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कोटा जिले के मोड़क उपखंड क्षेत्र में गुरुवार की सुबह से ही मौसम खुशनुमा बना रहा, जिससे आमजन को उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। तेज़ रफ़्तार हवा के साथ हुई बारिश ने न्यूनतम तापमान को सामान्य बनाए रखा। जानकारी के अनुसार, पिछले चार दिनों से जिले में धूल भरी आंधी-तूफान के साथ कहीं न कहीं बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में आकाशीय बिजली चमकने, मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बेमौसम बारिश हुई, जिसने एक बार फिर क्षेत्र के मौसम को सुहावना बना दिया।
सोनू यादव
कोटा जिले के मोड़क उपखंड क्षेत्र में गुरुवार की सुबह से ही मौसम खुशनुमा बना रहा, जिससे आमजन को उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। तेज़ रफ़्तार हवा के साथ हुई बारिश ने न्यूनतम तापमान को सामान्य बनाए रखा। जानकारी के अनुसार, पिछले चार दिनों से जिले में धूल भरी आंधी-तूफान के साथ कहीं न कहीं बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में आकाशीय बिजली चमकने, मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बेमौसम बारिश हुई, जिसने एक बार फिर क्षेत्र के मौसम को सुहावना बना दिया।
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- राजस्थान के रामगंजमंडी में मानसून से पहले नालों की सफाई न होने और शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को नगर पालिका में जोरदार प्रदर्शन किया। अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनके पहुंचने में देरी होने पर कार्यकर्ता नाराज हो गए और पालिका परिसर में ही धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। अधिशासी अधिकारी के पहुंचने के बाद नगर अध्यक्ष पवन बाबेल ने उन्हें शहर के विभिन्न वार्डों से आमजन द्वारा मोबाइल फोन में खींची गई गंदगी, कचरे के ढेर, जाम नालों और सफाई व्यवस्था की बदहाली की तस्वीरें दिखाईं। बाबेल ने चेतावनी दी कि कई वार्डों में हालात चिंताजनक हैं और यदि बरसात से पहले सफाई नहीं हुई तो लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि वार्ड में सफाई ठेकेदार को भुगतान करते समय संबंधित वार्ड के निर्वाचित पार्षद, चुनाव में पराजित प्रत्याशी और कम से कम तीन स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए ताकि कार्य की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। कांग्रेस नेता विजय गौतम ने भी शहर के कई वार्डों में गंदगी के ढेरों पर चिंता जताते हुए कहा कि नियमित सफाई न होने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, और उन्होंने सभी वार्डों में नियमित सफाई अभियान चलाने की मांग की। इसी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता रमेश मीणा ने नगर में सफाई कार्यों के लिए आवश्यकता से अधिक राशि के टेंडर जारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस कार्य को 10 से 20 हजार रुपये में कराया जा सकता है, उसके लिए 80 हजार रुपये या उससे अधिक के टेंडर किए जा रहे हैं। मीणा ने सफाई कार्यों में पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के सही उपयोग की मांग करते हुए गुणवत्ता और खर्च की जांच कराने की अपील की। पवन बाबेल ने इस दौरान वार्डों में लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी उठाया, जिससे रात में आवागमन में परेशानी और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, और उन्हें जल्द दुरुस्त कराने की मांग की। कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में नगर के सभी वार्डों में नालों की तत्काल सफाई, जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और मृत पशुओं को समय पर उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि नालों में जमा कचरा, प्लास्टिक और गाद के कारण बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होती है, जिससे घरों और बस्तियों में पानी भर जाता है। बाबेल ने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार गरीब का अनाज पानी में खराब नहीं होना चाहिए, क्योंकि पिछले वर्षों में जलभराव से गरीब परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने आगाह किया कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधरती हैं, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। इस दौरान नगर संगठन महासचिव मनीष पारेता, ओम गोचर, नारायण कानूनगो, आशीष जोशी, मनोज गुर्जर, संजय गुप्ता, रतनलाल धानिया, राधेश्याम धानिया, रामसहाय गुर्जर, अनिल सुमन, नवीन गुर्जर, वीरू यादव, संजय बागड़िया, शाहरुख़ खान, कमलेश नामदेव, विक्की यादव, कपिल नामदेव, विजय सक्सेना, नईम भाई, श्याम धनोतिया, अमन जैन बोरा, ट्विकल सोनी सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- कोटा जिले के मोड़क उपखंड क्षेत्र में गुरुवार की सुबह से ही मौसम खुशनुमा बना रहा, जिससे आमजन को उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। तेज़ रफ़्तार हवा के साथ हुई बारिश ने न्यूनतम तापमान को सामान्य बनाए रखा। जानकारी के अनुसार, पिछले चार दिनों से जिले में धूल भरी आंधी-तूफान के साथ कहीं न कहीं बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में आकाशीय बिजली चमकने, मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बेमौसम बारिश हुई, जिसने एक बार फिर क्षेत्र के मौसम को सुहावना बना दिया।4
- रावतभाटा क्षेत्र के तम्बोलिया गांव में स्थित प्राचीन अन्नपूर्णा माता मंदिर से गुरुवार सुबह अज्ञात चोरों ने शिखर पर लगा कलश चुरा लिया। चोरी हुए इस कलश की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये बताई जा रही है। घटना का पता तब चला जब सुबह पुजारी और ग्रामीण मंदिर पहुंचे और उन्हें कलश गायब मिला, जिसके बाद गांव में रोष फैल गया। तत्काल, ग्रामीणों ने सुबह करीब 6 बजे धांगणमऊ चौकी प्रभारी राजेश गुर्जर को चोरी की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे लोगों की आस्था और भावनाएं आहत हो रही हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि करीब तीन माह पहले देवनारायण मंदिर का कलश भी चोरी हो गया था, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ऐसे में लगातार दूसरी बार मंदिर में चोरी की घटना होने से ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से चोरी हुए कलश की शीघ्र बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है, साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया है।1
- आज सूमर कस्बे और इसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम का बदला हुआ मिजाज अनुभव किया गया। सुबह के समय हुई तेज बारिश से लोगों को जहाँ गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया, वहीं शाम होते-होते कड़ी धूप निकल आई। इस प्रकार, एक ही दिन में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले, जहाँ बारिश के बाद की सुखद अनुभूति शाम की तेज धूप से एक बार फिर गर्मी में बदल गई।3
- राजस्थान के खानपुर नगर पालिका क्षेत्र के सारोला रोड पर बिजली विभाग की एक बेहद खतरनाक लापरवाही का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटी बालिका सड़क किनारे लगे बिजली के ट्रांसफार्मर को छूती हुई दिखाई दे रही है। गनीमत यह रही कि उस वक्त कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस दृश्य ने स्थानीय निवासियों को दहला दिया है। स्थानीय लोगों ने खुले और असुरक्षित पड़े इस ट्रांसफार्मर के कारण कभी भी कोई बड़ी अनहोनी होने की आशंका जताते हुए बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने विभाग से अविलंब ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के चंदवासा से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी एक खास खबर सामने आई है। इस विशेष जानकारी के संबंध में खबर रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी बताई गई है।1
- केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद अब राजस्थान में इसके आगमन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यदि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राजस्थान में मानसून 25 से 30 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिनमें तेज हवाएं, बादलों की गरज, धूलभरी आंधियां और हल्की से मध्यम बारिश शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की पहली दस्तक दक्षिण-पूर्वी जिलों में हो सकती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य राजस्थान और फिर पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं के माध्यम से आगे बढ़ेगा। फिलहाल, मौसम विभाग इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। प्रदेश में किसान, आमजन और जल संसाधनों से जुड़े विभाग मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती, पेयजल व्यवस्था और भूजल स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- चेचट क्षेत्र से निकल रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के यातायात को गलत तरीके से डायवर्ट किए जाने के कारण गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। 8-लेन से आने वाले वाहनों को भटवाड़ा-अमझार सड़क से होकर निकाला जा रहा है, जबकि कोटा की तरफ से जाने वाले वाहनों के लिए निर्धारित मार्ग ढाबादेह-मोड़क है। हालांकि, अमझार सड़क पर तैनात गार्ड अक्सर 8-लेन के वाहनों को अमझार-भटवाड़ा सड़क पर मोड़ देते हैं, जिससे यह सिंगल-लाइन सड़क आए दिन दुर्घटनाओं का गवाह बन रही है। बीती रात भी एक वाहन गलत दिशा से आते हुए भटवाड़ा में दुर्घटना का शिकार हो गया और एक दीवार तोड़कर अंदर घुस गया। इस घटना के बाद, ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और आश्वासन दिया कि अब से 8-लेन पर जाने वाले वाहनों को ढाबादेह से होकर ही निकाला जाएगा। हालांकि, पुलिस के इस आश्वासन के बावजूद, गुरुवार को फिर से वही स्थिति देखने को मिली। इसके चलते भटवाड़ा में बार-बार जाम लग रहा है और गलत दिशा से आने वाले वाहनों के कारण अमझार-भटवाड़ा सड़क पर हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।4