पंचायत राज मंत्री के क्षेत्र में श्मशान घाट कि बदहाली भाजपा उप जिला प्रमुख के ग्रह ग्राम पंचायत धुदेहडी में आज भी मूलभूत सुविधाओं का आभाव चेचट/घांटोली। ग्राम पंचायत घांटोली के अंतर्गत आने वाले धुदेहडी गांव का श्मशान घाट आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां पेयजल के लिए हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है, जबकि अंतिम संस्कार के दौरान धूप और बारिश से बचाव के लिए टीनशेड भी उपलब्ध नहीं है। Vo T3x इसके अलावा श्मशान घाट परिसर में इंटरलॉकिंग नहीं होने से बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह क्षेत्र पंचायत राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में आता है। वहीं भाजपा के उप जिला प्रमुख का गृह ग्राम भी धुदेहडी है। इसके बावजूद श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। बारिश के मौसम में श्मशान घाट तक पहुंचना और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना काफी कठिन हो जाता है। पेयजल, छाया और समतल रास्ते जैसी सुविधाएं नहीं होने से लोगों को अतिरिक्त परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट पर शीघ्र हैंडपंप, टीनशेड, इंटरलॉकिंग सहित अन्य आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग की है, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था मिल सके।
पंचायत राज मंत्री के क्षेत्र में श्मशान घाट कि बदहाली भाजपा उप जिला प्रमुख के ग्रह ग्राम पंचायत धुदेहडी में आज भी मूलभूत सुविधाओं का आभाव चेचट/घांटोली। ग्राम पंचायत घांटोली के अंतर्गत आने वाले धुदेहडी गांव का श्मशान घाट आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां पेयजल के लिए हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है, जबकि अंतिम संस्कार के दौरान धूप और बारिश से बचाव
के लिए टीनशेड भी उपलब्ध नहीं है। Vo T3x इसके अलावा श्मशान घाट परिसर में इंटरलॉकिंग नहीं होने से बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह क्षेत्र पंचायत राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में आता है। वहीं भाजपा के उप जिला प्रमुख का गृह ग्राम
भी धुदेहडी है। इसके बावजूद श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। बारिश के मौसम में श्मशान घाट तक पहुंचना और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना काफी
कठिन हो जाता है। पेयजल, छाया और समतल रास्ते जैसी सुविधाएं नहीं होने से लोगों को अतिरिक्त परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट पर शीघ्र हैंडपंप, टीनशेड, इंटरलॉकिंग सहित अन्य आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग की है, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था मिल सके।
- बकसपुरा घाटोली कि लगभग 25 एकड़ चारागाह भूमि पर कब्जे का आरोप, मवेशियों के चरने में हों रहीं परेशानी बकसपुरा-घाटोली की लगभग 25 एकड़ चरागाह भूमि पर कब्जे का आरोप, मवेशियों के चरने में हो रही परेशानी। रामगंजमंडी। बकसपुरा-घाटोली क्षेत्र की चरागाह भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 25 एकड़ चरागाह भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर खेती करना शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्र में पशुओं के लिए चारे का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार तहसीलदार, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी तथा सरपंच को लिखित एवं मौखिक रूप से सूचना दी गई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। Vijendra's Galaxy a35 इससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि चरागाह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित होती है, लेकिन उस पर खेती किए जाने के कारण मवेशियों का चरना मुश्किल हो गया है। इससे पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चरागाह भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटाकर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भूमि को उसके मूल उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।4
- झालावाड़-खानपुर के बकानी श्रेत्र में बीमा कंपनी का पुतला दहन, हजारों किसानों का आक्रोश फूटा 30 जुलाई से जारी भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना, बोले किसान नेता जब तक किसानों के खातों में राशि नहीं आएगी, आंदोलन रहेगा जारीरहेगा। झालावाड़ -खानपुर के बकानी श्रेत्र में भारतीय किसान संघ तहसील बकानी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया बीमा दावा राशि एवं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से स्वीकृत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और अधिक उग्र रूप में दिखाई दिया। धरना स्थल से किसानों ने लगभग दो किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालते हुए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (फसल बीमा कंपनी) का पुतला बकानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड तक ले जाया। रैली के दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए बीमा कंपनी होश में आओ हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख अभी तो ली है अंगड़ाई आगे और लड़ाई है जैसे गगनभेदी नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। बस स्टैंड बकानी पर किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी किसान पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं पहुंची है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा भी बड़ी संख्या में किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। मजबूर होकर किसानों को खेत छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि किसान का वास्तविक स्थान खेतों में रहकर देश के अन्न भंडार भरना है। किसान नेताओं ने बताया कि झालावाड़ जिले के किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 170 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचना शेष है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा एवं मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। नेताओं ने सरकार एवं बीमा कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वीकृत राशि समय पर किसानों तक पहुंचानी ही नहीं थी तो ऐसी घोषणाएं क्यों की गईं। किसानों ने कभी बीमा कंपनियों से लाभ की भीख नहीं मांगी, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर लाभ कमाने में लगी हैं, जबकि किसान अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज केवल बीमा कंपनी का पुतला दहन किया गया है। यदि समय रहते किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित बीमा कंपनी की होगी। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम किसान को उसका अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।4
- क्रेडिट कार्ड केवाईसी के नाम पर हुई 1,11,953 रुपये की साइबर ठगी, चित्तौड़गढ़ साइबर पुलिस ने 24 घंटे में होल्ड करवाई पूरी राशि चित्तौड़गढ़, 03 अगस्त 2026। साइबर थाना चित्तौड़गढ़ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्रेडिट कार्ड के नाम पर हुई साइबर ठगी के मामले में पीड़ित के ₹1,11,953 मात्र 24 घंटे के भीतर होल्ड करवा दिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को एक परिवार के पास क्रेडिट कार्ड की केवाईसी अपडेट करने के नाम पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को कस्टमर केयर कर्मचारी बताते हुए व्हाट्सएप पर एक एपीके (APK) फाइल भेजी, जिसे डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद साइबर ठगों ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से ₹1,11,953 की धोखाधड़ी कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर थाना चित्तौड़गढ़ में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (IPS) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा साइबर थाना प्रभारी एवं साइबर विशेषज्ञ टीम ने तत्काल तकनीकी विश्लेषण कर संबंधित बैंक और नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया। त्वरित प्रयासों के परिणामस्वरूप पूरी राशि को 24 घंटे के भीतर होल्ड करवा दिया गया। इस कार्रवाई में साइबर थाना की टीम के साथ सूचना सहायक श्री मनोज कुमार गुर्जर एवं कांस्टेबल संजय सालवी की विशेष भूमिका रही।1
- पंचायत राज मंत्री के क्षेत्र में श्मशान घाट कि बदहाली भाजपा उप जिला प्रमुख के ग्रह ग्राम पंचायत धुदेहडी में आज भी मूलभूत सुविधाओं का आभाव चेचट/घांटोली। ग्राम पंचायत घांटोली के अंतर्गत आने वाले धुदेहडी गांव का श्मशान घाट आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां पेयजल के लिए हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है, जबकि अंतिम संस्कार के दौरान धूप और बारिश से बचाव के लिए टीनशेड भी उपलब्ध नहीं है। Vo T3x इसके अलावा श्मशान घाट परिसर में इंटरलॉकिंग नहीं होने से बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह क्षेत्र पंचायत राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में आता है। वहीं भाजपा के उप जिला प्रमुख का गृह ग्राम भी धुदेहडी है। इसके बावजूद श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। बारिश के मौसम में श्मशान घाट तक पहुंचना और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना काफी कठिन हो जाता है। पेयजल, छाया और समतल रास्ते जैसी सुविधाएं नहीं होने से लोगों को अतिरिक्त परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट पर शीघ्र हैंडपंप, टीनशेड, इंटरलॉकिंग सहित अन्य आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग की है, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था मिल सके।4
- गुराड़िया जोगा में किसान के 300 पपीते के पौधे काटे जाने से आक्रोश, कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना भवानी मंडी। गुराड़िया जोगा में किसान के 300 पपीते के पौधे काटे जाने से आक्रोश, कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना भवानी मंडी। भवानी मंडी के समीप स्थित ग्राम गुराड़िया जोगा में एक किसान के खेत में लगे लगभग 300 पपीते के पौधे रात के समय अज्ञात लोगों द्वारा काट दिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से क्षेत्र के किसानों और पाटीदार समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दिए जाने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे लोगों में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराज़गी बढ़ रही है। घटना के विरोध में पाटीदार समाज ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और किसान को न्याय दिलाने की मांग करते हुए एसडीएम कार्यालय, भवानी मंडी के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा पीड़ित किसान को उचित मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।1