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पलवल के बड़े गांव चांदहट में सरकारी स्कूल का भवन जर्जर हाल में आखिर इस जर्जर भवन के लिए कौन है जिम्मेदार शिक्षा विभाग,ग्राम पंचायत या फिर सरकार एक तरफ नई-नई स्कीम चला कर बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करने के लिए शिक्षा विभाग एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है तो वही इस तरह बदहाली में खड़ा है स्कूल का जर्जर भवन भवन पर कटीली तार भी लगाई गई है एक तरफ तो कटीली तारों को खेतों के आसपास भी नहीं लगाया जा सकता वहीं बच्चों के लिए इस तरह के कटीली तार लगाना क्या शिक्षा विभाग की उचित करवाई है
खबरदार पलवल
पलवल के बड़े गांव चांदहट में सरकारी स्कूल का भवन जर्जर हाल में आखिर इस जर्जर भवन के लिए कौन है जिम्मेदार शिक्षा विभाग,ग्राम पंचायत या फिर सरकार एक तरफ नई-नई स्कीम चला कर बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करने के लिए शिक्षा विभाग एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है तो वही इस तरह बदहाली में खड़ा है स्कूल का जर्जर भवन भवन पर कटीली तार भी लगाई गई है एक तरफ तो कटीली तारों को खेतों के आसपास भी नहीं लगाया जा सकता वहीं बच्चों के लिए इस तरह के कटीली तार लगाना क्या शिक्षा विभाग की उचित करवाई है
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- रिश्वत मामले में 18 महीने बाद शिकायतकर्ता जुबेर अहमद गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई सरपंच, ग्राम सचिव और एसडीएम स्टेनो पहले ही जा चुके हैं जेल; सरपंच ने खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने का लगाया था आरोप फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय से जुड़े चर्चित रिश्वत मामले में करीब 18 महीने बाद नया मोड़ सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम की टीम ने मामले के शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को गिरफ्तार किया है। जुबेर अहमद उस समय फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। मामला 6 फरवरी 2025 का है। उस दिन नगीना खंड एवं विकास कार्यालय में कार्यरत ग्राम सचिव हसीन को एसीबी गुरुग्राम की टीम ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता जुबेर अहमद की ओर से आरोप लगाया गया था कि करहेड़ा गांव के सरपंच रामपाल की आठवीं कक्षा की मार्कशीट से संबंधित जांच एसडीएम कार्यालय में चल रही थी। जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए सरपंच की ग्राम सचिव हसीन से बातचीत हुई थी। आरोप के अनुसार, हसीन ने जांच को सरपंच के पक्ष में करवाने के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही और इसके एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए हसीन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। सरपंच और एसडीएम कार्यालय के स्टेनो भी बने आरोपी एसीबी की पूछताछ और जांच के दौरान सरपंच रामपाल तथा एसडीएम कार्यालय में कार्यरत स्टेनो प्रदीप को भी मामले में आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, सरपंच रामपाल ने जांच अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद के माध्यम से पैसे दिए थे और वही रकम ग्राम सचिव हसीन तक पहुंचाई गई थी। जांच के दौरान ग्राम सचिव हसीन के मोबाइल फोन से स्टेनो प्रदीप के साथ बातचीत के साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई। मामले में सरपंच रामपाल और स्टेनो प्रदीप ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को स्टेनो प्रदीप ने अदालत में सरेंडर किया, जबकि 13 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने सरपंच रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। सरपंच ने हाईकोर्ट में दी चुनौती सरपंच रामपाल की ओर से अधिवक्ता तालीम हुसैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कार्रवाई को चुनौती दी। अधिवक्ता के अनुसार, सरपंच का आरोप था कि कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद ने उन्हें डराया-धमकाया और उनकी शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच में गंभीर रूप से फंसाने की बात कही। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच ने आरोप लगाया कि जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद ने उनसे सात लाख रुपये की मांग की थी। सरपंच के अनुसार उन्होंने तीन किस्तों में रकम दी। कई महीने बीतने के बावजूद जब जांच पूरी नहीं हुई तो उन्होंने तत्कालीन एसडीएम से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। सरपंच के अनुसार, एसडीएम ने जुबेर अहमद को फटकार लगाते हुए रकम वापस करने की बात कही थी। इसी दौरान जुबेर अहमद का तबादला नूंह हो गया। पैसे लौटाने की मांग के बीच एसीबी कार्रवाई का दावा अधिवक्ता तालीम हुसैन के अनुसार, सरपंच लगातार जुबेर अहमद से अपने पैसे वापस मांग रहे थे। इसी बीच 6 फरवरी 2025 को जुबेर अहमद ने सरपंच को पैसे लौटाने के लिए अपने फार्म हाउस पर बुलाया। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच रामपाल के साथ ग्राम सचिव हसीन भी वहां पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान जुबेर अहमद ने तीन लाख रुपये ग्राम सचिव हसीन को दिए और एसीबी की टीम ने हसीन को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। सरपंच उस समय एसीबी की गिरफ्त में नहीं आ सके। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुई एसआईटी मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इसमें डीएसपी भारतेंद्र, इंस्पेक्टर रणवीर सिंह और इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन को शामिल किया गया। जांच के दौरान स्टेनो प्रदीप, ग्राम सचिव हसीन, सरपंच रामपाल और शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को जांच के दायरे में रखा गया। बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच के दौरान जुबेर अहमद के बयानों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर उसकी भूमिका भी जांच के घेरे में आई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत एसीबी ने अब जुबेर अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। स्टेनो प्रदीप बोले—सच्चाई की जीत हुई मामले में नाम सामने आने के बाद स्टेनो प्रदीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि उनका नाम बेवजह मामले में घसीटा गया और उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है। फिलहाल जुबेर अहमद की गिरफ्तारी के बाद करीब 18 महीने पुराने इस रिश्वत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब जांच और न्यायालय की आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।2
- sadak tuti huyi he paani bhara hua he sir hamare gao me nayi sadak bani thi jise Bane huye 6 mahine bhi nhi huye lekin aaj sari sadak tuti huyi he paani bhara hua he jisse accident ka khatra he1
- कलियुग का अब तक का सबसे घिनौना स्वरूप…. इसके पहले कभी ऐसा नहीं हुआ मुंबई में बड़े कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण रामरत्न गुप्ता की हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में मौत हो गई. आश्रम से इसकी सूचना उनकी तीनों बेटियों को दी गई तीनों में से कोई भी बेटी नहीं आई। कलयुगी बेटियों ने ऑनलाइन 5100 रुपए भेजकर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही कराने को कहा। वीडियो कॉल के जरिए पूरी प्रक्रिया देखा ऐसी औलाद समाज के लिए अभिशाप है।1
- अरावली पहाड़ की खदान में डूबने से 28 वर्षीय युवक की मौत, गांव सीलखो में पसरा मातम नूंह मेवात लियाकत अली : नूंह जिले के गांव सीलखो गांव में एक दर्दनाक हादसे में 28 वर्षीय युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान जुबेर पुत्र असलुप निवासी सीलखो के रूप में हुई है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में मातम का माहौल है। जुबेर अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। वह पेशे से ड्राइवर था। ग्रामीण सरपंच अब्दुल रऊफ, शाहिद व जाकिर आदि के अनुसार सोमवार को अवकाश होने के कारण जुबेर घर पर ही था। दोपहर के समय वह गांव के निकट अरावली पहाड़ क्षेत्र में स्थित पुरानी पत्थर खदान की ओर चला गया। बरसात के चलते खदान में काफी पानी भरा हुआ था। स्थानीय लोग और बच्चे अक्सर वहां नहाने के लिए जाते हैं। बताया जाता है कि उस समय भी कई युवक और बच्चे पानी में नहा रहे थे। इसी दौरान जुबेर पानी में उतर गया, लेकिन कुछ समय बाद वह नजर नहीं आया। काफी देर तक जब उसका पता नहीं चला तो आसपास मौजूद लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में पानी में नहा रहे एक बच्चे के पैर से उसका शव टकराया, जिसके बाद ग्रामीणों और स्थानीय युवकों ने उसे बाहर निकाला। बाहर निकालने पर वह मृत पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। हालांकि परिजनों ने अभी तक किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई है और न ही किसी पर शक या संदेह जताया है। ग्रामीणों के अनुसार मृतक के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। जुबेर की असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है।1
- एक कार्यक्रम में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए और उनकी समस्याएं सुनते हुए1
- बिछौर में बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर जलभराव से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने समाधान की मांग उठाई पुन्हाना खंड के बिछौर गांव में बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर जलभराव की समस्या से ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर काफी समय से गंदा पानी भरा होने के कारण लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें रोजाना असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसके चलते गंदा पानी मार्ग पर जमा रहता है और समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सरपंच ,संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीण हाकम, मुस्ताक, दीनू, राजेश, परम, असलम, याकूब और जुम्मे खां सहित अन्य लोगों ने बताया कि बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से न केवल स्थानीय ग्रामीण बल्कि आसपास के कई गांवों के लोग भी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। इसके अलावा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु भी इस रास्ते का उपयोग करते हैं। जलभराव के कारण लोगों को मजबूरी में गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर सामान डाल रखा है। जिससे नाले पूरी तरह से रुक गए है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है। सड़क पर भरे पानी के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। कई बार दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। ----------------- बीडीपीओ पुन्हाना कपिल सिंगला ने बताया कि मार्ग पर बरसात के कारण जलभराव हो सकता है, मार्ग पर नाले का पानी भर रहा है तो ग्राम पंचायत का आदेश देकर इसका समाधान कराया जाएगा।’3
- नूंह जिले के डूंगेजा गांव में बारिश का कहर, दो मकान ढहे; मलबे में दबी महिला गंभीर घायल नूंह जिले के डूंगेजा गांव में लगातार हो रही बारिश के चलते आज गुरुवार सुबह करीब 7 बजे दो मकान ढह गए। हादसे में 62 वर्षीय हारूनी मलबे के नीचे दब गईं, जिन्हें ग्रामीणों ने तुरंत बाहर निकालकर मांडीखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए नल्हड़ अस्पताल रेफर किया गया। हादसे में दोनों मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। उस समय महिला के साथ एक छोटी बच्ची भी मौजूद थी, जो सुरक्षित बच गई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से उचित मुआवजे और सहायता की मांग की है।1