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जालौन के कोंच विकासखंड नदीगांव स्थित ग्राम लाड़ूपुरा में ग्राम प्रधान पर बिना कोई कार्य कराए ₹1 लाख 28 हजार 8 सौ का भुगतान निकालने का गंभीर आरोप लगाया गया है। लाड़ूपुरा निवासी दिनेश पुत्र राम चरन ने इस मामले को लेकर शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस पर प्रभारी अधिकारी को एक लिखित शिकायत दी है। शिकायती पत्र में दिनेश ने बताया कि वर्ष 2023-24 में उनके खेत पर समतलीकरण का कार्य दर्शाया गया था, जिसके लिए वर्क आईडी संख्या जे सी 85/3138005075 आई एफ- 958486255824050541 के तहत कुल ₹1,28,800 का भुगतान निकाल लिया गया है। हालांकि, मौके पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है और यह भुगतान फर्जी तरीके से कार्य दिखाकर कराया गया है। दिनेश ने प्रभारी अधिकारी से इस फर्जीवाड़े की प्रदेश स्तरीय टी.एस.सी./चीफ टी.एस.सी. से जांच कराए जाने की मांग की है।

8 hrs ago
user_हरिओम बुधौलिया
हरिओम बुधौलिया
कोंच, जालौन, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago
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जालौन के कोंच विकासखंड नदीगांव स्थित ग्राम लाड़ूपुरा में ग्राम प्रधान पर बिना कोई कार्य कराए ₹1 लाख 28 हजार 8 सौ का भुगतान निकालने का गंभीर आरोप लगाया गया है। लाड़ूपुरा निवासी दिनेश पुत्र राम चरन ने इस मामले को लेकर शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस पर प्रभारी अधिकारी को एक लिखित शिकायत दी है। शिकायती पत्र में दिनेश ने बताया कि वर्ष 2023-24 में उनके खेत पर समतलीकरण का कार्य दर्शाया गया था, जिसके लिए वर्क आईडी संख्या जे सी 85/3138005075 आई एफ- 958486255824050541 के तहत कुल ₹1,28,800 का भुगतान निकाल लिया गया है। हालांकि, मौके पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है और यह भुगतान फर्जी तरीके से कार्य दिखाकर कराया गया है। दिनेश ने प्रभारी अधिकारी से इस फर्जीवाड़े की प्रदेश स्तरीय टी.एस.सी./चीफ टी.एस.सी. से जांच कराए जाने की मांग की है।

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  • जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं और पुरुषों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उनका कुशलक्षेम पूछा और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी बुजुर्गों ने श्री राही का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का विशेष उल्लेख किया और सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम में रह रही वृद्ध महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गमलों में पौधे लगाएंगी और उनका संरक्षण करेंगी। इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की जमकर सराहना की और कहा कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण तथा सेवा के इस संदेश को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
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    जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं और पुरुषों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उनका कुशलक्षेम पूछा और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी बुजुर्गों ने श्री राही का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया।

बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का विशेष उल्लेख किया और सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम में रह रही वृद्ध महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गमलों में पौधे लगाएंगी और उनका संरक्षण करेंगी।

इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की जमकर सराहना की और कहा कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण तथा सेवा के इस संदेश को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में विकास, शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी-ललितपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र के आधारभूत ढांचे और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, धार्मिक नगरी अयोध्या में वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण किया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा तथा प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अहम पहल करते हुए पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को विद्यालय पहुंचने में सुविधा मिलेगी और शिक्षा तक उनकी पहुंच और अधिक सुलभ होगी। इसके अलावा, प्रदेश के गांवों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इन उद्योगों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि विकास, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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    उत्तर प्रदेश में विकास, शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी-ललितपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र के आधारभूत ढांचे और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

वहीं, धार्मिक नगरी अयोध्या में वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण किया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा तथा प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अहम पहल करते हुए पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को विद्यालय पहुंचने में सुविधा मिलेगी और शिक्षा तक उनकी पहुंच और अधिक सुलभ होगी।

इसके अलावा, प्रदेश के गांवों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इन उद्योगों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि विकास, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने राजस्व अभिलेखों में 'खलिहान' के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की तत्काल पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और भूमि की साफ-सफाई कराने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है, जिस पर अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास और घनी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे यह पूरी तरह अनुपयोगी हो गई है। उनकी शिकायत है कि बिना मशीनों के इसकी सफाई संभव नहीं है। गांव में खेल के मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण, गाटा संख्या 791 को बच्चों और युवाओं के खेलकूद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है। ग्रामीणों ने जनहित और खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनकी विशेष मांग है कि गाटा संख्या 791 की पैमाइश कर उसकी सीमाएं निर्धारित की जाएं, और मशीनों के माध्यम से भूमि की साफ-सफाई कराकर उसे खेल मैदान के रूप में विकसित करने योग्य बनाया जाए, ताकि गांव के बच्चे और युवा नियमित रूप से खेलकूद का अभ्यास कर सकें। इस दौरान उपेन्द्र सेंगर, अभिषेक सेंगर, दीपराज, विकास, प्रद्युम्न सेंगर सहित कई अन्य ग्रामवासी और खिलाड़ी मौजूद रहे।
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    जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने राजस्व अभिलेखों में 'खलिहान' के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की तत्काल पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और भूमि की साफ-सफाई कराने की अपील की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है, जिस पर अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास और घनी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे यह पूरी तरह अनुपयोगी हो गई है। उनकी शिकायत है कि बिना मशीनों के इसकी सफाई संभव नहीं है। गांव में खेल के मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण, गाटा संख्या 791 को बच्चों और युवाओं के खेलकूद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है।

ग्रामीणों ने जनहित और खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनकी विशेष मांग है कि गाटा संख्या 791 की पैमाइश कर उसकी सीमाएं निर्धारित की जाएं, और मशीनों के माध्यम से भूमि की साफ-सफाई कराकर उसे खेल मैदान के रूप में विकसित करने योग्य बनाया जाए, ताकि गांव के बच्चे और युवा नियमित रूप से खेलकूद का अभ्यास कर सकें। इस दौरान उपेन्द्र सेंगर, अभिषेक सेंगर, दीपराज, विकास, प्रद्युम्न सेंगर सहित कई अन्य ग्रामवासी और खिलाड़ी मौजूद रहे।
    user_Chhatrapal singh
    Chhatrapal singh
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक नया विवाद सामने आया है। ग्राम खकसीस निवासी शिवपाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी से मुलाकात, विवाह संबंधी साक्ष्यों के सत्यापन और सुरक्षा की मांग की है। शिवपाल सिंह ने न्याय की गुहार लगाई है। शिवपाल सिंह का दावा है कि उनका विवाह वर्ष 2016 में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था, लेकिन बाद में ऐसी परिस्थितियाँ बनीं कि उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। उन्होंने इस अलगाव के पीछे बाहरी हस्तक्षेप और दबाव की भूमिका का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि हाल ही में एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं को उनकी पत्नी का पति बताते हुए उन्हें कथित रूप से धमकाया, जिससे यह पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। शिवपाल सिंह ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवाह से जुड़े सभी दस्तावेजों एवं तथ्यों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। उनकी प्राथमिक मांग केवल यह जानने की है कि उनकी पत्नी वर्तमान में अपनी स्वतंत्र इच्छा से किस परिस्थिति में रह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष वातावरण में मुलाकात कराने का भी आग्रह किया है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। यह उल्लेखनीय है कि समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिवपाल सिंह के प्रार्थना पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो पाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक नया विवाद सामने आया है। ग्राम खकसीस निवासी शिवपाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी से मुलाकात, विवाह संबंधी साक्ष्यों के सत्यापन और सुरक्षा की मांग की है। शिवपाल सिंह ने न्याय की गुहार लगाई है।

शिवपाल सिंह का दावा है कि उनका विवाह वर्ष 2016 में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था, लेकिन बाद में ऐसी परिस्थितियाँ बनीं कि उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। उन्होंने इस अलगाव के पीछे बाहरी हस्तक्षेप और दबाव की भूमिका का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि हाल ही में एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं को उनकी पत्नी का पति बताते हुए उन्हें कथित रूप से धमकाया, जिससे यह पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

शिवपाल सिंह ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवाह से जुड़े सभी दस्तावेजों एवं तथ्यों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। उनकी प्राथमिक मांग केवल यह जानने की है कि उनकी पत्नी वर्तमान में अपनी स्वतंत्र इच्छा से किस परिस्थिति में रह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष वातावरण में मुलाकात कराने का भी आग्रह किया है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

यह उल्लेखनीय है कि समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिवपाल सिंह के प्रार्थना पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो पाएगी।
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जालौन की कालपी तहसील सभागार में शनिवार दोपहर 2 बजे आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस दौरान कुल 145 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की टीमें गठित कर जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
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    जालौन की कालपी तहसील सभागार में शनिवार दोपहर 2 बजे आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस दौरान कुल 145 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की टीमें गठित कर जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    रिपोर्टर उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जालौन जनपद में 5650 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती का सफल आरम्भ हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों से विशेष भेंट वार्ता के दौरान यह जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में 50-50 हेक्टेयर के कुल 114 क्लस्टर बनाए गए हैं, जहाँ महिला किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इस पहल के तहत 10,601 किसानों को चिन्हित किया गया है, और 2,52,000 किसानों को ग्राम पंचायत, विकासखंड तथा जिला स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र के मॉडल प्रक्षेत्र एवं वैज्ञानिकों के माध्यम से प्रशिक्षित कर जागरूक किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती एक ऐसा तरीका है जिसमें जीवांश का उपयोग करके पोषक तत्व, सिंचाई, कीट-रोग एवं खरपतवार प्रबंधन किया जाता है, जिससे उत्पादन प्राप्त होता है। इसका मुख्य आधार देसी गोवंश है, जिसके गोबर और गोमूत्र से कई प्रकार के मिश्रण तैयार किए जाते हैं। इन मिश्रणों से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और कीट व रोगों की रोकथाम होती है। इसे 'ऑन फॉर्म प्रिपरेशन और प्रैक्टिस' भी कहते हैं, और इसमें सिंथेटिक रसायनों का प्रयोग बिल्कुल नहीं होता। हालांकि, उन्होंने प्राकृतिक खेती की कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया, जैसे रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती में संक्रमण के शुरुआती वर्षों में उत्पादन में गिरावट आना, क्योंकि मिट्टी को अपनी प्राकृतिक उर्वरता वापस लाने में समय लगता है। साथ ही, तकनीकी ज्ञान और जागरूकता की कमी तथा जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसे प्राकृतिक तरीकों के सटीक उपयोग के लिए प्रशिक्षण व मार्गदर्शन का अभाव भी प्रमुख चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद में 10,601 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। प्राकृतिक खेती में मुख्य रूप से गाय के गोबर आधारित इनपुट जैसे जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत और दस परणी स्वयं तैयार किए जाते हैं। जीवामृत से मिट्टी में सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की वृद्धि होती है, बीजामृत नई जड़ों को फंगस और मिट्टी जनित बीमारियों से बचाता है, घन जीवामृत मिट्टी में लंबे समय तक पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखता है, और दस परणी फसलों को कीट व रोगों से बचाता है। जिलाधिकारी ने प्राकृतिक खेती के कई लाभों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जीवांश और कार्बन में वृद्धि, रसायन मुक्त खेती, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार, आत्मनिर्भरता, कम लागत में अधिक आय और रसायनों की खरीद की आवश्यकता न होना शामिल है। यह 'जीरो बजट' की खेती है। जिले में प्राकृतिक खेती में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए, ग्राम मल्हनपुरा की महिला किसान सोमवती को जिले की प्राकृतिक खेती का 'रोल मॉडल' बनाया गया है।
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    जालौन जनपद में 5650 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती का सफल आरम्भ हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों से विशेष भेंट वार्ता के दौरान यह जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में 50-50 हेक्टेयर के कुल 114 क्लस्टर बनाए गए हैं, जहाँ महिला किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इस पहल के तहत 10,601 किसानों को चिन्हित किया गया है, और 2,52,000 किसानों को ग्राम पंचायत, विकासखंड तथा जिला स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र के मॉडल प्रक्षेत्र एवं वैज्ञानिकों के माध्यम से प्रशिक्षित कर जागरूक किया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती एक ऐसा तरीका है जिसमें जीवांश का उपयोग करके पोषक तत्व, सिंचाई, कीट-रोग एवं खरपतवार प्रबंधन किया जाता है, जिससे उत्पादन प्राप्त होता है। इसका मुख्य आधार देसी गोवंश है, जिसके गोबर और गोमूत्र से कई प्रकार के मिश्रण तैयार किए जाते हैं। इन मिश्रणों से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और कीट व रोगों की रोकथाम होती है। इसे 'ऑन फॉर्म प्रिपरेशन और प्रैक्टिस' भी कहते हैं, और इसमें सिंथेटिक रसायनों का प्रयोग बिल्कुल नहीं होता। हालांकि, उन्होंने प्राकृतिक खेती की कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया, जैसे रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती में संक्रमण के शुरुआती वर्षों में उत्पादन में गिरावट आना, क्योंकि मिट्टी को अपनी प्राकृतिक उर्वरता वापस लाने में समय लगता है। साथ ही, तकनीकी ज्ञान और जागरूकता की कमी तथा जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसे प्राकृतिक तरीकों के सटीक उपयोग के लिए प्रशिक्षण व मार्गदर्शन का अभाव भी प्रमुख चुनौतियां हैं।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद में 10,601 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। प्राकृतिक खेती में मुख्य रूप से गाय के गोबर आधारित इनपुट जैसे जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत और दस परणी स्वयं तैयार किए जाते हैं। जीवामृत से मिट्टी में सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की वृद्धि होती है, बीजामृत नई जड़ों को फंगस और मिट्टी जनित बीमारियों से बचाता है, घन जीवामृत मिट्टी में लंबे समय तक पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखता है, और दस परणी फसलों को कीट व रोगों से बचाता है।

जिलाधिकारी ने प्राकृतिक खेती के कई लाभों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जीवांश और कार्बन में वृद्धि, रसायन मुक्त खेती, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार, आत्मनिर्भरता, कम लागत में अधिक आय और रसायनों की खरीद की आवश्यकता न होना शामिल है। यह 'जीरो बजट' की खेती है। जिले में प्राकृतिक खेती में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए, ग्राम मल्हनपुरा की महिला किसान सोमवती को जिले की प्राकृतिक खेती का 'रोल मॉडल' बनाया गया है।
    user_SONI NEWS
    SONI NEWS
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों के साथ आत्मीय समय व्यतीत किया। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों का कुशलक्षेम जाना और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी वृद्धजनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का उल्लेख कर सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम की वृद्ध महिलाओं ने अपने-अपने गमलों में पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की सराहना की, यह कहते हुए कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया तथा पर्यावरण संरक्षण और सेवा के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।
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    जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों के साथ आत्मीय समय व्यतीत किया। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों का कुशलक्षेम जाना और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी वृद्धजनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया।

बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का उल्लेख कर सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम की वृद्ध महिलाओं ने अपने-अपने गमलों में पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की सराहना की, यह कहते हुए कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया तथा पर्यावरण संरक्षण और सेवा के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।
    user_Chhatrapal singh
    Chhatrapal singh
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • जालौन में शासन के निर्देशानुसार संचालित होने वाले 'दस्तक अभियान' की विस्तृत जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन की टीम द्वारा संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन को दी गई। यह विशेष अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य संक्रामक एवं मौसमी बीमारियों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाना है। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता और चिकित्सा अधिकारी डॉ. सहन बिहारी गुप्ता ने अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना और जनहित में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर बुखार, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टीबी, कुपोषण तथा अन्य गंभीर बीमारियों के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराएंगी। साथ ही, लोगों को स्वच्छता अपनाने, जलभराव रोकने, साफ पेयजल का उपयोग करने, मच्छरों से बचाव तथा बच्चों के नियमित टीकाकरण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अभियान का लक्ष्य बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनके प्रसार को रोकना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस में मौजूद सभी अधिकारियों एवं फरियादियों से जनसहभागिता के माध्यम से इस अभियान को सफल बनाने की अपील की। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी जालौन रिंकू सिंह राही, तहसीलदार जालौन, नायब तहसीलदार जालौन, मंडी सचिव अंकित गुप्ता, उप निरीक्षक निसार अहमद, विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सूरज सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    जालौन में शासन के निर्देशानुसार संचालित होने वाले 'दस्तक अभियान' की विस्तृत जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन की टीम द्वारा संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन को दी गई। यह विशेष अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य संक्रामक एवं मौसमी बीमारियों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाना है।

इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता और चिकित्सा अधिकारी डॉ. सहन बिहारी गुप्ता ने अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना और जनहित में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर बुखार, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टीबी, कुपोषण तथा अन्य गंभीर बीमारियों के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराएंगी। साथ ही, लोगों को स्वच्छता अपनाने, जलभराव रोकने, साफ पेयजल का उपयोग करने, मच्छरों से बचाव तथा बच्चों के नियमित टीकाकरण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अभियान का लक्ष्य बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनके प्रसार को रोकना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस में मौजूद सभी अधिकारियों एवं फरियादियों से जनसहभागिता के माध्यम से इस अभियान को सफल बनाने की अपील की। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी जालौन रिंकू सिंह राही, तहसीलदार जालौन, नायब तहसीलदार जालौन, मंडी सचिव अंकित गुप्ता, उप निरीक्षक निसार अहमद, विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सूरज सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता और यही समाज तथा राष्ट्र के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपने संदेश में, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर नौजवान, अन्नदाता किसान, कारीगर, हस्तशिल्पी, व्यापारी और बहन-बेटी को विकास की प्रक्रिया का सक्रिय सहभागी बनाना आवश्यक है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि समावेशी विकास के माध्यम से ही समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त होंगे, जिससे प्रदेश आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से अग्रसर होगा। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन देने तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और विकासोन्मुख नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों को अवश्य प्राप्त करेगा।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता और यही समाज तथा राष्ट्र के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अपने संदेश में, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर नौजवान, अन्नदाता किसान, कारीगर, हस्तशिल्पी, व्यापारी और बहन-बेटी को विकास की प्रक्रिया का सक्रिय सहभागी बनाना आवश्यक है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि समावेशी विकास के माध्यम से ही समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त होंगे, जिससे प्रदेश आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से अग्रसर होगा।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन देने तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और विकासोन्मुख नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों को अवश्य प्राप्त करेगा।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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