A.K. कोचिंग सेंटर – ग्रामीण प्रतिभाओं का मजबूत आधार A.K. कोचिंग सेंटर किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस संस्थान से हर वर्ष मैट्रिक बोर्ड और 12वीं बोर्ड में सैकड़ों छात्र-छात्राएं बेहतर परिणाम लाते हैं। जनरल कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे कई छात्र अनिल कुमार सर के निर्देशन में आज सिपाही, बैंक, रेलवे सहित विभिन्न पदों पर आसीन हैं। संस्थान के निदेशक एवं शिक्षक अनिल कुमार (PG, B.Ed – गणित) न सिर्फ एक कुशल शिक्षक हैं, बल्कि सादगी और सौम्यता के प्रतीक भी हैं। जब अधिकांश शिक्षक शहरों में शिक्षा को व्यवसाय बना चुके हैं, वहीं अनिल कुमार सर आज भी गांव में रहकर ग्रामीण छात्र-छात्राओं की निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है। बुद्धुआ चक, अथमल गोला (बाढ़) स्थित यह कोचिंग सेंटर शहर के शोर-शराबे से दूर, सड़क किनारे स्वच्छ और शांत वातावरण में स्थित है, जहाँ बच्चे सुकून के साथ पढ़ाई करते हैं। यहाँ कक्षा 8 से 10 तक की पढ़ाई होती है, साथ ही I.Sc. एवं आर्ट्स सब्जेक्ट के अनुभवी शिक्षक भी उपलब्ध हैं। जनरल कॉम्पिटिशन की भी नियमित तैयारी कराई जाती है। संस्थान में बोर्ड परीक्षा हो या प्रतियोगी परीक्षा—हर स्तर पर सेट प्रैक्टिस, टेस्ट एग्जाम और साप्ताहिक मूल्यांकन की व्यवस्था है। टेस्ट में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को हर सप्ताह पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में रहकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना A.K. कोचिंग सेंटर का उद्देश्य ही नहीं, बल्कि मिशन है।
A.K. कोचिंग सेंटर – ग्रामीण प्रतिभाओं का मजबूत आधार A.K. कोचिंग सेंटर किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस संस्थान से हर वर्ष मैट्रिक बोर्ड और 12वीं बोर्ड में सैकड़ों छात्र-छात्राएं बेहतर परिणाम लाते हैं। जनरल कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे कई छात्र अनिल कुमार सर के निर्देशन में आज सिपाही, बैंक, रेलवे सहित विभिन्न पदों पर आसीन हैं। संस्थान के निदेशक एवं शिक्षक अनिल कुमार (PG, B.Ed – गणित) न सिर्फ एक कुशल शिक्षक हैं, बल्कि सादगी और सौम्यता के प्रतीक भी हैं। जब अधिकांश शिक्षक शहरों में शिक्षा को व्यवसाय बना चुके हैं, वहीं अनिल कुमार सर आज भी गांव में रहकर ग्रामीण छात्र-छात्राओं की निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है। बुद्धुआ चक, अथमल गोला (बाढ़) स्थित यह कोचिंग सेंटर शहर के शोर-शराबे से दूर, सड़क किनारे स्वच्छ और शांत वातावरण में स्थित है, जहाँ बच्चे सुकून के साथ पढ़ाई करते हैं। यहाँ कक्षा 8 से 10 तक की पढ़ाई होती है, साथ ही I.Sc. एवं आर्ट्स सब्जेक्ट के अनुभवी शिक्षक भी उपलब्ध हैं। जनरल कॉम्पिटिशन की भी नियमित तैयारी कराई जाती है। संस्थान में बोर्ड परीक्षा हो या प्रतियोगी परीक्षा—हर स्तर पर सेट प्रैक्टिस, टेस्ट एग्जाम और साप्ताहिक मूल्यांकन की व्यवस्था है। टेस्ट में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को हर सप्ताह पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में रहकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना A.K. कोचिंग सेंटर का उद्देश्य ही नहीं, बल्कि मिशन है।
- Post by JMBNEWS1
- बाढ़ उमानाथ के सौंदर्यीकरण के लिए अतिक्रमण हटाया गया1
- बिहार समस्तीपुर मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र में दशहरा फिजकल डिफेंस एकादमी ग्राउंड का जनप्रतिनिधियों ने किया उद्घाटन। दौर प्रतियोगिता प्रारंभ।1
- *Patna Hostel Case*: पुलिस अगर आरोपियों पर उचित कार्रवाई नहीं करती है तो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे।1
- Anil Paswan rashtriy adhyaksh doctor bheemrav Ambedkar Sangharsh vichar Manch1
- घाट पर अतिक्रमण हटाने आए जेसीबी को लोगों ने गाली गलौज कर खदेड़ा.1
- MPL-9 फाइनल में रोमांच की पराकाष्ठा: निम्मी ने जंगीपुर को हराकर जीती ट्रॉफी, एंकर, बिहार के नालंदा जिले में क्रिकेट का जबरदस्त रोमांच देखने को मिला, जहां ग्रामीण प्रतिभाओं ने बड़े मंच जैसा माहौल बना दिया। अस्थवां प्रखंड के निमिगांव स्थित बहादुर शाह ज़फर क्रिकेट मैदान में आयोजित MPL-9 क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेला गया। फाइनल मैच जंगीपुर बनाम निम्मी टीम के बीच हुआ, जिसमें आखिरी गेंद तक रोमांच बना रहा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निम्मी की टीम ने निर्धारित ओवरों में 155 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी जंगीपुर की टीम ने शानदार शुरुआत की, लेकिन दबाव में आकर पूरी टीम 144 रन पर ऑल आउट हो गई। इसी के साथ निम्मी की टीम ने फाइनल मुकाबला जीतकर MPL-9 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मैच के दौरान मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। चौके-छक्कों पर तालियों की गूंज और खिलाड़ियों के जज़्बे ने पूरे माहौल को यादगार बना दिया। फाइनल मैच के समापन अवसर पर जदयू के किसान प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिनयन कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि ग्रामीण और किसान परिवारों के बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का सबसे सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान देने के साथ-साथ भविष्य का रास्ता भी खोलते हैं। कार्यक्रम के अंत में विजेता निम्मी टीम और उपविजेता जंगीपुर टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन समिति और स्थानीय लोगों ने सफल आयोजन के लिए एक-दूसरे को बधाई दी।1
- A.K. कोचिंग सेंटर – ग्रामीण प्रतिभाओं का मजबूत आधार A.K. कोचिंग सेंटर किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस संस्थान से हर वर्ष मैट्रिक बोर्ड और 12वीं बोर्ड में सैकड़ों छात्र-छात्राएं बेहतर परिणाम लाते हैं। जनरल कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे कई छात्र अनिल कुमार सर के निर्देशन में आज सिपाही, बैंक, रेलवे सहित विभिन्न पदों पर आसीन हैं। संस्थान के निदेशक एवं शिक्षक अनिल कुमार (PG, B.Ed – गणित) न सिर्फ एक कुशल शिक्षक हैं, बल्कि सादगी और सौम्यता के प्रतीक भी हैं। जब अधिकांश शिक्षक शहरों में शिक्षा को व्यवसाय बना चुके हैं, वहीं अनिल कुमार सर आज भी गांव में रहकर ग्रामीण छात्र-छात्राओं की निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है। बुद्धुआ चक, अथमल गोला (बाढ़) स्थित यह कोचिंग सेंटर शहर के शोर-शराबे से दूर, सड़क किनारे स्वच्छ और शांत वातावरण में स्थित है, जहाँ बच्चे सुकून के साथ पढ़ाई करते हैं। यहाँ कक्षा 8 से 10 तक की पढ़ाई होती है, साथ ही I.Sc. एवं आर्ट्स सब्जेक्ट के अनुभवी शिक्षक भी उपलब्ध हैं। जनरल कॉम्पिटिशन की भी नियमित तैयारी कराई जाती है। संस्थान में बोर्ड परीक्षा हो या प्रतियोगी परीक्षा—हर स्तर पर सेट प्रैक्टिस, टेस्ट एग्जाम और साप्ताहिक मूल्यांकन की व्यवस्था है। टेस्ट में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को हर सप्ताह पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में रहकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना A.K. कोचिंग सेंटर का उद्देश्य ही नहीं, बल्कि मिशन है।1