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शिवपुरी के गुरुकदवाया गांव की रोशनी धाकड़ ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि खेत की फेंसिंग को लेकर हुए विवाद में उन्हें पहले कुल्हाड़ी से हमला कर घायल किया गया। इसके बाद, न्यायालय परिसर के बाहर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाते हुए उनके साथ मारपीट की गई। इस मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
रितिक परमार
शिवपुरी के गुरुकदवाया गांव की रोशनी धाकड़ ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि खेत की फेंसिंग को लेकर हुए विवाद में उन्हें पहले कुल्हाड़ी से हमला कर घायल किया गया। इसके बाद, न्यायालय परिसर के बाहर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाते हुए उनके साथ मारपीट की गई। इस मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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- करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर अपने कब्जे में लिया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया, और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई स्थानों पर सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ एक कार्यालयनुमा स्थान पर रातभर बंद रखा गया और बाद में छोड़ा गया। उनका यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने की कोशिश की गई, जिसे संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर इनकार कर दिया। इस घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का प्रयास किया है, लेकिन अब तक उन्हें कोई संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। फिलहाल ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोग प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश में आयोजित री नीट परीक्षा के दौरान समय की अत्यधिक सख्ती ने एक गंभीर मुद्दा खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे विदिशा का बताया जा रहा है, जिसमें छात्राओं को परीक्षा देने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी। यह समस्या इसलिए उत्पन्न हुई क्योंकि वे निर्धारित समय से मात्र दो मिनट अधिक हो गई थीं। यह घटना हर छात्र के लिए एक बेहद गंभीर विषय है, और ऐसी परिस्थितियों में छात्रों की स्थिति तथा चुनौतियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।1
- करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम करते थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर कब्जे में लिया और कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई जगह सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह का यह भी आरोप है कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ रखा गया और एक कार्यालयनुमा जगह पर रातभर बंद रखने के बाद छोड़ा गया। इसके अतिरिक्त, उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने का प्रयास भी किया गया, जिसे संबंधित अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया गया। घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया है, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस प्रकार की घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर बल दिया है, यह मानते हुए कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया से ही होना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। उन्होंने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, यह सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।2
- सांदीपनि विद्यालय परिसर में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को उत्साहपूर्ण माहौल के बीच उनके नवीन भवन में लाया गया और फिर कक्षाओं तक पहुँचाया गया। इस भव्य स्वागत से न केवल बच्चों में बल्कि उनके अभिभावकों और नगरवासियों में भी सांदीपनि विद्यालय के प्रति विशेष उत्साह और आकर्षण देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य धनीराम कुशवाह ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर नियमित अध्ययन करने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने की महत्वपूर्ण सीख दी। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण भी किया गया। "स्कूल चले हम" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह जगाने के साथ-साथ अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत किया है। नगर में सांदीपनि विद्यालय के प्रति लगातार बढ़ता रुझान इस सफल आयोजन की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने कुछ लोगों पर अपहरण, बंधक बनाने और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल बन गया है। पीड़ित का दावा है कि शराब ठेके से जुड़े लोगों ने उन्हें जबरन अपने कब्जे में लिया और कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर प्रताड़ित करते हुए बंधक बनाए रखा। लोकेंद्र सिंह, जो पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर थे, ने आरोप लगाया है कि उन्हें रास्ते में रोककर पीटा गया और विभिन्न जगहों पर शारीरिक यातनाएं दी गईं। उनके अनुसार, मारपीट के लिए प्लास्टिक पाइप सहित अन्य वस्तुओं का उपयोग किया गया, जिससे उनके शरीर पर चोटें और सूजन आ गईं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक कार्यालयनुमा स्थान पर पूरी रात बंद रखा गया और बाद में छोड़ा गया। साथ ही, उनके खिलाफ एक झूठा मामला दर्ज कराने का भी प्रयास किया गया, जिसे संबंधित अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया। इस घटना के बाद, लोकेंद्र सिंह ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से उनके परिजनों और समर्थकों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराने, घटनास्थलों की जांच करने, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाने की अपील की है ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनकी मांग है कि आरोपों के सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि इस समाचार में वर्णित सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- जुगहा में शराब ठेकेदार आमोल और उसके गुर्गों ने ठाकुर समाज के एक व्यक्ति के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की है। इस गंभीर घटना को लेकर क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है, खासकर पुलिस प्रशासन के प्रति। आरोप है कि पुलिस इस मामले में मिलीभगत कर रही है और इतनी बड़ी घटना के बावजूद कोई सुनवाई नहीं कर रही है। ठेकेदार और उसके गुर्गों को चेतावनी दी गई है कि उन्हें इस क्रूर कृत्य का भुगतान करना होगा। क्षेत्र के समाज जन को तैयार रहने के लिए कहा गया है कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो ऐसे लोगों को 'कुत्ते की तरह दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जाएगा'। समुदाय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि पुलिस कल तक सुनवाई नहीं करती है, तो सभी भाई तैयार रहें।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में खाकी को दागदार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक अनजान शहर में रास्ता पूछना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उससे ₹8000 की रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर पुलिसकर्मियों ने उसे जेल भेजने की धमकी भी दी, जिससे पुलिस की छवि पर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत करई के सचिव अशोक रावत को जनमन आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।1
- एक दुखद खबर सामने आई है कि एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई है। इस घटना के कारण पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल है।1