कल जो कहा आज वो किया: सीएम डॉ. मोहन यादव अचानक पहुंचे गेहूं उपार्जन केंद्र, किसानों से किया संवाद कल जो कहा आज वो किया: सीएम डॉ. मोहन यादव अचानक पहुंचे गेहूं उपार्जन केंद्र, किसानों से किया संवाद खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र पहुंचे प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा केंद्र से संबंधित लोगों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश भोपाल/खरगोन। किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल यानी 29 अप्रैल को जो कहा था, वैसा ही 30 अप्रैल को किया। उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं। और, हुआ भी यही। वे आज सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर में 29 अप्रैल को रात्रि विश्राम किया था। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।
कल जो कहा आज वो किया: सीएम डॉ. मोहन यादव अचानक पहुंचे गेहूं उपार्जन केंद्र, किसानों से किया संवाद कल जो कहा आज वो किया: सीएम डॉ. मोहन यादव अचानक पहुंचे गेहूं उपार्जन केंद्र, किसानों से किया संवाद खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र पहुंचे प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा केंद्र से संबंधित लोगों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश भोपाल/खरगोन। किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल यानी 29 अप्रैल को जो कहा था, वैसा ही 30 अप्रैल को किया। उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं। और, हुआ भी यही। वे आज सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर में 29 अप्रैल को रात्रि विश्राम किया था। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।
- मध्य प्रदेश के धार जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन के पलटने से 15 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह हादसा धार जिले के चिकलिया इलाके में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास बुधवार शाम करीब 8:30 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक, लगभग 30 से 35 मजदूर सवार थे। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि कई लोग वाहन के नीचे दब गए और मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर ओवरलोडिंग को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ऐसी घटनाएं एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन पर सवाल खड़े करती हैं।1
- कल जो कहा आज वो किया: सीएम डॉ. मोहन यादव अचानक पहुंचे गेहूं उपार्जन केंद्र, किसानों से किया संवाद खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र पहुंचे प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा केंद्र से संबंधित लोगों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश भोपाल/खरगोन। किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल यानी 29 अप्रैल को जो कहा था, वैसा ही 30 अप्रैल को किया। उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं। और, हुआ भी यही। वे आज सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर में 29 अप्रैल को रात्रि विश्राम किया था। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।1
- Post by प्रशांत पटैल1
- कान्हा में टाइगर की रहस्यमयी मौतें, ग्रामीणों ने बयां किया दर्दनाक मंजर1
- नाले में गिरने से बुजुर्ग की मौत, किंदरई थाना क्षेत्र का मामला किंदरई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोकलथाना में एक बुजुर्ग की नाले में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना बुधवार, 29 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 11:00 बजे की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रतनलाल पन्द्रे (उम्र 75 वर्ष), पिता स्वर्गीय रामा पन्द्रे, निवासी ग्राम गोकलथाना किसी कार्य से घर से निकाला था। इसी दौरान पास के नाले में गिर गया बताया जा रहा है कि नाले में पानी अधिक होने के कारण बाहर नहीं निकल सका और डूबने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही किंदरई थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए मर्ग कायम कर लिया है और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, घटना पूरी तरह दुर्घटनावश हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है1
- अब तिघरा मोड मेंन रोड से जुड़े एक पुराने मकान में में स्थापित की जा रही दुकान1
- मंडला जिले से कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस विभाग ने अपराधों पर सख्ती और बेहतर नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति बनाई है। गुरुवार को शाम 4 बजे पुलिस कंट्रोल रूम मंडला में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर की कानून व्यवस्था, लंबित प्रकरणों और विशेष अभियानों की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने की। इस दौरान उन्होंने जिले के लंबित महिला एवं पुरुष मर्ग प्रकरणों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों, गंभीर अपराधों, लंबित चालान, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित विवेचनाओं की विस्तार से समीक्षा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि लंबित अपराधों का त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को न्याय समय पर मिल सके। बैठक में 26 अप्रैल से संचालित विशेष हेलमेट अनिवार्यता अभियान की भी समीक्षा की गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लगातार वाहन चेकिंग, यातायात जागरूकता अभियान और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई, ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें और हादसों में कमी आए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने NDPS एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ विवेचना करने और साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस बैठक में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा, एसडीओपी बिछिया सौरभ तिवारी, एसडीओपी नैनपुर मनीष राज, एसडीओपी निवास पी.एस. वालरे सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।1
- वन विभाग की अनदेखी: ग्रामीणों में गहराता रोष प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण हेतु संवाद की मांग मंडला। कान्हा नेशनल पार्क के बफर जोन में वन विभाग और ग्रामीणों के बीच तालमेल की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि विभाग द्वारा बैठकों का आयोजन नहीं किए जाने से बाघों के संरक्षण और क्षेत्र के विकास में बाधा आ रही है। ग्रामीणों ने पारदर्शिता और बेहतर संवाद की अपील की है। जनपद सदस्य, वन समिति अध्यक्ष1
- मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बिछिया में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कुल 126 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प कार्यक्रम एकीकृत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जहां जनजातीय परंपराओं और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह संस्कार सम्पन्न कराए गए। वहीं सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हुए 2 मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि बेटियां अब बोझ नहीं बल्कि समाज की शक्ति हैं। कार्यक्रम के दौरान मंत्री उइके का आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला, जब वे ढोल-नगाड़ों की धुन पर बारातियों के साथ थिरकती नजर आईं, जिससे पूरा माहौल उत्साह से भर गया। वहीं मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कृतियों का संगम होता है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आपसी विश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीने की सीख दी। बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने भी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए नशे से दूर रहने और सुखमय वैवाहिक जीवन जीने का संदेश दिया। समारोह के दौरान हितग्राहियों को 49 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।1