक विशाल किला और प्रसिद्ध अटकोना कुआँ होने की लोकमान्यता है। आइए जानते हैं इस प्राचीन नगरी की कहानी। [भाग 1 – 0:40 से 2:30] लोककथाओं के अनुसार मरौरी खास कभी राजा मोरध्वज की राजधानी थी। राजा मोरध्वज अपनी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध माने जाते हैं। कहा जाता है कि यहाँ उनका एक भव्य किला था, जिसकी ऊँची दीवारें दूर-दूर तक दिखाई देती थीं। समय के साथ किला नष्ट हो गया, लेकिन उसकी यादें आज भी लोगों की बातों में जीवित हैं। [भाग 2 – 2:30 से 5:00] मरौरी खास की सबसे बड़ी पहचान है अटकोना यानी आठ कोनों वाला कुआँ। गाँव के बुज़ुर्ग बताते हैं कि यह कुआँ अपने समय की अद्भुत स्थापत्य कला का उदाहरण था। लोग दूर-दूर से इसे देखने आते थे और इसका पानी पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। आज यह धरोहर पहले जैसी नहीं रही, लेकिन इसकी कहानी आज भी लोगों के दिलों में बसती है। [भाग 3 – 5:00 से 7:30] राजा मोरध्वज की सबसे प्रसिद्ध कथा भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन से जुड़ी है। लोकमान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने साधु का वेश धारण कर राजा की दानशीलता की परीक्षा ली। राजा ने धर्म और वचन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने की तैयारी दिखाई। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें आशीर्वाद दिया। यही कारण है कि राजा मोरध्वज का नाम आज भी महादानी राजा के रूप में श्रद्धा से लिया जाता है। [भाग 4 – 7:30 से 9:20] आज मरौरी खास का किला और उससे जुड़ी धरोहरें संरक्षण की प्रतीक्षा कर रही हैं। यदि इन ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण किया जाए, तो आने वाली पीढ़ियाँ भी अपने गौरवशाली अतीत को जान सकेंगी। [समापन – 9:20 से 10:00] दोस्तों, यदि आपको मरौरी खास, राजा मोरध्वज और इस ऐतिहासिक धरोहर की कहानी पसंद आई हो, तो वीडियो को लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय महादानी राजा मोरध्वज। जय मरौरी खास।
10 मिनट की YouTube वीडियो स्क्रिप्ट शीर्षक: राजा मोरध्वज का रहस्यमयी किला | मरौरी खास, बिलसंडा, पीलीभीत का प्राचीन इतिहास [ओपनिंग – 0:00 से 0:40] नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बिलसंडा क्षेत्र के एक ऐसे ऐतिहासिक स्थान पर लेकर चलेंगे, जहाँ आज भी राजा मोरध्वज की यादें जीवित हैं। यह स्थान है मरौरी खास, जहाँ कभी एक विशाल किला और प्रसिद्ध अटकोना कुआँ होने की लोकमान्यता है। आइए जानते हैं इस प्राचीन नगरी की कहानी। [भाग 1 – 0:40 से 2:30] लोककथाओं के अनुसार मरौरी खास कभी राजा मोरध्वज की राजधानी थी। राजा मोरध्वज अपनी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध माने जाते हैं। कहा जाता है कि यहाँ उनका एक भव्य किला था, जिसकी ऊँची दीवारें दूर-दूर तक दिखाई देती थीं। समय के साथ किला नष्ट हो गया, लेकिन उसकी यादें आज भी लोगों की बातों में जीवित हैं। [भाग 2 – 2:30 से 5:00] मरौरी खास की सबसे बड़ी पहचान है अटकोना यानी आठ कोनों वाला कुआँ। गाँव के बुज़ुर्ग बताते हैं कि यह कुआँ अपने समय की अद्भुत स्थापत्य कला का उदाहरण था। लोग दूर-दूर से इसे देखने आते थे और इसका पानी पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। आज यह धरोहर पहले जैसी नहीं रही, लेकिन इसकी कहानी आज भी लोगों के दिलों में बसती है। [भाग 3 – 5:00 से 7:30] राजा मोरध्वज की सबसे प्रसिद्ध कथा भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन से जुड़ी है। लोकमान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने साधु का वेश धारण कर राजा की दानशीलता की परीक्षा ली। राजा ने धर्म और वचन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने की तैयारी दिखाई। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें आशीर्वाद दिया। यही कारण है कि राजा मोरध्वज का नाम आज भी महादानी राजा के रूप में श्रद्धा से लिया जाता है। [भाग 4 – 7:30 से 9:20] आज मरौरी खास का किला और उससे जुड़ी धरोहरें संरक्षण की प्रतीक्षा कर रही हैं। यदि इन ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण किया जाए, तो आने वाली पीढ़ियाँ भी अपने गौरवशाली अतीत को जान सकेंगी। [समापन – 9:20 से 10:00] दोस्तों, यदि आपको मरौरी खास, राजा मोरध्वज और इस ऐतिहासिक धरोहर की कहानी पसंद आई हो, तो वीडियो को लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय महादानी राजा मोरध्वज। जय मरौरी खास। 10 मिनट की YouTube वीडियो स्क्रिप्ट शीर्षक: राजा मोरध्वज का रहस्यमयी किला | मरौरी खास, बिलसंडा, पीलीभीत का प्राचीन इतिहास [ओपनिंग – 0:00 से 0:40] नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बिलसंडा क्षेत्र के एक ऐसे ऐतिहासिक स्थान पर लेकर चलेंगे, जहाँ आज भी राजा मोरध्वज की यादें जीवित हैं। यह स्थान है मरौरी खास, जहाँ कभी एक विशाल किला और प्रसिद्ध अटकोना कुआँ होने की लोकमान्यता है। आइए जानते हैं इस प्राचीन नगरी की कहानी। [भाग 1 – 0:40 से 2:30] लोककथाओं के अनुसार मरौरी खास कभी राजा मोरध्वज की राजधानी थी। राजा मोरध्वज अपनी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध माने जाते हैं। कहा जाता है कि यहाँ उनका एक भव्य किला था, जिसकी ऊँची दीवारें दूर-दूर तक दिखाई देती थीं। समय के साथ किला नष्ट हो गया, लेकिन उसकी यादें आज भी लोगों की बातों में जीवित हैं। [भाग 2 – 2:30 से 5:00] मरौरी खास की सबसे बड़ी पहचान है अटकोना यानी आठ कोनों वाला कुआँ। गाँव के बुज़ुर्ग बताते हैं कि यह कुआँ अपने समय की अद्भुत स्थापत्य कला का उदाहरण था। लोग दूर-दूर से इसे देखने आते थे और इसका पानी पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। आज यह धरोहर पहले जैसी नहीं रही, लेकिन इसकी कहानी आज भी लोगों के दिलों में बसती है। [भाग 3 – 5:00 से 7:30] राजा मोरध्वज की सबसे प्रसिद्ध कथा भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन से जुड़ी है। लोकमान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने साधु का वेश धारण कर राजा की दानशीलता की परीक्षा ली। राजा ने धर्म और वचन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने की तैयारी दिखाई। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें आशीर्वाद दिया। यही कारण है कि राजा मोरध्वज का नाम आज भी महादानी राजा के रूप में श्रद्धा से लिया जाता है। [भाग 4 – 7:30 से 9:20] आज मरौरी खास का किला और उससे जुड़ी धरोहरें संरक्षण की प्रतीक्षा कर रही हैं। यदि इन ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण किया जाए, तो आने वाली पीढ़ियाँ भी अपने गौरवशाली अतीत को जान सकेंगी। [समापन – 9:20 से 10:00] दोस्तों, यदि आपको मरौरी खास, राजा मोरध्वज और इस ऐतिहासिक धरोहर की कहानी पसंद आई हो, तो वीडियो को लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय महादानी राजा मोरध्वज। जय मरौरी खास।
- PM मोदी ने गाली देने वालों बच्चों को माफ़ किया !!......1
- पीलीभीत में आगामी बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। पीलीभीत में आगामी बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।1
- Post by अशोक सरकार1
- तालाब पर कब्जे पर चला बुलडोजर: बीसलपुर के सिमरा अकबरगंज में प्रशासन का बड़ा एक्शन, भू-माफियाओं में मचा हड़कंप पीलीभीत के बीसलपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सिमरा अकबरगंज में सरकारी तालाब की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलवा दिया। उप जिलाधिकारी नागेंद्र पांडे के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की पुष्टि होने के बाद तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, उप जिलाधिकारी नागेंद्र पांडे को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में तालाब की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने राजस्व टीम को मौके पर भेजा। टीम ने अभिलेखों का मिलान और स्थल निरीक्षण किया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने बिना देरी किए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही, जिससे पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रही। भू-माफियाओं को कड़ा संदेश प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया। उप जिलाधिकारी नागेंद्र पांडे ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई का स्वागत किया।1
- एडवोकेट का सनसनीखेज आरोप—'1 लाख दो, नहीं तो SC/ST में फंसा दूंगा!'" फर्जी पत्रकार या रंगदारी गैंग? एडवोकेट का सनसनीखेज आरोप—'1 लाख दो, नहीं तो SC/ST में फंसा दूंगा!'" नमस्कार आप देख रहे हैं भारत vision live बरेली से भारत vision live के लिए सय्यद शाहरुख अली की रिपोर्ट बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक अधिवक्ता ने खुद को पत्रकार बताने वाले युवक पर रंगदारी मांगने, मारपीट करने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला थाना बिशारतगंज क्षेत्र के ग्राम इस्माईलपुर का है। एडवोकेट उमेश पाल का आरोप है कि गांव का रहने वाला बब्लू सागर, जो खुद को पत्रकार बताता है, चुनावी रंजिश के चलते उनकी एडिट की हुई ऑडियो और पोस्ट सोशल मीडिया तथा एक कथित समाचार पत्र में वायरल कर उनकी छवि खराब कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि 30 जुलाई की सुबह आरोपी ने एक साथी के साथ उन्हें घेर लिया और कहा कि अगर वायरल पोस्ट हटवानी है तो शाम तक 1 लाख रुपये दो, नहीं तो फर्जी SC/ST समेत अन्य मुकदमों में फंसा देंगे। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। उमेश पाल का यह भी दावा है कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में आरोपी किसी मान्यता प्राप्त समाचार पत्र या चैनल से संबद्ध नहीं पाया गया। साथ ही उसके खिलाफ पहले से आपराधिक मुकदमा दर्ज होने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही गई है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने 30 जुलाई को थाना बिशारतगंज में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर अब वरिष्ठ अधिकारियों से एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर आधारित हैं। पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।1
- *AI कराएगा REET, RAS और UPSC की तैयारी:* टेस्ट से बताएगा स्टूडेंट कौनसे सब्जेक्ट में है कमजोर; 25 साल पुराने पेपर भी मिलेंगे जोधपुर के टेक स्टार्टअप 'द अभ्यास' ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक अनूठा एजुकेशनल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो छात्रों को REET, RAS और UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की सटीक तैयारी कराएगा। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी पारंपरिक कोचिंग संस्थान की तरह टेस्ट लेकर छात्र के सबसे कमजोर विषयों (Weak Subjects) की पहचान करेगा और उस आधार पर पढ़ाई का पर्सनलाइज्ड प्लान तैयार करेगा।इस इनोवेटिव प्लेटफॉर्म को जोधपुर के शुभेंद्र गौतम ने विकसित किया है, जिन्हें खुद 4 साल तक यूपीएससी की तैयारी करने के दौरान आए अनुभवों से इस एआई टूल को बनाने का आइडिया मिला।प्लेटफॉर्म के 7 मुख्य एआई फीचर्स (Modules)AI ट्यूटर: छात्र क्लासरूम की तरह प्रतियोगिता परीक्षाओं से जुड़ा कोई भी कठिन सवाल या डाउट पूछ सकते हैं, जिसका एआई पूरी डिटेल के साथ तुरंत जवाब देगा।स्मार्ट PYQs: इसमें पिछले 20 से 25 सालों के पुराने प्रश्न पत्र (Previous Year Papers) पूरी तरह से सब्जेक्ट और टॉपिक-वाइज कैटेगराइज्ड फॉर्म में मिलेंगे ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1
- Post by अशोक सरकार1
- "बीसलपुर में 1 अगस्त को होगा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का उद्घाटन, महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार रहेंगे मौजूद।"1
- संदिग्ध परिस्थितियों में खेत में पेड़ से लटका मिला बीएससी एग्रीकल्चर छात्र का शव, मचा कोहराम सतर्क भारत। ऋषिपाल मौर्य बरखेड़ा। थाना क्षेत्र के गांव भैसहा ग्वालपुर में शुक्रवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब खेत में एक युवक का शव पेड़ पर लटका मिला। मृतक की पहचान गांव निवासी रामस्वरूप वर्मा के 22 वर्षीय पुत्र कपिल वर्मा के रूप में हुई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार कपिल शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे घर से निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर उसके छोटे भाई संजीव ने तलाश शुरू की। शाम करीब चार बजे वह गांव के पास पातीराम 'मास्टर साहब' के खेत की ओर पहुंचा, जहां उसे कपिल का शव दिखाई दिया। संजीव ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां पार्वती समेत परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों की भी मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर बरखेड़ा पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम भी पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। परिजनों के मुताबिक कपिल पढ़ाई में होनहार था। उसने बी.फार्मा की पढ़ाई पूरी की थी और वर्तमान में फर्रुखाबाद से बीएससी एग्रीकल्चर के अंतिम सत्र में अध्ययनरत था। चार भाइयों में वह सबसे छोटा था। उसके दो बड़े भाई अभिषेक और सुशील भारतीय नौसेना में सेवा दे रहे हैं, जबकि भाई संजीव खेती-किसानी संभालता है। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से मोबाइल फोन और कीटनाशक की शीशी मिलने की बात सामने आई है। इन परिस्थितियों को लेकर पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि युवक का शव खेत में पेड़ पर मिला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1