बख्तियारपुर में रफ्तार का कहर: सड़क पार कर रहे बुजुर्ग को बाइक और ई-रिक्शा ने मारी टक्कर, हालत गंभीर पटना/बख्तियारपुर : बिहार में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के समीप का है, जहाँ बुधवार की शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बरियारपुर निवासी विद्यानंद राय उर्फ भगत जी (पिता देवनंदन राय) अपने घर के पास ही स्थित SH-106 सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान वे अनियंत्रित मोटरसाइकिल और एक बैटरी चालित रिक्शा (ई-रिक्शा) की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विद्यानंद राय सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें आनन-फानन में बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट होने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञों की निगरानी के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर कर दिया है। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों की अनियंत्रित गति पर नाराजगी जाहिर की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की छानबीन जारी है।
बख्तियारपुर में रफ्तार का कहर: सड़क पार कर रहे बुजुर्ग को बाइक और ई-रिक्शा ने मारी टक्कर, हालत गंभीर पटना/बख्तियारपुर : बिहार में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के समीप का है, जहाँ बुधवार की शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बरियारपुर निवासी विद्यानंद राय उर्फ भगत जी (पिता देवनंदन राय) अपने घर के पास ही स्थित SH-106 सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान वे अनियंत्रित मोटरसाइकिल और एक बैटरी चालित रिक्शा (ई-रिक्शा) की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विद्यानंद राय सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें आनन-फानन में बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट होने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञों की निगरानी के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर कर दिया है। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों की अनियंत्रित गति पर नाराजगी जाहिर की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की छानबीन जारी है।
- पटना/बख्तियारपुर : बिहार में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के समीप का है, जहाँ बुधवार की शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बरियारपुर निवासी विद्यानंद राय उर्फ भगत जी (पिता देवनंदन राय) अपने घर के पास ही स्थित SH-106 सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान वे अनियंत्रित मोटरसाइकिल और एक बैटरी चालित रिक्शा (ई-रिक्शा) की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विद्यानंद राय सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें आनन-फानन में बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट होने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञों की निगरानी के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर कर दिया है। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों की अनियंत्रित गति पर नाराजगी जाहिर की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की छानबीन जारी है।1
- Post by JMBNEWS1
- पटना से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी के Paras Hospitals से जुड़ा यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग डॉक्टर के भेष में नजर आ रहे हैं, जिन पर आरोप है कि वे मरीजों के साथ गलत व्यवहार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल के अंदर इस तरह की हरकत से मरीजों और उनके परिजनों में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया है। #PatnaNews #ParasHospital #ViralVideo #HospitalScam #HealthSystem #BiharNews #BreakingNews #पटना_न्यूज #वायरल_वीडियो #हॉस्पिटल_सच #JusticeForPatients #TrendingNow1
- बिहार में अप्रैल 2016 से लागू शराबबंदी को अब 10 साल पूरे होने को हैं। सरकार के ताज़ा आंकड़ों (मार्च 2026 तक) और विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कानून का प्रभाव और इसकी चुनौतियां दोनों ही काफी व्यापक रही हैं। 1. 10 साल का लेखा-जोखा: गिरफ्तारी और मुकदमे हाल ही में बिहार सरकार द्वारा जारी आंकड़ों और न्यायिक समीक्षा के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है: गिरफ्तारियां: पिछले 10 वर्षों में लगभग 17 लाख से अधिक लोगों को शराबबंदी कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दर्ज केस (FIR): अब तक कुल 11.37 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 5.77 लाख केस पुलिस ने और 5.60 लाख केस उत्पाद विभाग ने दर्ज किए हैं। पेंडिंग केस और बोझ: न्यायपालिका पर इस कानून का भारी दबाव है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 5.70 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जिसका अर्थ है कि अभी भी करीब 5.67 लाख केस अदालतों में लंबित (Pending) हैं। जब्ती: 10 सालों में लगभग 4.83 करोड़ लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसमें विदेशी और देसी शराब की मात्रा लगभग बराबर है। इसके अलावा 1.67 लाख वाहन भी जब्त किए गए हैं। 2. सिस्टम की नाकामियां: एक गंभीर विश्लेषण पटना हाई कोर्ट और विभिन्न सामाजिक अध्ययनों ने शराबबंदी को लागू करने वाले सिस्टम की कई खामियों को उजागर किया है: भ्रष्टाचार और पुलिस-माफिया साठगांठ हाई कोर्ट ने कई बार टिप्पणी की है कि राज्य की मशीनरी इस कानून को पूरी तरह लागू करने में विफल रही है। आरोप है कि स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से शराब की होम डिलीवरी एक "समानांतर अर्थव्यवस्था" बन गई है। गरीबों पर गाज, माफिया 'आजाद' विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं का तर्क है कि जेल जाने वाले 17 लाख लोगों में से 50% से अधिक लोग समाज के अत्यंत पिछड़े या गरीब तबके से आते हैं, जो अक्सर "कैरियर" (ढोने वाले) के रूप में इस्तेमाल होते हैं। बड़े शराब माफिया और किंगपिन अक्सर कानून के शिकंजे से बाहर रहते हैं। न्यायपालिका पर अतिरिक्त बोझ इतनी बड़ी संख्या में मुकदमों के कारण निचली अदालतों में सामान्य आपराधिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई है। हालांकि सरकार ने विशेष 'एक्साइज कोर्ट' बनाए हैं, लेकिन केस पेंडेंसी की दर अभी भी बहुत ऊंची है। जहरीली शराब की त्रासदी (Hooch Tragedy) पूर्ण शराबबंदी के बावजूद, अवैध रूप से निर्मित जहरीली शराब के कारण बिहार में समय-समय पर बड़ी मौतें होती रही हैं। यह सिस्टम की विफलता का सबसे काला पक्ष है, जहाँ लोग सरकारी नियंत्रण न होने के कारण असुरक्षित रसायनों का सेवन कर लेते हैं। प्रमुख असर और वर्तमान स्थिति (2026) सकारात्मक पक्ष: महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा में कमी और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार (शिक्षा और भोजन पर खर्च बढ़ना) दर्ज किया गया है। आर्थिक नुकसान: बिहार को सालाना लगभग 5,000 करोड़ से 8,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जिसकी कुल भरपाई अब तक 30,000 करोड़ रुपये से अधिक मानी जा रही है। नया मोड़: 2026 के अप्रैल माह में बिहार की राजनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जहाँ कुछ गठबंधन सहयोगी शराबबंदी कानून में ढील देने या इसे चरणबद्ध तरीके से वापस लेने पर चर्चा कर रहे हैं। Liquor Ban Impact in Bihar: A 10-Year Report 1
- फतुहा में बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल, एनएच-31 पर जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त पटना/फतुहा, बुधवार: राजधानी पटना से सटे फतुहा में बुधवार शाम हुई तेज बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (एनएच-31) पर नटवा मोड़ से लेकर इमली चौक तक सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ही घंटों की बारिश में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी लंबे समय तक जमा रहा। इस दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं पैदल चलने वाले लोग भी परेशान नजर आए। व्यापारियों ने बताया कि सड़क पर जलजमाव की वजह से दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ा। कई जगहों पर गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रही। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलनिकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि आने वाले दिनों में इस तरह की परेशानी से राहत मिल सके।1
- बिहार समस्तीपुर मोहनपुर के बघरा पंचायत में होने वाला आज से नौ दिवसीय शिव शक्ति महायज्ञ के अवसर पर निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा हजारों की संख्या में शिव भक्त मौजूद।1
- tej barish and Ha turant ke sath patna me sam 7 bje1
- पटना/बख्तियारपुर : 29 अप्रैल की सुबह बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चकदौलत गांव के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब NH -31 स्थित आकाशवाणी होटल के उत्तर दिशा में एक मकई के खेत से एक अज्ञात शव बरामद हुआ। सुबह करीब 9:00 बजे जैसे ही शव की सूचना मिली, आसपास के दर्जनों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। मृतक की पहचान सालिमपुर थाना क्षेत्र के डोमा पंचायत अंतर्गत मुसहरी निवासी शिवसत्य कुमार (पिता रामाशीष दास) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। मृतक के छोटे भाई चंदन कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। चंदन ने रोते हुए आरोप लगाया कि उनके बड़े भाई की बेरहमी से हत्या की गई है। उन्होंने बताया, "जिस जगह शव मिला है, वहां जाने का कोई रास्ता तक नहीं है। हत्यारों ने जानबूझकर शव को मकई के घने खेत में फेंक दिया ताकि किसी की नजर न पड़े।" शिवसत्य कुमार पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके भाई ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि उनके बड़े भाई का शव होटल के पीछे खेत में पड़ा है। मृतक की पारिवारिक स्थिति भी काफी संघर्षपूर्ण रही है। साल 2016 में उनकी शादी पंडारक के मंझला बीघा में हुई थी, जिससे उनकी 7 साल की एक बेटी 'मीठी' है। करीब 6 महीने पहले उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई थी और उसने दूसरी शादी कर ली थी, जिसके बाद से शिवसत्य काफी परेशान रहा करते थे। बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष के मुताबिक, "मौत की असली वजह और हत्या की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।" फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है।1