करोड़ों की बिल्डिंग, लाखों की सैलरी… फिर भी महाविद्यालय में सिर्फ 19 छात्र, व्यवस्था पर उठे सवाल रायबरेली जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय महाविद्यालय हरिपुर नेहस्ता की स्थिति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार की रूसा (RUSA) योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए इस महाविद्यालय में आज 10 साल बाद भी छात्र-छात्राओं की भारी कमी बनी हुई है। हालात यह हैं कि पूरे महाविद्यालय में महज 19 छात्र ही पंजीकृत हैं, जो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। महाविद्यालय की भव्य इमारत, आधुनिक सुविधाएं और उच्च शिक्षित स्टाफ होने के बावजूद यहां सन्नाटा पसरा रहता है। कक्षाओं में छात्र नजर नहीं आते, जबकि शिक्षक और अन्य स्टाफ नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं। यह महाविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध है और यहां दो दर्जन से अधिक विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। खास बात यह है कि यहां लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित योग्य प्रोफेसर तैनात हैं, जिन्हें लाखों रुपये वेतन दिया जाता है। इसके बावजूद छात्रों की संख्या बेहद कम होना चिंता का विषय बन गया है। महाविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, जिम जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही प्रवेश शुल्क भी न्यूनतम रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र यहां दाखिला ले सकें। लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद छात्र-छात्राओं को आकर्षित करने में कॉलेज प्रशासन अब तक असफल रहा है। महाविद्यालय के स्टाफ द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान और मोटिवेशनल कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, लेकिन उनका अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है। स्थानीय स्तर पर भी यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी सुविधाओं के बावजूद छात्र इस महाविद्यालय से दूरी क्यों बना रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने, जागरूकता की कमी, परिवहन सुविधा का अभाव और निजी कॉलेजों की बढ़ती संख्या जैसे कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं। अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए, ताकि करोड़ों की लागत से बने इस महाविद्यालय का सही उपयोग हो सके और क्षेत्र के छात्रों को इसका लाभ मिल सके।
करोड़ों की बिल्डिंग, लाखों की सैलरी… फिर भी महाविद्यालय में सिर्फ 19 छात्र, व्यवस्था पर उठे सवाल रायबरेली जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय महाविद्यालय हरिपुर नेहस्ता की स्थिति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार की रूसा (RUSA) योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए इस महाविद्यालय में आज 10 साल बाद भी छात्र-छात्राओं की भारी कमी बनी हुई है। हालात यह हैं कि पूरे महाविद्यालय में महज 19 छात्र ही पंजीकृत हैं, जो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। महाविद्यालय की भव्य इमारत, आधुनिक सुविधाएं और उच्च शिक्षित स्टाफ होने के बावजूद यहां सन्नाटा पसरा रहता है। कक्षाओं में छात्र नजर नहीं आते,
जबकि शिक्षक और अन्य स्टाफ नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं। यह महाविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध है और यहां दो दर्जन से अधिक विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। खास बात यह है कि यहां लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित योग्य प्रोफेसर तैनात हैं, जिन्हें लाखों रुपये वेतन दिया जाता है। इसके बावजूद छात्रों की संख्या बेहद कम होना चिंता का विषय बन गया है। महाविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, जिम जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही प्रवेश शुल्क भी न्यूनतम रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र यहां दाखिला ले सकें। लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद छात्र-छात्राओं को आकर्षित करने में कॉलेज प्रशासन अब तक असफल रहा है। महाविद्यालय के स्टाफ
द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान और मोटिवेशनल कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, लेकिन उनका अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है। स्थानीय स्तर पर भी यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी सुविधाओं के बावजूद छात्र इस महाविद्यालय से दूरी क्यों बना रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने, जागरूकता की कमी, परिवहन सुविधा का अभाव और निजी कॉलेजों की बढ़ती संख्या जैसे कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं। अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए, ताकि करोड़ों की लागत से बने इस महाविद्यालय का सही उपयोग हो सके और क्षेत्र के छात्रों को इसका लाभ मिल सके।
- प्रतापगढ़ वृद्धाश्रम महुली में रह रहे वृद्धजनों के साथ खुशियां साझा करने पहुंचे समाजसेवी रामचंदर उमरवैश्य ने सभी वृद्धजनों को वस्त्र व माताओं को साड़ी आदि देकर सम्मानित किया। सभी वृद्धजनों का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि हमें यह प्रेरणा समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य से मिली। मैं भी यथासंभव यहां आश्रम में वृद्धजनों के साथ खुशियां बांटने की कोशिश करता रहूंगा। एलायंस क्लब के इंटरनेशनल डायरेक्टर समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा की वृद्ध दादा-दादी के आशीर्वाद ही हम सबको प्रगति के रास्ते पर ले जाएगा। चाचा रामचंद्र जी ने यहां आकर सभी वृद्धजनों के बीच खुशियां साझा की। मैं चाचा जी को आभार ज्ञापित करता हूं। उपहार देते हुए जिला उमरवैश्य समाज के सामूहिक विवाह के संयोजक जवाहरलाल बच्चा ने कहा कि वृद्धजनों के बीच आकर और आशीर्वाद लेने का मौका मिला हम सब बहुत ही भाग्यशाली हैं। सभी के प्रति आभार ज्ञापन वृद्धाश्रम के प्रबंधक अंबिका प्रसाद ने किया। इस अवसर पर शिवकुमार, बब्बू उमरवैश्य, सूरज कुमार उमरवैश्य, जवाहरलाल बच्चा, दादा जयराम, शिव बाबू, आशिक अली, धर्मेंद्र, अमित, पंकज आदि उपस्थित रहे।3
- जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने तहसील सदर के ब्लाक सण्ड़वा चन्द्रिका अन्तर्गत ग्राम पंचायत भदौसी में कृषक हौसला प्रसाद के गेहूॅ की फसल के उत्पादन व उत्पादकता को जानने को लेकर क्रॉप कटिंग करायी। इस दौरान जिलाधिकारी ने कृषक के खेत मेंं पहुॅचकर स्वयं धान की कटाई भी की।1
- Post by REPORTER ANKIT1
- प्रतापगढ़ जौनपुर जनपद के बॉर्डर पर स्थित महुली गांव निवासी पन्नालाल पाल रामलाल पाल सरजू प्रसाद पाल ने अपनी 10 बोई गई गेहूं की फसल को हार्वेस्टर से कटवा लिया था। जिसका भूसा बनना अभी बाकी था। सोमवार की दोपहर करीब 2 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में फसल अवशेष में आग लग गई। जिससे 10 बीघा फसल अवशेष पशु चारा जलकर राख हो गया। आग लगने की जानकारी पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी फायर सर्विस को भी दे गई। जब तक लोग आग बुजा पाते तब तक आग फसल अवशेष को जला चुकी थी। फिलहाल फायर कर्मी मौके पर पहुंचकर पानी डालकर आग को फैलने से रोक दिया। वरना आसपास की खड़ी फसलों में आग पहुंचती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। शाम करीब 4:30 बजे आग बुझाने में लोग कामयाब हुए।1
- युवा मोर्चा ग्रेटर फरीदाबाद और व्यापारी एकता संघ खेड़ी रोड 7 तारीख सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक जीत विद्यालय निकेतन पब्लिक स्कूल में हैंडीकेट विकलांग और बुजुर्ग लोगों को समान बाटे जाएंगे1
- रायबरेली जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय महाविद्यालय हरिपुर नेहस्ता की स्थिति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार की रूसा (RUSA) योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए इस महाविद्यालय में आज 10 साल बाद भी छात्र-छात्राओं की भारी कमी बनी हुई है। हालात यह हैं कि पूरे महाविद्यालय में महज 19 छात्र ही पंजीकृत हैं, जो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। महाविद्यालय की भव्य इमारत, आधुनिक सुविधाएं और उच्च शिक्षित स्टाफ होने के बावजूद यहां सन्नाटा पसरा रहता है। कक्षाओं में छात्र नजर नहीं आते, जबकि शिक्षक और अन्य स्टाफ नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं। यह महाविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध है और यहां दो दर्जन से अधिक विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। खास बात यह है कि यहां लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित योग्य प्रोफेसर तैनात हैं, जिन्हें लाखों रुपये वेतन दिया जाता है। इसके बावजूद छात्रों की संख्या बेहद कम होना चिंता का विषय बन गया है। महाविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, जिम जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही प्रवेश शुल्क भी न्यूनतम रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र यहां दाखिला ले सकें। लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद छात्र-छात्राओं को आकर्षित करने में कॉलेज प्रशासन अब तक असफल रहा है। महाविद्यालय के स्टाफ द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान और मोटिवेशनल कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, लेकिन उनका अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है। स्थानीय स्तर पर भी यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी सुविधाओं के बावजूद छात्र इस महाविद्यालय से दूरी क्यों बना रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने, जागरूकता की कमी, परिवहन सुविधा का अभाव और निजी कॉलेजों की बढ़ती संख्या जैसे कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं। अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए, ताकि करोड़ों की लागत से बने इस महाविद्यालय का सही उपयोग हो सके और क्षेत्र के छात्रों को इसका लाभ मिल सके।3
- प्रतापगढ़। खून से लथपथ महिला सुनसान जगह मिली, महिला के गले, पेट व सिर में चाकू से हमले के निशान, सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, घायल महिला को मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती, अफसरी बानो के रूप में हुई घायल महिला की शिनाख्त, पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी, दिलीपपुर थाना के सरखेलपुर गांव का मामला,1
- जनपद के ब्लॉक क्षेत्र बाबा बेलखरनाथ धाम में स्थित प्राथमिक विद्यालय ओझला में स्कूल चलो अभियान और विद्यालय का वार्षिकोत्सव समारोह धूमधाम से मनाया गया। वार्षिकोत्सव के मुख्य अतिथि योगगुरु दुर्गेश सिंह, अध्यक्षता प्रभात कुमार मंत्री और संचालन प्रभारी डा०विनोद त्रिपाठी ने किया।1