सांदीपनि विद्यालय परिसर में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को उत्साहपूर्ण माहौल के बीच उनके नवीन भवन में लाया गया और फिर कक्षाओं तक पहुँचाया गया। इस भव्य स्वागत से न केवल बच्चों में बल्कि उनके अभिभावकों और नगरवासियों में भी सांदीपनि विद्यालय के प्रति विशेष उत्साह और आकर्षण देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य धनीराम कुशवाह ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर नियमित अध्ययन करने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने की महत्वपूर्ण सीख दी। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण भी किया गया। "स्कूल चले हम" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह जगाने के साथ-साथ अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत किया है। नगर में सांदीपनि विद्यालय के प्रति लगातार बढ़ता रुझान इस सफल आयोजन की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
सांदीपनि विद्यालय परिसर में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को उत्साहपूर्ण माहौल के बीच उनके नवीन भवन में लाया गया और फिर कक्षाओं तक पहुँचाया गया। इस भव्य स्वागत से न केवल बच्चों में बल्कि उनके अभिभावकों और नगरवासियों में भी सांदीपनि विद्यालय के प्रति विशेष उत्साह और आकर्षण देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य धनीराम कुशवाह ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर नियमित अध्ययन करने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने की महत्वपूर्ण सीख दी। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण भी किया गया। "स्कूल चले हम" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह जगाने के साथ-साथ अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत किया है। नगर में सांदीपनि विद्यालय के प्रति लगातार बढ़ता रुझान इस सफल आयोजन की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
- सांदीपनि विद्यालय परिसर में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को उत्साहपूर्ण माहौल के बीच उनके नवीन भवन में लाया गया और फिर कक्षाओं तक पहुँचाया गया। इस भव्य स्वागत से न केवल बच्चों में बल्कि उनके अभिभावकों और नगरवासियों में भी सांदीपनि विद्यालय के प्रति विशेष उत्साह और आकर्षण देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य धनीराम कुशवाह ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर नियमित अध्ययन करने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने की महत्वपूर्ण सीख दी। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण भी किया गया। "स्कूल चले हम" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह जगाने के साथ-साथ अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत किया है। नगर में सांदीपनि विद्यालय के प्रति लगातार बढ़ता रुझान इस सफल आयोजन की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- भितरवार से विधायक मोहन सिंह राठौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई कथित बदसलूकी के लिए आम जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक के इस विनम्र व्यवहार की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। यह घटना तब हुई जब एक किसान का ट्रैक्टर सड़क पर पलट जाने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी। विधायक मोहन सिंह राठौड़ स्वयं मौके पर मौजूद थे और यातायात को सुचारू कराने तथा लोगों को समझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके सुरक्षा गार्डों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विधायक के दो गनरों ने आम लोगों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक से यह कहते हुए सुनाई देता है कि "आप हमारे विधायक हैं, अपने गार्डों को समझाइए।" इसके तत्काल बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने स्थिति को संभाला और हाथ जोड़कर जनता से कहा कि यदि उनके गार्डों से कोई गलती हुई है तो वे उनकी ओर से माफी मांगते हैं। विधायक के इस आचरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि गलती चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकार कर जनता से क्षमा मांगना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। "जनता सर्वोपरि है, और जनता का सम्मान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है" — इसी संदेश के साथ विधायक मोहन सिंह राठौड़ का यह वीडियो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- जुगहा में शराब ठेकेदार आमोल और उसके गुर्गों ने ठाकुर समाज के एक व्यक्ति के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की है। इस गंभीर घटना को लेकर क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है, खासकर पुलिस प्रशासन के प्रति। आरोप है कि पुलिस इस मामले में मिलीभगत कर रही है और इतनी बड़ी घटना के बावजूद कोई सुनवाई नहीं कर रही है। ठेकेदार और उसके गुर्गों को चेतावनी दी गई है कि उन्हें इस क्रूर कृत्य का भुगतान करना होगा। क्षेत्र के समाज जन को तैयार रहने के लिए कहा गया है कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो ऐसे लोगों को 'कुत्ते की तरह दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जाएगा'। समुदाय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि पुलिस कल तक सुनवाई नहीं करती है, तो सभी भाई तैयार रहें।1
- जुगहा क्षेत्र में ठाकुर समाज के एक व्यक्ति के साथ कथित क्रूर मारपीट की घटना सामने आई है, जिसने इलाके के लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। क्षेत्रवासियों की प्रबल मांग है कि यदि इस घटना में आमोल शराब ठेकेदार और उसके सहयोगियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो प्रशासन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।1
- शिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील के वृत्त गोवर्धन अंतर्गत रायपुर स्थित पार्वती नदी में अवैध रेत उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि इस गंभीर मामले पर बैराड के फील्ड अधिकारी नायब तहसीलदार अजय परसेडिया का ध्यान नहीं जा रहा है, जिससे यह गतिविधि बेरोकटोक चल रही है।1
- शिवपुरी जिले के नरवर की अनाज मंडी से 389 क्विंटल गेहूं से भरा एक ट्रक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। ट्रक के साथ उसके चालक का भी कोई पता नहीं चल पा रहा है, जिसके बाद व्यापारी ने नरवर थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, नरवर स्थित मैसर्स हरीशंकर नीरज कुमार फर्म के प्रोपराइटर हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी फर्म का 389 क्विंटल गेहूं ट्रक क्रमांक RJ11GD4058 में लोड कर 16 जून की रात 9:40 बजे नरवर से उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित कंसल फूड इंडस्ट्रीज के लिए रवाना किया गया था। यह ट्रक अजय रामेश्वरपुरी गोस्वामी के नाम पर पंजीकृत है और स्वयं अजय गोस्वामी ही वाहन चला रहा था। चालक से 17 जून की शाम तक संपर्क बना रहा, लेकिन उसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और ट्रक भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा। व्यापारी को 19 जून को जानकारी मिली कि ट्रक का अंतिम टोल मालनपुर, मुरैना में कटा था। इसके बाद से ट्रक और चालक के संबंध में कोई सूचना नहीं मिल सकी है। ट्रक में भरे गेहूं की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। फर्म संचालक हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस से मामले की जांच कर ट्रक और उसमें भरे गेहूं की बरामदगी कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली का एक मामला सामने आया है। सहायक अधीक्षक डॉ. एम. एल. माहौर के वाहन से 'चेकिंग' के नाम पर ₹50 का शुल्क लिया गया, जिसे पार्किंग शुल्क बताया गया है। इस घटना ने अस्पताल परिसर में होने वाली शुल्क वसूली की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में मांग की गई है कि यदि यह वसूली निर्धारित नियमों, शर्तों और वैध रसीद के बिना की गई है, तो यह एक गंभीर विषय है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अस्पताल परिसर में कर्मचारियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से की जाने वाली किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नियमों के अनुरूप और पूर्णतः पारदर्शी हो। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि पार्किंग शुल्क की वसूली निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जा रही है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। जनहित में यह अपेक्षा भी की गई है कि भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था और शुल्क संबंधी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।1
- लखनऊ में एक लाइब्रेरी में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की भयावहता के चलते कई छात्र-छात्राओं को अपनी जान बचाने के लिए ऊपर से कूदना पड़ा। सूचना मिलते ही बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया, जो अभी भी जारी है।1