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धम्बोला की महिला को तेज रफ्तार क्रेटा ने कुचला, हालत गंभीर धंबोला. कस्बे में 8 अगस्त को तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई दुर्घटना में एक महिला गंभीर घायल हो गई। मामले में धंबोला निवासी धुलेश्वर पाटीदार ने पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार सुबह करीब 9.45 बजे धुलेश्वर पाटीदार की पत्नी लिलावती पाटीदार पैदल घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान धुलेश्वर पाटीदार मोटरसाइकिल से उसे लेने के लिए पहुंचा और सड़क पर रुका हुआ था। आरोप है कि सीमलवाड़ा निवासी राजेन्द्र पिता जगताराम पंचाल अपनी क्रेटा कार को तेज गति व लापरवाही से चलाते हुए गलत साइड में ले आया और सड़क किनारे पैदल चल रही लिलावती पाटीदार को टक्कर मार दी। हादसे में लिलावती के जबड़े, पसलियों व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं। एक कान में भी फ्रैक्चर बताया गया है। घायल को सिमलवाड़ा के हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से रेफर करने पर मोडासा स्थित हॉस्पिटल में उपचार जारी है। रिपोर्ट में धुलेश्वर ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद चालक राजेन्द्र पंचाल वाहन लेकर मौके से भागने लगा। उसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं रुका। घटनास्थल के पास रहने वाले संदीप ने भी वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन सहित फरार हो गया। प्रार्थी ने पुलिस से मामला दर्ज कर आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

23 hrs ago
user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
मुकेश कुमार आर. पंड्या
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
23 hrs ago

धम्बोला की महिला को तेज रफ्तार क्रेटा ने कुचला, हालत गंभीर धंबोला. कस्बे में 8 अगस्त को तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई दुर्घटना में एक महिला गंभीर घायल हो गई। मामले में धंबोला निवासी धुलेश्वर पाटीदार ने पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार सुबह करीब 9.45 बजे धुलेश्वर पाटीदार की पत्नी लिलावती पाटीदार पैदल घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान धुलेश्वर पाटीदार मोटरसाइकिल से उसे लेने के लिए पहुंचा और सड़क पर रुका हुआ था। आरोप है कि सीमलवाड़ा निवासी राजेन्द्र पिता जगताराम पंचाल अपनी क्रेटा कार को तेज गति व लापरवाही से चलाते हुए गलत साइड में ले आया और सड़क किनारे पैदल चल रही लिलावती पाटीदार को टक्कर मार दी। हादसे में लिलावती के जबड़े, पसलियों व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं। एक कान में भी फ्रैक्चर बताया गया है। घायल को सिमलवाड़ा के हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से रेफर करने पर मोडासा स्थित हॉस्पिटल में उपचार जारी है। रिपोर्ट में धुलेश्वर ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद चालक राजेन्द्र पंचाल वाहन लेकर मौके से भागने लगा। उसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं रुका। घटनास्थल के पास रहने वाले संदीप ने भी वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन सहित फरार हो गया। प्रार्थी ने पुलिस से मामला दर्ज कर आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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  • ફતેપુરા માં દેશી અને વિદેશી દારૂનો ખુલ્લેઆમ વેચાણ પોલીસ તંત્ર કેમ નિષ્ક્રિય લોક માહિતી મુજબ પોલીસ સ્ટેશન માં વહીવટદાર ની નિમણૂક
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    ફતેપુરા માં દેશી અને વિદેશી દારૂનો ખુલ્લેઆમ વેચાણ
પોલીસ તંત્ર કેમ નિષ્ક્રિય 
લોક માહિતી મુજબ પોલીસ સ્ટેશન માં વહીવટદાર ની નિમણૂક
    user_Pravin kalal
    Pravin kalal
    ફતેહપુરા•
    58 min ago
  • भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 जेल भरो आंदोलन में सैकड़ों किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों, महिलाओं, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दी सामूहिक गिरफ्तारी । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 जेल भरो आंदोलन में सैकड़ों किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों, महिलाओं, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दी सामूहिक गिरफ्तारी । डूंगरपुर, 10 अगस्त अखिल भारतीय किसान सभा व सीटू ने प्रेस नॉट जारी कर बताया कि किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों, महिलाओं, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आदिवासी समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को डूंगरपुर में जेल भरो आंदोलन आयोजित किया गया। आंदोलन के तहत बादल महल रोड से जिला मुख्यालय तक विशाल रैली निकाली गई। रैली में जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों, महिलाओं, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने भाग लिया। आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर भी जोरदार आवाज जेल भरो आंदोलन में आशा सहयोगिनियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से कार्य कर रही इन महिला कर्मियों को पर्याप्त मानदेय एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार से मांग की गई कि आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए और लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वनाधिकार पट्टे,बिलानाम जमीन के खातेदारी अधिकार,40% अंक की बाध्यता समाप्त,छात्रसंघ चुनाव बहाल,किसानों को सिंचाई का पानी,नियमित बिजली,स्मार्ट मीटर पर रोक,आशा-आंगनवाड़ी का मानदेय बढ़ाओ,लंबित भुगतान करो सामाजिक सुरक्षा दो मजदूरों के अधिकार सुनिश्चित करो। प्रेसनोट जारीकर्ता फाल्गुन भराड़ा 8003092216 जिला संयोजक डूँगरपुर जनसंगठनों का साझा मंच
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    भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
       9829264909

जेल भरो आंदोलन में सैकड़ों किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों, महिलाओं, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दी सामूहिक गिरफ्तारी ।
भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
9829264909
जेल भरो आंदोलन में सैकड़ों किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों, महिलाओं, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दी सामूहिक गिरफ्तारी ।
डूंगरपुर, 10 अगस्त अखिल भारतीय किसान सभा व सीटू ने प्रेस नॉट जारी कर बताया कि किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों, महिलाओं, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आदिवासी समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को डूंगरपुर में जेल भरो आंदोलन आयोजित किया गया। आंदोलन के तहत बादल महल रोड से जिला मुख्यालय तक विशाल रैली निकाली गई। रैली में जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों, महिलाओं, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने भाग लिया।
आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर भी जोरदार आवाज
जेल भरो आंदोलन में आशा सहयोगिनियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके बावजूद लंबे समय से कार्य कर रही इन महिला कर्मियों को पर्याप्त मानदेय एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार से मांग की गई कि आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए और लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
वनाधिकार पट्टे,बिलानाम जमीन के खातेदारी अधिकार,40% अंक की बाध्यता समाप्त,छात्रसंघ चुनाव बहाल,किसानों को सिंचाई का पानी,नियमित बिजली,स्मार्ट मीटर पर रोक,आशा-आंगनवाड़ी का मानदेय बढ़ाओ,लंबित भुगतान करो सामाजिक सुरक्षा दो मजदूरों के अधिकार सुनिश्चित करो।
प्रेसनोट जारीकर्ता 
फाल्गुन भराड़ा
8003092216
जिला संयोजक डूँगरपुर
जनसंगठनों का साझा मंच
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • अरावली संरक्षण के साथ आदिवासी अधिकारों की रक्षा ज़रूरी : भाजपा नेता बंशीलाल कटारा सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी को सौंपा ज्ञापन, अरावली की वैज्ञानिक मैपिंग और खनन पर कठोर नियंत्रण की मांग संवाददाता – संतोष व्यास उदयपुर/डूंगरपुर। अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण और दक्षिण राजस्थान के जनजातीय अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी के समक्ष डूंगरपुर जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए भाजपा नेता बंशीलाल कटारा ने समिति को एक ज्ञापन प्रस्तुत कर अरावली के पारिस्थितिकी संरक्षण और स्थानीय आदिवासियों के अधिकारों के बीच एक संतुलित नीति बनाने की पुरजोर वकालत की। कटारा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अरावली केवल पत्थरों का पहाड़ नहीं, बल्कि दक्षिण राजस्थान के जल, जंगल, जमीन, जैव-विविधता और समूचे आदिवासी जीवन की जीवनरेखा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे के आमने-सामने खड़ा करने के बजाय एक वैज्ञानिक और सतत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। - ग्रामसभा की भागीदारी और वैज्ञानिक मैपिंग पर जोर उच्चस्तरीय समिति के समक्ष ज्ञापन सौंपते हुए कटारा ने अरावली के वर्गीकरण और संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण तकनीकी एवं सामाजिक बिंदु उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि अरावली की पहचान केवल उसकी ऊंचाई से तय करने के बजाय भू-विज्ञान, जलग्रहण क्षेत्र, जैव-विविधता और पारिस्थितिकी के वैज्ञानिक मानदंडों पर की जानी चाहिए। कटारा ने पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ग्रामसभाओं और स्थानीय आदिवासी समुदाय की वास्तविक व प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने, अरावली क्षेत्र का वैज्ञानिक रूप से जियो-मैपिंग और कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट करने, पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में खनन गतिविधियों पर सख्त लगाम लगाने तथा खनन समाप्त होने के बाद भूमि का पुनर्स्थापन अनिवार्य करने, जिला खनिज फाउंडेशन, CAMPA और सीएसआर कोष का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में केवल जल संरक्षण, पर्यावरण सुधार और स्थानीय आजीविका बढ़ाने के लिए करने का सुझाव दिया। - संरक्षण के विरोधी नहीं, सबसे बड़े भागीदार हैं आदिवासी – कटारा कटारा ने कहा कि आदिवासी समाज अरावली के संरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह ऐतिहासिक रूप से इसका सबसे बड़ा संरक्षक और भागीदार रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा सीधा संदेश है अरावली भी बचे, आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहें और विकास का पहिया भी वैज्ञानिक व सतत तरीके से घूमता रहे। उन्होंने समिति से विशेष आग्रह किया कि दक्षिण राजस्थान और वागड़ अंचल की अरावली श्रृंखला तथा वहां निवास करने वाले जनजातीय समुदायों पर पड़ने वाले प्रभावों का एक विशेष सामाजिक-पर्यावरणीय अध्ययन भी कराया जाए।
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    अरावली संरक्षण के साथ आदिवासी अधिकारों की रक्षा ज़रूरी : भाजपा नेता बंशीलाल कटारा
सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी को सौंपा ज्ञापन, अरावली की वैज्ञानिक मैपिंग और खनन पर कठोर नियंत्रण की मांग
संवाददाता – संतोष व्यास 
उदयपुर/डूंगरपुर। अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण और दक्षिण राजस्थान के जनजातीय अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी के समक्ष डूंगरपुर जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए भाजपा नेता बंशीलाल कटारा ने समिति को एक ज्ञापन प्रस्तुत कर अरावली के पारिस्थितिकी संरक्षण और स्थानीय आदिवासियों के अधिकारों के बीच एक संतुलित नीति बनाने की पुरजोर वकालत की।
कटारा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अरावली केवल पत्थरों का पहाड़ नहीं, बल्कि दक्षिण राजस्थान के जल, जंगल, जमीन, जैव-विविधता और समूचे आदिवासी जीवन की जीवनरेखा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे के आमने-सामने खड़ा करने के बजाय एक वैज्ञानिक और सतत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
- ग्रामसभा की भागीदारी और वैज्ञानिक मैपिंग पर जोर
उच्चस्तरीय समिति के समक्ष ज्ञापन सौंपते हुए कटारा ने अरावली के वर्गीकरण और संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण तकनीकी एवं सामाजिक बिंदु उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि अरावली की पहचान केवल उसकी ऊंचाई से तय करने के बजाय भू-विज्ञान, जलग्रहण क्षेत्र, जैव-विविधता और पारिस्थितिकी के वैज्ञानिक मानदंडों पर की जानी चाहिए। कटारा ने पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ग्रामसभाओं और स्थानीय आदिवासी समुदाय की वास्तविक व प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने, अरावली क्षेत्र का वैज्ञानिक रूप से जियो-मैपिंग और कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट करने, पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में खनन गतिविधियों पर सख्त लगाम लगाने तथा खनन समाप्त होने के बाद भूमि का पुनर्स्थापन अनिवार्य करने, जिला खनिज फाउंडेशन, CAMPA और सीएसआर कोष का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में केवल जल संरक्षण, पर्यावरण सुधार और स्थानीय आजीविका बढ़ाने के लिए करने का सुझाव दिया।
- संरक्षण के विरोधी नहीं, सबसे बड़े भागीदार हैं आदिवासी – कटारा
कटारा ने कहा कि आदिवासी समाज अरावली के संरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह ऐतिहासिक रूप से इसका सबसे बड़ा संरक्षक और भागीदार रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा सीधा संदेश है अरावली भी बचे, आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहें और विकास का पहिया भी वैज्ञानिक व सतत तरीके से घूमता रहे।
उन्होंने समिति से विशेष आग्रह किया कि दक्षिण राजस्थान और वागड़ अंचल की अरावली श्रृंखला तथा वहां निवास करने वाले जनजातीय समुदायों पर पड़ने वाले प्रभावों का एक विशेष सामाजिक-पर्यावरणीय अध्ययन भी कराया जाए।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • हरियाली अमावस्या: डूंगरपुर में दशा माता स्थापना की धूम, बाजारों में उमड़ी भीड़। गीतेश पंड्या संवाददाता डूंगरपुर 9636980959 हरियाली अमावस्या: डूंगरपुर में दशा माता स्थापना की धूम, बाजारों में उमड़ी भीड़। डूंगरपुर। हरियाली अमावस्या के अवसर पर डूंगरपुर के बाजारों में दशा माता की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। शहर में जगह-जगह सजी दुकानों पर 1 फीट से लेकर 5 फीट तक की आकर्षक मूर्तियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत ₹200 से ₹6000 तक है। घर-घर में माता की स्थापना की तैयारी के चलते मूर्तियों की खरीदारी के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुट रही है। यह धार्मिक अनुष्ठान 1 से 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें व्रतधारी महिलाएं सुख-समृद्धि की कामना के साथ कठिन व्रत रखकर माता की पूजा-अर्चना करेंगी।
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    हरियाली अमावस्या: डूंगरपुर में दशा माता स्थापना की धूम, बाजारों में उमड़ी भीड़।
गीतेश पंड्या संवाददाता डूंगरपुर 
9636980959
हरियाली अमावस्या: डूंगरपुर में दशा माता स्थापना की धूम, बाजारों में उमड़ी भीड़।
डूंगरपुर। हरियाली अमावस्या के अवसर पर डूंगरपुर के बाजारों में दशा माता की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। शहर में जगह-जगह सजी दुकानों पर 1 फीट से लेकर 5 फीट तक की आकर्षक मूर्तियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत ₹200 से ₹6000 तक है।
घर-घर में माता की स्थापना की तैयारी के चलते मूर्तियों की खरीदारी के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुट रही है। यह धार्मिक अनुष्ठान 1 से 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें व्रतधारी महिलाएं सुख-समृद्धि की कामना के साथ कठिन व्रत रखकर माता की पूजा-अर्चना करेंगी।
    user_पत्रकार गीतेश पंड्या
    पत्रकार गीतेश पंड्या
    Local News Reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • विश्वस आदिवासी दिवस बड़े धूम धाम से मनाया गया आज // गांव गणराज्य भोड़न का वेला में __
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    विश्वस आदिवासी दिवस  बड़े धूम धाम से मनाया गया आज // गांव गणराज्य भोड़न का वेला में __
    user_Raju rawat Rawat
    Raju rawat Rawat
    साबला, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • सलूंबर से कीर की चौकी तक सड़क खस्ताहाल फिर भी टोल नाकों पर टोल वसूली को लेकर लोगों में आक्रोश दबंगों की दबंगई से चल रहा टोल टैक्स, सड़कें टूटी फिर भी वसूली जारी, ‘अंधेरी नगरी चौपट राजा’ सलूंबर। सलूंबर से कीर की चौकी तक जाने वाली सड़क पर इसरवास टोल नाके पर टोल वसूली को लेकर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है, कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसके बावजूद वाहन चालकों से लगातार टोल टैक्स वसूला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को खराब सड़क के बावजूद टोल देना पड़ता है। जब टोल वसूली को लेकर टोल नाके पर मौजूद कर्मचारियों से सवाल किया जाता है तो आरोप है कि संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित तौर पर कहा जाता है कि “इस सड़क से मत गुजरो, टोल तो देना ही पड़ेगा।” लोगों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत करने पर टोल नाके पर मौजूद कार्मिकों द्वारा कथित तौर पर दादागिरी की जाती है और शिकायत करने वाले लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और पेचवर्क साफ नजर आते हैं, लेकिन इसके बावजूद टोल वसूली लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है और टोल वसूली को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का सवाल है कि आखिर टूटी और बदहाल सड़क के बावजूद टोल वसूली किस आधार पर की जा रही है और टोल कर्मचारियों को वाहन चालकों से कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार करने की अनुमति किसके संरक्षण में मिली हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति की जांच कराने, टोल वसूली के नियमों की जांच करने और वाहन चालकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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    सलूंबर से कीर की चौकी तक सड़क खस्ताहाल फिर भी टोल नाकों पर टोल वसूली को लेकर लोगों में आक्रोश 
दबंगों की दबंगई से चल रहा टोल टैक्स, सड़कें टूटी फिर भी वसूली जारी, ‘अंधेरी नगरी चौपट राजा’
सलूंबर। सलूंबर से कीर की चौकी तक जाने वाली सड़क पर इसरवास टोल नाके पर टोल वसूली को लेकर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है, कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसके बावजूद वाहन चालकों से लगातार टोल टैक्स वसूला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को खराब सड़क के बावजूद टोल देना पड़ता है। जब टोल वसूली को लेकर टोल नाके पर मौजूद कर्मचारियों से सवाल किया जाता है तो आरोप है कि संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित तौर पर कहा जाता है कि “इस सड़क से मत गुजरो, टोल तो देना ही पड़ेगा।” लोगों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत करने पर टोल नाके पर मौजूद कार्मिकों द्वारा कथित तौर पर दादागिरी की जाती है और शिकायत करने वाले लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और पेचवर्क साफ नजर आते हैं, लेकिन इसके बावजूद टोल वसूली लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है और टोल वसूली को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का सवाल है कि आखिर टूटी और बदहाल सड़क के बावजूद टोल वसूली किस आधार पर की जा रही है और टोल कर्मचारियों को वाहन चालकों से कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार करने की अनुमति किसके संरक्षण में मिली हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति की जांच कराने, टोल वसूली के नियमों की जांच करने और वाहन चालकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • हर घर तिरंगा अभियान को लेकर पुरे क्षेत्र मे उत्साह का माहौल जिस मिट्टी ने जन्म दिया, उस मिट्टी का मान करें, हर घर तिरंगा फहराकर, भारत का गुणगान करें।
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    हर घर तिरंगा अभियान को लेकर पुरे क्षेत्र मे उत्साह का माहौल 
जिस मिट्टी ने जन्म दिया, उस मिट्टी का मान करें,
हर घर तिरंगा फहराकर, भारत का गुणगान करें।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • टोड़ा से सलूंबर 9 अगस्त आदिवासी प्रोग्राम बनाने के लिए रवाना हुए
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    टोड़ा से सलूंबर 9 अगस्त आदिवासी प्रोग्राम बनाने के लिए रवाना हुए
    user_Suraj. sadana. toda
    Suraj. sadana. toda
    Farmer सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • धम्बोला की महिला को तेज रफ्तार क्रेटा ने कुचला, हालत गंभीर धंबोला. कस्बे में 8 अगस्त को तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई दुर्घटना में एक महिला गंभीर घायल हो गई। मामले में धंबोला निवासी धुलेश्वर पाटीदार ने पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार सुबह करीब 9.45 बजे धुलेश्वर पाटीदार की पत्नी लिलावती पाटीदार पैदल घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान धुलेश्वर पाटीदार मोटरसाइकिल से उसे लेने के लिए पहुंचा और सड़क पर रुका हुआ था। आरोप है कि सीमलवाड़ा निवासी राजेन्द्र पिता जगताराम पंचाल अपनी क्रेटा कार को तेज गति व लापरवाही से चलाते हुए गलत साइड में ले आया और सड़क किनारे पैदल चल रही लिलावती पाटीदार को टक्कर मार दी। हादसे में लिलावती के जबड़े, पसलियों व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं। एक कान में भी फ्रैक्चर बताया गया है। घायल को सिमलवाड़ा के हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से रेफर करने पर मोडासा स्थित हॉस्पिटल में उपचार जारी है। रिपोर्ट में धुलेश्वर ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद चालक राजेन्द्र पंचाल वाहन लेकर मौके से भागने लगा। उसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं रुका। घटनास्थल के पास रहने वाले संदीप ने भी वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन सहित फरार हो गया। प्रार्थी ने पुलिस से मामला दर्ज कर आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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    धम्बोला की महिला को तेज रफ्तार क्रेटा ने कुचला, हालत गंभीर
धंबोला. कस्बे में 8 अगस्त को तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई दुर्घटना में एक महिला गंभीर घायल हो गई। मामले में धंबोला निवासी धुलेश्वर पाटीदार ने पुलिस थाने में  रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार सुबह करीब 9.45 बजे धुलेश्वर पाटीदार की पत्नी लिलावती पाटीदार पैदल घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान धुलेश्वर पाटीदार मोटरसाइकिल से उसे लेने के लिए पहुंचा और सड़क पर रुका हुआ था। आरोप है कि सीमलवाड़ा निवासी राजेन्द्र पिता जगताराम पंचाल अपनी क्रेटा कार को तेज गति व लापरवाही से चलाते हुए गलत साइड में ले आया और सड़क किनारे पैदल चल रही लिलावती पाटीदार को टक्कर मार दी। हादसे में लिलावती के जबड़े, पसलियों व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं। एक कान में भी फ्रैक्चर बताया गया है। घायल को सिमलवाड़ा के  हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से रेफर करने पर मोडासा स्थित हॉस्पिटल में उपचार जारी है। रिपोर्ट में धुलेश्वर ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद चालक राजेन्द्र पंचाल वाहन लेकर मौके से भागने लगा। उसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं रुका। घटनास्थल के पास रहने वाले संदीप ने भी वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन सहित फरार हो गया। प्रार्थी ने पुलिस से मामला दर्ज कर आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
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