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डंडई में यूजीसी कानून के समर्थन में 24 फरवरी को जुलूस डंडई प्रखंड में यूजीसी कानून लागू करने की मांग को लेकर 24 फरवरी 2026 (मंगलवार) सुबह 10 बजे समर्थन जुलूस निकाला जाएगा। के आह्वान पर जुलूस की शुरुआत ब्लॉक परिसर स्थित नीलांबर-पीतांबर प्रतिमा स्थल से होकर मुख्य बाजार होते हुए अंबेडकर चौक तक पहुंचेगा, जहां सभा आयोजित होगी। मंच के अध्यक्ष ने इसे आरक्षित वर्गों के अधिकारों और यूजीसी के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी की अपील की है। #डंडई #UGCकानून #समर्थनजुलूस #OBC #SC #ST #एकतामंच #अंबेडकरचौक #झारखंड #लोकतांत्रिकआवाज
दैनिक भास्कर डंडई
डंडई में यूजीसी कानून के समर्थन में 24 फरवरी को जुलूस डंडई प्रखंड में यूजीसी कानून लागू करने की मांग को लेकर 24 फरवरी 2026 (मंगलवार) सुबह 10 बजे समर्थन जुलूस निकाला जाएगा। के आह्वान पर जुलूस की शुरुआत ब्लॉक परिसर स्थित नीलांबर-पीतांबर प्रतिमा स्थल से होकर मुख्य बाजार होते हुए अंबेडकर चौक तक पहुंचेगा, जहां सभा आयोजित होगी। मंच के अध्यक्ष ने इसे आरक्षित वर्गों के अधिकारों और यूजीसी के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी की अपील की है। #डंडई #UGCकानून #समर्थनजुलूस #OBC #SC #ST #एकतामंच #अंबेडकरचौक #झारखंड #लोकतांत्रिकआवाज
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- डंडई में ‘नीलगाय संकट’ गहराया: रातों-रात उजड़ रहीं फसलें, किसान मुआवजे की राह तकते । डंडई प्रखंड के डंडई पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों नीलगायों का भारी आतंक देखा जा रहा है। नीलगायों के झुंड ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए बड़े पैमाने पर फसलों को बर्बाद कर दिया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पीड़ित किसानों में मुख्य रूप से बोलिया ग्राम के मंदिश भुईयां तथा डंडई पंचायत के रोज मोहम्मद अंसारी, सुल्तान अंसारी, रामकिशुन ठाकुर, कृष्ण ठाकुर, रामलाल ठाकुर एवं अमेरिका ठाकुर शामिल हैं। किसानों ने बताया कि रात के अंधेरे में नीलगायों का झुंड खेतों में घुसकर गेहूं, अरहर और मटर जैसी महत्वपूर्ण फसलों को चर जा रहा है या पैरों तले रौंदकर नष्ट कर दे रहा है। शनिवार दोपहर 3:00 बजे किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और कड़ी मेहनत कर फसलें तैयार की थीं, लेकिन अब उनकी आंखों के सामने फसल बर्बाद हो रही है। प्रभावित किसानों ने विभागीय अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नीलगायों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही नष्ट हुई फसलों का उचित आकलन कर मुआवजा दिया जाए तथा वन विभाग द्वारा घेराबंदी या अन्य सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।1
- भारत में तंबाकू का सबसे अधिक उत्पादन आंध्र प्रदेश (विशेषकर गुंटूर क्षेत्र) और गुजरात में किया जाता है। आंध्र प्रदेश को देश में तंबाकू का सबसे बड़ा उत्पादक माना जाता है, जो कुल उत्पादन का लगभग 50% योगदान करता है, जबकि गुजरात भी अग्रणी उत्पादक राज्यों में से एक है। Testbook +2 उत्पादन: आंध्र प्रदेश (गुंटूर) और गुजरात (सौराष्ट्र/उत्तरी गुजरात) मुख्य उत्पादक हैं। अन्य प्रमुख राज्य: कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और उत्तर प्रदेश भी प्रमुख तंबाकू उत्पादक राज्य हैं। अनुसंधान केंद्र: राजमुंदरी (आंध्र प्रदेश) में केंद्रीय तंबाकू अनुसंधान संस्थान स्थित है।1
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- गढ़वा: लोकतंत्र के सिपाही मैदान में, गढ़वा नगर निकाय चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना1
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- बेतला राष्ट्रीय उद्यान (Betla National Park) झारखंड के लातेहार जिले में स्थित है, जिसे आधिकारिक तौर पर 1986 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया था। हालाँकि, इसका क्षेत्र 1973-74 से ही पलामू टाइगर रिजर्व (Palamau Tiger Reserve) के रूप में बाघ परियोजना का हिस्सा था। यह राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। मुख्य तथ्य: स्थापना (राष्ट्रीय उद्यान): सितंबर 1986 टाइगर रिजर्व के रूप में शुरुआत: 1973-74 स्थान: छोटानागपुर पठार, लातेहार और पलामू जिला, झारखंड क्षेत्रफल: लगभग 226-232 वर्ग किलोमीटर यह पार्क बाघों, हाथियों, और भारतीय बाइसन (गौर) के लिए प्रसिद्ध है। बेतला नेशनल पार्क कहाँ हैं ? और इसकी स्थापना कब हुई थी ? - Quora 15 Nov 2023 — * Sunil Kumar Sharma. उपवन संरक्षक अब 2019को से नि (1978–मौजूदा) लेखक ने · 2वर्ष बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड राज्य के लातेहार जिले के छोटा नागपुर पठार में स्थ...  Quora संरक्षित क्षेत्र - बेतला | वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग Translated — बेतला राष्ट्रीय उद्यान बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड के लातेहार जिले में स्थित है। यह राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। यह 226.33 वर्ग किलोमीटर क्ष झारखंड के राष्ट्रीय उद्यान, मानचित्र, वन्यजीव अभ्यारण्य, बाघ अभ्यारण्य Translated — बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1986 में अधिसूचित किया गया था और यह लातेहार और पलामू जिलों में 231.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र 16 Feb 2026 — Betla National Park, nestled in the Palamu Tiger Reserve, is one of India's oldest wildlife sanctuaries and a true paradise for nature enthusiasts. Spread over . पलामू किला (झारखंड) का निर्माण 17वीं शताब्दी (लगभग 1673 ईस्वी के आसपास) में चेरो राजवंश के प्रतापी राजा मेदिनी राय (Medini Rai) ने करवाया था। यह किला औरंगा नदी के किनारे, लातेहार जिले के बेतला के पास स्थित है। इस परिसर में दो किले हैं - एक पुराना किला (राजा प्रताप राय द्वारा पूर्व में) और नया किला (राजा मेदिनी राय द्वारा), जो चेरो शासन की शक्ति के प्रतीक हैं।4
- दौलत सोनी के हौसले बुलंद नगर परिषद अध्यक्ष पद प्रत्याशी चार नंबर टॉर्च छाप1
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