धौरहरा में सियासी भूचाल! मंच से निकले शब्द बने जनता के ज़ख्म! “सभी विकास कार्य रोककर गाड़ी खरीदी है… दबदबा जरूरी है…” धौरहरा में सियासी भूचाल! मंच से निकले शब्द बने जनता के ज़ख्म! “सभी विकास कार्य रोककर गाड़ी खरीदी है… दबदबा जरूरी है…” सवाल अब सीधा है — क्या जनता के टैक्स का पैसा “दबदबा” बनाने के लिए है? क्या सड़कों, अस्पतालों, शिक्षा से बड़ा अब “रुतबा” हो गया? क्या विकास सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गया? इस बयान ने धौरहरा की जनता के दिल में आग लगा दी है सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, लोगों में उबाल चरम पर जनता अब खामोश नहीं है… वो पूछ रही है — जवाबदेही कब तय होगी? क्या ऐसे बयानों पर कार्रवाई होगी या फिर सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा? याद रखिए… कुर्सी जनता देती है, और जब जनता सवाल पूछती है तो “दबदबा” नहीं, जवाब देना पड़ता है हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्र शन्नो आचार्य 8601660864
धौरहरा में सियासी भूचाल! मंच से निकले शब्द बने जनता के ज़ख्म! “सभी विकास कार्य रोककर गाड़ी खरीदी है… दबदबा जरूरी है…” धौरहरा में सियासी भूचाल! मंच से निकले शब्द बने जनता के ज़ख्म! “सभी विकास कार्य रोककर गाड़ी खरीदी है… दबदबा जरूरी है…” सवाल अब सीधा है — क्या जनता के टैक्स का पैसा “दबदबा” बनाने के लिए है? क्या सड़कों, अस्पतालों, शिक्षा से बड़ा अब “रुतबा” हो गया? क्या विकास सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गया? इस बयान ने धौरहरा की जनता के दिल में आग लगा दी है सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, लोगों में उबाल चरम पर जनता अब खामोश नहीं है… वो पूछ रही है — जवाबदेही कब तय होगी? क्या ऐसे बयानों पर कार्रवाई होगी या फिर सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा? याद रखिए… कुर्सी जनता देती है, और जब जनता सवाल पूछती है तो “दबदबा” नहीं, जवाब देना पड़ता है हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्र शन्नो आचार्य 8601660864
- उन्होंने कहा, 'ट्रंप को समझना होगा कि यह क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए कब्रिस्तान बन जाएगा।'1
- धौरहरा में सियासी भूचाल! मंच से निकले शब्द बने जनता के ज़ख्म! “सभी विकास कार्य रोककर गाड़ी खरीदी है… दबदबा जरूरी है…” सवाल अब सीधा है — क्या जनता के टैक्स का पैसा “दबदबा” बनाने के लिए है? क्या सड़कों, अस्पतालों, शिक्षा से बड़ा अब “रुतबा” हो गया? क्या विकास सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गया? इस बयान ने धौरहरा की जनता के दिल में आग लगा दी है सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, लोगों में उबाल चरम पर जनता अब खामोश नहीं है… वो पूछ रही है — जवाबदेही कब तय होगी? क्या ऐसे बयानों पर कार्रवाई होगी या फिर सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा? याद रखिए… कुर्सी जनता देती है, और जब जनता सवाल पूछती है तो “दबदबा” नहीं, जवाब देना पड़ता है हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्र शन्नो आचार्य 86016608641
- लखीमपुर खीरी में न्याय या अन्याय? आदेश के बाद उजड़ा गरीब का घर, परिवार टंकी पर चढ़ा — बच्चों के सिर से छत छिनी लखीमपुर खीरी। जिले में सोमवार को एक ऐसा दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और न्यायिक आदेशों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। न्यायालय के आदेश के बाद जब घर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई तो हसनपुर कटौली निवासी बृजेश सिंह का परिवार पूरी तरह टूट गया। बताया जा रहा है कि घर गिराए जाने की खबर मिलते ही बृजेश सिंह अपने परिवार के सात सदस्यों के साथ पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए। परिवार के साथ खड़े बृजेश सिंह का साफ कहना था— “अगर हमें रहने के लिए जमीन नहीं दी गई तो हम यहीं से कूदकर आत्महत्या कर लेंगे।” इस घटना की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया। एक तरफ न्यायालय के आदेश का दबाव था, तो दूसरी तरफ एक पूरे परिवार की जान दांव पर लगी हुई थी। काफी देर तक चले समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार प्रशासन को बृजेश सिंह की मांग माननी पड़ी। प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद ही परिवार टंकी से नीचे उतरा। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब बुलडोजर चला तो एक घर ही नहीं टूटा, बल्कि कई मासूम बच्चों के सिर से छत छिन गई। वही बच्चे, जिन्होंने शायद अभी तक यह भी नहीं समझा कि अदालत के आदेश और प्रशासनिक कार्रवाई क्या होती है। उनके लिए तो बस इतना सच है— कल तक जहां उनका घर था, आज वहां मलबा पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते परिवार को आश्वासन न दिया जाता तो यह मामला एक भयानक त्रासदी में बदल सकता था। सबसे बड़ा सवाल अब यही उठ रहा है— क्या किसी आदेश को लागू करते समय यह नहीं सोचा जाना चाहिए कि उसके पीछे एक परिवार, मासूम बच्चे और उनकी जिंदगी भी जुड़ी होती है? आज बृजेश सिंह का घर भले ही मलबे में बदल गया हो, लेकिन इस घटना ने पूरे जिले में एक बहस जरूर छेड़ दी है— क्या कानून की सख्ती में इंसानियत की जगह बची है या नहीं? हक की आवाज न्यूज़ चैनल प्रधान संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 89489833881
- 🚨 अफवाहों से बचें, जिम्मेदार बनें 🚨 आजकल LPG सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल को लेकर फैल रही अफवाहों की वजह से लोग अनावश्यक लाइन में लग रहे हैं। 👉 याद रखें: • सिलेंडर समय से पहले बुक करें, घर तक डिलीवरी मिलेगी • पेट्रोल-डीजल जरूरत के हिसाब से ही लें • स्टॉक करने की आदत से दूसरों को परेशानी होती है ⚠️ घबराहट नहीं, समझदारी जरूरी है अफवाहों में आकर लिया गया फैसला देश और समाज दोनों को नुकसान पहुंचाता है। 🇮🇳 जिम्मेदार नागरिक बनें — यही सच्ची देशभक्ति है 🗣️ — Yogi Adityanath #अफवाह_से_सावधान #जिम्मेदार_नागरिक #LPG #PetrolDiesel #देशहित1
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- कभी सोचा है… ढाई साल की उम्र में… एक नन्हीं बच्ची… पूरा इंटरनेट हिला सकती है? लखीमपुर खीरी के कस्बा खीरी से आई ये कहानी… आज हर किसी को हैरान कर रही है। ये हैं नन्हीं Qurratul Ain… जिन्हें सोशल मीडिया पर लोग प्यार से “गोल्डन गर्ल” के नाम से जानते हैं। एक छोटा सा घर… राजापुर जाने वाले मार्ग पर… शारदा हॉस्पिटल के पास… लेकिन सपने… बहुत बड़े। मासूम मुस्कान… प्यारी सी हँसी… और ऐसा टैलेंट… जो दिल को छू जाए। उनके इंस्टाग्राम वीडियो… आज हजारों लोगों के दिलों में जगह बना रहे हैं। जो भी देखता है… बस यही कहता है इतनी छोटी उम्र में… इतना टैलेंट? ढाई साल की ये बच्ची… गाना गाने का शौक रखती है… पियानो बजाना पसंद करती है… और कुरआन ए पाक की कुछ सूरतें भी याद कर रही है। सोचिए… जिस उम्र में बच्चे ठीक से बोलना सीखते हैं… उस उम्र में ये बच्ची… अपने हुनर से सबको चौंका रही है। लेकिन इस सफलता के पीछे… उसके परिवार का बड़ा हाथ है… जिन्होंने उसके टैलेंट को पहचाना… और उसे दुनिया के सामने लाने में पूरा साथ दिया। खासतौर पर उनके चाचा उज़ैन… जो मुंबई में मॉडलिंग करते हैं… जब भी खीरी आते हैं… तो अपनी भतीजी के साथ वक्त बिताते हैं… और उसके हुनर को और निखारते हैं। हर वीडियो… हर मुस्कान… एक संदेश देती है… कि कामयाबी उम्र की मोहताज नहीं होती… बल्कि जुनून, मेहनत और हौसले की होती है1
- बाराबंकी — जिले में ऑनलाइन ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां सस्ते डिजाइनर लहंगे के लालच में एक महिला साइबर ठगों का शिकार हो गई। जानकारी के अनुसार, गीता नाम की महिला को फेसबुक पर एक आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें महज 1400 रुपये में डिजाइनर लहंगा देने का दावा किया गया था। ऑफर से प्रभावित होकर महिला ने दिए गए लिंक के जरिए ऑर्डर कर दिया। ऑर्डर के कुछ समय बाद महिला के पास एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए पहले 250 रुपये “वेरिफिकेशन” के नाम पर मांगे। इसके बाद आरोपी ने लगातार फोन कर डराया-धमकाया और अलग-अलग बहानों से पैसे मांगता रहा। डर के माहौल में महिला से करीब 13 हजार रुपये वसूल लिए गए। जब तक महिला को ठगी का एहसास हुआ, तब तक आरोपी संपर्क से बाहर हो चुका था। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ते साइबर फ्रॉड के खतरे को उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे फेसबुक या अन्य प्लेटफॉर्म पर मिले संदिग्ध लिंक से खरीदारी करने से बचें और किसी भी अनजान कॉलर को पैसे न भेजें।1