logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

झालावाड़-खानपुर के बकानी श्रेत्र में बीमा कंपनी का पुतला दहन, हजारों किसानों का आक्रोश फूटा 30 जुलाई से जारी भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना, बोले किसान नेता जब तक किसानों के खातों में राशि नहीं आएगी, आंदोलन रहेगा जारीरहेगा। झालावाड़ -खानपुर के बकानी श्रेत्र में भारतीय किसान संघ तहसील बकानी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया बीमा दावा राशि एवं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से स्वीकृत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और अधिक उग्र रूप में दिखाई दिया। धरना स्थल से किसानों ने लगभग दो किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालते हुए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (फसल बीमा कंपनी) का पुतला बकानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड तक ले जाया। रैली के दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए बीमा कंपनी होश में आओ हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख अभी तो ली है अंगड़ाई आगे और लड़ाई है जैसे गगनभेदी नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। बस स्टैंड बकानी पर किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी किसान पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं पहुंची है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा भी बड़ी संख्या में किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। मजबूर होकर किसानों को खेत छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि किसान का वास्तविक स्थान खेतों में रहकर देश के अन्न भंडार भरना है। किसान नेताओं ने बताया कि झालावाड़ जिले के किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 170 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचना शेष है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा एवं मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। नेताओं ने सरकार एवं बीमा कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वीकृत राशि समय पर किसानों तक पहुंचानी ही नहीं थी तो ऐसी घोषणाएं क्यों की गईं। किसानों ने कभी बीमा कंपनियों से लाभ की भीख नहीं मांगी, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर लाभ कमाने में लगी हैं, जबकि किसान अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज केवल बीमा कंपनी का पुतला दहन किया गया है। यदि समय रहते किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित बीमा कंपनी की होगी। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम किसान को उसका अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।

13 hrs ago
user_HARI MOHAN CHUDAWAT
HARI MOHAN CHUDAWAT
Local News Reporter झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
13 hrs ago

झालावाड़-खानपुर के बकानी श्रेत्र में बीमा कंपनी का पुतला दहन, हजारों किसानों का आक्रोश फूटा 30 जुलाई से जारी भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना, बोले किसान नेता जब तक किसानों के खातों में राशि नहीं आएगी, आंदोलन रहेगा जारीरहेगा। झालावाड़ -खानपुर के बकानी श्रेत्र में भारतीय किसान संघ तहसील बकानी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया बीमा दावा राशि एवं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से स्वीकृत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और अधिक उग्र रूप में दिखाई दिया। धरना स्थल से किसानों ने लगभग दो किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालते हुए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (फसल बीमा कंपनी) का पुतला बकानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए

बस स्टैंड तक ले जाया। रैली के दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए बीमा कंपनी होश में आओ हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख अभी तो ली है अंगड़ाई आगे और लड़ाई है जैसे गगनभेदी नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। बस स्टैंड बकानी पर किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी किसान पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं पहुंची है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा भी बड़ी संख्या में किसानों

को प्राप्त नहीं हुआ है। मजबूर होकर किसानों को खेत छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि किसान का वास्तविक स्थान खेतों में रहकर देश के अन्न भंडार भरना है। किसान नेताओं ने बताया कि झालावाड़ जिले के किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 170 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचना शेष है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा एवं मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। नेताओं ने सरकार एवं बीमा कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वीकृत राशि समय पर किसानों तक पहुंचानी ही नहीं थी तो ऐसी घोषणाएं क्यों की गईं। किसानों ने

कभी बीमा कंपनियों से लाभ की भीख नहीं मांगी, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर लाभ कमाने में लगी हैं, जबकि किसान अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज केवल बीमा कंपनी का पुतला दहन किया गया है। यदि समय रहते किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित बीमा कंपनी की होगी। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम किसान को उसका अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।

  • user_Bankat suthar Nagar Adhyaksh Raipur B.K.S
    Bankat suthar Nagar Adhyaksh Raipur B.K.S
    रायपुर, झालावाड़, राजस्थान
    भारतीय किसान संघ जिंदाबाद 🌴
    11 hrs ago
  • user_Bankat suthar Nagar Adhyaksh Raipur B.K.S
    Bankat suthar Nagar Adhyaksh Raipur B.K.S
    रायपुर, झालावाड़, राजस्थान
    हम अपने अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते
    11 hrs ago
More news from राजस्थान and nearby areas
  • झालावाड़-खानपुर के बकानी श्रेत्र में बीमा कंपनी का पुतला दहन, हजारों किसानों का आक्रोश फूटा 30 जुलाई से जारी भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना, बोले किसान नेता जब तक किसानों के खातों में राशि नहीं आएगी, आंदोलन रहेगा जारीरहेगा। झालावाड़ -खानपुर के बकानी श्रेत्र में भारतीय किसान संघ तहसील बकानी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया बीमा दावा राशि एवं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से स्वीकृत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और अधिक उग्र रूप में दिखाई दिया। धरना स्थल से किसानों ने लगभग दो किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालते हुए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (फसल बीमा कंपनी) का पुतला बकानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड तक ले जाया। रैली के दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए बीमा कंपनी होश में आओ हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख अभी तो ली है अंगड़ाई आगे और लड़ाई है जैसे गगनभेदी नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। बस स्टैंड बकानी पर किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी किसान पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं पहुंची है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा भी बड़ी संख्या में किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। मजबूर होकर किसानों को खेत छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि किसान का वास्तविक स्थान खेतों में रहकर देश के अन्न भंडार भरना है। किसान नेताओं ने बताया कि झालावाड़ जिले के किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 170 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचना शेष है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा एवं मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। नेताओं ने सरकार एवं बीमा कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वीकृत राशि समय पर किसानों तक पहुंचानी ही नहीं थी तो ऐसी घोषणाएं क्यों की गईं। किसानों ने कभी बीमा कंपनियों से लाभ की भीख नहीं मांगी, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर लाभ कमाने में लगी हैं, जबकि किसान अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज केवल बीमा कंपनी का पुतला दहन किया गया है। यदि समय रहते किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित बीमा कंपनी की होगी। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम किसान को उसका अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।
    4
    झालावाड़-खानपुर के बकानी श्रेत्र में बीमा कंपनी का पुतला दहन, हजारों किसानों का आक्रोश फूटा 30 जुलाई से जारी भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना, बोले किसान नेता जब तक किसानों के खातों में राशि नहीं आएगी, आंदोलन रहेगा जारीरहेगा।
झालावाड़ -खानपुर के बकानी श्रेत्र में भारतीय किसान संघ तहसील बकानी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया बीमा दावा राशि एवं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से स्वीकृत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और अधिक उग्र रूप में दिखाई दिया।
धरना स्थल से किसानों ने लगभग दो किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालते हुए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (फसल बीमा कंपनी) का पुतला बकानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड तक ले जाया। रैली के दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए बीमा कंपनी होश में आओ हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख अभी तो ली है अंगड़ाई आगे और लड़ाई है जैसे गगनभेदी नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया।
बस स्टैंड बकानी पर किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी किसान पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई।
किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं पहुंची है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा भी बड़ी संख्या में किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। मजबूर होकर किसानों को खेत छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि किसान का वास्तविक स्थान खेतों में रहकर देश के अन्न भंडार भरना है।
किसान नेताओं ने बताया कि झालावाड़ जिले के किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 170 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचना शेष है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा एवं मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
नेताओं ने सरकार एवं बीमा कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वीकृत राशि समय पर किसानों तक पहुंचानी ही नहीं थी तो ऐसी घोषणाएं क्यों की गईं। किसानों ने कभी बीमा कंपनियों से लाभ की भीख नहीं मांगी, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर लाभ कमाने में लगी हैं, जबकि किसान अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
भारतीय किसान संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज केवल बीमा कंपनी का पुतला दहन किया गया है। यदि समय रहते किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित बीमा कंपनी की होगी।
भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम किसान को उसका अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।
    user_HARI MOHAN CHUDAWAT
    HARI MOHAN CHUDAWAT
    Local News Reporter झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • बकसपुरा घाटोली कि लगभग 25 एकड़ चारागाह भूमि पर कब्जे का आरोप, मवेशियों के चरने में हों रहीं परेशानी बकसपुरा-घाटोली की लगभग 25 एकड़ चरागाह भूमि पर कब्जे का आरोप, मवेशियों के चरने में हो रही परेशानी। रामगंजमंडी। बकसपुरा-घाटोली क्षेत्र की चरागाह भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 25 एकड़ चरागाह भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर खेती करना शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्र में पशुओं के लिए चारे का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार तहसीलदार, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी तथा सरपंच को लिखित एवं मौखिक रूप से सूचना दी गई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। Vijendra's Galaxy a35 इससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि चरागाह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित होती है, लेकिन उस पर खेती किए जाने के कारण मवेशियों का चरना मुश्किल हो गया है। इससे पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चरागाह भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटाकर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भूमि को उसके मूल उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
    4
    बकसपुरा घाटोली कि लगभग 25 एकड़ चारागाह भूमि पर कब्जे का आरोप, मवेशियों के चरने में हों रहीं परेशानी 
बकसपुरा-घाटोली की लगभग 25 एकड़ चरागाह भूमि पर कब्जे का आरोप, मवेशियों के चरने में हो रही परेशानी।
रामगंजमंडी। बकसपुरा-घाटोली क्षेत्र की चरागाह भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 25 एकड़ चरागाह भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर खेती करना शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्र में पशुओं के लिए चारे का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार तहसीलदार, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी तथा सरपंच को लिखित एवं मौखिक रूप से सूचना दी गई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
Vijendra's Galaxy a35
इससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि चरागाह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित होती है, लेकिन उस पर खेती किए जाने के कारण मवेशियों का चरना मुश्किल हो गया है। इससे पशुपालकों को
काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चरागाह भूमि से अवैध कब्जा तत्काल हटाकर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भूमि को उसके मूल उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
    user_सोनू यादव
    सोनू यादव
    रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • बकानी : चालीसवें मोहर्रम एवं आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण मनाने को लेकर सीएलजी की बैठक आयोजित बकानी : चालीसवें मोहर्रम एवं आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण मनाने को लेकर सीएलजी की बैठक आयोजित बकानी। आगामी चालीसवें मोहर्रम पर्व एवं अन्य पर्वों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाने को लेकर थाना परिसर में सीएलजी की बैठक का आयोजन किया गया।इस दौरान बैठक मे मोहर्रम पर्व के रोड मेप के बारे मे चर्चा की गई इस दौरान बैठक मे सी एल जी सदस्यों द्वारा मनचलो पर कार्रवाई करने की बात कही इस दौरान बैठक में पुलिस प्रशासन एवं सीएलजी सदस्यों ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने, आपसी सहयोग एवं शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर चर्चा की।
    1
    बकानी : चालीसवें मोहर्रम एवं आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण मनाने को लेकर सीएलजी की बैठक आयोजित
बकानी : चालीसवें मोहर्रम एवं आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण मनाने को लेकर सीएलजी की बैठक आयोजित
बकानी। आगामी चालीसवें मोहर्रम पर्व एवं अन्य पर्वों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाने को लेकर थाना परिसर में सीएलजी की बैठक का आयोजन किया गया।इस दौरान बैठक मे मोहर्रम पर्व के रोड मेप के बारे मे चर्चा की गई इस दौरान बैठक मे सी एल जी सदस्यों द्वारा मनचलो पर कार्रवाई करने की बात कही इस दौरान बैठक में पुलिस प्रशासन एवं सीएलजी सदस्यों ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने, आपसी सहयोग एवं शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर चर्चा की।
    user_Giriraj regar reporter
    Giriraj regar reporter
    Reporter बकानी, झालावाड़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • कुरावन ग्राम में नवाबाद कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह ने नवीन मांगलिक भवन का निरीक्षण किया एवं सरपंच दीपक मालवीय की प्रशंसा की. एवं नवीन मांगलिक भवन परिसर में पौधारोपण किया.
    1
    कुरावन ग्राम में नवाबाद कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह ने नवीन मांगलिक भवन का निरीक्षण किया एवं सरपंच दीपक मालवीय की प्रशंसा की. एवं नवीन मांगलिक भवन परिसर में पौधारोपण किया.
    user_वचन(कमल ) प्रजापति
    वचन(कमल ) प्रजापति
    रिपोर्टर शामगढ़, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    42 min ago
  • पंचायत राज मंत्री के क्षेत्र में श्मशान घाट कि बदहाली भाजपा उप जिला प्रमुख के ग्रह ग्राम पंचायत धुदेहडी में आज भी मूलभूत सुविधाओं का आभाव चेचट/घांटोली। ग्राम पंचायत घांटोली के अंतर्गत आने वाले धुदेहडी गांव का श्मशान घाट आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां पेयजल के लिए हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है, जबकि अंतिम संस्कार के दौरान धूप और बारिश से बचाव के लिए टीनशेड भी उपलब्ध नहीं है। Vo T3x इसके अलावा श्मशान घाट परिसर में इंटरलॉकिंग नहीं होने से बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह क्षेत्र पंचायत राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में आता है। वहीं भाजपा के उप जिला प्रमुख का गृह ग्राम भी धुदेहडी है। इसके बावजूद श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। बारिश के मौसम में श्मशान घाट तक पहुंचना और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना काफी कठिन हो जाता है। पेयजल, छाया और समतल रास्ते जैसी सुविधाएं नहीं होने से लोगों को अतिरिक्त परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट पर शीघ्र हैंडपंप, टीनशेड, इंटरलॉकिंग सहित अन्य आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग की है, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था मिल सके।
    4
    पंचायत राज मंत्री के क्षेत्र में श्मशान घाट कि बदहाली भाजपा उप जिला प्रमुख के ग्रह ग्राम पंचायत धुदेहडी में आज भी मूलभूत सुविधाओं का आभाव 
चेचट/घांटोली। ग्राम पंचायत
घांटोली के अंतर्गत आने वाले
धुदेहडी गांव का श्मशान घाट
आज भी मूलभूत सुविधाओं से
वंचित है। यहां पेयजल के लिए
हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है,
जबकि अंतिम संस्कार के दौरान
धूप और बारिश से बचाव के लिए
टीनशेड भी उपलब्ध नहीं है।
Vo T3x
इसके अलावा श्मशान घाट परिसर में इंटरलॉकिंग नहीं होने से बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह क्षेत्र पंचायत राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में आता है। वहीं भाजपा के उप जिला प्रमुख का गृह ग्राम भी धुदेहडी है। इसके बावजूद श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाओं का अभाव
ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। बारिश के मौसम में श्मशान घाट तक पहुंचना और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना काफी कठिन हो जाता है। पेयजल, छाया और समतल रास्ते जैसी सुविधाएं नहीं
होने से लोगों को अतिरिक्त परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट पर शीघ्र हैंडपंप, टीनशेड, इंटरलॉकिंग सहित अन्य आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग की है, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था मिल सके।
    user_सोनू यादव
    सोनू यादव
    रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • आजादी के 79 साल बाद भी प्रशासन की लापरवाही से खेतों पर हो रहा है दाह संस्कार, रायपुर क्षेत्र के सोयला ग्राम पंचायत में आजादी के 79 साल बीत जाने के बाद भी परासली गांव में ग्रामीणों को खेतों पर दाह संस्कार करना पड़ रहा है। ग्रामीण मुकेश मेहर ने बताया कि परासली गांव में शमशान भूमि के नजदीक बड़ा नाला होने के कारण शमशान की जगह नाले में तब्दील हो गई साथ ही शमशान तक पहुंचाने का रास्ता भी नाले में तब्दील हो गया और ग्रामीणों को खेतों की फसलों में होकर शमशान घाट पहुंचना पड़ता है जहां पर श्मशान घाट, पक्के रास्ते और टीन शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं होने के कारण ग्रामीणों को खेतों पर दाहसंस्कार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार राजस्व विभाग को अवगत कराने के साथ-साथ पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी पक्के रास्ते और सुविधायुक्त शमशान की व्यवस्था नहीं हो पा रही है जिससे ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष है।
    1
    आजादी के 79 साल बाद भी प्रशासन की लापरवाही से खेतों पर हो रहा है दाह संस्कार, 

रायपुर क्षेत्र के सोयला  ग्राम पंचायत में आजादी के 79 साल बीत जाने के बाद भी परासली गांव में ग्रामीणों को खेतों पर दाह संस्कार करना पड़ रहा है। 
ग्रामीण मुकेश मेहर ने बताया कि परासली  गांव में शमशान भूमि के नजदीक बड़ा नाला होने के कारण शमशान की जगह नाले में तब्दील हो गई साथ ही शमशान तक पहुंचाने का रास्ता भी नाले में तब्दील हो गया और  ग्रामीणों को खेतों की फसलों में होकर शमशान घाट पहुंचना पड़ता है जहां पर श्मशान घाट, पक्के रास्ते और टीन शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं होने के कारण ग्रामीणों को खेतों पर दाहसंस्कार करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कई बार राजस्व विभाग को अवगत कराने के साथ-साथ पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी पक्के रास्ते और सुविधायुक्त शमशान की व्यवस्था नहीं हो पा रही है जिससे  ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष  है।
    user_Mukesh Mehar
    Mukesh Mehar
    Farmer रायपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.