आरा शहर का ऐतिहासिक वीर कुंवर सिंह रमना मैदान इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। मैदान में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और कचरे का अंबार लगा है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण यहां आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें नाराजगी देखी जा रही है। मैदान की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां आने वाले लोगों के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। सुबह-शाम टहलने वाले, खेलकूद करने वाले युवा और विभिन्न आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को इस कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह के द्वारा इस रमना मैदान का सौंदर्यीकरण कराया गया था और कृत्रिम घास लगाए गए थे, लेकिन अब सभी घास खराब हो गए हैं। ऐतिहासिक वीर कुंवर सिंह रमना मैदान में गंदगी और शौचालय की अनुपस्थिति अभी भी एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।
आरा शहर का ऐतिहासिक वीर कुंवर सिंह रमना मैदान इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। मैदान में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और कचरे का अंबार लगा है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण यहां आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें नाराजगी देखी जा रही है। मैदान की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां आने वाले लोगों के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। सुबह-शाम टहलने वाले, खेलकूद करने वाले युवा और विभिन्न आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को इस कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह के द्वारा इस रमना मैदान का सौंदर्यीकरण कराया गया था और कृत्रिम घास लगाए गए थे, लेकिन अब सभी घास खराब हो गए हैं। ऐतिहासिक वीर कुंवर सिंह रमना मैदान में गंदगी और शौचालय की अनुपस्थिति अभी भी एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।
- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार पर मनरेगा योजना को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनरेगा के तहत लोगों को मिलने वाले लाभ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो गया था, जिस पर कड़ी कार्रवाई होना अत्यंत आवश्यक है। चिराग पासवान ने इस बयान को 'बड़ा बयान' बताया। इसी क्रम में, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आगामी 3 जुलाई को बिलौटी में भरत तिवारी के घर जाएंगे।1
- बिहार के भोजपुर जिले के बारा बसंतपुर में एक भव्य गंगा महाआरती का आयोजन हुआ, जिसने पूरे गांव में एक अद्भुत समां बांध दिया। इस दौरान, दीपों की रोशनी से पूरा गांव जगमगा उठा और वैदिक मंत्रों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया।1
- आरा जिले के जगदीशपुर प्रखंड के तुलसी गांव में राष्ट्र की सुरक्षा को समर्पित और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत सेवानिवृत्त कैप्टन स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह की पहली पुण्यतिथि पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर भोजपुरी एवं बक्सर के विधान पार्षद सदस्य सोनू कुमार राय और अन्य गण्यमान्य अतिथियों द्वारा विधिवत रूप से प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधान पार्षद सोनू कुमार राय ने इसे अपने लिए एक सुखद अनुभूति और सौभाग्य बताया कि उन्हें देश सेवा के लिए समर्पित ऐसे वीर सैनिक की प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि कैप्टन लक्ष्मण सिंह जैसे सैनिक ही देश की सीमाओं की सेवा करते हैं, और उनके परिवार ने उनकी प्रतिमा को घर के सामने लगाकर एक अनुकरणीय कार्य किया है, ताकि इसे देखकर युवा उनसे प्रेरणा ले सकें। राय ने बताया कि कैप्टन लक्ष्मण सिंह के अंदर देश सेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा था, और काफी समय तक देश की सेवा करने के उपरांत पिछले वर्ष वह गोलोकवासी हो गए। इस मौके पर भोजपुरी के कई नामी कलाकारों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रतिमा अनावरण समारोह में आसपास के इलाके से काफी संख्या में लोग उपस्थित थे, और सभी ने कैप्टन लक्ष्मण सिंह को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।4
- आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीजों को चरणबद्ध उपचार प्रदान किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बेहतर और स्थाई इलाज मिल रहा है। 'डॉ दिव्य प्रकाश थेरेपी' इस बात पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है कि उपचार केवल दर्द कम करने तक सीमित न रहे, बल्कि मरीजों की पूरी रिकवरी पर भी केंद्रित हो। इस पद्धति के तहत, आधुनिक फिजियोथेरेपी का उपयोग करके दर्द में राहत के साथ-साथ सही रिकवरी भी संभव हो पाती है। यह थेरेपी हर मरीज के लिए एक अलग योजना और चरणबद्ध इलाज पर आधारित एक विशिष्ट पद्धति का पालन करती है।1
- भोजपुर जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र के मनाचक गांव में बुधवार देर रात एक घर में अचानक आग लगने से भीषण अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेज़ थी कि देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, और इसी दौरान घर में रखा रसोई गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे आग और भी विकराल हो गई। इस दर्दनाक घटना में मनाचक निवासी गोवर्धन राय का पूरा घर जलकर राख हो गया। अगलगी में घर में रखे जेवरात, नकद रुपये, अनाज, बर्तन, कपड़े, फर्नीचर सहित दैनिक उपयोग का सारा सामान नष्ट हो गया, जिससे परिवार को लाखों रुपये की क्षति होने की आशंका है। आग की चपेट में आने से गोवर्धन राय की पत्नी संझारो देवी झुलसकर घायल हो गईं। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ उनका उपचार किया गया। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से जल्द से जल्द क्षति का आकलन कर आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।4
- काॅंटी थर्मल पावर प्लांट में ऐश टैंक के चोक होने और लगातार भरा रहने से कभी भी कोई बड़ी घटना घटित होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्लांट में काम करने वाले मजदूरों में इस स्थिति को लेकर गहरे भय का माहौल है। अपनी नौकरी जाने के डर से मजदूर खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन वे श्रम विभाग और प्रदूषण विभाग पर थर्मल प्लांट की सही ढंग से निगरानी न करने का सीधा आरोप लगा रहे हैं। मजदूरों का दावा है कि शायद थर्मल प्लांट से बिहार सरकार के प्रशासन कमीशन लेते हैं, और नेताओं के साथ मिलकर वे मजदूरों के जानलेवा कार्य परिस्थितियों को जानबूझकर अनदेखा करते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है।1
- आरा शहर का ऐतिहासिक वीर कुंवर सिंह रमना मैदान इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। मैदान में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और कचरे का अंबार लगा है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण यहां आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें नाराजगी देखी जा रही है। मैदान की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां आने वाले लोगों के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। सुबह-शाम टहलने वाले, खेलकूद करने वाले युवा और विभिन्न आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को इस कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह के द्वारा इस रमना मैदान का सौंदर्यीकरण कराया गया था और कृत्रिम घास लगाए गए थे, लेकिन अब सभी घास खराब हो गए हैं। ऐतिहासिक वीर कुंवर सिंह रमना मैदान में गंदगी और शौचालय की अनुपस्थिति अभी भी एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।1
- रेत से बनाई गई भरत भूषण तिवारी की एक तस्वीर सामने आई है। यह कलाकृति इतनी सजीव प्रतीत होती है, मानो यह स्वयं कुछ कह रही हो।1