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करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर अपने कब्जे में लिया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया, और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई स्थानों पर सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ एक कार्यालयनुमा स्थान पर रातभर बंद रखा गया और बाद में छोड़ा गया। उनका यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने की कोशिश की गई, जिसे संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर इनकार कर दिया। इस घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का प्रयास किया है, लेकिन अब तक उन्हें कोई संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। फिलहाल ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोग प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

4 hrs ago
user_रितिक परमार
रितिक परमार
Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर अपने कब्जे में लिया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया, और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई स्थानों पर सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ एक कार्यालयनुमा स्थान पर रातभर बंद रखा गया और बाद में छोड़ा गया। उनका यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने की कोशिश की गई, जिसे संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर इनकार कर दिया। इस घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का प्रयास किया है, लेकिन अब तक उन्हें कोई संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। फिलहाल ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोग प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

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  • शिवपुरी के गुरुकदवाया गांव की रोशनी धाकड़ ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि खेत की फेंसिंग को लेकर हुए विवाद में उन्हें पहले कुल्हाड़ी से हमला कर घायल किया गया। इसके बाद, न्यायालय परिसर के बाहर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाते हुए उनके साथ मारपीट की गई। इस मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    शिवपुरी के गुरुकदवाया गांव की रोशनी धाकड़ ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि खेत की फेंसिंग को लेकर हुए विवाद में उन्हें पहले कुल्हाड़ी से हमला कर घायल किया गया। इसके बाद, न्यायालय परिसर के बाहर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाते हुए उनके साथ मारपीट की गई।

इस मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_रितिक परमार
    रितिक परमार
    Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    30 min ago
  • शिवपुरी जिले के करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। लोकेंद्र सिंह का आरोप है कि शराब ठेके से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट की, उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा। उन्होंने बताया कि पूर्व में वह एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें रास्ते में रोका, अपने कब्जे में लिया और मारपीट शुरू कर दी, जिसमें प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया। इससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें और सूजन आई हैं। लोकेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें एक कार्यालयनुमा स्थान पर रातभर बंद रखा गया और घंटों तक उनकी मर्जी के खिलाफ रखा गया। उनका यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने का प्रयास किया गया, जिसे संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर इनकार कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों, जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की गई है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया जाए तथा मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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    शिवपुरी जिले के करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। लोकेंद्र सिंह का आरोप है कि शराब ठेके से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट की, उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा। उन्होंने बताया कि पूर्व में वह एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं।

पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें रास्ते में रोका, अपने कब्जे में लिया और मारपीट शुरू कर दी, जिसमें प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया। इससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें और सूजन आई हैं। लोकेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें एक कार्यालयनुमा स्थान पर रातभर बंद रखा गया और घंटों तक उनकी मर्जी के खिलाफ रखा गया। उनका यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने का प्रयास किया गया, जिसे संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर इनकार कर दिया।

इस घटना के बाद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों, जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की गई है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया जाए तथा मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Jeetu gour thakur daily report
    Jeetu gour thakur daily report
    Insurance Agent शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया जी द्वारा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत, 21 जून को सतनवाड़ा थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को रुधियापुरा के तालाब के छर्रा के पास से गिरफ्तार किया, जिसके पास से कुल 70 लीटर अवैध हाथ भट्टी की बनी कच्ची शराब जब्त की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति रुधियापुरा के तालाब के छर्रा के पास हाथ भट्टी की कच्ची शराब बेचने के लिए खड़ा है। सूचना की तस्दीक के लिए मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने तालाब के छर्रा के पास एक व्यक्ति को नीले रंग के ड्रम और सफेद रंग की कैन के साथ बैठा देखा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा और पूछताछ में उसने अपना नाम अभिषेक गुरुवर पुत्र ओमप्रकाश, निवासी आदिवासी बस्ती ग्राम काँकर, थाना सतनवाडा, जिला शिवपुरी बताया। आरोपी के कब्जे से 50 लीटर क्षमता वाले नीले ड्रम में 50 लीटर और 20 लीटर क्षमता वाली सफेद कैन में 20 लीटर, कुल 70 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹7000 है। अभिषेक गुरुवर के पास इस अवैध शराब को रखने, बेचने या लाने-ले जाने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। उसके इस कृत्य को धारा 34(2) आवकारी एक्ट के तहत दंडनीय पाया गया। इसके बाद, सतनवाड़ा पुलिस ने 70 लीटर अवैध शराब को जब्त कर आरोपी अभिषेक गुरुवर को विधिवत गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 85/26 के तहत धारा 34(2) आवकारी एक्ट के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई है, और आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
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    पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया जी द्वारा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत, 21 जून को सतनवाड़ा थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को रुधियापुरा के तालाब के छर्रा के पास से गिरफ्तार किया, जिसके पास से कुल 70 लीटर अवैध हाथ भट्टी की बनी कच्ची शराब जब्त की गई।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति रुधियापुरा के तालाब के छर्रा के पास हाथ भट्टी की कच्ची शराब बेचने के लिए खड़ा है। सूचना की तस्दीक के लिए मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने तालाब के छर्रा के पास एक व्यक्ति को नीले रंग के ड्रम और सफेद रंग की कैन के साथ बैठा देखा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा और पूछताछ में उसने अपना नाम अभिषेक गुरुवर पुत्र ओमप्रकाश, निवासी आदिवासी बस्ती ग्राम काँकर, थाना सतनवाडा, जिला शिवपुरी बताया। आरोपी के कब्जे से 50 लीटर क्षमता वाले नीले ड्रम में 50 लीटर और 20 लीटर क्षमता वाली सफेद कैन में 20 लीटर, कुल 70 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹7000 है।

अभिषेक गुरुवर के पास इस अवैध शराब को रखने, बेचने या लाने-ले जाने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। उसके इस कृत्य को धारा 34(2) आवकारी एक्ट के तहत दंडनीय पाया गया। इसके बाद, सतनवाड़ा पुलिस ने 70 लीटर अवैध शराब को जब्त कर आरोपी अभिषेक गुरुवर को विधिवत गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 85/26 के तहत धारा 34(2) आवकारी एक्ट के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई है, और आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
    user_Kuldeep gupta
    Kuldeep gupta
    पत्रकारिता शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जुगहा क्षेत्र में ठाकुर समाज के एक व्यक्ति के साथ कथित क्रूर मारपीट की घटना सामने आई है, जिसने इलाके के लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। क्षेत्रवासियों की प्रबल मांग है कि यदि इस घटना में आमोल शराब ठेकेदार और उसके सहयोगियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो प्रशासन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
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    जुगहा क्षेत्र में ठाकुर समाज के एक व्यक्ति के साथ कथित क्रूर मारपीट की घटना सामने आई है, जिसने इलाके के लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। क्षेत्रवासियों की प्रबल मांग है कि यदि इस घटना में आमोल शराब ठेकेदार और उसके सहयोगियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो प्रशासन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
    user_अशोक पत्रकार शिवपुरी न्यूज़ 🙏
    अशोक पत्रकार शिवपुरी न्यूज़ 🙏
    शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • शिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील के वृत्त गोवर्धन अंतर्गत रायपुर स्थित पार्वती नदी में अवैध रेत उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि इस गंभीर मामले पर बैराड के फील्ड अधिकारी नायब तहसीलदार अजय परसेडिया का ध्यान नहीं जा रहा है, जिससे यह गतिविधि बेरोकटोक चल रही है।
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    शिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील के वृत्त गोवर्धन अंतर्गत रायपुर स्थित पार्वती नदी में अवैध रेत उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि इस गंभीर मामले पर बैराड के फील्ड अधिकारी नायब तहसीलदार अजय परसेडिया का ध्यान नहीं जा रहा है, जिससे यह गतिविधि बेरोकटोक चल रही है।
    user_Patarkar Shailendra dhakad
    Patarkar Shailendra dhakad
    शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • शिवपुरी जिले के नरवर की अनाज मंडी से 389 क्विंटल गेहूं से भरा एक ट्रक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। ट्रक के साथ उसके चालक का भी कोई पता नहीं चल पा रहा है, जिसके बाद व्यापारी ने नरवर थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, नरवर स्थित मैसर्स हरीशंकर नीरज कुमार फर्म के प्रोपराइटर हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी फर्म का 389 क्विंटल गेहूं ट्रक क्रमांक RJ11GD4058 में लोड कर 16 जून की रात 9:40 बजे नरवर से उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित कंसल फूड इंडस्ट्रीज के लिए रवाना किया गया था। यह ट्रक अजय रामेश्वरपुरी गोस्वामी के नाम पर पंजीकृत है और स्वयं अजय गोस्वामी ही वाहन चला रहा था। चालक से 17 जून की शाम तक संपर्क बना रहा, लेकिन उसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और ट्रक भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा। व्यापारी को 19 जून को जानकारी मिली कि ट्रक का अंतिम टोल मालनपुर, मुरैना में कटा था। इसके बाद से ट्रक और चालक के संबंध में कोई सूचना नहीं मिल सकी है। ट्रक में भरे गेहूं की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। फर्म संचालक हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस से मामले की जांच कर ट्रक और उसमें भरे गेहूं की बरामदगी कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    शिवपुरी जिले के नरवर की अनाज मंडी से 389 क्विंटल गेहूं से भरा एक ट्रक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। ट्रक के साथ उसके चालक का भी कोई पता नहीं चल पा रहा है, जिसके बाद व्यापारी ने नरवर थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, नरवर स्थित मैसर्स हरीशंकर नीरज कुमार फर्म के प्रोपराइटर हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी फर्म का 389 क्विंटल गेहूं ट्रक क्रमांक RJ11GD4058 में लोड कर 16 जून की रात 9:40 बजे नरवर से उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित कंसल फूड इंडस्ट्रीज के लिए रवाना किया गया था। यह ट्रक अजय रामेश्वरपुरी गोस्वामी के नाम पर पंजीकृत है और स्वयं अजय गोस्वामी ही वाहन चला रहा था। चालक से 17 जून की शाम तक संपर्क बना रहा, लेकिन उसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और ट्रक भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा।

व्यापारी को 19 जून को जानकारी मिली कि ट्रक का अंतिम टोल मालनपुर, मुरैना में कटा था। इसके बाद से ट्रक और चालक के संबंध में कोई सूचना नहीं मिल सकी है। ट्रक में भरे गेहूं की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। फर्म संचालक हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस से मामले की जांच कर ट्रक और उसमें भरे गेहूं की बरामदगी कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Insideshivpuri
    Insideshivpuri
    Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शिवपुरी में खाकी को दागदार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक अनजान शहर में रास्ता पूछना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उससे ₹8000 की रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर पुलिसकर्मियों ने उसे जेल भेजने की धमकी भी दी, जिससे पुलिस की छवि पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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    मध्य प्रदेश के शिवपुरी में खाकी को दागदार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक अनजान शहर में रास्ता पूछना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उससे ₹8000 की रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर पुलिसकर्मियों ने उसे जेल भेजने की धमकी भी दी, जिससे पुलिस की छवि पर सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_उमाशंकर कुशवाहा
    उमाशंकर कुशवाहा
    Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर अपने कब्जे में लिया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया, और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई स्थानों पर सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ एक कार्यालयनुमा स्थान पर रातभर बंद रखा गया और बाद में छोड़ा गया। उनका यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने की कोशिश की गई, जिसे संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर इनकार कर दिया। इस घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का प्रयास किया है, लेकिन अब तक उन्हें कोई संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। फिलहाल ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोग प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
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    करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर अपने कब्जे में लिया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया, और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई स्थानों पर सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ एक कार्यालयनुमा स्थान पर रातभर बंद रखा गया और बाद में छोड़ा गया। उनका यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने की कोशिश की गई, जिसे संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर इनकार कर दिया।

इस घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का प्रयास किया है, लेकिन अब तक उन्हें कोई संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।

फिलहाल ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोग प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
    user_रितिक परमार
    रितिक परमार
    Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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