मध्य प्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 से अगवा हुई 8 माह की मासूम बच्ची चंचल को जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 48 घंटे के भीतर इटारसी रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया और वारदात को अंजाम देने वाली आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के संबंध में जबलपुर जिले के गोसलपुर (वर्तमान निवासी सूखी सेवनिया, भोपाल) की रहने वाली 25 वर्षीय सखीना ने बताया कि वह 19 जुलाई को अपनी बेटी चंचल के साथ इंटरसिटी ट्रेन से भोपाल से जबलपुर जा रही थी। बीना स्टेशन पर भोजन करने के बाद वह रात करीब 9 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-3 स्थित लॉबी के पास सो गई थी। 20 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे नींद खुलने पर बच्ची गायब मिली। आसपास के लोगों से पता चला कि एक महिला बच्ची को लेकर गई है, जिसके बाद जीआरपी बीना में मामला दर्ज कराया गया। जीआरपी थाना प्रभारी बीबीएस परिहार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान बीना, रानी कमलापति (भोपाल), नर्मदापुरम और इटारसी रेलवे स्टेशनों के करीब 75 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इटारसी रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर संदिग्ध महिला बच्ची के साथ दिखाई दी, जिसके बाद जीआरपी इटारसी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर अपहरण के उद्देश्य और किसी गिरोह या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 से अगवा हुई 8 माह की मासूम बच्ची चंचल को जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 48 घंटे के भीतर इटारसी रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया और वारदात को अंजाम देने वाली आरोपी
महिला को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के संबंध में जबलपुर जिले के गोसलपुर (वर्तमान निवासी सूखी सेवनिया, भोपाल) की रहने वाली 25 वर्षीय सखीना ने बताया कि वह 19 जुलाई को अपनी बेटी चंचल के साथ इंटरसिटी ट्रेन से भोपाल से जबलपुर जा रही थी। बीना स्टेशन पर भोजन करने के बाद वह रात करीब 9 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-3 स्थित लॉबी के पास सो गई थी।
20 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे नींद खुलने पर बच्ची गायब मिली। आसपास के लोगों से पता चला कि एक महिला बच्ची को लेकर गई है, जिसके बाद जीआरपी बीना में मामला दर्ज कराया गया। जीआरपी थाना प्रभारी बीबीएस परिहार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान बीना, रानी कमलापति (भोपाल), नर्मदापुरम और इटारसी
रेलवे स्टेशनों के करीब 75 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इटारसी रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर संदिग्ध महिला बच्ची के साथ दिखाई दी, जिसके बाद जीआरपी इटारसी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर अपहरण के उद्देश्य और किसी गिरोह या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच कर रही है।
- सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एक प्रशिक्षण शिविर के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।1
- सागर जिले के बंडा स्थित गनयारी गांव में खरपतवारनाशक दवा का छिड़काव करने के तुरंत बाद एक किसान की 4 से 5 एकड़ में लगी मक्का की फसल पूरी तरह सूखकर नष्ट हो गई। पीड़ित किसान सीताराम लोधी का आरोप है कि बंडा के 'बालाजी कृषि सेवा केंद्र' से खरीदी गई दवा के कारण उनकी महीनों की मेहनत और पूरी पूंजी डूब गई है। किसान सीताराम लोधी ने उक्त कृषि सेवा केंद्र से छिड़काव के लिए ₹12,750 की खरपतवारनाशक एवं अन्य दवाएं खरीदी थीं। किसान का कहना है कि नियमानुसार खेत में छिड़काव करने के कुछ ही समय बाद खड़ी फसल अचानक सूखने लगी और पूरी तरह बर्बाद हो गई। जब पीड़ित किसान शिकायत लेकर कृषि सेवा केंद्र पहुंचा, तो सामने आया कि दिए गए पक्के बिल पर संचालक या विक्रेता के हस्ताक्षर ही नहीं थे। बिना हस्ताक्षर का बिल देकर टालमटोल करने पर दुकानदार द्वारा फर्जीवाड़ा करने और अमानक दवा बेचने की आशंका जताई जा रही है। फसल तबाह होने से आर्थिक संकट में पड़े किसान ने पुलिस थाने में आवेदन दिया है। पीड़ित ने कृषि सेवा केंद्र पर बेची जा रही दवाओं के सैंपलों की जांच करने, हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने और बिना हस्ताक्षर के बिल जारी करने वाले संबंधित विक्रेता पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में बंडा के कृषि विस्तार अधिकारी यू. एस अहिरवार ने बताया कि मामला संज्ञान में आ गया है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।2
- सागर के पुलिस अधीक्षक आईपीएस अनुराग सुजानिया ने लोगों को नशे से दूरी बनाने का संदेश दिया है।1
- सागर जिले के खुरई स्थित वेयरहाउस पर किसानों द्वारा लाए गए गेहूं की सफाई कराकर उसकी तुलाई की गई। गेहूं की तुलाई के दौरान ही किसानों द्वारा गेहूं की सफाई का काम करवाया गया। इस दौरान समिति सर्वेयर छोटेराजा भी साथ में मौजूद रहे।1
- खिमलासा के नारायणी मंदिर में बीती रात करीब 2 बजे बदमाशों द्वारा की गई चोरी से स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना के विरोध में दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिया और आक्रोशित जनता ने नारायणी मंदिर तिराहे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। मंदिर के पुजारी के अनुसार, चोर कटर लेकर आए थे और उसी से चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोर मंदिर से 500 ग्राम चांदी और माता जी के सोने के कान, नाक के आभूषण व मंगलसूत्र चुरा ले गए। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों ने खिमलासा पुलिस की निष्क्रियता के कारण लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर भारी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि बसाहरी के जैन मंदिर और खिमलासा के बीच गांव के बीजासेन मंदिर के बाद अब नारायणी मंदिर में हुई चोरी ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। घटना की सूचना मिलते ही टीआई राधेश्याम पटेल मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान ग्राम के सैकड़ों लोगों ने पुलिस अधीक्षक के नाम थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल को ज्ञापन सौंपा। बाद में एसडीओपी बीना और टीआई राधेश्याम पटेल की समझाइश व सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद ही जाम हटाया जा सका। हालांकि, अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी स्थानीय लोग पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।4
- बीना के मंडी बामोरा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिस विद्यालय में बच्चों को अनुशासन, संस्कार और शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए, वहां शिक्षकों के इस तरह के आपसी विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसी घटनाएं न केवल विद्यालय की गरिमा को प्रभावित करती हैं, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक और शैक्षणिक माहौल पर भी नकारात्मक असर डाल सकती हैं। मामले में अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए स्कूलों में शांत, अनुशासित और सकारात्मक वातावरण होना आवश्यक है। इस घटना के बाद अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।1
- सागर जिले के बीना तहसील स्थित खिमलासा के प्रसिद्ध नारायणी मंदिर में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात हुई चोरी की घटना से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया है। अज्ञात चोरों ने मंदिर में धावा बोलकर माता की प्रतिमा के सोने के कान, नाक के आभूषण, मंगलसूत्र और करीब 500 ग्राम चांदी के गहने पार कर दिए। बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पूरे क्षेत्र में रोष व्याप्त हो गया। चोरी की इस वारदात के विरोध में व्यापारियों ने स्वेच्छा से पूरा बाजार बंद रखा और नारायणी मंदिर तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धार्मिक स्थलों और बाजारों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की। इस चक्काजाम के कारण बीना, खुरई और मालथौन मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों बाधित रहा। सूचना मिलते ही बीना एसडीओपी अजय कुमार सनकत और खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे का भरोसा दिलाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसपी के नाम एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा और जाम खत्म किया। प्रदर्शन के दौरान मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष चित्तर सिंह राजपूत, पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीश लोधी और रामनारायण सोनी सहित अन्य नागरिकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। चित्तर सिंह राजपूत ने कहा कि क्षेत्र में पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं होने से चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में दो दुकानों, बसाहरी के जैन मंदिर और खिमलासा के पास बीजासेन मंदिर में भी चोरियां हो चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से चोरों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने बाजारों व धार्मिक स्थलों पर नियमित गश्त बढ़ाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।4
- मध्य प्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 से अगवा हुई 8 माह की मासूम बच्ची चंचल को जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 48 घंटे के भीतर इटारसी रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया और वारदात को अंजाम देने वाली आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के संबंध में जबलपुर जिले के गोसलपुर (वर्तमान निवासी सूखी सेवनिया, भोपाल) की रहने वाली 25 वर्षीय सखीना ने बताया कि वह 19 जुलाई को अपनी बेटी चंचल के साथ इंटरसिटी ट्रेन से भोपाल से जबलपुर जा रही थी। बीना स्टेशन पर भोजन करने के बाद वह रात करीब 9 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-3 स्थित लॉबी के पास सो गई थी। 20 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे नींद खुलने पर बच्ची गायब मिली। आसपास के लोगों से पता चला कि एक महिला बच्ची को लेकर गई है, जिसके बाद जीआरपी बीना में मामला दर्ज कराया गया। जीआरपी थाना प्रभारी बीबीएस परिहार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान बीना, रानी कमलापति (भोपाल), नर्मदापुरम और इटारसी रेलवे स्टेशनों के करीब 75 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इटारसी रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर संदिग्ध महिला बच्ची के साथ दिखाई दी, जिसके बाद जीआरपी इटारसी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर अपहरण के उद्देश्य और किसी गिरोह या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच कर रही है।4