सागर जिले के बंडा स्थित गनयारी गांव में खरपतवारनाशक दवा का छिड़काव करने के तुरंत बाद एक किसान की 4 से 5 एकड़ में लगी मक्का की फसल पूरी तरह सूखकर नष्ट हो गई। पीड़ित किसान सीताराम लोधी का आरोप है कि बंडा के 'बालाजी कृषि सेवा केंद्र' से खरीदी गई दवा के कारण उनकी महीनों की मेहनत और पूरी पूंजी डूब गई है। किसान सीताराम लोधी ने उक्त कृषि सेवा केंद्र से छिड़काव के लिए ₹12,750 की खरपतवारनाशक एवं अन्य दवाएं खरीदी थीं। किसान का कहना है कि नियमानुसार खेत में छिड़काव करने के कुछ ही समय बाद खड़ी फसल अचानक सूखने लगी और पूरी तरह बर्बाद हो गई। जब पीड़ित किसान शिकायत लेकर कृषि सेवा केंद्र पहुंचा, तो सामने आया कि दिए गए पक्के बिल पर संचालक या विक्रेता के हस्ताक्षर ही नहीं थे। बिना हस्ताक्षर का बिल देकर टालमटोल करने पर दुकानदार द्वारा फर्जीवाड़ा करने और अमानक दवा बेचने की आशंका जताई जा रही है। फसल तबाह होने से आर्थिक संकट में पड़े किसान ने पुलिस थाने में आवेदन दिया है। पीड़ित ने कृषि सेवा केंद्र पर बेची जा रही दवाओं के सैंपलों की जांच करने, हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने और बिना हस्ताक्षर के बिल जारी करने वाले संबंधित विक्रेता पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में बंडा के कृषि विस्तार अधिकारी यू. एस अहिरवार ने बताया कि मामला संज्ञान में आ गया है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
सागर जिले के बंडा स्थित गनयारी गांव में खरपतवारनाशक दवा का छिड़काव करने के तुरंत बाद एक किसान की 4 से 5 एकड़ में लगी मक्का की फसल पूरी तरह सूखकर नष्ट हो गई। पीड़ित किसान सीताराम लोधी का आरोप है कि बंडा के 'बालाजी कृषि सेवा केंद्र' से खरीदी गई दवा के कारण उनकी महीनों की मेहनत और पूरी पूंजी डूब गई है। किसान सीताराम लोधी ने उक्त कृषि सेवा केंद्र से छिड़काव के लिए ₹12,750 की खरपतवारनाशक एवं अन्य दवाएं खरीदी थीं। किसान का कहना है कि नियमानुसार खेत में छिड़काव करने के कुछ ही समय बाद खड़ी फसल अचानक सूखने लगी और पूरी तरह बर्बाद हो गई। जब पीड़ित किसान शिकायत लेकर कृषि सेवा केंद्र पहुंचा, तो सामने आया
कि दिए गए पक्के बिल पर संचालक या विक्रेता के हस्ताक्षर ही नहीं थे। बिना हस्ताक्षर का बिल देकर टालमटोल करने पर दुकानदार द्वारा फर्जीवाड़ा करने और अमानक दवा बेचने की आशंका जताई जा रही है। फसल तबाह होने से आर्थिक संकट में पड़े किसान ने पुलिस थाने में आवेदन दिया है। पीड़ित ने कृषि सेवा केंद्र पर बेची जा रही दवाओं के सैंपलों की जांच करने, हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने और बिना हस्ताक्षर के बिल जारी करने वाले संबंधित विक्रेता पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में बंडा के कृषि विस्तार अधिकारी यू. एस अहिरवार ने बताया कि मामला संज्ञान में आ गया है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
- सागर जिले के बंडा स्थित गनयारी गांव में खरपतवारनाशक दवा का छिड़काव करने के तुरंत बाद एक किसान की 4 से 5 एकड़ में लगी मक्का की फसल पूरी तरह सूखकर नष्ट हो गई। पीड़ित किसान सीताराम लोधी का आरोप है कि बंडा के 'बालाजी कृषि सेवा केंद्र' से खरीदी गई दवा के कारण उनकी महीनों की मेहनत और पूरी पूंजी डूब गई है। किसान सीताराम लोधी ने उक्त कृषि सेवा केंद्र से छिड़काव के लिए ₹12,750 की खरपतवारनाशक एवं अन्य दवाएं खरीदी थीं। किसान का कहना है कि नियमानुसार खेत में छिड़काव करने के कुछ ही समय बाद खड़ी फसल अचानक सूखने लगी और पूरी तरह बर्बाद हो गई। जब पीड़ित किसान शिकायत लेकर कृषि सेवा केंद्र पहुंचा, तो सामने आया कि दिए गए पक्के बिल पर संचालक या विक्रेता के हस्ताक्षर ही नहीं थे। बिना हस्ताक्षर का बिल देकर टालमटोल करने पर दुकानदार द्वारा फर्जीवाड़ा करने और अमानक दवा बेचने की आशंका जताई जा रही है। फसल तबाह होने से आर्थिक संकट में पड़े किसान ने पुलिस थाने में आवेदन दिया है। पीड़ित ने कृषि सेवा केंद्र पर बेची जा रही दवाओं के सैंपलों की जांच करने, हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने और बिना हस्ताक्षर के बिल जारी करने वाले संबंधित विक्रेता पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में बंडा के कृषि विस्तार अधिकारी यू. एस अहिरवार ने बताया कि मामला संज्ञान में आ गया है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।2
- सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एक प्रशिक्षण शिविर के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।1
- ललितपुर के मड़ावरा कस्बे में कोतवाली से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक मोबाइल दुकान में अज्ञात चोरों ने चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। मेन मार्केट में पीएनबी बैंक के पास सिंघई मार्केट स्थित दुकान के शटर के ताले तोड़कर घुसे चोर लाखों रुपये कीमत के महंगे मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और नकदी समेटकर फरार हो गए। बुधवार सुबह पड़ोसी दुकानदारों की सूचना पर जब दुकान संचालक मौके पर पहुंचा, तो शटर के ताले टूटे और अंदर सामान बिखरा मिला। कीमती सामान गायब देखकर हड़कंप मच गया और मौके पर स्थानीय व्यापारियों की भीड़ जमा हो गई। थाने के इतने नजदीक चोरी होने पर व्यापारियों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और अज्ञात चोरों की तलाश तेज कर दी गई है। वहीं, स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से घटना का शीघ्र खुलासा करने और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।4
- राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत अटल भूजल योजना के तहत ललितपुर में 16 से 22 जुलाई तक आयोजित भूजल सप्ताह का कलेक्ट्रेट सभागार में समापन हो गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान की अध्यक्षता में पेयजल, स्वच्छता और जल जनित बीमारियों की रोकथाम विषयक जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीडीओ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई तथा पंचायत भवनों, स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमिगत जल का संरक्षण समय की मांग है और वर्षा जल का अधिकतम संचयन किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छ एवं उबला हुआ पानी पीने तथा हैंडपंप व रीबोर के पानी को कुछ समय हवा के संपर्क में रखने की सलाह दी। घरेलू स्तर पर पानी बचाने के लिए टपकते नलों की मरम्मत, बाल्टी से वाहन धोने, कम पानी वाले फ्लश सिस्टम अपनाने और ओवरफ्लो रोकने के सुझाव दिए गए। इसके अलावा, किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपनाने, खेतों की मेड़ों को मजबूत बनाने व कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता देने तथा उद्योगों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को उपयोग किए गए पानी का शोधन कर पुनः इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया। इस समन्वय बैठक में उप जिलाधिकारी सदर हेमंत पटेल, जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी कुंवर सिंह यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप निदेशक कृषि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अभियंता और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।2
- ललितपुर में शांति और सुरक्षा के दावों को धता बताते हुए अज्ञात चोरों ने तहसील मुख्यालय पर चोरी की वारदात को अंजाम देकर बड़ी चुनौती पेश की है। थाना कोतवाली से चंद मीटर दूर और पंजाब नेशनल बैंक के बाजू में स्थित सिंघई मार्केट की एक दुकान के ताले तोड़कर चोरों ने मोबाइल फोन, एसेसरीज और नगदी चोरी कर ली। पीड़ित दुकान संचालक आशीष अवस्थी ने स्थानीय पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वे रोजाना की तरह मंगलवार शाम को दुकान बंद कर घर चले गए थे। बुधवार सुबह पड़ोसियों ने फोन कर दुकान के ताले टूटे होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर दुकान की आधी शटर खुली मिली, अंदर सामान बिखरा पड़ा था और कई मोबाइल फोन, एसेसरीज व अन्य सामान समेत नगदी गायब थी। घनी आबादी, बैंक और थाने के बिल्कुल नजदीक इस वारदात से व्यापारियों और आम जनता में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। पीड़ित दुकानदार ने पुलिस से मामले की बारीकी से जांच-पड़ताल कर चोरों को गिरफ्तार करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।4
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ में पंचायत में हुए कथित घोटाले से नाराज़ ग्रामीण अनोखे अंदाज़ में ढोल-नगाड़ों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने वहां पहुंचकर अधिकारियों को शिकायत सौंपी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ढोल-नगाड़े बजाकर दर्ज कराया गया ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन अब हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- सागर जिले के बीना तहसील स्थित खिमलासा के प्रसिद्ध नारायणी मंदिर में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात हुई चोरी की घटना से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया है। अज्ञात चोरों ने मंदिर में धावा बोलकर माता की प्रतिमा के सोने के कान, नाक के आभूषण, मंगलसूत्र और करीब 500 ग्राम चांदी के गहने पार कर दिए। बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पूरे क्षेत्र में रोष व्याप्त हो गया। चोरी की इस वारदात के विरोध में व्यापारियों ने स्वेच्छा से पूरा बाजार बंद रखा और नारायणी मंदिर तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धार्मिक स्थलों और बाजारों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की। इस चक्काजाम के कारण बीना, खुरई और मालथौन मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों बाधित रहा। सूचना मिलते ही बीना एसडीओपी अजय कुमार सनकत और खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे का भरोसा दिलाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसपी के नाम एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा और जाम खत्म किया। प्रदर्शन के दौरान मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष चित्तर सिंह राजपूत, पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीश लोधी और रामनारायण सोनी सहित अन्य नागरिकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। चित्तर सिंह राजपूत ने कहा कि क्षेत्र में पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं होने से चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में दो दुकानों, बसाहरी के जैन मंदिर और खिमलासा के पास बीजासेन मंदिर में भी चोरियां हो चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से चोरों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने बाजारों व धार्मिक स्थलों पर नियमित गश्त बढ़ाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।4
- मध्य प्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 से अगवा हुई 8 माह की मासूम बच्ची चंचल को जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 48 घंटे के भीतर इटारसी रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया और वारदात को अंजाम देने वाली आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के संबंध में जबलपुर जिले के गोसलपुर (वर्तमान निवासी सूखी सेवनिया, भोपाल) की रहने वाली 25 वर्षीय सखीना ने बताया कि वह 19 जुलाई को अपनी बेटी चंचल के साथ इंटरसिटी ट्रेन से भोपाल से जबलपुर जा रही थी। बीना स्टेशन पर भोजन करने के बाद वह रात करीब 9 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-3 स्थित लॉबी के पास सो गई थी। 20 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे नींद खुलने पर बच्ची गायब मिली। आसपास के लोगों से पता चला कि एक महिला बच्ची को लेकर गई है, जिसके बाद जीआरपी बीना में मामला दर्ज कराया गया। जीआरपी थाना प्रभारी बीबीएस परिहार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान बीना, रानी कमलापति (भोपाल), नर्मदापुरम और इटारसी रेलवे स्टेशनों के करीब 75 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इटारसी रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर संदिग्ध महिला बच्ची के साथ दिखाई दी, जिसके बाद जीआरपी इटारसी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर अपहरण के उद्देश्य और किसी गिरोह या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच कर रही है।4